| एल्युमिनियम ज्ञान क्षेत्र में दिया असाधारण योगदान |
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नई दिल्ली। नाल्को के सीएमडी डॉ. तपन कुमार चांद ने उद्योग जगत की शीर्ष कंपनियों, नीति निर्माताओं एवं एल्युमिनियम मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारकों से इस ‘आश्चर्यजनक धातु‘ के उत्पादन में बढोतरी करने की अपील की जिससे कि एल्युमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके क्योंकि अगले दशक के दौरान एल्युमिनियम की खपत का 10 मिलियन टन तक पहुंचना तय है। रांची में गैर लौह खनिज एवं धातु पर 22वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2018 को संबोधित करते हुए नाल्को के सीएमडी डॉ. तपन कुमार चांद ने कहा, ‘ हमें एल्युमिनियम क्षेत्र के हितों की सुरक्षा करने के लिए आगे की ओर सोचने एवं कदम उठाने की आवश्यकता है। अगले दशक के दौरान एल्युमिनियम की खपत का 10 मिलियन टन तक पहुंचना तय है। डॉ. टी. के. चांद को एल्युमिनियम ज्ञान क्षेत्र में असाधारण योगदान देने के लिए भारत सरकार के खनन सचिव श्री अनिल गोपी शंकर मुकिम से ज्ञान उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ। समारोह में नाल्को, आदित्य बिड़ला, वेदांता एवं एचसीएल समेत उद्योग जगत की शीर्ष कंपनियों एवं नीति निर्माताओं ने भी भाग लिया। |
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शनिवार, 7 जुलाई 2018
डॉ. टी. के. चांद को ज्ञान उत्कृष्टता पुरस्कार
कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकलेगी किसान अधिकार यात्रा
अभिमन्यु कोहाड़
नई दिल्ली। राष्ट्रीय किसान महासंघ ने लिया फैसला 26 जुलाई से देशव्यापी किसान अधिकार यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी।
राष्ट्रीय किसान महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक नई दिल्ली के एन. डी. तिवारी भवन में हुई। राष्ट्रीय किसान महासंघ की कोर कमेटी ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को किसान नेताओं ने सम्बोधित किया। केंद्र सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद MSP बढ़ाने के फैसले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करते हुए राष्ट्रीय किसान महासंघ ने कहा कि सरकार फिर से किसानों के साथ धोखेबाजी कर रही है।
महासंघ ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि वो स्वमीनाथन कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर C2 लागत मूल्य पर 50% जोड़कर MSP देंगे लेकिन सरकार ने अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया है।
किसान महासंघ ने सरकार से पूछा कि किस फॉर्मूले के आधार पर सरकार ने MSP बढ़ाया है? ये बढ़ोतरी C2 लागत के मूल्य के आधार पर नहीं है इसलिए किसान महासंघ सरकार के फैसले का विरोध करता है।
राष्ट्रीय किसान महासंघ ने कहा कि C2 लागत मूल्य में 50% जोड़कर MSP देने की मांग पर किसानों का देशव्यापी आंदोलन हो रहा है एयर जब तक C2 लागत मूल्य पर 50% जोड़कर MSP नहीं दिया जाएगा तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
किसान महासंघ ने बताया कि 26 जुलाई से देशव्यापी किसान अधिकार यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी। इस यात्रा के तहत पूरे देश में किसानों की बड़ी-बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी जिसमें बीजेपी की किसान-विरोधी नीतियों की पोल खोली जाएगी। इसके साथ-साथ राज्य-स्तरीय किसान अधिकार यात्रा हर राज्य में निकाली जाएंगी।
किसान महासंघ ने कहा कि अगर बीजेपी इसी तरह किसानों के साथ धोखेबाजी करती रही तो आगामी चुनावों में किसान सरकार को सबक सिखाएंगे।
किसान नेताओं ने अंत में कहा कि सरकार किसानों की फसल की पूर्ण खरीद की गारंटी का कानून बनाये और अगर मंडी में कोई व्यापारी किसान की फसल को MSP से नीचे खरीदे तो उस व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए व उसे गिरफ्तार किया जाए।
सम्पर्क - अभिमन्यु कोहाड़ - 8950456616, राकेश बैंस - 9416291903,
कट्टरपंथियों की जमात में खड़े हो गए जयंत सिन्हा
संभवतः जयंत सिन्हा ने भाजपा और संघ की नीतियों के प्रति अपनी आस्था के प्रदर्शन के लिए ऐसा किया था। अब हिन्दुत्व के मुद्दे पर अपनी आस्था को और दृढ़ता से अभिव्यक्त करने के लिए उन्होंने लिचिंग के आरोपियों को सम्मानित किया है। बाद में उन्होंने सफाई भी दी लेकिन इसके जरिए कट्टर हिन्दूवादियों को अपना संदेश तो दे ही दिया। पार्टी आलाकमान को भी खुश कर दिया। वाम और मध्यमार्गी दलों को उनके जरिए
एक मुद्दा मिल गया। वे इसकी जितनी भर्त्सना करेंगे। कट्टर हिन्दुवादियों के बीच उनकी पकड़ उतनी ही मजबूत होगी। हजारीबाग में कट्टरता की एक प्रतिमूर्ति हुआ करते थे यदुनाथ पांडेय। अपने कट्टरवादी भाषणों के जरिए वे हजारीबाग में दंगा करा चुके हैं। उन्होंने ध्रुवीकरण के जरिए एक कट्टर जमात पैदा कर दिया था। भाजपा को अभी तक उसका राजनीतिक लाभ मिलता है। इस वर्ष रामनवमी के समय यदुनाथ पांडेय के सक्रिय होने की खबरें मिल रही थीं। उस समय कुछ सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो भी गया था लेकिन तुरंत उसे नियंत्रित कर लिया गया था। अब संभवतः जयंत सिन्हा उस तबके के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहते हैं। 2019 के चुनावों को देखते हुए यह जरूरी भी लग रहा होगा।
-Devendra Gautam
‘नया भारत के लिए डाटा‘ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन कल से
| नई दिल्ली। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय 9-10 जुलाई 2018 के दौरान ‘नया भारत के लिए डाटा‘ पर एक अंतरराष्ट्रीय गोल मेज सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस गोल मेज सम्मेलन का उद्वेश्य कनाडा, ब्रिटेन एवं ऑस्ट्रेलिया जैसे उन्नत देश में विद्यमान सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों से प्रेरणा लेते हुए भारत में सांख्यिकी प्रणाली में सुधार लाने के लिए नवोन्मेषी विचारों की पहचान करना है। भारत में पहली बार इस प्रकार के सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री श्री डी वी सदानंद गौडा द्वारा केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री श्री विजय गोयल एवं सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन सचिव श्री के वी इयापेन की उपस्थित में किया जाएगा। समारोह में स्टैटिक्स कनाडा के मुख्य सांख्यिकीविद श्री अनिल अरोड़ा, ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिक्स के पूर्व उप सांख्यिकीविद श्री जोनाथन पाल्मर, विश्व बैक के भारत के कंट्री डायरेक्टर श्री जुनैद अहमद, सांख्यिकी विशेषज्ञ एवं भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। भारतीय अर्थव्यवस्था के विख्यात विशेषज्ञ, प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ. बिबेक देबरॉय, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर बी बर्मन, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रोणब सेन, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. टी.सी.ए अनंत, भारत के मुख्य सांख्यिकीविद गोल मेज सम्मेलन में भाग लेने के जरिये समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। सम्मेलन में, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेन्सियों के विशेषज्ञ डाटा शासन संरचना एवं क्षमता, संगठनात्मक मुद्वों, संघीय संरचना में डाटा प्रणाली का प्रबंधन जैसे मुख्य सांख्यिकी मुद्वों पर विचार विमर्श करेंगे। |
झारखंड की वायु प्रदूषण तालिका
Member
Secretary
Jharkhand
State Pollution Control Boar
Level of Air Pollution at Ranchi
as on 07.07.2018
|
Sl. No.
|
Parameters
|
Actual Data
(µg/m3)
|
Standard Limit
(µg/m3)
|
|
1
|
PM 10
|
15
|
100
|
|
2
|
PM 2.5
|
XX
|
60
|
|
3
|
SO2
|
24.26
|
80
|
|
4
|
Nox
|
31.23
|
80
|
Weather condition as on 07.07.2018
|
Station
|
Temperature
(degree centigrade)
|
Rainfall
(mm)
|
Relative humidity
(%)
|
|||
|
|
Max
|
Min
|
Pat 24 hrs.
|
Since 1stMarch, 2018
|
Max
|
Min
|
|
Ranchi
|
33.0
|
21.5
|
032.0
|
159.5
|
97
|
62
|
|
Jamshedpur
|
35.1
|
26.0
|
000.0
|
167.2
|
87
|
56
|
|
Bokaro
|
33.1
|
25.6
|
000.0
|
311.1
|
95
|
84
|
|
Daltonganj
|
36.0
|
27.9
|
008.0
|
158.9
|
86
|
55
|
जनजाति विकासअभिकरण की समीक्षा बैठक
रांची। उपायुक्त,रांची श्री राय महिमापत रे की अध्यक्षता में समाहरणालय,ब्लाॅक-ए के कमरा संख्या-207 में समेकित जनजाति विकास अभिकरण,राँची की सामान्य निकाय की बैठक आयोजित की गई जिसमे विगत बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए ने बताया कि कल्याण विभाग द्वारा चलाये जा रहे विद्यालय के विद्यार्थियों ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में बहुत अच्छा रिजल्ट किया है कुल 214 बच्चों में से 146 बच्चे फर्स्ट डिविजन से एवं शेष बच्चे सेकेन्ड डिविजन से पास किए है। उपायुक्त श्री रे ने इसे और अच्छा करने के लिए घण्टी आधारित शिक्षको को रखने का सुझाव दिया।
बैठक में बिरसा आवास निर्माण योजना के बारे में बताया गया कि प्रति आवास सरकार द्वारा 1 लाख 31 हजार 500 रूपये लाभुक को दिए जाते हैं एवं जो एजेन्सी लाभुकों को मोटिवेट करती है उसे भी 500/- रूपये की राशि दी जाती है इसपर विधायिका माण्डर श्रीमती गंगोत्री कुजूर ने उपायुक्त से कहा कि बिरसा आवास निर्माण योजना में बनने वाले आवास को यदि ढलाई वाला बनाया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। सामग्री अच्छी किस्म की लगे इसके लिए इंजीनियर द्वारा समय≤ पर जाॅच करवा ली जाए।
वन-बन्धु कल्याण योजना आदिवासियों के जीवन-स्तर में उत्थान हेतु विभिन्न एजेन्सियों द्वारा सर्वे करवाकर तरह-तरह की योजनाओं से आदिवासियों को आच्छादित किया जा रहा है। उनके लिए सुकरपालन, मुर्गीपालन आदि का प्रशिक्षण दिलवाकर आजीविका से जोड़ा जा रहा है। परियोजना निदेशक, आईटीडीए श्री अवधेश पाण्डेय ने बताया कि दसवीं के बच्चों के लिए गर्मी की छुट्टियों में एकलव्य माॅडल स्कूल, सलगाडीह एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय, ईस्ट जेल रोड,राँची में विशेष कक्षाएू करवाई गई है।
जिले मे दस आवासीय विद्यालय कल्याण विभाग की ओर से संचालित हैं एवं 33 छात्रावास है इन छात्रावासों के लिए आवश्यक सुविधाएॅ यथा चैकी, टेबल, कुर्सी क्रय पर भी सदस्यों से अनुमोदन प्राप्त किया गया।
सिल्ली विधायक श्रीमती सीमा महतो ने बताया कि सिल्ली में कल्याण विभाग का एकमात्र छात्रावास है लेकिन वहाॅ पर एक निजि विद्यालय चलाया जा रहा है जिसे हटाना आवश्यक है। उपायुक्त श्री रे ने इसपर जाॅचोपरान्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बताया गया कि बुढ़मू में एकलव्य विद्यालय के लिए 15 एकड़ भूमि चयनित कर ली गई है।
विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत जिला कृषि पदाधिकारी को 76 लाख रूपये का आवंटन कृषि विकास हेतु उपलब्ध करा दिया गया है। इसी प्रकार स्वास्थ्य कैम्प लगाने हेतु सिविल सर्जन, राँची को 18 लाख 45 हजार की राशि उपलब्ध करा दी गई है।
शहीद ग्राम विकास योजना के संबंध में बैठक में प्रतिवेदित किया गया कि सिलागाई में 100 घरों की निर्माण की स्वीकृति केन्द्र से मिल चुकी है। इसके अन्तर्गत एक इकाई आवास हेतु 2 लाख 63 हजार रूपये आवंटित होते है। 100 में से 78 घरों के निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। 54 भवनों का निर्माण इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा।
बैठक में एमएसडीपी(मल्टी सेक्टीरल डेवलेपमेंट योजना) के अन्तर्गत चारों प्रखण्डों कांके, माण्डर, चान्हों, एवं बेड़ो में स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के निर्माण, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, कांके में 8 कमरों के निर्माण, चान्हों में नर्सिंग हाॅस्पिटल निर्माण के प्रस्तावों पर भी सामान्य निकाय के सदस्यों से अनुमोदन प्राप्त किया गया साथ ही सरना/मसना/हड़गड़ी/जाहेरथान की घेराबंदी के साथ ही अल्पसंख्यक कब्रिस्तान घेराबंदी के प्रस्तावों पर भी स्वीकृति प्राप्त की गई।
बैठक पर इस बात पर सहमति बनी की जो प्रस्ताव पिछले तीन-चार वित्तीय वर्षो से लंबित हैं उनके स्थान पर वर्तमान आवश्यकता के अनुसार नए प्रस्ताव लाये जाए ताकि उनपर शीघ्र कार्य करवाया जा सके।
सदस्यों से उनके क्षेत्र से समेकित जनजाति विकास अभिकरण,राँची के तहत कल्याण विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के लिए नए प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया।
आज की बैठक में माण्डर विधायिका श्रीमती गंगोत्री कुजूर, सिल्ली विधायिका श्रीमती सीमा महतो, जिला परिषद अध्यक्ष,राँची श्री सुकरा सिंह मुण्डा, परियोजना निदेशक,आईटीडीए श्री अवधेस पाण्डेय, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सिविल सर्जन राँची एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मानव सेवा के नाम पर मानव तस्करी का पर्दाफाश
धीरे-धीरे खुल रहा है सच्चाई से पर्दा
रांची। झारखंड में मिश्नरियों के दिन बुरे चल रहे
हैं। खूंटी के कोचांग में गैंगरेप के मामले में फादर की संदिग्ध भूमिका के बाद अब
निर्मल ह्रदय की मदर्स पर मानव तस्करी का बड़ा रैकेट चलाने का आरोप लग रहा है।
उनपर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। धीरे-धीरे सच से पर्दा उठ रहा है।
जांच के क्रम में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इतना तय है कि झारखंड में मदर
टेरेसा की मिशनरीज आफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल ह्रदय संस्था के संचालकों का
ह्रदय निर्मल नहीं था। वे लंबे समय से पूरी निर्ममता के साथ संगठित रूप से नवजात
शिशुओं की खरीद-फरोख्त में लगे थे। तुष्टीकरण और मानव सेवा की आड़ का लाभ उटाते
हुए वे इतने शातिर हो चुके थे कि वर्ष 2015 में इस घंधे की जांच कर रहे बाल कल्याण
समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह और सदस्य मो. अफजल को इन्होंने छेड़खानी
का आरोप लगाकर पद से हटवा दिया था और अपनी पसंदीदा महिला पदाधिकारी को प्रभार
दिलवा दिया था। अध्यक्ष और सचिव को इस नाजायज धंधे का संदेह हो गया था। वे डारंडा
स्थित शिशु भवन का निरीक्षण करने गए थे। उन्हें भवन में प्रवेश नहीं करने दिया गया
और जब वे जबरन अंदर जाने लगे तो उनपर छेड़खानी का आरोप लगाकर पद से बर्खास्त करा
दिया गया था।
![]() |
| कुछ तो रखी होती मदर की लाज |
मदर टेरेसा ने इस संस्था की स्थापना गर्भवती महिलाओं
की देखभाल और उन्हे सुरक्षित प्रसव की सुविधा प्रदान करने के लिए की थी। जाहिर है
कि यहां ज्यादातर ऐसी कुवांरी माताएं ही आती थीं जो किसी कारण समय पर गर्भपात नहीं
करा पाईं। लोकलाज के भय से वे स्वयं अपने बच्चे से छुटकारा पाना चाहती थीं। इस तरह
संचालिकाओं को विक्री के लिए सिशु आसानी से उपलब्ध हो जाते थे। जो महिलाएं अपने
शिशु को साथ ले जाना चाहती थीं उन्हें यह बता दिया जाता था कि उन्होंने मरे हुए
बच्चे को जन्म दिया है। संचालिकाएं गर्भवती महिलाओं के आने और उनके प्रसव की
रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को देने की औपचारिकता का पालन करती थीं लेकिन आधी-अधूरी
रिपोर्ट देती थीं। वर्ष 2015 से 2018 के बीच संस्था में 450 गर्भवती महिलाएं भर्ती
हुई थीं। लेकिन उनमें से 170 की ही डिलीवरी रिपोर्ट समिति को दी गई। शेष 280 बच्चे
कहां गए इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। उन्हें निःसंतान दंपत्तियों को बेच देने का
संदेह है। जांच चल रही है। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उससे पता चलता है कि
संस्था की मानव तस्की का जाल भारत के की राज्यों में फैला हुआ था। यही नहीं कुछ
सौदे विदेशों में भी किए जाने की बात सामने आ रही है। उनके पाप का घड़ा अब पूरी
तरह भर चुका है। यह इतना संवेदनशील मामला है कि मिशनरियों के क्रियाकलाप को जायज
ठहराने वाले राजनीतिक दल और समाजसेवी भी संस्था के बचाव में आगे आने में परहेज़ कर
रहे हैं। राज्य सरकार ने स मामले की गहन जांच कराने का एलान किया है। जांच के बाद
ही सच्चाई से पूरी तरह पर्दा उठेगा।
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