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शनिवार, 17 नवंबर 2018

पत्रकारों की पिटाई मामले पर पीएमओ ने लिया संज्ञान

सिटी एसपी के नेतृत्व में रघुवर सरकार ने गठित की जांच टीम


रांची।  पत्रकारों की पिटाई की घटना के लिए दोषी अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रांची प्रेस क्लब की अगुआई में शुक्रवार को लालपुर थाना में मामला दर्ज कराया गया. वहीं, शुक्रवार की शाम जिला प्रशासन द्वारा प्रेस दिवस पर हॉकी स्टेडियम में आयोजित पत्रकार व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मैत्री मैच का भी पत्रकारों ने बहिष्कार किया.

प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पत्रकारों की पिटाई करते हुए पुलिसकर्मियों का वीडियो पत्रकार अशोक गोप ने ट्वीट किया. उन्होंने बताया कि पीएमओ से फोन कर इस मामले को संज्ञान में लेने और जांच कराने की बात कही गयी है. वहीं, इंडियन फेडरेशन अॉफ वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन(आइएफडब्ल्यूजे) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष राजीव नेगी ने इस मामले की शिकायत प्रेस काउंसिल अॉफ इंडिया(पीसीअाइ) से की. पीसीअाइ द्वारा मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है.

जिसमें वीके चोपड़ा, कमल नारंग और केडी चंडोला द्वारा मामले की जांच की जायेगी. आइएफडब्ल्यूजे के उपाध्यक्ष शाहनवाज हसन द्वारा झारखंड हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मामले को संज्ञान में लेने का आग्रह करते हुए एक पत्र भेजा गया है. इससे पूर्व रांची प्रेस क्लब में हुई मीडियाकर्मियों की बैठक में पुलिस द्वारा पत्रकारों की पिटाई की कड़े शब्दों में निंदा की गयी. बड़ी संख्या में मौजूद पत्रकारों ने दोषी अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की.

हेलमेट पहन कर करें कवरेज
बैठक में तय किया गया कि पत्रकार अब से कार्यक्रम के कवरेज या प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोध स्वरूप हेलमेट लगा कर अपना काम करें, ताकि यह संदेश जाये कि पत्रकारिता का पेशा कितना असुरक्षित हो गया है. जुलूस की शक्ल में लालपुर थाना पहुंचे पत्रकारों ने  हेलमेट पहनकर मामला दर्ज कराया.

मैत्री मैच का विरोध
शाम पांच बजे से मोरहाबादी स्थित हॉकी स्टेडियम में जिला प्रशासन और पत्रकारों के बीच क्रिकेट मैच का भी अधिकतर पत्रकारों ने विरोध किया. पत्रकारों द्वारा विरोध के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आपस में मैच खेला. बैठक और विरोध प्रदर्शन में प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह, महासचिव शंभुनाथ चौधरी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन, कार्यकारिणी सदस्य चंचल भट्टाचार्य, गिरिजाशंकर ओझा, अमित अखौरी, सत्यप्रकाश पाठक, आशिया नाजली, सोहन सिंह, ब्रजेश राय, प्रमोद झा, प्रियंका मिश्रा, अशोक गोप आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की जांच के लिए टीम गठित
झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कवरेज करने गये पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की जांच के लिए टीम गठित की गयी है. टीम का नेतृत्व सिटी एसपी अमन कुमार करेंगे. वहीं इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एसएसपी को सौंपी गयी है. जांच टीम में पुलिस के कुछ अन्य अफसरों को भी शामिल किया गया है. जांच रिपोर्ट में जिनके खिलाफ लाठीचार्ज की बात सामने आयेगी, उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी.▪

शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

पत्रकारों पर उतारा नाकामी का गुस्सा

स्थापना दिवस पर वरिष्ठ पत्रकार राजेश तिवारी को भी राइफ़ल के कुंदे से मारा, कई अन्य पत्रकार भी ज़ख़्मी
छायाकारों -पत्रकारों पर बर्बर लाठीचार्ज,तस्वीर जबरन डिलीट करने की घटना
रांची प्रेस क्लब ने की घोर निंदा

रांची।  झारखण्ड के पत्रकारों का सबसे  बड़ी संस्था रांची प्रेस क्लब ने गुरुवार को राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान यहां मोराबादी मैदान में आयोजित पारा शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर लेने वाले छायाकारों -पत्रकारों पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज कर तस्वीर जबरन डिलीट करने की घटना की घोर निंदा की है।
रांची प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि स्थापना दिवस समारोह के दौरान राज्य सरकार से नाराज पारा शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था जिसकी तस्वीर रूटीन कार्य कर रहे कैमरामैन एव फोटोग्राफरों को जबरन कब्जे में करना,उन्हें कार्य से रोकना लोकशाही में तानाशाही जैसा कदम है.तस्वीरें उतरने और समाचार संकलन पत्रकारिता के पेशे का हिस्सा है,इन्हें कौन बताये इसमें गलत क्या है। तस्वीर लेने के कारण कैमरामैन बैजनाथ महतो, फोटोग्राफर -सह- रांची प्रेस क्लब के मैनेजिंग कमिटी के सदस्य पिन्टू दूबे, फोटोग्राफर विनय मुर्मू तथा मुकेश भट्ट की पुलिस द्वारा बर्बरता से पिटाई कर घायल करने के बाद सभी तस्वीरों को कैमरा से मिटाने के साथ रिपोर्टिंग कर रहे संवाददाता राजेश तिवारी, इमरान एवं कमलेश सहित दर्जनों पत्रकारों को चोटिल किये जाने एवं कैमरा तोड़े जाने की घटना की रांची प्रेस क्लब घोर निंदा करती है.इस कायरता पूर्ण घटना की जितनी भी निंदा की जाय कम है, यह घटना सीधे सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।
क्लब के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि लाठी चार्ज में घायल मीडियाकर्मियों का सरकार बेहतर इलाज कराये तथा उन्हें क्षतिपूर्ति दे। इस घटना के लिए दोषी पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाय। निंदा करने वालों में प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन, महासचिव शंभू नाथ चौधरी, संयुक्त सचिव आनंद कुमार, कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह, मैनेजिंग कमिटी के सदस्य गिरिजा शंकर ओझा, अमित अखौरी, चंचल भट्टाचार्य, प्रशांत सिंह, सत्यप्रकाश पाठक, जयशंकर, सोहन सिंह, आसिया नाजली एवं संजय रंजन शामिल हैं ।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...