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शनिवार, 7 जुलाई 2018

मानव सेवा के नाम पर मानव तस्करी का पर्दाफाश


धीरे-धीरे खुल रहा है सच्चाई से पर्दा

रांची। झारखंड में मिश्नरियों के दिन बुरे चल रहे हैं। खूंटी के कोचांग में गैंगरेप के मामले में फादर की संदिग्ध भूमिका के बाद अब निर्मल ह्रदय की मदर्स पर मानव तस्करी का बड़ा रैकेट चलाने का आरोप लग रहा है। उनपर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। धीरे-धीरे सच से पर्दा उठ रहा है। जांच के क्रम में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इतना तय है कि झारखंड में मदर टेरेसा की मिशनरीज आफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल ह्रदय संस्था के संचालकों का ह्रदय निर्मल नहीं था। वे लंबे समय से पूरी निर्ममता के साथ संगठित रूप से नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त में लगे थे। तुष्टीकरण और मानव सेवा की आड़ का लाभ उटाते हुए वे इतने शातिर हो चुके थे कि वर्ष 2015 में इस घंधे की जांच कर रहे बाल कल्याण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह और सदस्य मो. अफजल को इन्होंने छेड़खानी का आरोप लगाकर पद से हटवा दिया था और अपनी पसंदीदा महिला पदाधिकारी को प्रभार दिलवा दिया था। अध्यक्ष और सचिव को इस नाजायज धंधे का संदेह हो गया था। वे डारंडा स्थित शिशु भवन का निरीक्षण करने गए थे। उन्हें भवन में प्रवेश नहीं करने दिया गया और जब वे जबरन अंदर जाने लगे तो उनपर छेड़खानी का आरोप लगाकर पद से बर्खास्त करा दिया गया था।
कुछ तो रखी होती मदर की लाज
मदर टेरेसा ने इस संस्था की स्थापना गर्भवती महिलाओं की देखभाल और उन्हे सुरक्षित प्रसव की सुविधा प्रदान करने के लिए की थी। जाहिर है कि यहां ज्यादातर ऐसी कुवांरी माताएं ही आती थीं जो किसी कारण समय पर गर्भपात नहीं करा पाईं। लोकलाज के भय से वे स्वयं अपने बच्चे से छुटकारा पाना चाहती थीं। इस तरह संचालिकाओं को विक्री के लिए सिशु आसानी से उपलब्ध हो जाते थे। जो महिलाएं अपने शिशु को साथ ले जाना चाहती थीं उन्हें यह बता दिया जाता था कि उन्होंने मरे हुए बच्चे को जन्म दिया है। संचालिकाएं गर्भवती महिलाओं के आने और उनके प्रसव की रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को देने की औपचारिकता का पालन करती थीं लेकिन आधी-अधूरी रिपोर्ट देती थीं। वर्ष 2015 से 2018 के बीच संस्था में 450 गर्भवती महिलाएं भर्ती हुई थीं। लेकिन उनमें से 170 की ही डिलीवरी रिपोर्ट समिति को दी गई। शेष 280 बच्चे कहां गए इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। उन्हें निःसंतान दंपत्तियों को बेच देने का संदेह है। जांच चल रही है। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उससे पता चलता है कि संस्था की मानव तस्की का जाल भारत के की राज्यों में फैला हुआ था। यही नहीं कुछ सौदे विदेशों में भी किए जाने की बात सामने आ रही है। उनके पाप का घड़ा अब पूरी तरह भर चुका है। यह इतना संवेदनशील मामला है कि मिशनरियों के क्रियाकलाप को जायज ठहराने वाले राजनीतिक दल और समाजसेवी भी संस्था के बचाव में आगे आने में परहेज़ कर रहे हैं। राज्य सरकार ने स मामले की गहन जांच कराने का एलान किया है। जांच के बाद ही सच्चाई से पूरी तरह पर्दा उठेगा।


मंत्री जयंत सिन्हा ने किया चंदवारा प्रखंड का दौरा


कई कार्यक्रमों में हुए शामिल

मनीष कुमार

हजारीबाग। केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री व हज़ारीबाग सांसद जयंत सिन्हा ने आज चंदवारा प्रखंड का दौरा किया। वह चंदवारा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने दोपहर 12 बजे पहुंचे जहां भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने उनका ज़ोर-शोर से स्वागत किया।

श्री जयंत सिन्हा जी कोडरमा के भाजपा ज़िला अध्यक्ष रामचंद्र सिंह जी के आवास पर पहुंचे जहां उन्होंने उनके सुपुत्र के स्वर्गवास पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रामचंद्र जी व उनके परिवार को सांत्वना देते हुए ढाँढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने व शोक संतृप्त परिवार को यह वियोग सहन करने की शक्ति देने के लिये प्रार्थना की।

इसके उपरांत जयंत सिन्हा ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्ज्वला योजना के तहत अशोदय गैस एजेंसी में ग्रामीणों के बीच गैस कनेक्शन का वितरण किया। उन्होंने ग्रामीणों से भाजपा सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना की सफलता व उससे महिलाओं को हो रही सुविधा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अंत्योदय है जिसके लिये हम निरंतर कार्यरत हैं। हमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाकर उनका सर्वांगीण विकास करना है।

उक्त कार्यक्रमों के बाद श्री जयंत सिन्हा जी ने मदनगुण्डी पंचायत भवन में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। संगठन की नीतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को 'साफ नीयत सही विकास' से 'सबका साथ सबका विकास' करने के लिये प्रेरित किया। इसके पश्चात उन्होंने उरवां और पथलगढ़ा के लोगों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उन्होंने विकास संबंधी कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की समस्याओं का निवारण करना मेरी ज़िम्मेदारी है जिसके लिये मैं निरंतर कार्यरत हूँ।

इन सभी कार्यक्रमों के उपरांत श्री जयंत सिन्हा जी ने तिलैया डैम समीप डीवीसी गेस्ट हाउस में कोडरमा ज़िला के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन एवं वन प्रमंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने तमाम विभागों में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति का ब्यौरा लिया। साथ ही उक्त सभी विभागों में जनकल्याण व विकास के कार्यों में गतिशीलता व उत्कृष्टता बरतने के निर्देश दिए।

श्री जयंत सिन्हा जी क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर कार्यरत हैं। वह अपनी ज़िम्मेदारियों का पूरी तत्परता के साथ निर्वहन करते हुए प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों और समस्याओं पर अपनी दृष्टि बनाये हुए हैं।

कांग्रेस की मजबूती के लिए प्रमंडल स्तरीय बैठक


हजारीबाग। हजारीबाग जिला अध्यक्ष देव कुमार राज के नेतृत्व में कांग्रेस आफिस हजारीबाग में संगठन को मजबूत करने को लेकर एक दिवसीय बैठक की गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में झारखण्ड कांग्रेस के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के जोनल कोऑर्डिनेटर केशव महतो कमलेश शामिल हुए। उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा गिरिडीह यानी प्रमंडल के चार जिलों के जिला अध्यक्ष विधान सभा प्रभारी एवं उत्तरी छोटानागपुर के सभी प्रवक्तागण हजारीबाग जिले के सभी प्रखंड अध्यक्षगण, वरिष्ठ कांग्रेसजनों, विभिन्न प्रकोष्ठ के पदाधिकारी गण के गरिमामई उपस्थिति के बीच संगठन को मजबूत करने का दिये कई टिप्स।

मंत्री ने किया श्रद्धालुओं से भरी बस को रवाना



मनीष

हज़ारीबाग़ से रजरप्पा बस सेवा आज से शुरू हो गई।,हज़ारीबाग़ के सांसद सह नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री जयंत सिन्हा ने भगवा ध्वज लहरा कर श्रद्धालुओं से भरी बस को किया रवाना।

जर्जर तारों के टूटकर गिरने से मौतों पर डीसी गंभीर

मेसर्स गोपी कृष्णा एजेंसी के विरुद्ध होगी कार्रवाई 
 गिर सकती है प्रोजेक्ट इंचार्ज पर गाज

सूर्यकांत कमल

चतरा। शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में लगे जर्जर विद्युत तारों के टूट कर गिरने से हो रही घटनाओं को डीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है। मामले में कार्य में लापरवाही बरतने वाले मेसर्स गोपी कृष्णा व उसके पदाधिकारियों के  विरुद्ध डीसी ने कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा है कि कार्य आवंटन के बाद भी एकरारनामा के मुताबिक कार्य को गति नहीं देना एजेंसी की लापरवाही को दर्शाता है। जल्द ही एजेंसी व बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो लापरवाह एजेंसी को डिबार करने को ले विभागीय पत्राचार करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि शहर के जर्जर तारों को बदलने का काम जल्द से जल्द शुरू कराने का निर्देश बिजली विभाग के अधिकारियों को दे दिया गया है। गौरतलब है कि शहर के बीचों-बीच बालिका उच्च विद्यालय के समीप स्थित है बिजली के खंभे पर लगा जर्जर तार रिपेयर करने के दौरान चार माह पूर्व एक बिजली मिस्त्री रवि मिश्रा की मौत हो गई थी अभी वह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि दो दिन पूर्व उसी पोल पर लगे जर्जर तार के टूटकर नीचे गिरने से उसकी चपेट में आए खटाल संचालक की मौत हो गई। जिसके बाद मृतक के परिजनों व शहरवासियों ने जमकर हंगामा मचाया था।
 हैदराबाद की लापरवाह एजेंसी मेसर्स गोपी कृष्णा के विरुद्ध जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। विद्युत कर्मी रवि मिश्रा व खटाल संचालक संतोष यादव की करंट से मौत प्रकरण में गंभीर दिख रही सदर थाना पुलिस मामले की जांच के बाद एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर रूपम सिंहा को गिरफ्तार कर जेल भेजने की योजना में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पुलिसिया जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व विद्युत मेंटेनेंस का कार्य आवंटन होने के बावजूद एजेंसी ने अब तक शहर में कार्य को गति नहीं दिया है। जिसके कारण जर्जर तारों के टूटने और गिरने से आए दिन लोग अकाल मौत के गाल में समा रहे हैं। प्रोजेक्ट इंचार्ज होने के नाते रूपम सिन्हा का दायित्व था कि वे ससमय इकरारनामा के मुताबिक जर्जर तारों को बदलने की कार्यवाही शुरू करवाएं। लेकिन वह चतरा के बजाय हजारीबाग में कार्यालय खोलकर कार्य के नाम पर महज खानापूर्ति करने में जुटे हैं। इसी के कारण जर्जर तारों को रिपेयर करने के दौरान पहले बिजली विभाग के मानव दिवस कर्मी रवि मिश्रा और बाद में गम भरी मंदिर इलाके में संचालित खटाल के मालिक संतोष यादव की करंट लगने से मौत हो गई। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि करीब चार माह पूर्व जिस बिजली के खंभे पर करंट लगने से गिरकर बिजली मिस्त्री रवि मिश्रा की मौत हुई थी उसी बिजली के खंभे से तार टूट कर गिरने से खटाल संचालक संतोष यादव की भी मौत हुई है। आए दिन घट रही दर्दनाक हादसों के बाद भी न तो कार्य एजेंसी के प्रोजेक्ट इंचार्ज रूपम सिन्हा के कानों पर जू रेंगा और ना ही अन्य अधिकारियों व कर्मियों के। विद्युत कर्मी रवि मिश्रा की मौत के बाद तो परिजनों ने कार्य एजेंसी व उसके प्रोजेक्ट इंचार्ज के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई लेकिन फिर उसी स्थान पर घटे दूसरी घटना ने एजेंसी के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया। खटाल संचालक की मौत से आक्रोशित परिजनों ने आपूर्ति प्रमंडल के अधिकारियों के अलावे मेसर्स गोपी कृष्णा के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। 

ईचाक में रघुवर दास का पुतला दहन

विधायकों की खरीद का मामला गरमाया


मनीष कुमार

ईचाक। ईचाक बाजार मे आदर्श युवा संगठन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास,कोडरमा सांसद रविन्द्र राय व बरक्टठा विधायक  जानकी यादव का संयुक्त रूप से पुतला दहन किया। संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष गौतम कुमार ने कहा कि भाजपा खरीद बिक्री की सरकार बन गयी है।ईस नीति का जवाब जनता आने वाला चुनाव में देगी । भाजपा अपने करतुत से अपना छवि खुद ही धूमिल करने का काम किया है। विधायकों को दो दो करोड पैसा से खरीदकर लोकतंत्र मे एक बडा सवाल खडा कर दी है।अपने आप को पाक साफ बताने वाले ऱघुवर दास दो करोड देकर बरकट्ठा का विधायक को खरीदा। अब रघुवर दास को अपने चरित्र का परिचय देने की जरूरत नही है। दलबदल को बढ़ावा देकर शासन करने वाली सरकार का मुंहतोड़ जवाब आने वाली लोकसभा व विधानसभा चुनाव मे मिलेगा। वही कृष्णा मेहता ने रघुवर सरकार मुर्दाबाद, जानकी यादव इस्तीफा दो ,और रविन्द्र राय होश मे आओ के नारे लगाये। संगठन ने रघुवर दास,जानकी यादव सहित छ:विधायक व रविन्द्र राय को ईस्तिफा की मांग की है। पुतला दहन मे शामिल होने वाले लोगों मे माले नेता अनुज कुमार,जेवीएम नेता धनेश्वर सोनी,कृष्णा मेहता,कुलदीप कुमार,सुधिर कुमार,प्रकाश कुमार,निखिल कुमार,विनित पुरूषोत्तम,टिंकु कुमार,कविराज कुमार,मनिष,गुड्डु,गिरधारी कुशवाहा,गजेन्द्र प्रजापति,भाष्कर उपाध्याय,सुरेन्द्र कुमार,शुशिल सोनी,मुकेश कुमार ईत्यादी सैकडो लोग मौजूद थे।

विपक्षी नेता घाघरा पहुंचे, ग्रामीणों को दिलाया भरोसा



रांची। खूंटी जिला के घाघरा गांव में झारखंड के सम्पूर्ण विपक्षी पार्टियों के नेतागण एक साथ पहुंचे और ग्राणीणों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति भरोसा दिलाया।
उन्लेख्य है कि इस गांव में पिछले दिनों पथलगड़ी के बाद पुलिस ने ग्रामीणों की जम कर पिटाई की थी, उसके बाद सारे ग्रामीण अपने घरों में ताला लगाकर गांव छोड़कर भाग गए थे। यह घटना पांच आदिवासी महिला रंगकर्मियों के साथ गैंगरेप के तुरंत बाद घटी थी। पत्थलगड़ी के नेताओं ने आर्थिक दंड का भय दिखाकर ग्रामीणों की भीड़ जुटाई थी। पुलिस के साथ भिड़ंत के तुरंत बाद उन्होंने सांसद कड़िया मुंडा के तीन अंगरक्षकों सहित चार लोगों का अपहरण कर लिया था। इसके बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज होने पर पत्थलगड़ी के तमाम नेता फरार हो गए थे। ग्रामीणों का उनसे मोहभंग हो गया है। विपक्षी नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी,पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय,प्रदीप बलमुचू,विधायक पौलोस सोरेन,पूर्व विधायक बंधु तिर्की,युवा राजद अध्यक्ष अभय कुमार सिंह,प्रदेश प्रवक्ता,डॉ मनोज कुमार,उपाध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव,सहित विपक्ष के सभी दल उपस्थित थे।



स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...