यह ब्लॉग खोजें

रविवार, 8 जुलाई 2018

जन्माष्टमी के दिन राधाकृष्ण मंदिर के शिलान्यास का निर्णय


रांची। जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर आज दिनांक 8/7/15 को श्रीकृष्ण विकास परिषद की अहम बैठक बिरसा चौक में समाजसेवी जमुना यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को धूमधाम से मनाने की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।
श्रीकृष्ण विकास परिषद के अध्यक्ष सुरेश राय ने कहा की सभी सदस्यों की मौजूदगी में आम सहमति से निर्णय लिया गया कि 2 सितम्बर 18 को जन्माष्टमी त्योहार के शुभ मुहूर्त पर धुर्वा बस स्टैंड आश्रम पार्क के पास राधाकृष्ण का मंदिर का शिलान्यास किया जायेगा।
इस् शुभ कार्य की निगरानी और तैयारी राजद के प्रदेश महासचिव सह मुख्य संरक्षक श्रीकृष्ण विकास परिषद के कैलाश यादव करेंगे।
आज की बैठक में मुख्य अतिथि परिषद के मुख्य संरक्षक कैलाश यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण विकास परिषद यादव समाज समाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए प्रत्येक वर्ष जन्मष्टमी त्योहार के मौके पर कुछ नया कार्य करने की घोषणा करता है और मंजिल तक पहुंचाने का प्रयास करता है,ऐसे सराहनीय  विचार और प्रस्ताव लाने के लिए मैं परिषद के अध्यक्ष सुरेश राय एवं सभी सदस्यों को दिल से सुभकामनाओं के साथ बधाई देता हूँ।
बैठक में विशेष रूप से रामकुमार यादव,हरिलाल यादव,सुनील यादव,अनिल यादव,ललन यादव,जालिम सिंह यादव, रामनिवास यादव,शंकर यादव,रामव्यास यादव,धीरेंद्र राय, अर्जुन राय,पशुपति राय, गोविंद यादव,चन्द्रिका यादव, सत्यनारायण यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।

जगन्नाथपुर मेले की तैयारी को लेकर बैठक


रांची। रांची के जगन्नाथपुर मेला की तैयारी को लेकर अभी नीलाद्रि भवन में एसडीओ अंजली यादव के नेतृत्व में एक बैठक हुई। बैठक में हटिया डीएसपी विकास पांडे जगन्नाथपुर थाना प्रभारी कर्मकार धुर्वा थाना प्रभारी तालकेश्वर राम स्थानीय वार्ड पार्षद आनंदमूर्ति सिंह रथ मेला सुरक्षा समिति के  लाल चितरंजन नाथ शाहदेव, शिवेश सिंह, सरना समिति के मेघा उरांव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धनंजय जी उपस्थित रहे।

मौलिक अधिकार मंच ने किया वृक्षारोपण



रांची। मौलिक अधिकार मंच झारखण्ड एंव न्याय स्तम्भ चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान मे पिठौरिया के मदनपुर कांके मे वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य धरती की हरियाली को बढ़ाना, प्रदूषण मुफ्त भारत का निर्माण, जल स्रोतों का विकास था। कार्यक्रम को सफल बनाने में मदनपूर गांव के निवासी,मौलिक अधिकार मंच झारखण्ड के अध्यक्ष विनोद शर्मा नन्हें जी, उपाध्यक्ष अजय सिन्हा, महासचिव विक्रांत विश्वकर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष राकेश शर्मा एवं कार्यकारी सदस्य उदय कुमार, महेश विश्वकर्मा तथा जय प्रकाश जी की अहम भूमिका रही। न्याय स्तम्भ के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रदीप नाथ तिवारी, अधिवक्ता अफसर अली,अधिवक्ता रविन्द्र कुमार यादव के अलावा कार्यक्रम में अंकित कुमार, कार्तिक सिंह,कमलेश्वर मिस्त्री, सहित  अन्य सदस्य उपस्थित थे।

मानवता शर्मसार ! शिकंजा कसें सरकार


संदर्भ : मिशनरी संस्थाओं की करतूत
.
नवल किशोर सिंह


रांची। पीड़ित मानवता की सेवा की आड़ में मिशनरीज संस्थाओं के कुकृत्यों से मानवता शर्मसार हुई है। इसाई मिशनरीज से जुड़ी संस्थाओं का चेहरा बेनकाब हो गया है। मिशनरीज के अनैतिक कार्यों की परत-दर-परत कलई खुल रही है। हाल के दिनों में खूंटी के अड़की प्रखंड के कोचांग में सामुहिक दुष्कर्म, पत्थलगड़ी का आतंक, दुमका के शिकारीपाड़ा में धर्म परिवर्तन कराने के मामले में इसाई मिशनरीज की संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित संस्थाओं का चेहरा बेनकाब हुआ ही था, कि कोख की सौदेबाजी और नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त के मामले ने तो मानवता की सारी हदें पार कर दी। यही नहीं, मानवता की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज आफ चैरिटी और निर्मल ह्रदय के कार्य कलापों पर बदनुमा धब्बा लगा दिया है। सामाजिक संस्था की आड़ में दुष्कर्म व यौन शोषण की पीड़िताओं को सहारा देने के नाम पर उनके कोख का सौदा किया जाना, नवजात शिशुओं की बिक्री कर धनोपार्जन करने जैसे अनैतिक कार्यों को अंजाम देने की घटना से हर तबके का समाज स्तब्ध है। लोगों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा द्वारा मानवता की सेवा के लिए स्थापित संस्था मानव विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर अवैध कमाई का जरिया बन जाएगी। यह साफ हो चुका है कि संस्था के निर्मल ह्रदय और शिशु सदन में विगत कई वर्षों से बड़े पैमाने पर कोख की सौदेबाजी का अनैतिक धंधा जारी था। हद तो तब हो गई जब इस गोरखधंधे के खिलाफ आवाज उठाने वाले बाल कल्याण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष डा.ओम प्रकाश सिंह को भी इसका कोपभाजन बनना पड़ा। उन्होंने वर्ष 2015 में डोरंडा स्थित शिशु भवन का निरीक्षण व जांच करने की कोशिश की तो उल्टे उनपर छेडख़ानी का आरोप लगाते हुए उन्हें बर्खास्त करवा दिया गया। इससे यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि इस अवैध धंधेबाजों की भी सत्ता के गलियारों में पैठ कितनी गहरी है। इसमें सफेदपोशों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। यहां गौर करनेवाली बात यह भी है कि राज्य में भाजपा  के नेतृत्व वाली सरकार है, जिसे मिशनरीज समर्थक तो नहीं ही कहा जा सकता है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि इस अवैध धंधे को इतने दिनों से अंजाम दे रहे ये कौन लोग हैं, जिन पर सरकारी तंत्र का शिकंजा नहीं कसा जा सका। कहा जाय तो सरकारी मिशनरी किंकर्तव्यविमूढ़ बनी रही। चौंकाने वाली बात यह भी है कि बाल कल्याण समिति के समक्ष संस्थाओं की ओर से गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए। जब्त दस्तावेजों के आधार पर पता चला कि वर्ष 2015 से 2018 (जून माह तक) के बीच निर्मल हृदय और शिशु भवन में कुल 450 गर्भवती भर्ती कराई गई। इनमें से मात्र 170 की ही प्रसव रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। शेष 280 मामलों में क्या हुआ ? इस संबंध में कुछ भी नहीं बताया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि वर्ष 2016 में खुफिया विभाग की ओर से इस गोरखधंधे की रिपोर्ट देते हुए सरकारी तंत्र को आगाह किया गया था, आशंका जताई गई कि इनमें से अधिसंख्य शिशुओं का सौदा विदेशों में कर उनका धर्मांतरण किया गया है। अब इस अवैध धंधे का खुलासा होने पर यह जानकारी मिल रही है कि मिशनरीज आफ चैरिटी ने झारखंड के शिशुओं को आंध्रप्रदेश, कोलकाता, तमिलनाडु, केरल सहित देश के अन्य मिशनरीज में उन्हें भविष्य के फादर, नन या सिस्टर के रूप में प्रशिक्षण देकर तैयार करने के लिए भेज दिया है।
   मानवता को शर्मसार करनेवाली इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
बहरहाल, मामले का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए इन संस्थाओं की गतिविधियों की जांच के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन इस अवैध धंधे से जुड़े सफेदपोशों पर शिकंजा कसने में सरकारी तंत्र कहां तक सफल हो पाएगा, यह देखना है। मामले की तह तक जाकर ईमानदारी से जांच हो तो कई सफेदपोशों के भी चेहरे से नकाब उतर जाएंगे। जरूरत है ऐसे मानवता विरोधी कार्यों में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसने की।

शनिवार, 7 जुलाई 2018

डॉ. टी. के. चांद को ज्ञान उत्कृष्टता पुरस्कार

एल्युमिनियम ज्ञान क्षेत्र में दिया असाधारण योगदान 
नई दिल्ली। नाल्को के सीएमडी डॉ. तपन कुमार चांद ने उद्योग जगत की शीर्ष कंपनियों, नीति निर्माताओं एवं एल्युमिनियम मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारकों से इस ‘आश्चर्यजनक धातु‘ के उत्पादन में बढोतरी करने की अपील की जिससे कि एल्युमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके क्योंकि अगले दशक के दौरान एल्युमिनियम की खपत का 10 मिलियन टन तक पहुंचना तय है।
रांची में गैर लौह खनिज एवं धातु पर 22वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2018 को संबोधित करते हुए नाल्को के सीएमडी डॉ. तपन कुमार चांद ने कहा, ‘ हमें एल्युमिनियम क्षेत्र के हितों की सुरक्षा करने के लिए आगे की ओर सोचने एवं कदम उठाने की आवश्यकता है। अगले दशक के दौरान एल्युमिनियम की खपत का 10 मिलियन टन तक पहुंचना तय है।
डॉ. टी. के. चांद को एल्युमिनियम ज्ञान क्षेत्र में असाधारण योगदान देने के लिए भारत सरकार के खनन सचिव श्री अनिल गोपी शंकर मुकिम से ज्ञान उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ। समारोह में नाल्को, आदित्य बिड़ला, वेदांता एवं एचसीएल समेत उद्योग जगत की शीर्ष कंपनियों एवं नीति निर्माताओं ने भी भाग लिया।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकलेगी किसान अधिकार यात्रा


अभिमन्यु कोहाड़

नई दिल्ली। राष्ट्रीय किसान महासंघ ने लिया फैसला 26 जुलाई से देशव्यापी किसान अधिकार यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी।


राष्ट्रीय किसान महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक नई दिल्ली के एन. डी. तिवारी भवन में हुई। राष्ट्रीय किसान महासंघ की कोर कमेटी ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को किसान नेताओं ने सम्बोधित किया। केंद्र सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद MSP बढ़ाने के फैसले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करते हुए राष्ट्रीय किसान महासंघ ने कहा कि सरकार फिर से किसानों के साथ धोखेबाजी कर रही है।

महासंघ ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि वो स्वमीनाथन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर C2 लागत मूल्य पर 50% जोड़कर MSP देंगे लेकिन सरकार ने अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया है।

किसान महासंघ ने सरकार से पूछा कि किस फॉर्मूले के आधार पर सरकार ने MSP बढ़ाया है? ये बढ़ोतरी C2 लागत के मूल्य के आधार पर नहीं है इसलिए किसान महासंघ सरकार के फैसले का विरोध करता है।


राष्ट्रीय किसान महासंघ ने कहा कि C2 लागत मूल्य में 50% जोड़कर MSP देने की मांग पर किसानों का देशव्यापी आंदोलन हो रहा है एयर जब तक C2 लागत मूल्य पर 50% जोड़कर MSP नहीं दिया जाएगा तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।


किसान महासंघ ने बताया कि 26 जुलाई से देशव्यापी किसान अधिकार यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी। इस यात्रा के तहत पूरे देश में किसानों की बड़ी-बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी जिसमें बीजेपी की किसान-विरोधी नीतियों की पोल खोली जाएगी। इसके साथ-साथ राज्य-स्तरीय किसान अधिकार यात्रा हर राज्य में निकाली जाएंगी।


किसान महासंघ ने कहा कि अगर बीजेपी इसी तरह किसानों के साथ धोखेबाजी करती रही तो आगामी चुनावों में किसान सरकार को सबक सिखाएंगे।


किसान नेताओं ने अंत में कहा कि सरकार किसानों की फसल की पूर्ण खरीद की गारंटी का कानून बनाये और अगर मंडी में कोई व्यापारी किसान की फसल को MSP से नीचे खरीदे तो उस व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए व उसे गिरफ्तार किया जाए।


सम्पर्क - अभिमन्यु कोहाड़ - 8950456616, राकेश बैंस - 9416291903,

कट्टरपंथियों की जमात में खड़े हो गए जयंत सिन्हा

रांची। केंद्रीय  उड्ड्यन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने रामगढ़ लिचिंग कांड के आठ आरोपियों को माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस घटना को लेकर जबर्दस्त आलोचनाओं से घिर गए। स्वयं उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसकी भर्त्सना की। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस मामले को लेकर उनकी भी आलोचना हो सकती है। हालांकि उनकी यह आशंका व्यर्थ है।  उनकी पृष्ठभूमि समाजवादी रही है। वे पूर्व प्रधानमंत्री और समाजवादी आंदोलन के प्रखर नेता स्व. चंद्रशेखर के करीबी रहे हैं। यह सभी जानते हैं। भाजपा में शामिल होना या उससे दूरी बना लेना सत्ता की राजनीति का हिस्सा हो सकता है लेकिन उनकी धर्म निरपेक्षता असंदिग्ध रही है। वे देश के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। यह अलग बात है कि मोदी सरकार अपनी आलोचना क्या समीक्षा भी बर्दास्त नहीं करती। वह जो करती है जैसे भी करती है उसी को सही मानती है। यशवंत सिन्हा ने  जब नोटबंदी के तुरंत बाद जीएसटी लागू करने को अर्थ व्यवस्था के लिए घातक करार देते हुए बहुचर्चित लेख लिखा था तो मोदी सरकार में इसकी जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई थी। उन्हें विरोधी करार दे दिया गया था। उस समय जयंत सिन्हा ने यशवंत सिन्हा के लेख के जबाब में सरकारी पक्ष को सही करार देते हुए लेख लिखा था जो देश के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित हुआ था।
संभवतः जयंत सिन्हा ने भाजपा और संघ की नीतियों के प्रति अपनी आस्था के प्रदर्शन के लिए ऐसा किया था। अब  हिन्दुत्व के मुद्दे पर अपनी आस्था को और दृढ़ता से अभिव्यक्त करने के लिए उन्होंने लिचिंग के आरोपियों को सम्मानित किया है। बाद में उन्होंने सफाई भी दी लेकिन इसके जरिए कट्टर हिन्दूवादियों को अपना संदेश तो दे ही दिया। पार्टी आलाकमान को भी खुश कर दिया।  वाम और मध्यमार्गी दलों को उनके जरिए
एक मुद्दा मिल गया। वे इसकी जितनी भर्त्सना करेंगे। कट्टर हिन्दुवादियों के बीच उनकी पकड़ उतनी ही मजबूत होगी। हजारीबाग में कट्टरता की एक प्रतिमूर्ति हुआ करते थे यदुनाथ पांडेय। अपने कट्टरवादी भाषणों के जरिए वे  हजारीबाग में दंगा करा चुके हैं। उन्होंने ध्रुवीकरण के जरिए एक कट्टर जमात पैदा कर दिया था। भाजपा को अभी तक उसका राजनीतिक लाभ मिलता है। इस वर्ष रामनवमी के समय यदुनाथ पांडेय के सक्रिय होने की खबरें मिल रही थीं। उस समय कुछ सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो भी गया था लेकिन तुरंत उसे नियंत्रित कर लिया गया था। अब संभवतः जयंत सिन्हा उस तबके के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहते हैं। 2019 के चुनावों को देखते हुए यह जरूरी भी लग रहा होगा।

-Devendra Gautam

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...