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रविवार, 8 जुलाई 2018

पत्रकारों के काम में बाधा न पहुंचाए पुलिसः काटजू


राज्य सरकारों  को चेताया.
कहा, पत्रकार नही है भीड़ का हिस्सा 

पत्रकारों के साथ बढ़ती ज्यादती और पुलिस के अनुचित व्यवहार के चलते कई बार पत्रकार आजादी के साथ अपना काम नही कर पाते है. उसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए निर्देश भी दिया है कि पुलिस आदि पत्रकारों के साथ बदसलूकी ना करे...।*

किसी स्थान पर हिंसा या बवाल होने की स्थिति में पत्रकारों को उनके काम करने में पुलिस व्यवधान नही पहुँचा सकती। पुलिस जैसे भीड़ को हटाती है वैसा व्यवहार पत्रकारों के साथ नही कर सकती।
ऐसा होने की स्थिति में बदसलूकी करने वाले पुलिसवालों या अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जायेगा...।
काटजू ने कहाँ कि जिस तरह कोर्ट में एक अधिवक्ता अपने मुवक्किल का हत्या का केस लड़ता है पर वह हत्यारा नही हो जाता है। उसी प्रकार किसी सावर्जनिक स्थान पर पत्रकार अपना काम करते है पर वे भीड़ का हिस्सा नही होते। इस लिए पत्रकारों को उनके काम से रोकना मिडिया की स्वतंत्रता का हनन करना है !

सभी राज्यों को दिए निर्देश

 प्रेस काउन्सिल ने देश के केबिनेट सचिव, गृह सचिव, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिवों व गृह सचिवों को इस सम्बन्ध में निर्देश भेजा है... और उसमे स्पष्ट कहा है कि पत्रकारों के साथ पुलिस या अर्द्ध सैनिक बलों की हिंसा बर्दाश्त नही की जायेगी...। सरकारे ये सुनिश्चित करे की पत्रकारों के साथ ऐसी कोई कार्यवाही कही न हो। पुलिस की पत्रकारों के साथ की गयी हिंसा मिडिया की स्वतन्त्रता के अधिकार का हनन माना जायेगा जो उसे संविधान की धारा 19 एक ए में दी गयी है। और इस संविधान की धारा के तहत बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मी या अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज होगा।

सीसीएल अधिकारियों का एपेक्स् कॉरपोरेट कार्यक्रम संपन्न



* आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के सहयोग से युवा फुटबॉल कप्तानों के लिए सीसीएल चलाएगा कौशल विकास कार्यक्रम


रांची। सीसीएल के महाप्रबंधकों के लिए  खेलगांव स्थित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में आयोजित तीन दिवसीय (06 से 08 जुलाई) एपेक्स कॉरपोरेट कार्यक्रम   सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया | सीएमडी सीसीएल, गोपाल सिंह की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों में  नेतृत्व क्षमता का विकास, टीम भावना को बढ़ावा, विभिन्न चुनौतियों में शांत एवं स्थिर मन रखना आदि कर पूर्ण क्षमता के साथ सहज तरीके से कार्य निष्पाादन करने के लिए सक्षम बनाने का है। 
 इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ आचार्य  बलविंदर चंदोक एवं   रोहित सिक्का् के निर्देशन में सीएमडी गोपाल सिंह, निदेशकगणो सहित सीसीएल मुख्यालय एवं क्षेत्रों से कुल 22 महाप्रबंधको ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान क्रियाकलापों, अध्यापन, , प्रश्नोत्तर, परिचर्चा  आदि के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सहकर्मियों के साथ अपनत्व की भावना बढाने, मन को नियंत्रित एवं केंद्रित रखने, निरंतर उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करने जैसे उपयोगी एवं प्रभावशाली तथ्यों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को कठिन से कठिन चुनौतियों के समक्ष भी मन शान्त रखने एवं निरंतर आत्मचिंतन करने की महत्वता पर भी  विस्तार से चर्चा की |
   कार्यक्रम  के अंत में सीएमडी सीसीएल  गोपाल सिंह ने श्रीश्री बलविंदर चंदोक और श्रीश्री रोहित सिक्का के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि इससे निश्च्य ही हमारी कार्यनिष्पादन क्षमता बढ़ेगी और व्यक्तित्व  सकरात्मक आएंगे | आदरणीय आचार्य महोदय  और इस कार्यक्रम की  सीख  से प्रेरित होकर हम अपनी कल्याणकारी योजनाओ  को और तत्परता  से आग बढ़ाएंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियो से कार्यक्रम से प्राप्त अनुभवों को ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियो के साथ परस्पर साझा करने की अपील की।। श्री सिंह ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजम सीसीएल में निरंतर किया जाएगा जिससे ज्यादा से ज्यादा कर्मी लाभान्वित हो । निदेशक (कार्मिक) श्री आर एस महापात्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।

*  कमांड क्षेत्रो से आये 250 से अधिक फुटबॉल कप्तानों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन 

 इस अवसर पर सीसीएल कमांड क्षेत्रो से आये 250 से अधिक फुटबॉल कप्तानों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में "आर्ट ऑफ लीविंग" के श्रीश्री बलविंदर चंडोक ने युवा कप्तानों का मार्गनिर्देशन करते हुए प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मानसिक नियंत्रण एवं स्थिरता बनाये रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला । उन्होंने किसी भी कार्य को निष्ठा और समर्पण से करने का सुझाव दिया । कप्तान के रूप में आप सभी को न सिर्फ अपनी टीम बल्कि समाज का भी नेतृत्व करना है, श्री बलविंदर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा ।
अवसर विशेष पर सीएमडी  गोपाल सिंह ने युवा कप्तानों को संबोधित करते हुए कहा कि सीसीएल समाज के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है । सीसीएल युवा फुटबॉल कप्तानों के कौशल विकास हेतु रूप रेखा तैयार कर रहा है, जिसके अंतर्गत आप सभी को तकनीक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे आप स्वरोजगार के माध्यम से अपने पैरो पर खड़े हो सके । यह कौशल विकास कार्यक्रम जो आपसे शुरू होगा, आपके माध्यम से समाज को आगे जाएगा। यह कार्यक्रम को "आर्ट ऑफ लिविंग" फाउंडेशन के सहयोग से वृहद स्तर पर चलाया जाएगा  ।                                                          जनसंपर्क विभाग टीम :
मानव संसाधन विकास विभाग के महाप्रबंधक जी.एस. भाटी एवं उनके टीम के सदस्य– मुख्य प्रबंधक (कार्मिक) एस. बख्शी, वरीय प्रबंधक (माईनिंग)  ए.के. सिंह, वरीय प्रबंधक (खेल)  आदिल हुसैन, प्रबंधक (कार्मिक)  जे बी आर  कुजूर एवं अन्य  कार्यक्रम का समन्ववयन कर रहे हैं।

मारा गया पूर्वांचल का डॉन मुन्ना बजरंगी



बागपत। पूर्वांचल के कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोलियों से भुनकर हत्या कर दी गई। वह पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में झांसी जेल में बंद था। इसी रविवार को उसे झांसी से बागपत लाया गया था। बागपत कोर्ट में उसकी पेशी होनी थी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। जेल में बंद विरोधी गिरोह के शुटर ने उसे 10 गोलियां मारी हैं।
इस मामले में एडीजी जेल ने बागपत के जेलर, डिप्टी जेलर, जेल वॉर्डन और दो सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं। मुन्ना के साले विकास श्रीवास्तव ने गैंगस्टर सुनील राठी पर इस हत्या की साजिश का आरोप लगाया है।
पूर्वांचल की खबरों के मुताबिक मुताबिक जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के शूटर्स ने मुन्ना बजरंगी को गोली मारी है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव ने इस हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुन्ना पर बड़ौत के पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से 22 सितंबर 2017 को फोन पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप था।
मुन्ना बजरंगी का का जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था। उसने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों में शामिल हो गया था।
कहते हैं कि शुरुआती दौर में उसे जौनपुर के बाहुबली गजराज सिंह का संरक्षण हासिल था। 1984 में उसने लूट के लिए एक व्यापारी की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने गजराज सिंह के इशारे पर ही जौनपुर के भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या करके पूर्वांचल में अपना आतंक कायम कर लिया। 90 के दशक में वह पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग में शामिल हो गया था।
मुख्तार अंसारी का गैंग मऊ से संचालित हो रहा था लेकिन इसका प्रभाव पूरे पूर्वांचल पर था। मुख्तार ने अपराध की दुनिया से राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1996 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर मऊ से चुनाव लड़ा और विधायक निर्वाचित हुआ। सत्ता की राजनीति में आने के बाद इस गैंग की ताकत बहुत बढ़ गई। मुन्ना बजरंगी सीधे तौर पर सरकारी ठेकों को प्रभावित करने लगा था। वह विधायक मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ बन गया था।
पूर्वांचल में सरकारी ठेकों और वसूली के कारोबार पर मुख्तार अंसारी का कब्जा था। लेकिन इसी दौरान तेजी से उभरते बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय उनके लिए चुनौती बनने लगे। उन पर मुख्तार के दुश्मन कुख्यात शुटर ब्रजेश सिंह का हाथ था। उसी के बल पर कृष्णानंद राय का गिरोह फल फूल रहा था। आपसी दुश्मनी में दोनों गिरोह अपनी ताकत बढ़ा रहे थे।
इनके संबंध अंडरवर्ल्ड के साथ भी जुड़े गए थे। कृष्णानंद राय का बढ़ता प्रभाव मुख्तार को खटक रहा था। उसने कृष्णानंद को खत्म करने की जिम्मेदारी मुन्ना को सौंप दी। मुख्तार से फरमान मिल जाने के बाद मुन्ना बजरंगी ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की 29 नवंबर 2005 को हत्या कर दी।
उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना बजरंगी के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। वह पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले यूपी में दर्ज हैं। 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था। ऐसा माना जाता है कि एनकाउंटर के डर से उसने खुद गिरफ्तारी करवाई थी। उसकी हत्या के बाद सवाल उठ रहा है कि जेल के अंदर शुटर के पास हथियार और गोलियां कैसे पहुंचीं। जांच के बाद ही इस हत्याकांड से जुड़े रहस्य सामने आएंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ​​​​​​​8 लाख घर बन कर तैयार


नौ वर्षों में हुआ था मात्र 12.4 लाख घरों का अनुमोदन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यान्वयन के तीन वर्षों के भीतर 51 लाख रिहाइशी इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। यह पहले की आवास योजना के मुकाबले एक बड़ी छलांग है जिनमें कार्यान्वयन के नौ वर्षों के भीतर केवल 12.4 लाख घरों को अनुमोदित किया गया।
51 लाख अनुमोदित घरों में से 28 लाख घरों का नींव से संबंधित कार्य संपन्न हो चुका है और वे पूर्णता के विभिन्न चरणों में हैं। इसके अतिरिक्त, 8 लाख से अधिक घर बन कर पहले से तैयार हो चुके हैं और लगभग 8 लाख घरों में लाभार्थियों ने रहना आरंभ भी कर दिया है।
एक समाचार पत्र में इस प्रकार की धारणा प्रदर्शित की गई है कि आवास निर्माण अंतरालों को पाटने के लिए प्रस्तावित वैश्विक आवास निर्माण प्रौद्योगिकी चुनौती आरंभ की जा रही है। केंद्र सरकार ने इसे गलत करार दिया है। सरकार के दावे के मुताबिक नई और फास्ट ट्रैक निर्माण प्रौद्योगिकी का पहले से ही व्यापक तरीके से योजना में उपयोग किया जा रहा है।
कवरेज के मामले में यह मिशन पूर्व में क्रियान्वित की जा रही आवास योजनाओं के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव है। भारत सरकार मिशन की अवधि 2022 के आखिर तक ‘सभी के लिए आवास‘ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऑल इंडिया फुटबॉल पोस्टर डिजाइन कांटेस्ट एवं फुटबॉल ऑल मिक्स प्रदर्शनी का उद्घाटन




रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने  ऑल इंडिया फुटबॉल पोस्टर डिजाइन कांटेस्ट एवं फुटबॉल ऑल मिक्स प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है अवसर प्राप्त होने पर यह राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रौशन कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक रुप से कई खेल, खेले जाते हैं उसमें फुटबॉल भी एक है। सही प्रशिक्षण प्राप्त होने पर यह अपनी पहचान बना सकते हैं। यह समारोह रांची के ऑड्रे हाउस में आयोजित किया गया था
इस अवसर पर श्री वर्णवाल ने जमशेदपुर फुटबॉल क्लब एवं युवा द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह के प्रयासों से फुटबॉल के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी एवं बेहतर प्रदर्शन के लिए वे उत्साहित रहेंगे।

युवजन सभा ने निकाली अखिलेश साइकिल रैली


 अमन चैन शांति का दिया संदेश

रांची। झारखंड प्रदेश समाजवादी पार्टी युवजन सभा की ओर से हरमू स्थित कार्यालय से साईकल रैली निकाली गई । सभा के अध्यक्ष विकास यादव ने झंडा दिखाकर रवाना किया। शांति का संदेश देने के लिए यूपी में भी अखिलेश रैली निकाली गई थी।  रांची जिला अध्यक्ष नौशाद अहमद ने कहा कि यह रैली शांति का संदेश देने के लिए निकाली गई। उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम सभी हमलोग एक साथ मिलकर रहते आए हैं। हमेशा हमलोग एक दूसरे के त्योहारों में शिरकत कर एकता की मिसाल देते हैं। सांप्रदायिक दल सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए विद्वेष फैलाते हैं। एक दूसरे को लड़ाते हैं।।
          इस अवसर पर रांची जिला अध्यक्ष नौशाद अहमद, प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव, मनीष, मनोहर यादव, प्रशांत यादव, संजय यादव, निखत प्रवीन, मोईज-उर-रहमान, प्रदेश महासचिव मुम्ताज अहमद, रॉकी  समेत कार्यकर्तागण मौजूद थे।

विकास को धरातल पर उतारने में लगे हैं लातेहार के डीसी राजीव कुमार



सुदूर गावों में पहुंचकर ग्राणीणों से कर रहे हैं सीधा संवाद





लातेहार। लातेहार के उपायुक्त राजीव कुमार पदभार ग्रहण करने के बाद से ही सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की मुहिम में लगे हैं। इसी सोच के साथ वे शनिवार 7 जुलाई को बरवाडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र लंका गांव पहुंचे। वहां पर उन्होंने ग्रामीणों के साथ पेड़ के नीचे बैठ कर  सीधा संवाद किया। उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि सरकार चाहती है कि विकास योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही संचालित नहीं हों बल्कि धरातल पर उतरें ताकि ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को भी सकारात्मक होने और मानसिकता बदलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजना को बिचौलियों की कमाई का जरिया नहीं बनने दें। योजना  गुणवता पूर्ण तरीके से धरातल पर उतरे और लोगों के जीवन को नया आयाम दे । तभी इसकी सार्थकता है। ग्रामीणों के साथ बैठक करते हुए उपायुक्त श्री कुमार ने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने गांव में पानी की व्यवस्था, सड़क निर्माण,कृषि कार्य के जरिए आत्मस्वालंबन लाने की बात कही। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार, इकबाल सिंह, रानी सिंह, रामसुंदर दास, आशीष पाण्डेय समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

ग्राम स्वराज के बारे में दी जानकारी

ग्राम स्वराज अभियान फेज टू के तहत चयनित गांव में केन्द्र सरकार की योजनाओं को मूलभूत सुविधा के साथ पहुंचाने को लेकर उपायुक्त राजीव कुमार ने बरवाडीह प्रखंड के लंका के ग्रामीणों को जानकारी दी। उपायुक्त श्री कुमार ने बताया कि जिले के कुल 227 गांव ग्राम स्वराज अभियान के तहत चयनित किए गए हैं जिसमें लंका गांव भी शामिल है। यहां सभी परिवारों को ग्राम स्वराज अभियान के प्रावधान के मुताबिक उज्जवला योजना, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ,कृषि कल्याण योजना एवं इंद्रधनुष योजना का लाभ दिया जाएगा। इस दौरान उपायुक्त श्री कुमार ने सभी ग्रामीणों को जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठाने की प्रेरणा दी।

रोजगार सृजन से ही होगा गांव का विकास

उपायुक्त राजीव कुमार ने लंका के ग्रामीणों से कहा कि गांव का विकास सिर्फ सड़क एवं भवन बनाने से नहीं होगा। इसके लिए गांव में रोजगार सृजन की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीणों को सरकार के द्वारा संचालित हो रही रोजगारमूलक योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणों को रोजगार सृजन करने के लिए मुर्गी पालन, बकरी पालन, सुकर पालन एवं गांव में सिंचाई के साधन उपलब्ध करवाने समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेकर स्वालंबी बनने की बात कही।

गांव से नहीं हो पलायन

डीसी राजीव कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गांव से रोजगार के लिए पलायन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा रोजगार सृजन के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद अगर गांव से पलायन होता है तो संबंधित बीडीओ, पंचायत सेवक एवं मुखिया जिम्मेवार होंगे। उन्होंने कहा कि गांव में रोजगार सृजन करने का कार्य करें।
ग्रामीणों ने रखी अपनी समस्या
बरवाडीह के लंका गांव में पहुंचे उपायुक्त राजीव कुमार के समक्ष ग्रामीणों ने गांव में सिंचाई के लिए पानी,रोजगार के लिए कार्य,सड़क निर्माण,प्रधानमंत्री आवास योजना,शौचालय निर्माण समेत अन्य कई समस्याओं से अवगत कराया। जिस पर उपायुक्त श्री कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को समस्या समाधान को लेकर निर्देशित किया।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...