केंद्र
कार्ययोजना तैयार
| सार्वजनिक क्षेत्र से 3 और निजी क्षेत्र से 3 संस्थानों का हुआ चयन चयनित प्रत्येक ‘सार्वजनिक संस्थान’ को पांच वर्षों की अवधि में मिसेगी 1000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता चयनित संस्थानों को बनाएंगे विश्वस्तरीय : प्रकाश जावड़ेकर |
| नई दिल्ली। सरकार ने 6 उत्कृष्ट संस्थानों का चयन किया है, जिनमें से 3 संस्थान सार्वजनिक क्षेत्र के और 3 संस्थान निजी क्षेत्र के हैं। एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति (ईईसी) ने अपनी रिपोर्ट में 6 संस्थानों (3 संस्थान सार्वजनिक क्षेत्र से और 3 संस्थान निजी क्षेत्र से) का चयन ‘उत्कृष्ट संस्थानों’ के रूप में करने की सिफारिश की थी। इन संस्थानों का विवरण नीचे दिया गया है – सार्वजनिक क्षेत्र : (i) भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरू, कर्नाटक (ii) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र और (iii) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली। निजी क्षेत्र : (i) जियो इंस्टीट्यूट (रिलायंस फाउंडेशन) पुणे, ग्रीन फील्ड श्रेणी के तहत (ii) बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, पिलानी, राजस्थान; और (iii) मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, मणिपाल, कर्नाटक। मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है और यह श्रेणीबद्ध स्वायत्तता से भी काफी आगे है। उन्होंने कहा कि इससे चयनित संस्थानों को पूर्ण स्वायत्तता सुनिश्चित होगी और उन्हें काफी तेजी से विकसित होने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को और अधिक कौशल एवं गुणवत्ता में सुधार के साथ अपने परिचालन स्तर को बढ़ाने के लिए और अधिक अवसर प्राप्त होंगे, जिससे कि वे शिक्षा के क्षेत्र में ‘विश्वस्तरीय संस्थान’ बन सकें। इस योजना के तहत ‘उत्कृष्ट संस्थान’ के रूप में चयनित प्रत्येक ‘सार्वजनिक संस्थान’ को पांच वर्षों की अवधि में 1000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। |
नोएडा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति मून जेई-इन ने आज नोएडा में सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड की एक विशाल मोबाइल उत्पादन यूनिट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने इसे भारत को एक वैश्विक विनिर्माण हब (केन्द) बनाने की यात्रा में एक विशेष मौका बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश से न केवल भारत के साथ सैमसंग के कारोबारी संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि यह भारत और कोरिया के बीच संबंधों के संदर्भ में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने यह बात रेखांकित की कि डिजिटल प्रौद्योगिकी आम आदमी के जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसमें त्वरित एवं अधिक पारदर्शी सेवा डिलीवरी का योगदान भी शामिल है। उन्होंने स्मार्ट फोन, ब्रॉडबैंड और डेटा कनेक्टिविटी के विस्तारीकरण का उल्लेख करते हुए इसे भारत में एक डिजिटल क्रांति के संकेत के रूप में वर्णित किया। इस संदर्भ में उन्होंने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम), डिजिटल लेन-देनों में वृद्धि, भीम एप और रुपे कार्डों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल केवल एक आर्थिक नीतिगत उपाय ही नहीं है, बल्कि मित्र देशों जैसे कि दक्षिण कोरिया के साथ बेहतर संबंध सुनिश्चित करने का एक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि विश्व भर के उन सभी कारोबारियों के लिए खुला निमंत्रण है, जो ‘नए भारत’ की पारदर्शी कारोबारी संस्कृति से लाभ उठाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और उभरते नव मध्यम वर्ग की बदौलत अपार निवेश संभावनाएं सृजित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने यह बात रेखांकित की कि भारत अब मोबाइल फोन के उत्पादन क्षेत्र में विश्व स्तर पर दूसरे पायदान पर है। यही नहीं, भारत में लगभग चार वर्षों की अवधि में मोबाइल फोन की उत्पादन इकाइयों या फैक्टरियों की संख्या महज 2 के आंकड़े से बढ़कर अब 120 के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के लाखों अवसर सृजित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि इस नई मोबाइल उत्पादन यूनिट के जरिए कोरियाई प्रौद्योगिकी और भारतीय विनिर्माण एवं सॉफ्टवेयर सहयोग का यह संयोजन पूरी दुनिया के लिए उत्कृष्ट उत्पाद उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इसे दोनों ही देशों की ताकत और साझा विजन के रूप में वर्णित किया। |
| शहाबाद-भोजपुर क्षेत्र के मिली; कृषि क्षेत्र में आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन |
| नई दिल्ली। विद्युत तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर.के. सिंह ने दिल्ली में अपने कार्यालय में बिहार केशहाबाद-भोजपुरक्षेत्र के सोन नहर प्रणाली के पक्कीकरणप्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा हेतु एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अधिकारियों एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एडीबी के प्रतिनिधियों ने बताया कि एडीबी ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। श्री आर.के. सिंह ने एडीबी के प्रतिनिधियों एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से कहा कि परियोजना के विभिन्न चरणों को संपन्न करने हेतु समय सीमा तय की जानी चाहिए।बैठक में तय हुआ कि वित्त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग 17 जुलाई, 2018 तक कंसलटेंट बहाल करने के लिए स्वीकृति दे देगा एवं एडीबी के कंसलटेंट जुलाई के अंत तक अपना काम शुरू कर देंगे। श्री आर.के. सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि कंसलटेंट की बहाली के बाद की प्रक्रियाएं जैसे कि डिजाइन अध्ययन,हितधारकों से परामर्श, फिजिबिलिटी रिपोर्ट; निविदा प्रपत्र तैयार करने आदि की प्रक्रिया तेजी से संपादित की जाए तथा प्रथम चरण में मुख्य नहर तथा ब्रांच नहरों के लाइनिंगका टेंडर अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक निकाला जाए। बैठक में विचार-विमर्श के पश्चात उपस्थित एडीबी के प्रतिनिधियों एवं अन्य अधिकारियों ने माननीय मंत्री श्री आर.के. सिंह को यह आश्वासन दिया कि समस्त औपचारिकताएं पूरी करके प्रथम चरण की निविदा अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक निकाल दी जाएगी। गौरतलब है कि 503 मिलियन डालर (3272.49 करोड़ रुपए) की संभावित लागत की परियोजना में एडीबी द्वारा 352 मिलियन डालर की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के कार्यान्वित हो जाने पर बिहार के शहाबाद-भोजपुरक्षेत्र के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। |
विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी : के. जे. अल्फोंस |
| नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के. जे. अल्फोंस ने आज घोषणा करते हुए कहा कि राज्य/ केंद्र शासित प्रदेशों तथा भारतीय पर्यटन व अतिथि सत्कार परिसंघ (एफएआईटीएच) के सहयोग से पर्यटन मंत्रालय 16 से 18 सितंबर, 2018 तक नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘भारत पर्यटन मार्ट’ (आईटीएम) का आयोजन करेगा। विश्व के अन्य देशों में आयोजित होने वाले पर्यटन मार्ट को ध्यान में रखते हुए ‘भारत पर्यटन मार्ट’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन से पर्यटन व अतिथि सत्कार से जुड़े सभी हितधारकों को विचार-विमर्श करने का मौका मिलेगा और उन्हें व्यापार से जुड़े अवसरों की जानकारी मिलेगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को संबोधित करते हुए पर्यटक मंत्री ने कहा कि पर्यटन और अतिथि सत्कार के क्षेत्र में भारत में असीम संभावनाएं हैं। श्री अल्फोंस ने कहा कि आईटीएम 2018 के माध्यम से भारत पूरे विश्व खासकर चीन, लैटिन अमेरिका, जापान आदि को अपने छिपे हुए गंतव्यों की जानकारी दे सकता है। इस आयोजन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में पर्यटकों की संख्या दोगुनी होने की संभावना है। मंत्री महोदय ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे इस वैश्विक आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पर्यटन मंत्री ने सभी राज्यों से पर्यटन स्थलों से संबंधित वीडियों तैयार करने का आग्रह किया है ताकि बेहतर प्रचार के लिए इसका उपयोग किया जा सके। इस अवसर पर पर्यटन सचिव श्रीमती रश्मि वर्मा ने कहा कि आईटीएम राज्यों के लिए सबसे अच्छा प्लेटफार्म है जहां वे अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकते हैं। केरल व राजस्थान जैसे कुछ राज्य अपने मार्ट का आयोजन कर रहे हैं। कुछ राज्यों ने अंतर्राष्ट्रीय मार्टों में भी हिस्सा लिया है। कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्होंने न मार्ट का आयोजन किया है और न ही किसी अंतर्राष्ट्रीय मार्ट में हिस्सा लिया है। ऐसे सभी राज्यों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है जब वे अपने उत्पादों को आईटीएम 2018 में प्रदर्शित कर सकते हैं। आयोजन समिति के चेयरमैन और एफएआईटीएच के सचिव श्री सुभाष गोयल ने कहा कि पर्यटन से जुड़े सभी हितधारक इतने बड़े पैमाने पर पहली बार एक साथ आ रहे है। पर्यटन और अतिथि सत्कार क्षेत्र में एफएआईटीएच देश का सबसे प्रमुख संगठन है। आईटीएम के लिए एक वेबसाइट http://www.indiatourismmart.com/ भी तैयार की जाएगी। आईटीएम 2018 के लिए उत्तरी अमेरीका, पश्चिमी यूरोप, पूर्वी एशिया, सीआईएस देश, लैटिन अमेरीका के देशों से क्रेता प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। मार्ट में 300 से अधिक विदेशी क्रेता प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। वे भारतीय विक्रेताओं से बातचीत करेंगे। विदेशी प्रतिनिधियों को हवाई अड्डों, होटलों, गंतव्य स्थलों आदि में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। आईटीएम 2018 में लगभग 175 – 200 स्टॉल लगाए जायेंगे। आयोजन का औपचारिक उद्घाटन 17 सितंबर, 2018 को होगा। क्रेता और विक्रेता प्रतिनिधियों के बीच बी2बी बैठकों का आयोजन 17 और 18 सितंबर, 2018 को किया जाएगा।
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झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...