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रविवार, 8 जुलाई 2018

मानवता शर्मसार ! शिकंजा कसें सरकार


संदर्भ : मिशनरी संस्थाओं की करतूत
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नवल किशोर सिंह


रांची। पीड़ित मानवता की सेवा की आड़ में मिशनरीज संस्थाओं के कुकृत्यों से मानवता शर्मसार हुई है। इसाई मिशनरीज से जुड़ी संस्थाओं का चेहरा बेनकाब हो गया है। मिशनरीज के अनैतिक कार्यों की परत-दर-परत कलई खुल रही है। हाल के दिनों में खूंटी के अड़की प्रखंड के कोचांग में सामुहिक दुष्कर्म, पत्थलगड़ी का आतंक, दुमका के शिकारीपाड़ा में धर्म परिवर्तन कराने के मामले में इसाई मिशनरीज की संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित संस्थाओं का चेहरा बेनकाब हुआ ही था, कि कोख की सौदेबाजी और नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त के मामले ने तो मानवता की सारी हदें पार कर दी। यही नहीं, मानवता की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज आफ चैरिटी और निर्मल ह्रदय के कार्य कलापों पर बदनुमा धब्बा लगा दिया है। सामाजिक संस्था की आड़ में दुष्कर्म व यौन शोषण की पीड़िताओं को सहारा देने के नाम पर उनके कोख का सौदा किया जाना, नवजात शिशुओं की बिक्री कर धनोपार्जन करने जैसे अनैतिक कार्यों को अंजाम देने की घटना से हर तबके का समाज स्तब्ध है। लोगों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा द्वारा मानवता की सेवा के लिए स्थापित संस्था मानव विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर अवैध कमाई का जरिया बन जाएगी। यह साफ हो चुका है कि संस्था के निर्मल ह्रदय और शिशु सदन में विगत कई वर्षों से बड़े पैमाने पर कोख की सौदेबाजी का अनैतिक धंधा जारी था। हद तो तब हो गई जब इस गोरखधंधे के खिलाफ आवाज उठाने वाले बाल कल्याण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष डा.ओम प्रकाश सिंह को भी इसका कोपभाजन बनना पड़ा। उन्होंने वर्ष 2015 में डोरंडा स्थित शिशु भवन का निरीक्षण व जांच करने की कोशिश की तो उल्टे उनपर छेडख़ानी का आरोप लगाते हुए उन्हें बर्खास्त करवा दिया गया। इससे यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि इस अवैध धंधेबाजों की भी सत्ता के गलियारों में पैठ कितनी गहरी है। इसमें सफेदपोशों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। यहां गौर करनेवाली बात यह भी है कि राज्य में भाजपा  के नेतृत्व वाली सरकार है, जिसे मिशनरीज समर्थक तो नहीं ही कहा जा सकता है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि इस अवैध धंधे को इतने दिनों से अंजाम दे रहे ये कौन लोग हैं, जिन पर सरकारी तंत्र का शिकंजा नहीं कसा जा सका। कहा जाय तो सरकारी मिशनरी किंकर्तव्यविमूढ़ बनी रही। चौंकाने वाली बात यह भी है कि बाल कल्याण समिति के समक्ष संस्थाओं की ओर से गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए। जब्त दस्तावेजों के आधार पर पता चला कि वर्ष 2015 से 2018 (जून माह तक) के बीच निर्मल हृदय और शिशु भवन में कुल 450 गर्भवती भर्ती कराई गई। इनमें से मात्र 170 की ही प्रसव रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। शेष 280 मामलों में क्या हुआ ? इस संबंध में कुछ भी नहीं बताया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि वर्ष 2016 में खुफिया विभाग की ओर से इस गोरखधंधे की रिपोर्ट देते हुए सरकारी तंत्र को आगाह किया गया था, आशंका जताई गई कि इनमें से अधिसंख्य शिशुओं का सौदा विदेशों में कर उनका धर्मांतरण किया गया है। अब इस अवैध धंधे का खुलासा होने पर यह जानकारी मिल रही है कि मिशनरीज आफ चैरिटी ने झारखंड के शिशुओं को आंध्रप्रदेश, कोलकाता, तमिलनाडु, केरल सहित देश के अन्य मिशनरीज में उन्हें भविष्य के फादर, नन या सिस्टर के रूप में प्रशिक्षण देकर तैयार करने के लिए भेज दिया है।
   मानवता को शर्मसार करनेवाली इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
बहरहाल, मामले का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए इन संस्थाओं की गतिविधियों की जांच के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन इस अवैध धंधे से जुड़े सफेदपोशों पर शिकंजा कसने में सरकारी तंत्र कहां तक सफल हो पाएगा, यह देखना है। मामले की तह तक जाकर ईमानदारी से जांच हो तो कई सफेदपोशों के भी चेहरे से नकाब उतर जाएंगे। जरूरत है ऐसे मानवता विरोधी कार्यों में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसने की।

शनिवार, 7 जुलाई 2018

डॉ. टी. के. चांद को ज्ञान उत्कृष्टता पुरस्कार

एल्युमिनियम ज्ञान क्षेत्र में दिया असाधारण योगदान 
नई दिल्ली। नाल्को के सीएमडी डॉ. तपन कुमार चांद ने उद्योग जगत की शीर्ष कंपनियों, नीति निर्माताओं एवं एल्युमिनियम मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारकों से इस ‘आश्चर्यजनक धातु‘ के उत्पादन में बढोतरी करने की अपील की जिससे कि एल्युमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके क्योंकि अगले दशक के दौरान एल्युमिनियम की खपत का 10 मिलियन टन तक पहुंचना तय है।
रांची में गैर लौह खनिज एवं धातु पर 22वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2018 को संबोधित करते हुए नाल्को के सीएमडी डॉ. तपन कुमार चांद ने कहा, ‘ हमें एल्युमिनियम क्षेत्र के हितों की सुरक्षा करने के लिए आगे की ओर सोचने एवं कदम उठाने की आवश्यकता है। अगले दशक के दौरान एल्युमिनियम की खपत का 10 मिलियन टन तक पहुंचना तय है।
डॉ. टी. के. चांद को एल्युमिनियम ज्ञान क्षेत्र में असाधारण योगदान देने के लिए भारत सरकार के खनन सचिव श्री अनिल गोपी शंकर मुकिम से ज्ञान उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ। समारोह में नाल्को, आदित्य बिड़ला, वेदांता एवं एचसीएल समेत उद्योग जगत की शीर्ष कंपनियों एवं नीति निर्माताओं ने भी भाग लिया।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकलेगी किसान अधिकार यात्रा


अभिमन्यु कोहाड़

नई दिल्ली। राष्ट्रीय किसान महासंघ ने लिया फैसला 26 जुलाई से देशव्यापी किसान अधिकार यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी।


राष्ट्रीय किसान महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक नई दिल्ली के एन. डी. तिवारी भवन में हुई। राष्ट्रीय किसान महासंघ की कोर कमेटी ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को किसान नेताओं ने सम्बोधित किया। केंद्र सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद MSP बढ़ाने के फैसले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करते हुए राष्ट्रीय किसान महासंघ ने कहा कि सरकार फिर से किसानों के साथ धोखेबाजी कर रही है।

महासंघ ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि वो स्वमीनाथन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर C2 लागत मूल्य पर 50% जोड़कर MSP देंगे लेकिन सरकार ने अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया है।

किसान महासंघ ने सरकार से पूछा कि किस फॉर्मूले के आधार पर सरकार ने MSP बढ़ाया है? ये बढ़ोतरी C2 लागत के मूल्य के आधार पर नहीं है इसलिए किसान महासंघ सरकार के फैसले का विरोध करता है।


राष्ट्रीय किसान महासंघ ने कहा कि C2 लागत मूल्य में 50% जोड़कर MSP देने की मांग पर किसानों का देशव्यापी आंदोलन हो रहा है एयर जब तक C2 लागत मूल्य पर 50% जोड़कर MSP नहीं दिया जाएगा तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।


किसान महासंघ ने बताया कि 26 जुलाई से देशव्यापी किसान अधिकार यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी। इस यात्रा के तहत पूरे देश में किसानों की बड़ी-बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी जिसमें बीजेपी की किसान-विरोधी नीतियों की पोल खोली जाएगी। इसके साथ-साथ राज्य-स्तरीय किसान अधिकार यात्रा हर राज्य में निकाली जाएंगी।


किसान महासंघ ने कहा कि अगर बीजेपी इसी तरह किसानों के साथ धोखेबाजी करती रही तो आगामी चुनावों में किसान सरकार को सबक सिखाएंगे।


किसान नेताओं ने अंत में कहा कि सरकार किसानों की फसल की पूर्ण खरीद की गारंटी का कानून बनाये और अगर मंडी में कोई व्यापारी किसान की फसल को MSP से नीचे खरीदे तो उस व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए व उसे गिरफ्तार किया जाए।


सम्पर्क - अभिमन्यु कोहाड़ - 8950456616, राकेश बैंस - 9416291903,

कट्टरपंथियों की जमात में खड़े हो गए जयंत सिन्हा

रांची। केंद्रीय  उड्ड्यन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने रामगढ़ लिचिंग कांड के आठ आरोपियों को माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस घटना को लेकर जबर्दस्त आलोचनाओं से घिर गए। स्वयं उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसकी भर्त्सना की। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस मामले को लेकर उनकी भी आलोचना हो सकती है। हालांकि उनकी यह आशंका व्यर्थ है।  उनकी पृष्ठभूमि समाजवादी रही है। वे पूर्व प्रधानमंत्री और समाजवादी आंदोलन के प्रखर नेता स्व. चंद्रशेखर के करीबी रहे हैं। यह सभी जानते हैं। भाजपा में शामिल होना या उससे दूरी बना लेना सत्ता की राजनीति का हिस्सा हो सकता है लेकिन उनकी धर्म निरपेक्षता असंदिग्ध रही है। वे देश के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। यह अलग बात है कि मोदी सरकार अपनी आलोचना क्या समीक्षा भी बर्दास्त नहीं करती। वह जो करती है जैसे भी करती है उसी को सही मानती है। यशवंत सिन्हा ने  जब नोटबंदी के तुरंत बाद जीएसटी लागू करने को अर्थ व्यवस्था के लिए घातक करार देते हुए बहुचर्चित लेख लिखा था तो मोदी सरकार में इसकी जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई थी। उन्हें विरोधी करार दे दिया गया था। उस समय जयंत सिन्हा ने यशवंत सिन्हा के लेख के जबाब में सरकारी पक्ष को सही करार देते हुए लेख लिखा था जो देश के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित हुआ था।
संभवतः जयंत सिन्हा ने भाजपा और संघ की नीतियों के प्रति अपनी आस्था के प्रदर्शन के लिए ऐसा किया था। अब  हिन्दुत्व के मुद्दे पर अपनी आस्था को और दृढ़ता से अभिव्यक्त करने के लिए उन्होंने लिचिंग के आरोपियों को सम्मानित किया है। बाद में उन्होंने सफाई भी दी लेकिन इसके जरिए कट्टर हिन्दूवादियों को अपना संदेश तो दे ही दिया। पार्टी आलाकमान को भी खुश कर दिया।  वाम और मध्यमार्गी दलों को उनके जरिए
एक मुद्दा मिल गया। वे इसकी जितनी भर्त्सना करेंगे। कट्टर हिन्दुवादियों के बीच उनकी पकड़ उतनी ही मजबूत होगी। हजारीबाग में कट्टरता की एक प्रतिमूर्ति हुआ करते थे यदुनाथ पांडेय। अपने कट्टरवादी भाषणों के जरिए वे  हजारीबाग में दंगा करा चुके हैं। उन्होंने ध्रुवीकरण के जरिए एक कट्टर जमात पैदा कर दिया था। भाजपा को अभी तक उसका राजनीतिक लाभ मिलता है। इस वर्ष रामनवमी के समय यदुनाथ पांडेय के सक्रिय होने की खबरें मिल रही थीं। उस समय कुछ सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो भी गया था लेकिन तुरंत उसे नियंत्रित कर लिया गया था। अब संभवतः जयंत सिन्हा उस तबके के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहते हैं। 2019 के चुनावों को देखते हुए यह जरूरी भी लग रहा होगा।

-Devendra Gautam

‘नया भारत के लिए डाटा‘ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन कल से


      नई दिल्ली। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय 9-10 जुलाई 2018 के दौरान ‘नया भारत के लिए डाटा‘ पर एक अंतरराष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस गोल मेज सम्मेलन का उद्वेश्य कनाडा, ब्रिटेन एवं ऑस्ट्रेलिया जैसे उन्नत देश में विद्यमान सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों से प्रेरणा लेते हुए भारत में सांख्यिकी प्रणाली में सुधार लाने के लिए नवोन्मेषी विचारों की पहचान करना है। भारत में पहली बार इस प्रकार के सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री श्री डी वी सदानंद गौडा द्वारा केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री श्री विजय गोयल एवं सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन सचिव श्री के वी इयापेन की उपस्थित में किया जाएगा।
समारोह में स्टैटिक्स कनाडा के मुख्य सांख्यिकीविद श्री अनिल अरोड़ा, ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिक्स के पूर्व उप सांख्यिकीविद श्री जोनाथन पाल्मर, विश्व बैक के भारत के कंट्री डायरेक्टर श्री जुनैद अहमद, सांख्यिकी विशेषज्ञ एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।
भारतीय अर्थव्यवस्था के विख्यात विशेषज्ञ, प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ. बिबेक देबरॉय, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर बी बर्मन, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रोणब सेन, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. टी.सी.ए अनंत, भारत के मुख्य सांख्यिकीविद गोल मेज सम्मेलन में भाग लेने के जरिये समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
सम्मेलन में, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेन्सियों के विशेषज्ञ डाटा शासन संरचना एवं क्षमता, संगठनात्मक मुद्वों, संघीय संरचना में डाटा प्रणाली का प्रबंधन जैसे मुख्य सांख्यिकी मुद्वों पर विचार विमर्श करेंगे।

झारखंड की वायु प्रदूषण तालिका


Member Secretary
Jharkhand State Pollution Control Boar

Level of Air Pollution at Ranchi  as on 07.07.2018

Sl. No.
Parameters
Actual Data
(µg/m3)
Standard Limit
(µg/m3)
1
PM 10
15
100
2
PM 2.5
XX
60
3
SO2
24.26
80
4
Nox
31.23
80



Weather condition as on 07.07.2018
Station
Temperature
(degree centigrade)
Rainfall
(mm)
Relative humidity
(%)

Max
Min
Pat 24 hrs.
Since 1stMarch, 2018
Max
Min
Ranchi
33.0
21.5
032.0
159.5
97
62
Jamshedpur
35.1
        26.0
000.0
167.2
87
56
Bokaro
33.1
25.6
000.0
311.1
95
84
Daltonganj
36.0
27.9
008.0
158.9
86
55

जनजाति विकासअभिकरण की समीक्षा बैठक

           
 रांची।   उपायुक्त,रांची श्री राय महिमापत रे की अध्यक्षता में समाहरणालय,ब्लाॅक-ए के कमरा संख्या-207 में समेकित जनजाति विकास अभिकरण,राँची की सामान्य निकाय की बैठक आयोजित की गई जिसमे विगत बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए ने बताया कि कल्याण विभाग द्वारा चलाये जा रहे विद्यालय के विद्यार्थियों ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में बहुत अच्छा रिजल्ट किया है कुल 214 बच्चों में से 146 बच्चे फर्स्ट डिविजन से एवं शेष बच्चे सेकेन्ड डिविजन से पास किए है। उपायुक्त श्री रे ने इसे और अच्छा करने के लिए घण्टी आधारित शिक्षको को रखने का सुझाव दिया।
बैठक में बिरसा आवास निर्माण योजना के बारे में बताया गया कि प्रति आवास सरकार द्वारा 1 लाख 31 हजार 500 रूपये लाभुक को दिए जाते हैं एवं जो एजेन्सी लाभुकों को मोटिवेट करती है उसे भी 500/- रूपये की राशि दी जाती है इसपर विधायिका माण्डर श्रीमती गंगोत्री कुजूर ने उपायुक्त से कहा कि बिरसा आवास निर्माण योजना में बनने वाले आवास को यदि ढलाई वाला बनाया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। सामग्री अच्छी किस्म की लगे इसके लिए इंजीनियर द्वारा समय≤ पर जाॅच करवा ली जाए।
वन-बन्धु कल्याण योजना आदिवासियों के जीवन-स्तर में उत्थान हेतु विभिन्न एजेन्सियों द्वारा सर्वे करवाकर तरह-तरह की योजनाओं से आदिवासियों को आच्छादित किया जा रहा है। उनके लिए सुकरपालन, मुर्गीपालन आदि का प्रशिक्षण दिलवाकर आजीविका से जोड़ा जा रहा है। परियोजना निदेशक, आईटीडीए श्री अवधेश पाण्डेय ने बताया कि दसवीं के बच्चों के लिए गर्मी की छुट्टियों में एकलव्य माॅडल स्कूल, सलगाडीह एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय, ईस्ट जेल रोड,राँची में विशेष कक्षाएू करवाई गई है।
जिले मे दस आवासीय विद्यालय कल्याण विभाग की ओर से संचालित हैं एवं 33 छात्रावास है इन छात्रावासों के लिए आवश्यक सुविधाएॅ यथा चैकी, टेबल, कुर्सी क्रय पर भी सदस्यों से अनुमोदन प्राप्त किया गया।
सिल्ली विधायक श्रीमती सीमा महतो ने बताया कि सिल्ली में कल्याण विभाग का एकमात्र छात्रावास है लेकिन वहाॅ पर एक निजि विद्यालय चलाया जा रहा है जिसे हटाना आवश्यक है। उपायुक्त श्री रे ने इसपर जाॅचोपरान्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बताया गया कि बुढ़मू में एकलव्य विद्यालय के लिए 15 एकड़ भूमि चयनित कर ली गई है।
विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत जिला कृषि पदाधिकारी को 76 लाख रूपये का आवंटन कृषि विकास हेतु उपलब्ध करा दिया गया है। इसी प्रकार स्वास्थ्य कैम्प लगाने हेतु सिविल सर्जन, राँची को 18 लाख 45 हजार की राशि उपलब्ध करा दी गई है।
शहीद ग्राम विकास योजना के संबंध में बैठक में प्रतिवेदित किया गया कि सिलागाई में 100 घरों की निर्माण की स्वीकृति केन्द्र से मिल चुकी है। इसके अन्तर्गत एक इकाई आवास हेतु 2 लाख 63 हजार रूपये आवंटित होते है। 100 में से 78 घरों के निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। 54 भवनों का निर्माण इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा।
बैठक में एमएसडीपी(मल्टी सेक्टीरल डेवलेपमेंट योजना) के अन्तर्गत चारों प्रखण्डों कांके, माण्डर, चान्हों, एवं बेड़ो में स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के निर्माण, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, कांके में 8 कमरों के निर्माण, चान्हों में नर्सिंग हाॅस्पिटल निर्माण के प्रस्तावों पर भी सामान्य निकाय के सदस्यों से अनुमोदन प्राप्त किया गया साथ ही सरना/मसना/हड़गड़ी/जाहेरथान की घेराबंदी के साथ ही अल्पसंख्यक कब्रिस्तान घेराबंदी के प्रस्तावों पर भी स्वीकृति प्राप्त की गई।
बैठक पर इस बात पर सहमति बनी की जो प्रस्ताव पिछले तीन-चार वित्तीय वर्षो से लंबित हैं उनके स्थान पर वर्तमान आवश्यकता के अनुसार नए प्रस्ताव लाये जाए ताकि उनपर शीघ्र कार्य करवाया जा सके।
सदस्यों से उनके क्षेत्र से समेकित जनजाति विकास अभिकरण,राँची के तहत कल्याण विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के लिए नए प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया।
आज की बैठक में माण्डर विधायिका श्रीमती गंगोत्री कुजूर, सिल्ली विधायिका श्रीमती सीमा महतो, जिला परिषद अध्यक्ष,राँची श्री सुकरा सिंह मुण्डा, परियोजना निदेशक,आईटीडीए श्री अवधेस पाण्डेय, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सिविल सर्जन राँची एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...