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मंगलवार, 10 जुलाई 2018

झारखंड सरकार के मंत्रिपरिषद ने लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय




·        कैलाश मानसरोवर की तीर्थ यात्रा पर जाने वाले झारखण्डवासियों को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी

·        मानगो नगर निगम एवं जुगसलाई नगर परिषद के पुराने  पी.एल. खाता की राशि को नए पी.एल. खाता में अंतरित करने हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

·        झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि नियमावली] 2018 के गठन की स्वीकृति दी गई।

·        सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत गम्हरिया अंचल के मौजा मोहनपुर] खाता नंबर 42 के विभिन्न प्लाट में सन्निहित कुल रकबा 14-53 एकड़  गैरमजरूआ खास भूमि को कुलदेव राशि रु. 12]17]21]889@- (बारह करोड़ सत्रह लाख इक्कीस हजार आठ सौ नवासी) रुपैया मात्र की अदायगी पर नवीकरण विकल्प के साथ शिक्षण प्रचार-प्रसार हेतु मे.आरका एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट के साथ 30 वर्षों के लिए व्यवसायिक प्रयोजनार्थ लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गई

·        कैपिटल विश्वविद्यालय विधेयक] 2018 के अनुमोदन को स्वीकृति दी गई।

o   झारखंड राय विश्वविद्यालय] (संशोधन)  विधेयक] 2018 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

·        वित्तीय वर्ष 2018&19 में डीवीसी एवं अन्य बकाया भुगतान हेतु झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को अनुदान मद में बजट उपबंधित राशि रुपए 750 करोड़ के विरुद्ध डीवीसी को भुगतान करने हेतु  रुपए 750 करोड़ झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को अनुदान के रूप में एकमुश्त विमुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

·        सप्तम वेतन पुनरीक्षण के फलस्वरूप नई वेतन संरचना में वेतन निर्धारण हेतु विकल्प चयन की स्वीकृति दी गई।

·        झारखंड पेंशन नियमावली 2000 में संशोधन के प्रारूप पर स्वीकृति दी गई।

·        झारखण्ड राज्य पुलिस अवर निरीक्षक सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा नियुक्ति नियमावली (भर्ती पद्धति) 2016 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

·        राज्य में झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से पलामू जिला में नई डेयरी की स्थापना निमित झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के पी0एल0 खाता में संचित कुल राशि 700 लाख रू0 (सात करोड़ रूपये) को झारखण्ड कोषागार संहिता] 2016 में नियम 261 ¼                                                                                      ) एवं नियम 332 को शिथिल करते हुए झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के बचत बैंक खाता में हस्तांतरित करने की स्वीकृति तथा उक्त परियोजना का क्रियान्वयन हेतु स्वीकृति राशि भविष्य में झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के बचत बैंक खाता में उलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

·        इस्लाम नगर] रांची में 444 आवास के निर्माण हेतु रू0 33]04]11]800@¼तैंतीस करोड़ चार लाख ग्यारह हजार आठ सौ रूपये मात्र) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में निर्गत संकल्प संख्या-1833 दिनांक 18-03-2017 में संशोधन की स्वीकृति।

·        पूर्व से संचालित केन्द्र प्रायोजित अम्ब्रेला समेकित बाल विकास सेवाएं’’ योजनान्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों को केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में परिवर्तित नाम एवं दर पर संचालन की स्वीकृति दी गई।

·        31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वर्ष का झारखण्ड सरकार के राजस्व क्षेत्र पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का लेखा परीक्षा प्रतिवेदन को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

·        वित्तीय वर्ष 2016-17 के (प) वित्त लेखे एवं (पप) विनियोग लेखे झारखण्ड विधान सभा के पटल पर उपस्थापन की स्वीकृति।

·        31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वर्ष का झारखण्ड सरकार के राज्य वित्त पर भारत के नियंत्रिक एवं महालेखा परीक्षक का लेखापरीक्षा प्रतिवेदन को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

·        झारखण्ड मोटरवाहन करारोपण (संशोधन) विधेयक 2018 के प्रारूप पर स्वीकृति।

·        झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम] 2011 यथा संशोधित अधिनियम] 2017 की विभिन्न धाराओं में संशोधन] अन्तःस्थापन एवं प्रतिस्थापन संबंधी झारखण्ड नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश] 2018 ¼झारखण्ड अध्यादेश संख्या-01] 2018½ को अधिनियमित करने हेतु झारखण्ड नगरपालिका (संशोधन) विधेयक] 2018 की स्वीकृति दी गई।

एक भवन में दो कालेज दिखाकर लिया दुगना अनुदान



अब सरकारी करेगी रिकवरी

संयुक्त सचिव ने की जनसंवाद के 15 मामलों की समीक्षा।
गिरिडीह में दुष्कर्म व हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई का निर्देश।

रांची। गढ़वा स्थित गोपीनाथ इंटर कॉलेज की मान्यता रद्द होगी। इस संबंध में झारखंड अधिविद्य परिषद ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही एक भवन में दो-दो कॉलेज दिखाकर सरकार से लिए गए अनुदान राशि की रिकवरी भी कराई जाएगी। इस बात की जानकारी आज स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के नोडल अधिकारी ने जनसंवाद केंद्र की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव रमाकांत सिंह को दी। श्री सिंह ने आज सूचना भवन में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज लंबित शिकायतों की जिलावार समीक्षा की। इस दौरान 15 शिकायतों की विशेष समीक्षा भी की गई।
गढ़वा में एक ही भवन में इंटर महाविद्यालय व महिला महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। एक भवन में दो-दो संस्थान दिखाकर सरकार से अनुदान भी लिया जा रहा है। इस बात की शिकायत जनसंवाद केंद्र में आई। जांच में पाया गया कि व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की। संबन्धित विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि कॉलेज की मान्यता रद्द करने से संबन्धित पत्र निर्गत कर दिया गया है। संयुक्त सचिव ने कहा कि इस मामले में गलत तरीके से अनुदान राशि लेने की बात भी सामने आ चुकी है। इसलिए अनुदान राशि के रिकवरी को लेकर भी कार्रवाई शुरू करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस माह के अंत तक मामले में सभी कार्रवाई पूर्ण करें।
गिरिडीह के बिरनी में वर्ष 2014 नवंबर में एक युवती की हत्या की गई थी। मामले में पिता ने कई लोगों को आरोपी बनाते हुये कार्रवाई की मांग की थी। घटना के 4 साल बीतने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है। जबकि इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि उक्त युवती के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। अब तक पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुँच सकी है। इस मामले में संयुक्त सचिव ने पूछताछ की। एआईजी टू डीजीपी डॉ॰ शम्स तबरेज ने गिरिडीह के डीएसपी को निर्देश दिया कि इस मामले में बागोदर सरिया के एसडीपीओ, पुलिस इंस्पेक्टर व अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठकर गहन समीक्षा करें। पुलिस अधीक्षक के साथ बैठकर इसका रिवियू करें व कार्रवाई सुनिश्चित करें। मामला काफी संवेदनशील है, इसलिए इसमें पूरी तरह से गंभीरता बरती जाये।
खूंटी में जाति, आय व आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था में गांवों की हल्कावार सूची नहीं रहने के कारण समस्या का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त सचिव ने इस मामले में अविलंब कार्रवाई करते हुये समस्या का निष्पादन करने का निर्देश दिया।
धनबाद के ओलिन रवानी की 6 माह की पुत्री हृदय रोग से ग्रसित है। इसका इलाज दुर्गापुर मिशन अस्पताल से होना है, जहाँ 1 लाख 6 हजार का खर्च बताया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत सहायता के लिए इन्होंने आवेदन दिया है, परंतु अब तक इन्हें सहायता राशि नहीं मिली है। इस बाबत नोडल अधिकारी ने बताया कि आवंटन नहीं होने के कारण इन्हें सहायता उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। संयुक्त सचिव ने एक सप्ताह के अंदर आवंटन उपलब्ध कराते हुये इलाज हेतु भुगतान का निर्देश दिया।
4 वर्ष पूर्व बोकारो से लापता दो बहनों का अबतक कोई सुराग नहीं मिला है। इस बाबत इनके पिता ने अपहरण की आशंका जताते हुये मामला भी दर्ज कराया परंतु अब तक कोई परिणाम सामने नहीं आया है। परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। इस मामले में बोकारो के डीएसपी ने बताया कि पुलिस लगातार अनुसंधान व अन्य कार्रवाई कर रही है परंतु अब तक इनका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। मामले में एआईजी टू डीजीपी ने एसपी के साथ मिलकर मामले की समीक्षा व गहन अनुसंधान करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पिता ने जिनपर आरोप लगाया है, उनपर भी नजर रखते हुये कार्रवाई करें। किसी भी हाल में दोनों बहनो को ट्रैस करें। आवश्यकता पड़े तो पुनः पुलिस टीम को उड़ीसा भेजें।
धनबाद की अन्ना कुमारी ने वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लाभ लेने हेतु निरसा प्रखण्ड कार्यालय में आवेदन दिया था परंतु अब तक इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस संबंध में विभाग का कहना है कि इन्हें भुगतान किया जा चुका है। नोडल अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है। शीघ्र ही निष्पादन की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त सचिव ने एक सप्ताह के अंदर मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया।
खूंटी के ईश्वरी नरसिंह मुंडा की हत्या 2011 में नक्सलियों ने कर दी थी। मृतक की पत्नी भरोसी टूटी ने उपायुक्त कार्यालय में नौकरी व मुआवजा के लिए आवेदन भी दिया, परंतु अब तक कोई पहल नहीं की गई है। इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि सामान्य शाखा खूंटी से इस मामले में प्रतिवेदन प्राप्त है। संचिका पर कार्य चल रहा है। शीघ्र ही समस्या का निष्पादन कर दिया जाएगा। संयुक्त सचिव ने कहा कि पीड़ित को अविलंब नौकरी व मुआवजा देने की दिशा में कार्य करते हुये मामले का निष्पादन करें।
पलामू के पोखरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 40 विद्यार्थियों को छात्रवृति प्रधानाध्यापक ने नहीं दी। शिकायत आई थी कि छात्रवृति वितरण में प्रधानाध्यापक ने अनियमितता बरती है। मामले की जांच में शिकायत सही पायी गई। आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर उनके खिलाफ प्रपत्र का गठन किया गया है। विद्यार्थियों को छात्रवृति भुगतान के संबंध में पूछे जाने पर नोडल अधिकारी ने बताया कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृति का भुगतान नहीं हो पाया है, उन्हें प्रधानाध्यापक के वेतन में कटौती कर, उसी पैसे से छात्रवृति दिया जाएगा। संयुक्त सचिव ने कहा कि उस प्रक्रिया में काफी वक़्त लग सकता है। इसलिए संबन्धित विभाग से बात कर छात्रवृति भुगतान की दिशा में कार्रवाई की जाये।
पाकुड़ के अनुपडांगा गाँव में चिमू शेख, मुस्तक शेख एवं बकार शेख द्वारा 7 साल पूर्व आम रास्ता पर अतिक्रमण कर लिया गया है। अंचल अधिकारी के नोटिस देने के बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इतना ही नहीं, उसी सड़क पर स्थित एक चापाकल को भी तोड़कर वहाँ घर बना लिया गया है। इस मामले में पूछे जाने पर नोडल अधिकारी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। संयुक्त सचिव ने 15 दिन के अंदर उक्त सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया।

निवेश की सुविधा के मामले में चौथा सर्वश्रेष्ठ राज्य बना झारखंड


मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दी राज्यवासियों को बधाई

रांची। निवेश की सुविधा देने के मामले में इजी डूइंग विजीनेश  रैंकिंग में झारखंड देश का चौथा अग्रणी राज्य बन गया है। पिछली बार झारखण्ड की रैंकिंग 7 थी जो इस बार बढ़कर 4 हो गई है।
 कार्यान्वयन (इम्प्लीमेंटेशन) के रैंकिंग में झारखण्ड और तेलंगाना ने 100% अंक लाते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है।
फीड बैक की दृष्टि से इजी डूइंग विजीनेश  रैंकिंग में झारखण्ड ने 97.99% अंक लाते हुए पूरे देश मे चौथा स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के चलते ही यह संभव हो सका है। उन्होने टीम झारखण्ड और राज्य की सवा तीन करोड़ जनता को बधाई दी है।

झारखंड की वायु प्रदूषण तालिका


Member Secretary
Jharkhand State Pollution Control Board.


Level of Air Pollution at Ranchi  as on 10.07.2018

Sl. No.
Parameters
Actual Data
(µg/m3)
Standard Limit
(µg/m3)
1
PM 10
15
100
2
PM 2.5
XX
60
3
SO2
27.25
80
4
Nox
25.24
80



Weather condition as on 10.07.2018
Station
Temperature
(degree centigrade)
Rainfall
(mm)
Relative humidity
(%)

Max
Min
Pat 24 hrs.
Since 1stMarch, 2018
Max
Min
Ranchi
32.2
24.2
002.4
162.2
98
67
Jamshedpur
33.9
        26.7
000.0
175.8
92
67
Bokaro
33.1
26.2
004.2
315.9
88
82
Daltonganj
35.7
27.9
000.0
158.9
86
66


मंत्री अनंत कुमार ने रखी सिपेट की नई इमारत की आधारशिला



देहरादून। केन्‍द्रीय रसायन एवं उर्वरक और संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने देहरादून स्थित आईटीआई भवन में ‘सि‍पेट : कौशल विकास एवं तकनीकी सहायता के केंद्र (सीएसटीएस)’ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्‍होंने देहरादून के दोइवाला में सिपेट (केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान) की नई इमारत की आधारशिला रखी। इस अवसर पर सम्‍मानित अतिथि के रूप में उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री  त्रिवेन्‍द्र सिंह रावत और हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी शामिल थे।  सीएसटीएसदेहरादून देश में सिपेट का 32वां केन्‍द्र है।
श्री कुमार ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात रेखांकित की कि अर्थव्‍यवस्‍था के प्रत्‍येक क्षेत्र में इस्‍तेमाल होने वाले बुनियादी कच्‍चे माल में 50 प्रतिशत से भी अधिक मात्रा प्‍लास्टिक की ही होती हैचाहे वह साधारण चम्‍मच हो अथवा बुनियादी ढांचागत क्षेत्र या ऑटोमोबाइल अथवा एयरोस्‍पेस या उन्‍नत जैव चिकित्‍सा उपकरणों का निर्माण कार्य हो। मंत्री महोदय ने यह भी जानकारी दी कि जहां कहीं भी प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल होता है वहां सिपेट में प्रशिक्षि‍त तकनीकी श्रम बल को रोजगार अवश्‍य मिलेगा।
सिपेट देहरादून में प्रशिक्षण संबंधी विवरण देते हुए श्री कुमार ने बताया कि पहले ही वर्ष में 1500 विद्यार्थियों को दाखिला मिल जाएगा। यह संख्‍या दूसरे वर्ष में बढ़कर 2500 के आंकड़े को छूने लगेगी। तीसरे वर्ष में 3000 विद्यार्थियों को सिपेट देहरादून में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्‍होंने कहा, ‘राज्‍य सरकार के सहयोग से हम निकट भविष्‍य में प्‍लास्टिक इंजीनियरिंग में बी.टेक पाठ्यक्रमों का शुभारंभ करने का प्रयास करेंगे।’ मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि वर्ष 2014 तक सिपेट के 23 केन्‍द्र कार्यरत थे जो लगभग 40,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे थे। अब सिपेट प्रति वर्ष 1,00,000 टेक्‍नीशियन तैयार कर रहा है और पिछले चार वर्षों में इनकी कुल संख्‍या 2.5 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि सिपेट के इस स्‍वर्ण जयंती वर्ष में हम समूचे भारत में सिपेट के केन्‍द्रों की कुल संख्‍या को बढ़ाकर 50 के पार ले जाएंगे। इस अवसर पर मैं उत्तराखंड में सिपेट के एक और केन्‍द्र को प्रस्‍तावित करता हूं।
प्‍लास्टिक के बढ़ते उपयोग के वर्तमान परिदृश्‍य में पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने पर सरकार के विशेष जोर का उल्‍लेख करते हुए अनंत कुमार ने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने निकट भविष्‍य में स्‍वाभाविक तरीके से नष्‍ट होने वाले (बायोडिग्रेडेबल) प्‍लास्टिक को आम उपयोग में लाने के अपने लक्ष्‍य की प्राप्ति की दिशा में अच्‍छी प्रगति की है। मंत्री महोदय ने उत्तराखंड के सितारगंज में एक प्‍लास्टिक पार्क की स्‍थापना के लिए 40 करोड़ रुपये का आवंटन करने की घोषणा की जहां अन्‍य इकाइयों या यूनिटों के अलावा एक प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट रिसाइक्लिंग यूनिट भी होगी जो राज्‍य में प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट की बढ़ती मात्रा से निपटने में मददगार साबित होगी। मंत्री महोदय ने कहा कि यह पार्क उत्तराखंड के 5000 से भी ज्‍यादा लोगों के लिए रोजगार सृजित करेगा।
इस अवसर पर कुछ अन्‍य घोषणाएं करते हुए श्री कुमार ने कहा कि राज्‍य में स्थित इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (आईडीपीएल) के पास बेकार पड़ी 833.25 एकड़ अतिरिक्‍त भूमि को उत्तराखंड के लोगों के कल्‍याण के लिए भारत सरकार द्वारा राज्‍य सरकार को हस्‍तांतरित कर दी गई है। इसके अलावाउत्तराखंड में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के केन्‍द्रों की स्‍थापना की दिशा में हुई प्रगति पर अत्‍यंत खुशी व्‍यक्‍त करते हुए मंत्री महोदय ने बताया कि दो साल पहले इस राज्‍य के लिए 100 पीएमबीजेपी केन्‍द्रों का जो लक्ष्‍य रखा गया था वह पार हो चुका है और 106 स्‍टोरों की स्‍थापना पहले ही हो चुकी है। इसे ध्‍यान में रखते हुए मंत्री महोदय ने राज्‍य में जल्‍द ही 100 और पीएमबीजेपी केन्‍द्रों की स्‍थापना करने की घोषणा की है।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेन्‍द्र सिंह रावत ने यह माना कि तकनीकी कौशल हासिल करना और आगे रोजगार प्राप्त करना उत्तराखंड में एक बड़ा मसला है। उन्‍होंने कहा कि सिपेट इस राज्‍य के विद्यार्थियों के लिए एक वरदान साबित होगा क्‍योंकि यह इस संस्‍थान से स्‍नातक की डिग्री प्राप्‍त करने के बाद प्‍लास्टिक उद्योगों में गारंटीड रोजगार अवसर मुहैया करायेगा। श्री रावत ने यह भी कहा कि सिपेट से पास होने वाले टेक्‍नीशियनों को वेतन के रूप में औसतन लगभग 30,000 रुपये मिलेंगे।
मुख्‍यमंत्री ने आईडीपीएल की भूमि राज्‍य को दिलाने के लिए केन्‍द्रीय मंत्री का धन्‍यवाद किया। इस भूमि के लिए उत्तराखंड सरकार पिछले 18 वर्षों से प्रयास कर रही थी। सितारगंज में प्लास्टिक पार्क की स्‍थापना करने एवं 100 और पीएमबीजेपी केन्‍द्रों की स्‍थापना करने के बारे में की गई घोषणाओं के लिए भी मुख्‍यमंत्री ने श्री अनंत कुमार का धन्‍यवाद किया।
भारत सरकार के रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग के अधीन देहरादून में ‘सिपेट:सीएसटीएस’ की स्‍थापना पर कुल मिलाकर 51.32 करोड़ रुपये की लागत आएगीजिसके लिए भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार 50:50 के आधार पर वित्त पोषण करेगी।
इस अवसर पर भारत सरकार के रसायन एवं पेट्रोरसायन सचिव श्री पी. राघवेन्‍द्र रावउत्तराखंड सरकार के मुख्‍य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह और केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकारों के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारीगण तथा प्‍लास्टिक बिरादरी के अनेक सदस्‍य भी उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...