चक्रधरपुर।विदाई के वक्त भावुक हुए दोस्त। 4 दिनों तक चले मिलन समारोह के समाप्त होने के बाद एक दूसरे से बिछड़ने के बाद सभी दोस्त भावुक होकर रो पड़े। दुबई से आई शैली मुमताज कोलकाता से आए सुलेखा मजूमदार टिटलागढ़ हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस से कोलकाता के लिए रवाना हुई। उन्हें छोड़ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो मैं सभी दोस्त उपस्थित थे। ट्रेन में जाने के समय सभी दोस्त भावुक होकर रो पड़े। बिछड़ने का गम सभी दोस्तों पर साफ नजर आ रहे थे ।विदित हो कि पिछले 4 दिनों से रेलवे मिश्रित उच्च विद्यालय हिंदी मीडियम के सभी छात्र जो 1982 मैं मैट्रिक पास हुए थे 37 वर्ष के बाद एक मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।ये कार्यक्रम काफी अच्छा रहा इसमें सभी दोस्तों ने पुरानी यादों को ताजा किया। इस दौरान रेलवे अस्पताल ,सन्तजाला हॉस्पिटल, अनुमंडल अस्पताल में मरीजों के बीच फलों का वितरण किया रेलवे स्टेशन और कई स्थानों पर गरीबों के बीच भोजन का भी वितरण इन छात्रों द्वारा किया गया था।कार्यक्रम के दौरान इन लोगों द्वारा अपने शिक्षक बीएन प्रसाद स्कूल के आगे ठेला लगाने वाले शंकर को सम्मानित किया गया। दुबई से आई शैली मुमताज और सुलेखा मजूमदार को रेलवे स्टेशन पर छोड़ने पंकज सिंह , सलिल कुमार, शंकर डे, अशोक कुमार आदि काफी संख्या में लोग आए थे।
यह ब्लॉग खोजें
रेलवे मिश्रित उच्च विध्यालय। लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रेलवे मिश्रित उच्च विध्यालय। लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 13 नवंबर 2019
37 साल बाद मिले छात्र जीवन के दोस्त, जुदा हुए तो भावुक होकर रो पड़े
चक्रधरपुर।विदाई के वक्त भावुक हुए दोस्त। 4 दिनों तक चले मिलन समारोह के समाप्त होने के बाद एक दूसरे से बिछड़ने के बाद सभी दोस्त भावुक होकर रो पड़े। दुबई से आई शैली मुमताज कोलकाता से आए सुलेखा मजूमदार टिटलागढ़ हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस से कोलकाता के लिए रवाना हुई। उन्हें छोड़ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो मैं सभी दोस्त उपस्थित थे। ट्रेन में जाने के समय सभी दोस्त भावुक होकर रो पड़े। बिछड़ने का गम सभी दोस्तों पर साफ नजर आ रहे थे ।विदित हो कि पिछले 4 दिनों से रेलवे मिश्रित उच्च विद्यालय हिंदी मीडियम के सभी छात्र जो 1982 मैं मैट्रिक पास हुए थे 37 वर्ष के बाद एक मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।ये कार्यक्रम काफी अच्छा रहा इसमें सभी दोस्तों ने पुरानी यादों को ताजा किया। इस दौरान रेलवे अस्पताल ,सन्तजाला हॉस्पिटल, अनुमंडल अस्पताल में मरीजों के बीच फलों का वितरण किया रेलवे स्टेशन और कई स्थानों पर गरीबों के बीच भोजन का भी वितरण इन छात्रों द्वारा किया गया था।कार्यक्रम के दौरान इन लोगों द्वारा अपने शिक्षक बीएन प्रसाद स्कूल के आगे ठेला लगाने वाले शंकर को सम्मानित किया गया। दुबई से आई शैली मुमताज और सुलेखा मजूमदार को रेलवे स्टेशन पर छोड़ने पंकज सिंह , सलिल कुमार, शंकर डे, अशोक कुमार आदि काफी संख्या में लोग आए थे।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
आम पाठक को रोचक पाठ्य सामग्री से मतलब होता है। उसे इससे कोई फर्क नहीं प़ड़ता कि उसका रचनाकार कौन है। एक जमाना था जब लेखक ताड़पत्र पर ल...
-
भारत में बैंको की स्थिति इस तरह खराब हो गई है कि खाता धारियों को अब यह महसूस होने लगा है कि,बैंको से किनारा कर लेना ही एकमात्र रास्ता है। ब...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
* लाइट हाउस कैफे व एआईडब्लूसी के सौजन्य से जरूरतमंदों को दी जा रही खाद्य सामग्री रांची। लाॅकडाउन के दौरान हटिया-तुपुदाना स्थित आरके ...
-
हाल में बांग्लादेश का चुनाव एकदम नए तरीके से हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार...
