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मंगलवार, 10 जुलाई 2018

सोलर ऊर्जा से होगी पर्यावरण की रक्षाः शिवराज सिंह चौहान



राज्य के पहले संयंत्र का उद्घाटन
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सौर ऊर्जा भविष्य की नहीं, अब वर्तमान की ऊर्जा बन गई है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में पूरे देश में पहचान बनाई है। श्री चौहान आज यहां मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के भवन पर स्थापित प्रदेश के पहले 200 किलोवाट क्षमता के शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ कर रहे थे। एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत से स्थापित इस संयंत्र में बिजली बनना शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी एकमात्र प्रभावी विकल्प है। शासकीय भवनों में सोलर पैनल से सौर ऊर्जा उत्पादन करने का काम शुरु हो गया है। सोलर ऊर्जा संयत्र की लागत तीन चार साल में ही वसूल हो जाती है। उन्होंने कहा कि रीवा में दुनिया का पहला ऐसा सोलर एनर्जी प्लांट लगाया गया है, जिसमें ऊर्जा उत्पादन की लागत दो रूपये 97 पैसे प्रति यूनिट है।
श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिये हर नागरिक एक पौधा जरूर लगाये और उसकी रक्षा करे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने और जीवन बचाने की यह शुरूआत है। प्रदेश में 15 जुलाई से पौधा रोपण अभियान शुरु हो रहा है। उन्होंने स्कूलों में फर्नीचर देने और अधोसंरचना बढ़ाने के काम करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल की सराहना की। उन्होने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल तीन स्कूल और संचालित करेगा। उन्होंने पांच सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले स्कूलों को पुरस्कृत करने की पहल करने के लिये मंडल की प्रशंसा की। श्री चौहान ने इस अवसर पर माध्यममिक शिक्षा मंडल के उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री आर.एस. मोहंती ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश सोलर ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में पहले स्थान पर आ गया है। उन्होने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बच्चों को विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं उपलबध करवाई हैं और अब शासन की नीति का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन में भी पहल की है ।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्री भागीरथ कुमरावत, सदस्य श्री भावसार, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड मुखर्जी और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत उपस्थित थे।

ज़मीन कारोबारी की गोली मारकर हत्या


मनीष कुमार

हजारीबाग। जमीन कारोबारी सज्जू खान की सरेआम *गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना हजारीबाग के लोहसंघना थाना क्षेत्र के पगमल पेट्रोल पंप के समीप घटी। वहां बाइक सबार तीन अपराधियों ने  सज्जू खान नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक पेट्रोल पम्प के पास खड़ा था, उसी वक्त घटना को अंजाम दिया गया।

बाइक सवार अपराधियों ने सज्जू खान के पास पहुंचकर सामने से सिर में गोली मार दी. इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. इस हत्या के पीछे एक जमीन के धंधे के क पुराने विवाद को कारण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 6 साल पहले भी सज्जू पर फायरिंग की गई थी। लेकिन उस वक्त वह बाल-बाल बच गया था। उस हमले में उसके एक सहयोगी सम्मी की मौत हो गई थी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद हजारीबाग सदर अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस हर बिन्दु पर भी पड़ताल कर रही है।

सिमरिया प्रखंड में निकाली तिरंगा सम्मान यात्रा



 एकता, अखंडता और राष्ट्रवाद का संदेशवाहक है तिरंगाः सुधांशु रंजन
 समाज के सजग प्रहरी के रूप में सेवाएं जारी रखने का संकल्प
 रे ग्राम सेवा फाउंडेशन का विशेष अभियान 17 जुलाई से

रांची। तिरंगा सम्मान यात्रा अभियान दूर दराज के गावों में भी राष्ट्रवाद का अलख जगा रहा है।झारखंड के चतरा, लातेहार और पलामू के ग्रामीण इलाकों में इसका लगातार आयोजन किया जा रहा है। झारखंड के प्रख्यात समाजसेवी और राष्ट्रीय तिरंगा सम्मान यात्रा के प्रणेता सुधांशु सुमन ने कहा कि देश की एकता,अखंडता और राष्ट्रवाद का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरु की गई तिरंगा सम्मान यात्रा अभियान सफलता की सीढियां चढ़ रहा है। लोगों के बीच राष्ट्रीयता और देशप्रेम का भाव जगाते हुए ,उनकी भावनाओं का कद्र करते हुए राष्ट्रवाद का अलख जगाया जा रहा है। श्री सुमन रविवार को सामाजिक संस्था रे ग्राम सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में चतरा संसदीय क्षेत्र अंतर्गत सिमरिया प्रखंड के कसारी पंचायत (बगरा मोड़ के समीप) में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। संस्था की ओर से चतरा, लातेहार व पलामू के सुदूरवर्ती पंचायतों व गांवों में चलाए जा रहे तिरंगा सम्मान यात्रा की जानकारी साझा करने के लिए बगरा मोड़ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी कर्म भूमि चतरा के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर हैं। समाज के सजग प्रहरी के रूप में सेवाएं जारी रखेंगे। बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहेंगे। गांवों में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की समुचित व्यवस्था करने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य तिरंगा सम्मान यात्रा के माध्यम से लोगों में राष्ट्रीयता का भाव जगाते हुए, जन समस्याओं से रू-ब-रू होना व ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना है। श्री सुमन ने कहा कि इस अभियान को जारी रखते हुए 17 जुलाई से चतरा संसदीय क्षेत्र के सभी प्रखंडों व पंचायतों में नुक्कड़ सभा आयोजित की जाएगी। लोगों को तिरंगा सम्मान यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जागरूक किया जाएगा। मौके पर लावालौंग प्रखंड के लमटा पंचायत के अध्यक्ष तुलसी यादव, प्रखंड उपाध्यक्ष भोला साव, चतरा लोकसभा क्षेत्र की महिला प्रभारी प्रतिमा देवी, कसियातु पंचायत के मुखिया बालकिशुन तूरी ने भी उपस्थित जन समूह को संबोधित किया।
 इस अवसर पर रामनरेश कुमार, अमन अग्रवालप्रमोद सिंह , गिरधारी उरांव, सूर्यदेव टानाभगत, इंद्रजीत कुमार सिंह, उदय कुमार सिंह, सुरजीत कुमार सिंह, चिंता तिर्की सहित काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।

अब बंदरगाहों पर मिलेगा लहरों का रोमांच



केंद्र

कार्ययोजना तैयार

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मुंबई। केंद्र सरकार ने क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में केंद्रीय नौवहन, सड़क परिवहन व राजमार्ग, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गड़करी पिछले सप्ताह मुम्बई पहुंचे। उन्होंने यात्रा और पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के सत्र की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य देश में क्रूज पर्यटन की पूर्ण क्षमता को प्राप्त करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करना था। इस सत्र में केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री के. जे. अल्फोंस भी उपस्थित थे। मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम और महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने यात्रा और पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। कार्य योजना में चिन्हित स्थलों को पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने तथा देश व विदेश में इन स्थलों का प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया गया है।
बैठक में मुम्बई को देश के क्रूज पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। संसुन डॉक, सेवरी फोर्ट, कनहौजी आंगरे दवीप, मांडवा, अलीबाग, विजय दुर्ग आदि स्थलों को आकर्षक गंतव्य स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मरीन ड्राइव क्षेत्र के आसपास वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की योजना तैयार की गई है। फेरारी फार्मूला 1 और ग्रेंड प्रीक्स जैसे आयोजनों पर भी विचार किया गया है। मांडवा को स्वास्थ्य कल्याण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां योग और ध्यान के लिए सुविधाएं विकसित की जायेंगी। मुम्बई पोर्ट इलाके में रेस्त्रां और पर्यटन के अन्य आकर्षण विकसित किए जायेंगे। राज्य पर्यटन विभाग क्रूज के आगमन पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित करेगा।
कार्य योजना में पर्यटन गंतव्यों का राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में हिस्सा लेगा। बालीवुड को मुम्बई पोर्ट के विभिन्न स्थलों पर शूटिंग करने की इजाजत दी जाएगी। ट्रेवल एजेंसियां मुम्बई-गोवा क्रूज, गेटवे इंडिया पर घूमता हुआ रेस्टोरेंट और गिरगांव चौपाटी का प्रचार-प्रसार करेंगी। पर्यटन की जानकारी देने वाले कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्य योजना में स्वच्छता और संचालन दक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया है। कार्य योजना में कहा गया है कि पर्यटन क्षेत्रों, सड़क मार्गों, फूटपाथों तथा समुद्र तटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
देश में क्रूज पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें मुख्य हैं –
·         क्रूज जहाजों के लिए स्थान उपलब्ध कराना
·         आउस्टिंग शुल्क हटा दिए गए हैं - इससे कुल लागत में कमी आयेगी
·         पोर्ट शुल्क में 42-66 प्रतिशत की छूट
·         बंदरगाह प्राधिकरणसीमा शुल्कआप्रवासनसुरक्षाराज्य सरकारजहाज एजेंटटूर ऑपरेटर जैसी कई एजेंसियों की प्रक्रियाओं के लिए सरलीकृत एसओपी जारी
·         भारतीय बंदरगाहों के बीच यात्रा की आसानी के लिए ई-लैंडिंग कार्ड सिस्टम तैयार
·         ऑनलाइन और आगमन वीज़ा सुविधाओं के लिए ई-वीज़ा
·         भारतीय तटों पर विदेशी क्रूजों के लिए अनुतट (कैबोटेज) को समाप्त किया गया।
·         क्रूज़ टर्मिनलों को अधिक यात्री सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया
·         नए क्रूज टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा
·         नौवहन मंत्रालय एक प्रतिष्ठित परामर्शदाता नियुक्त करेगा जो देश में क्रूज पर्यटन के विकास के लिए कार्य योजना तैयार करेगा। 2042-43 तक पर्यटकों की संख्या 4.5 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

सोमवार, 9 जुलाई 2018

देश के छह शैक्षणिक संस्थान उत्‍कृष्‍ट घोषित

 सार्वजनिक क्षेत्र से 3 और निजी क्षेत्र से 3 संस्‍थानों का हुआ चयन

चयनित प्रत्‍येक ‘सार्वजनिक संस्‍थान’ को पांच वर्षों की अवधि में मिसेगी 1000 करोड़ रुपये तक की वित्‍तीय सहायता
चयनित संस्‍थानों को बनाएंगे  विश्‍वस्‍तरीय : प्रकाश जावड़ेकर
नई दिल्ली। सरकार ने 6 उत्‍कृष्‍ट संस्‍थानों का चयन किया है, जिनमें से 3 संस्‍थान सार्वजनिक क्षेत्र के और 3 संस्‍थान निजी क्षेत्र के हैं। एक उच्‍चाधिकार प्राप्‍त समिति (ईईसी) ने अपनी रिपोर्ट में 6 संस्‍थानों (3 संस्‍थान सार्वजनिक क्षेत्र से और 3 संस्‍थान निजी क्षेत्र से) का चयन ‘उत्‍कृष्‍ट संस्‍थानों’ के रूप में करने की सिफारिश की थी। इन संस्‍थानों का विवरण नीचे दिया गया है –
सार्वजनिक क्षेत्र : (i) भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरू, कर्नाटक (ii) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र और (iii) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली।
निजी क्षेत्र : (i) जियो इंस्टीट्यूट (रिलायंस फाउंडेशन) पुणे, ग्रीन फील्ड श्रेणी के तहत (ii) बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, पिलानी, राजस्थान; और (iii) मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, मणिपाल, कर्नाटक।
मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है और यह श्रेणीबद्ध स्वायत्तता से भी काफी आगे है। उन्‍होंने कहा कि इससे चयनित संस्‍थानों को पूर्ण स्‍वायत्‍तता सुनिश्चित होगी और उन्‍हें काफी तेजी से विकसित होने में मदद मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि इन संस्‍थानों को और अधिक कौशल एवं गुणवत्‍ता में सुधार के साथ अपने परिचालन स्‍तर को बढ़ाने के लिए और अधिक अवसर प्राप्‍त होंगे, जिससे कि वे शिक्षा के क्षेत्र में ‘विश्‍वस्‍तरीय संस्‍थान’ बन सकें।
   इस योजना के तहत उत्‍कृष्‍ट संस्‍थान’ के रूप में चयनित प्रत्‍येक सार्वजनिक संस्‍थान’ को पांच वर्षों की अवधि में 1000 करोड़ रुपये तक की वित्‍तीय सहायता दी जाएगी।  

पीएम मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ने नोएडा में मोबाइल उत्‍पादन यूनिट का उद्घाटन किया





नोएडा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और कोरिया गणराज्‍य के राष्‍ट्रपति मून जेई-इन ने आज नोएडा में सैमसंग इंडिया इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स प्राइवेट लिमिटेड की एक विशाल मोबाइल उत्‍पादन यूनिट का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने इसे भारत को एक वैश्विक विनिर्माण हब (केन्‍द) बनाने की यात्रा में एक विशेष मौका बताया। उ‍न्‍होंने कहा कि लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश से न केवल भारत के साथ सैमसंग के कारोबारी संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि यह भारत और कोरिया के बीच संबंधों के संदर्भ में भी अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने यह बात रेखांकित की कि डिजिटल प्रौद्योगिकी आम आदमी के जीवन को सरल बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसमें त्‍वरित एवं अधिक पारदर्शी सेवा डिलीवरी का योगदान भी शामिल है। उन्‍होंने स्‍मार्ट फोन, ब्रॉडबैंड और डेटा कनेक्टिविटी के विस्‍तारीकरण का उल्‍लेख करते हुए इसे भारत में एक डिजिटल क्रांति के संकेत के रूप में वर्णित किया। इस संदर्भ में उन्‍होंने सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस (जेम), डिजिटल लेन-देनों में वृद्धि, भीम एप और रुपे कार्डों के बारे में भी बताया।
उन्‍होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल केवल एक आर्थिक नीतिगत उपाय ही नहीं है, बल्कि मित्र देशों जैसे कि दक्षिण कोरिया के साथ बेहतर संबंध सुनिश्चित करने का एक संकल्‍प भी है। उन्‍होंने कहा कि विश्‍व भर के उन सभी कारोबारियों के लिए खुला निमंत्रण है, जो ‘नए भारत’ की पारदर्शी कारोबारी संस्‍कृति से लाभ उठाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था और उभरते नव मध्‍यम वर्ग की बदौलत अपार निवेश संभावनाएं सृजित हो रही हैं।
प्रधानमंत्री ने यह बात रेखांकित की कि भारत अब मोबाइल फोन के उत्‍पादन क्षेत्र में विश्‍व स्‍तर पर दूसरे पायदान पर है। यही नहीं, भारत में लगभग चार वर्षों की अवधि में मोबाइल फोन की उत्‍पादन इकाइयों या फैक्‍टरियों की संख्‍या महज 2 के आंकड़े से बढ़कर अब 120 के उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गई है। उन्‍होंने कहा कि इससे रोजगार के लाखों अवसर सृजित हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि इस नई मोबाइल उत्‍पादन यूनिट के जरिए कोरियाई प्रौद्योगिकी और भारतीय विनिर्माण एवं सॉफ्टवेयर सहयोग का यह संयोजन पूरी दुनिया के लिए उत्‍कृष्‍ट उत्‍पाद उपलब्‍ध कराएगा। उन्‍होंने इसे दोनों ही देशों की ताकत और साझा विजन के रूप में वर्णित किया।

सोन नहर प्रणाली के पक्‍कीकरण प्रोजेक्‍ट को एडीबी की मंजूरी

 शहाबाद-भोजपुर क्षेत्र के  मिली; कृषि क्षेत्र में आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन
नई दिल्ली। विद्युत तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर.के. सिंह ने दिल्‍ली में अपने कार्यालय में बिहार केशहाबाद-भोजपुरक्षेत्र के सोन नहर प्रणाली के पक्‍कीकरणप्रोजेक्‍ट की प्रगति की समीक्षा हेतु एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अधिकारियों एवं वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एडीबी के प्रतिनिधियों ने बताया कि एडीबी ने इस प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दे दी है। श्री आर.के. सिंह ने एडीबी के प्रतिनिधियों एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से कहा कि परियोजना के विभिन्‍न चरणों को संपन्‍न करने हेतु समय सीमा तय की जानी चाहिए।बैठक में तय हुआ कि वित्‍त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग 17 जुलाई, 2018 तक कंसलटेंट बहाल करने के लिए स्‍वीकृति दे देगा एवं एडीबी के कंसलटेंट जुलाई के अंत तक अपना काम शुरू कर देंगे।
श्री आर.के. सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि कंसलटेंट की बहाली के बाद की प्रक्रियाएं जैसे कि डिजाइन अध्‍ययन,हितधारकों से परामर्श, फिजिबिलिटी रिपोर्ट; निविदा प्रपत्र तैयार करने आदि की प्रक्रिया तेजी से संपादित की जाए तथा प्रथम चरण में मुख्‍य नहर तथा ब्रांच नहरों के लाइनिंगका टेंडर अक्‍तूबर के प्रथम सप्‍ताह तक निकाला जाए। बैठक में विचार-विमर्श के पश्‍चात उपस्थित एडीबी के प्रतिनिधियों एवं अन्‍य अधिकारियों ने माननीय मंत्री श्री आर.के. सिंह को यह आश्‍वासन दिया कि समस्‍त औपचारिकताएं पूरी करके प्रथम चरण की निविदा अक्‍तूबर के प्रथम सप्‍ताह तक निकाल दी जाएगी।
      गौरतलब है कि 503 मिलियन डालर (3272.49 करोड़ रुपए) की संभावित लागत की परियोजना में एडीबी द्वारा 352 मिलियन डालर की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के कार्यान्वित हो जाने पर बिहार के शहाबाद-भोजपुरक्षेत्र के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...