रांची। क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत मुनिश्री तरुण सागर जी महाराज के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने शोक व्यक्त किया है। श्री सहाय ने कहा कि उनके असामयिक निधन से न सिर्फ जैन समाज बल्कि संपूर्ण आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। मुनिश्री महाराज अपनी मधुर वाणी से भक्तों को ज्ञान की गंगा में गोते लगवाते थे। उनके अकस्मात गुजर जाने से अध्यात्म जगत में सूनापन आ गया है। समाज में संस्कारों की रक्षा के लिए सदैव प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि कड़वे प्रवचनों के लिए विश्वविख्यात क्रांतिकारी संत के निधन से मर्माहत हैं। वे जीवन पर्यन्त जन जन को जगाने का काम करते रहे। उनके प्रवचन सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
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रविवार, 2 सितंबर 2018
अध्यात्म जगत में सूनापन आ गया : सुबोधकांत
रांची। क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत मुनिश्री तरुण सागर जी महाराज के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने शोक व्यक्त किया है। श्री सहाय ने कहा कि उनके असामयिक निधन से न सिर्फ जैन समाज बल्कि संपूर्ण आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। मुनिश्री महाराज अपनी मधुर वाणी से भक्तों को ज्ञान की गंगा में गोते लगवाते थे। उनके अकस्मात गुजर जाने से अध्यात्म जगत में सूनापन आ गया है। समाज में संस्कारों की रक्षा के लिए सदैव प्रयासरत रहे। उन्होंने कहा कि कड़वे प्रवचनों के लिए विश्वविख्यात क्रांतिकारी संत के निधन से मर्माहत हैं। वे जीवन पर्यन्त जन जन को जगाने का काम करते रहे। उनके प्रवचन सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
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