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सोमवार, 23 सितंबर 2019

आयुष्मान भारत ने दिया नया जीवन

दुमका के गणेश ततवा की ज़ु़बानी. उसकी कहानी


दुमका। रामगढ़ प्रखण्ड के गणेश ततवा ने रामगढ़ प्रखंड के करविंधा में आयोजित शिलान्यास एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह में कहा कि... मुख्यमंत्री जी केवल आज ही नहीं हम जीवन भर आपका स्वागत करेंगे। मैं बहुत खुश हूं। मुझे बड़ी मुसीबत के वक़्त सरकार से मदद मिली है। कुछ दिन पहले गिर जाने के कारण मेरा पैर टूट गया था। इलाज के लिए मैं अस्पताल गया जहां मुझसे इलाज़ के लिए 20 हज़ार की मांग की गई। 20 हजार रुपए की जरूरत थी लेकिन हमारे पास इतने पैसे नहीं थे। किसी ने मुझे बताया कि सरकार ने एक कार्ड निकाला है। जिससे इलाज मुफ्त में हो जाता है। मैंने इसकी जानकारी प्राप्त की। फिर मैंने आयुष्मान भारत का गोल्डन कार्ड बनवाया जिसके माध्यम से मैंने अपना मुफ्त इलाज कराया है। मुख्यमंत्री जी आज मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं।सिर्फ मैं नहीं मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है।


इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके बातों से मुझे इस बात का संतोष है कि आज आयुष्मान भारत योजना झारखण्ड के जरूरतमंदों को आयुष्मान कर रहा है। अब गरीबों को अपने बीमारी के इलाज के लिए अपनी जमीन, अपने जेवर गिरवी नहीं रखनी पड़ती। लोग मुंबई, दिल्ली,/कोलकाता,/मद्रास जैसे बड़े-बड़े शहरों में भी आयुष्मान भारत के तहत सूचीबद्ध किसी भी सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पताल में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं।

रामगढ़ के करबिंधा में मुख्यमंत्री ने 121 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसे मैंने जो वादा किया था,उसे पूरा करने आया हूँ
आज से कुछ महीने पहले आपसे मैंने जो वादा किया था उसे पूरा करने आया हूँ। कुछ महीने पहले जब मैं आपके बीच आया था तो अपने सड़क की मांग की थी। आपसे वादा किया था कि बहुत जल्द आपकी मांग पूरी होगी। वह वक़्त आ गया है 44 करोड़ 33 लाख से उक्त सड़क का निर्माण होगा। पिछले 5 वर्षों में सरकार ने संथाल परगना में सड़कों का जाल बिछाने का कार्य किया है।कई नए पुल एवं पुलिया का भी निर्माण किया गया है।
सशक्त हो रहीं हैं महिलाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए बहुत जल्द आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जाने वाली रेडी टू ईट पोषाहार सखी मंडल की महिलाएं बनाएंगी तथा उसे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगी।

प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही
श्री दास ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का माननीय प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

अपने स्वागत संबोधन में उपायुक्त राजेश्वरी बी ने कहा जिला प्रशासन सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है।

वह सब जो आपको जानना चाहिये:-
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने 121 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन के साथ अटल मोहल्ला क्लीनिक और फिट इंडिया कार्यक्रम के तहत संथाल आवासीय विद्यालय मसलिया के बच्चों को फुटबॉल, क्रिकेट बैडमिंटन का किट एवं टैब का वितरण किया।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी,दुमका के सांसद सुनील सोरेन,संथाल परगना के आयुक्त श्री विमल, उपायुक्त राजेश्वरी बी,उप विकास आयुक्त वरुण रंजन आदि उपस्थित थे।

बुधवार, 30 जनवरी 2019

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत की सलाहकार समिति की बैठक



रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। झारखंड में इसमें उल्लेखनीय काम हुआ है। निजी अस्पतालों की इसमें भूमिका महत्वपूर्ण है। अस्पतालों की जो समस्या है, सरकार उनके निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अस्पताल मालिक भी संवेदनशील होकर गरीब, असहायों के इलाज करें। गरीब पर अनावश्यक बिल का बोझ न डालें। बिना जरूरत की जांच, दवा आदि लिखने की शिकायतें आती रहती हैं, उन्हें रोकें। अच्छा कर्म करनेवालों को पूरी दुनिया सम्मान देती है। यही कारण है कि इस बार रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पद्मश्री का सम्मान मिला है। आप भी ऐसे ही सेवा कार्य से अपना और अपने राज्य-देश का नाम रोशन करें। उक्त बातें उन्होंने झारखंड मंत्रालय में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत की सलाहकार समिति की बैठक के दौरान कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के खर्च के लिए पैसे जरूरी है, लेकिन किसी गरीब की आह नहीं लेनी चाहिए। इसी प्रकार आयुष्मान भारत के तहत मरीज के मामले में गलत बिलिंग न होनी चाहिए। मरीज को क्वालिटी इलाज मिले, यही हमारा लक्ष्य है। निजी अस्पतालों की तरह ही सरकारी अस्पतालों ने भी अनुशासन रहे, इस दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सलाहकार समिति की बैठक हर तीन माह में होगी। इसमें आये सुझावों पर सरकार अमल करेगी। इसके नीचे एक छोटी कमेटी रहेगी, जिसकी हर माह बैठक होगी। लोगों को छोटी-मोटी बीमारी के इलाज के लिए शहर न आना पड़े। इसके लिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल का जाल बिछाना चाहती है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार 25 प्रतिशत तक की दर पर जमीन उपलब्ध करायेगी। पीपीपी मोड पर भी अस्पताल खोलनेवालों का स्वागत करेगी। अस्पताल संचालकों द्वारा इलाज के लिए तय राशि बढ़ाने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा जताया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री नीतिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि गोल्डन कार्ड जारी करने के मामले में झारखंड पूरे देश में अव्वल है। यहां अब तक 19.5 लाख गोल्डन कार्ड जारी किये जा चुके हैं। 218 सरकारी और 371 निजी अस्पतालों के साथ अब तक 589 अस्पताल इस योजना में शामिल हो चुके हैं। अब तक 40534 क्लेम जेनरेट हुए हैं, जिसमें 38 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च हुई है। बैठक में शामिल अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान भारत योजना और झारखंड में इसके क्रियान्वयन को लेकर बहुत प्रशंसा की।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, कार्यकारी निदेशक, झारखण्ड राज्य आरोग्य सोसायटी श्री दिव्यांशु झा, विभिन्न अस्पतालों के संचालक समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...