रांची। राजधानी रांची के समाजसेवी सैयद समर अली के द्वारा मस्जिद ए जाफरिया में हर वर्ष की तरह इस वर्स भी दावते इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस इफ्तार पार्टी में शहर के समाजी, सियासी, शिक्षाविद और इससे जुड़े बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। जिनका स्वागत सैयद समर अली और उनके टीम ने किया। इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में रोजेदारों के साथ हिंदू भाई भी शामिल हुए। मगरिब की अजान के साथ सभी ने एक साथ बैठकर रोजा खोला। इस मौके पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड झारखंड के चेयरमैन हाजी मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि रमजान के महीना सब्र का महीना है। इस तरह के पार्टी से समाज को जोड़ने के साथ साथ आपसी रंजिश को मिटाया जा सकता है। वही सैयद समर अली ने आए हुए सभी रोजेदारों का शुक्रिया अदा किया। और कहा के इफ्तार करना और कराना दोनों सवाब है। इस तरह के इफ्तार पार्टी से आपसी मोहब्बत बढ़ती है। इसलिए इस तरह के इफ्तार पार्टी होनी चाहिए। इफ्तार पार्टी में शामिल रोजेदारों ने इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज़ पढ़ कर आपसी मोहब्बत, राज्य की खुशहाली, अमन चैन की दुआ मांगी। मौके पर मेहंदी इमाम, इकबाल हुसैन, अशरफ हुसैन, इकबाल फातमी, जफरुल हसन, आमोद अब्बास, निहाल हुसैन, अता इमाम, फैजान हैदर, क़ासिम अली, समेत कई लोग थे।
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रविवार, 2 जून 2019
इफ्तार पार्टी से आपसी भाईचारे की को मिलती है ताकत: तहजीब उल हसन
रांची। राजधानी रांची के समाजसेवी सैयद समर अली के द्वारा मस्जिद ए जाफरिया में हर वर्ष की तरह इस वर्स भी दावते इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस इफ्तार पार्टी में शहर के समाजी, सियासी, शिक्षाविद और इससे जुड़े बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। जिनका स्वागत सैयद समर अली और उनके टीम ने किया। इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में रोजेदारों के साथ हिंदू भाई भी शामिल हुए। मगरिब की अजान के साथ सभी ने एक साथ बैठकर रोजा खोला। इस मौके पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड झारखंड के चेयरमैन हाजी मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि रमजान के महीना सब्र का महीना है। इस तरह के पार्टी से समाज को जोड़ने के साथ साथ आपसी रंजिश को मिटाया जा सकता है। वही सैयद समर अली ने आए हुए सभी रोजेदारों का शुक्रिया अदा किया। और कहा के इफ्तार करना और कराना दोनों सवाब है। इस तरह के इफ्तार पार्टी से आपसी मोहब्बत बढ़ती है। इसलिए इस तरह के इफ्तार पार्टी होनी चाहिए। इफ्तार पार्टी में शामिल रोजेदारों ने इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज़ पढ़ कर आपसी मोहब्बत, राज्य की खुशहाली, अमन चैन की दुआ मांगी। मौके पर मेहंदी इमाम, इकबाल हुसैन, अशरफ हुसैन, इकबाल फातमी, जफरुल हसन, आमोद अब्बास, निहाल हुसैन, अता इमाम, फैजान हैदर, क़ासिम अली, समेत कई लोग थे।
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