चक्रधरपुर ।रेलवे ट्रेन पायलट की तत्परता से बड़ी घटना होते होते बची चक्रधरपुर के रेलवे स्टेशन में लाइन नंबर दो पर मालगाड़ी का एक बोगी क्षतिग्रस्त होकर झुका होने के कारण घंटों खड़ी रही यह माल गाड़ी उड़ीसा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के करोडलीमल जा रही थी। बताया जाता है की पारादीप से कोयला का चूर्ण लादा हुआ मालगाड़ी चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर लाइन दो पर आकर खड़ी हुई ।गाड़ी को डोंगा पोशी से चक्रधरपुर लेकर आए चालक अपनी ड्यूटी समाप्ति के बाद लाल किला के चालक दीपक कुमार को आगे के गंतव्य के लिए गाड़ी सौंपी। इस दरम्यान ड्राइवर की नजर मालगाड़ी के इंजन से नवे बोगी पर पड़ी जिसकी बॉडी झुकी हुई नजर आई उन्होंने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी एवं ट्रेन ड्राइवर ने ट्रेन आगे ले जाने से इनकार कर दिया। स्टेशन मास्टर ने सूचना मिलते ही फौरन केरेज एवं वेगन के कर्मचारियों को भेजा मौके पर कर्मचारियों ने मालगाड़ी के डिब्बे की जांच की जांच के दरमियान उन्होंने बोगी को क्षतिग्रस्त एवं झुका हुआ पाया जिससे आगे ट्रेन चलने पर ओ एच ई का पुल क्षतिग्रस्त हो सकता था या फिर ट्रेन पलट सकती थी। केरेज एवं वैगन डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त एवं झुकी हुई बोगी संख्या 720 792/14848 को इंजन से नवे नंबर बोगी को काटकर अलग कर दिया गया। इस दरमियान घंटों माल गाड़ी लाइन नंबर दो पर खड़ी रही।
यह ब्लॉग खोजें
रेल दुर्घटना लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रेल दुर्घटना लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सोमवार, 5 अगस्त 2019
कोयला लदी मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची
चक्रधरपुर ।रेलवे ट्रेन पायलट की तत्परता से बड़ी घटना होते होते बची चक्रधरपुर के रेलवे स्टेशन में लाइन नंबर दो पर मालगाड़ी का एक बोगी क्षतिग्रस्त होकर झुका होने के कारण घंटों खड़ी रही यह माल गाड़ी उड़ीसा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के करोडलीमल जा रही थी। बताया जाता है की पारादीप से कोयला का चूर्ण लादा हुआ मालगाड़ी चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर लाइन दो पर आकर खड़ी हुई ।गाड़ी को डोंगा पोशी से चक्रधरपुर लेकर आए चालक अपनी ड्यूटी समाप्ति के बाद लाल किला के चालक दीपक कुमार को आगे के गंतव्य के लिए गाड़ी सौंपी। इस दरम्यान ड्राइवर की नजर मालगाड़ी के इंजन से नवे बोगी पर पड़ी जिसकी बॉडी झुकी हुई नजर आई उन्होंने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी एवं ट्रेन ड्राइवर ने ट्रेन आगे ले जाने से इनकार कर दिया। स्टेशन मास्टर ने सूचना मिलते ही फौरन केरेज एवं वेगन के कर्मचारियों को भेजा मौके पर कर्मचारियों ने मालगाड़ी के डिब्बे की जांच की जांच के दरमियान उन्होंने बोगी को क्षतिग्रस्त एवं झुका हुआ पाया जिससे आगे ट्रेन चलने पर ओ एच ई का पुल क्षतिग्रस्त हो सकता था या फिर ट्रेन पलट सकती थी। केरेज एवं वैगन डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त एवं झुकी हुई बोगी संख्या 720 792/14848 को इंजन से नवे नंबर बोगी को काटकर अलग कर दिया गया। इस दरमियान घंटों माल गाड़ी लाइन नंबर दो पर खड़ी रही।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
-
नोएडा। निठारी कांड के मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा पर 29 अक्टूबर तक रोक लगी दी गई है। 8 सितंबर की सुबह उसे फांसी दी जानी थी...
-
झारखंड सरकार के भू- राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव और भू-राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी के ओएसडी अवध नारायण प्रसाद जनप्रिय प्रशासनिक अधि...
-
19 मई को को कैट ने आईजी निर्मला अमिताभ चौधरी को अवमानना का दोषी करार देते हुए 15 दिनों के कारावास की सजा सुनाई है. उनके विरुद्ध वारंट भ...
-
इसे कहते हैं मियां की जूती मियां के सर. झारखंड में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान आदिवासियों के दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अपना ही बयान उनके लि...
