रांची। निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल, एदलहातू, रांची में सिक्खों के दसवें गुरु एवं खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन सचिव सीमा शर्मा ने किया एवं कहा कि गुरु गोविंद सिंह का संपूर्ण जीवन प्रेरणादायक है। हम उनके बताए मार्ग पर चल कर अपना जीवन धन्य बना सकते हैं। वहीं विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय कुमार शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पण कर गुरु गोविंद सिंह के प्रति अपना श्रद्धाभाव व्यक्त किया तथा सुख, समृद्धि एवं शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह त्याग और बलिदान की भावना से ओत - प्रोत थें और उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने अंदर इस भावना का अभी से विकास कर एक राष्ट्र सेवक के रूप में खुद को प्रस्तुत करने की सीख लें । वहीं इस अवसर पर गुरु वाणी पढ़ी गई साथ ही गुरु गोविंद सिंह के विचार साझा करने तथा विद्यार्थियों को उनके विचारों एवं उनके व्यक्तित्व से परिचय कराने के उद्देश्य से भाषण का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के विद्यार्थियों उत्सुकता से हिस्सा लिया । भाषण में निशा कुमारी, सोनी कुमारी, रेशम कुमारी, अदिति, आयुषी, रोहित, शशांक, अखिलेश, गोपाल सहित अन्य विद्यार्थियों ने भाग लिया । इस समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक गोपाल चन्द्र दास, विनोद कुमार निषाद, सुधीर सिंह, सुधा राणा, रेखा कुमारी सहित अन्य शिक्षक एवं सभी विद्यार्थियों ने योगदान दिया ।
यह ब्लॉग खोजें
गुरु गोविंद सिंह जयंती लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरु गोविंद सिंह जयंती लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शनिवार, 5 जनवरी 2019
निर्मला कॉन्वेंट में मनी गुरु गोविंद सिंह जयंती
रांची। निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल, एदलहातू, रांची में सिक्खों के दसवें गुरु एवं खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन सचिव सीमा शर्मा ने किया एवं कहा कि गुरु गोविंद सिंह का संपूर्ण जीवन प्रेरणादायक है। हम उनके बताए मार्ग पर चल कर अपना जीवन धन्य बना सकते हैं। वहीं विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय कुमार शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पण कर गुरु गोविंद सिंह के प्रति अपना श्रद्धाभाव व्यक्त किया तथा सुख, समृद्धि एवं शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह त्याग और बलिदान की भावना से ओत - प्रोत थें और उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने अंदर इस भावना का अभी से विकास कर एक राष्ट्र सेवक के रूप में खुद को प्रस्तुत करने की सीख लें । वहीं इस अवसर पर गुरु वाणी पढ़ी गई साथ ही गुरु गोविंद सिंह के विचार साझा करने तथा विद्यार्थियों को उनके विचारों एवं उनके व्यक्तित्व से परिचय कराने के उद्देश्य से भाषण का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के विद्यार्थियों उत्सुकता से हिस्सा लिया । भाषण में निशा कुमारी, सोनी कुमारी, रेशम कुमारी, अदिति, आयुषी, रोहित, शशांक, अखिलेश, गोपाल सहित अन्य विद्यार्थियों ने भाग लिया । इस समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक गोपाल चन्द्र दास, विनोद कुमार निषाद, सुधीर सिंह, सुधा राणा, रेखा कुमारी सहित अन्य शिक्षक एवं सभी विद्यार्थियों ने योगदान दिया ।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
वो दिन भी खूब थे...तब जम कर नाटक किया करते थे ...कई सपने देखा करते..नाटको से ये कर देंगे..वो कर देंगे...क्रांति ला देंगे ...आन्दोलन खड़ा...
-
शहरी इलाके की प्राइम लोकेशन पर बसी स्लम बस्ती. उसपर भू-माफिया की गिद्धदृष्टि. उसे खाली कराने के लिए इलाके के सबसे बड़े माफिया डान के साथ कर...
-
मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्य...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
झारखंड के अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आये 11 साल हो गए. इस बीच जितनी भी सरकारें बनीं उनमें मुख्यमंत्री का पद आदिवासियों के लिए अघोषित ...
