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सोमवार, 20 अगस्त 2012

.....और टल गया एक हादसा

आज रांची के हटिया डैम में मत्स्य विभाग के निदेशक और विभागीय सचिव भीषण दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे. कुछ इलेक्ट्रोनिक चैनल के कैमरा मैनों  के चोंगे पानी में गिरकर गुम हो गए,  घटना दिन के करीब 3 .50  की है. कार्यक्रम में झारखंड के मंत्री सत्यानन्द झा बातुल को भी आना था लेकिन कुछ कारणों से वे नहीं आ सके. मौका था मत्स्य विभाग के सतत मत्स्य उत्पादन कार्यक्रम के तहत केज प्रणाली द्वारा पंगास मछली के उत्पादन के प्रदर्शन और उसे पतराटोली मत्स्य सहयोग समिति को हस्तांतरित किये जाने का. यह केज बीच जलाशय में फैक्ट्री फौर्मुलेटेड फ्लोटिंग फीड की तकनीक के जरिये बनाये गए थे. कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए छोटी-छोटी नौकाओं की व्यवस्था थी. लाइफ जैकेट भी उपलब्ध थे. एक नाव पर तीन-चार लोग जा सकते थे. सेक्रेट्री और डाइरेक्टर सहित दो विभागीय कर्मियों के लिए ड्रमों पर बंधे एक प्लेटफार्मनुमा नौका थी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से केज से किनारे तक एक रस्सी बंधी हुई थी. जाते वक़्त तो सभी लोग रोमांचक यात्रा का आनंद लेते हुए आराम से गए. वापसी के दौरान सेक्रेट्री और निदेशक के प्लेटफार्मनुमा नौका पर सवार होते ही कुछ संवाददाता और कैमरामेन भी सवार होने लगे. इसी में संतुलन बिगड़ा और सारे लोग पानी के अंदर गिर गए. सेक्रेट्री साहब ने रेलिंग पकड़ कर खुद को बचाया कुछ लोगों ने उनको पकड़ कर अपनी सुरक्षा की. कुछ लोगों के मोबाइल फोन पानी के अंदर चले गए. इलेक्ट्रोनिक चैनल के कैम्रमेनों के चोंगे भी पानी में चले गए. तुरंत ग़ोताखोर सक्रिय हुए और सभी लोगों को बाहर निकला गया लेकिन प्लेटफार्मनुमा नौका बिखर गयी थी. इस बीच छोटी नौका पर सवार कुछ कैमरामेन इस दृश्य को कैमरे में कैद करने की नीयत से बीच रस्ते से बोट को घुमाकर वापस आये. बाद में छोटी नौकाओं के जरिये ही सभी लोग किनारे आये.

---देवेंद्र गौतम  .

3 टिप्‍पणियां:

  1. मत्स्य निदेशक राजीव कुमार व कई मीडिया कर्मी तीस फीट गहरे पानी में गिर गए। संयोगवश सभी ने केज हाउस की रेलिंग पकड़ ली..वरना बड़ा हादसा हो सकता था !

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