रांची: झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए भूजल पंचायत के गठन की पहल पर विचार किया जा रहा है. इसके जरिये सिंचाई और पेयजल के लिए जल संरक्षण के कारगर उपाय किये जायेंगे. यह जल संरक्षण अभियान के तहत एक नया मॉडल तैयार करने के प्रयास का हिस्सा होगा. इस अभियान के तहत आम ग्रामीणों को जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज के प्रति जवाबदेह बनाया जायेगा. हर राज्य के हर पंचायत में भू-जल पंचायत का गठन करने का निर्णय केंद्र सरकर ने लिया है. इस योजना में मैग्सेसे पुरुस्कार से सम्मानित जल पुरुष के नाम से विख्यात राजेंद्र प्रसाद सिंह अहम् भूमिका निभा रहे हैं.इसमें जल संसाधन का दुरूपयोग करने वालों पर उसके उपयोग पर रोक लगाने का अधिकार पंचायतों को दिया जाना है. जल स्रोतों की सुरक्षा पर खास तौर पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा.नदियों, तालाबों को बचने और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होगा. झारखंड के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इस संदर्भ में आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं
यह ब्लॉग खोजें
पहल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
पहल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 22 जुलाई 2011
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
-
झारखंड सरकार के भू- राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव और भू-राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी के ओएसडी अवध नारायण प्रसाद जनप्रिय प्रशासनिक अधि...
-
नोएडा। निठारी कांड के मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा पर 29 अक्टूबर तक रोक लगी दी गई है। 8 सितंबर की सुबह उसे फांसी दी जानी थी...
-
इसे कहते हैं मियां की जूती मियां के सर. झारखंड में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान आदिवासियों के दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अपना ही बयान उनके लि...
-
कई साल पहले की बात है ...शायद बी. एस सी. कर रही थी ..मेरी आँखों में कुछ परेशानी हुई तो डोक्टर के पास गयी..वहां नेत्रदान का पोस्टर लगा द...