यह झारखंड के लिए गौरव की बात है कि प्रभात खबर के वरीय स्थानीय संपादक, ग्रामीण सुशील भारतीय की तीन-तीन किताबें भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन जैसे देश के सम्मानित प्रकाशन से एक साथ प्रकाशित हो रही हैं। इनमें एक खंडकाव्य है और दो पत्रकारिता से संबंधित पुस्तकें हैं। खंडकाव्य कौत्स की गुरुदक्षिणा का मूल्य 300 रुपये है जबकि पत्रकारिता दशा और दिशा और पत्रकारिता और प्रेस अधिनियम का मूल्य 500-500 रुपये है। तीनों पुस्तकें जल्द ही पाठकों तक पहुंचेंगी। किसी एक लेखक की तीन किताबों का एक साथ प्रकाशन ज्ञानपीठ प्रकाशन के इतिहास में संभवतः पहली घटना है। खबरगंगा की ओर से सुशील भारती और ज्ञानपीठ प्रकाशन को बधाई।
यह ब्लॉग खोजें
ज्ञानपीठ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ज्ञानपीठ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शनिवार, 30 नवंबर 2019
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
वो दिन भी खूब थे...तब जम कर नाटक किया करते थे ...कई सपने देखा करते..नाटको से ये कर देंगे..वो कर देंगे...क्रांति ला देंगे ...आन्दोलन खड़ा...
-
शहरी इलाके की प्राइम लोकेशन पर बसी स्लम बस्ती. उसपर भू-माफिया की गिद्धदृष्टि. उसे खाली कराने के लिए इलाके के सबसे बड़े माफिया डान के साथ कर...
-
मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्य...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
झारखंड के अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आये 11 साल हो गए. इस बीच जितनी भी सरकारें बनीं उनमें मुख्यमंत्री का पद आदिवासियों के लिए अघोषित ...


