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सोमवार, 9 जुलाई 2018

विकलांगता और कुपोषण से मिली राहत


कटे होठों की हुई सर्जरी, टेढ़े पैर हुए सीधे
भोपाल। प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य सेवाएँ मासूम बच्चों को विकलांगता, कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलाने में कारगर साबित हो रही हैं। यह स्वास्थ्य सेवाएँ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इन सेवाओं से अधिक से अधिक मासूमों को लाभान्वित करने में स्वास्थ्य विभाग और महिला-बाल कल्याण विभाग की मैदानी टीम पूरी संजीदगी के साथ काम कर रही है।
सिवनी जिले के विकासखण्ड घंसौर की दुर्गा झारिया ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया, परिवार से खुशी और उत्साह का माहौल था, लेकिन जुड़वा बहनें कटे-फटे होठों की बीमारी से ग्रसित थीं। परिवार ने इन बच्चों का आँगनवाड़ी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में दिखाया। इस शिविर में दोनों बच्चियों के होठों की मुस्कान प्रोजेक्ट के अंतर्गत नि:शुल्क सर्जरी की गई। आज दोनों मासूम बच्चियों को इस जन्मजात विक्रृति से छुटकारा मिल गया है। अब ये बच्चियाँ सामान्य बच्चियों की तरह सुंदर दिखाई देती हैं।
देवास जिले के ग्राम पटलावदा में श्रमिक लाड़ली बाई और गुलनाज के परिवार में जन्मी मीनाक्षी कुपोषण और कटे-फटे होठ की जन्मजात विक्रृति से ग्रस्त थी। परिवार के सदस्यों ने जब बच्ची को चिकित्सकों को दिखाया, तो चिकित्सकों ने पूरी जाँच करने के बाद पहले उसे कुपोषण से मुक्त करने और उसके बाद होठों की सर्जरी करने का निर्णय लिया। मासूम मीनाक्षी को जब कुपोषण से मुक्त कराने और सर्जरी के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया, उस समय उसकी उम्र एक माह 13 दिन थी, वजन एक किलो 740 ग्राम था और ऊँचाई 47 सेंटीमीटर थी। इस कारण यह बच्ची अति कुपोषण की श्रेणी में आ रही थी। मीनाक्षी को 21 दिन तक पोषण पुनर्वास केन्द्र में रखा गया। जब वह 6 माह 29 दिन की हो गई, तब इसका वजन भी 5 किलो 370 ग्राम हो गया था और ऊँचाई भी 60 सेंटीमीटर हो चुकी थी। अब मीनाक्षी सामान्य बच्चों की श्रेणी में आ गई थी। इसके बाद मीनाक्षी के कटे-फटे होठों की शासकीय योजना के अंतर्गत नि:शुल्क सर्जरी की गई। सफल सर्जरी के कारण यह बच्ची अब स्वस्थ है।
बैतूल जिले के विकासखण्ड प्रभातपट्टन के ग्राम गेहूँबारसा निवासी सुखचंद मेश्राम का 5 वर्षीय पुत्र रीतेश बचपन से ही पैरों के टेड़ेपन की बीमारी से ग्रसित था। चिकित्सकों की सलाह पर जिला अस्पताल में इस बच्चे का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के 4 दिनों बाद 17 अप्रैल, 2018 को बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब मासूम रीतेश अपने पैरों पर चलकर स्कूल जाने लगा है।
-अरुण राठौर

11 जुलाई को मनेगा विश्व जनसंख्या दिवस


24 जुलाई तक चलेगा जागरूकता पखवाड़ा 



भोपाल। मध्प्रय देश में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जायेगा। इसी दिन से नागरिकों को सीमित परिवार के फायदे समझाने और परिवार नियोजन की सेवाएँ उपलब्ध करवाने के लिये प्रदेश में 24 जुलाई तक जागरूकता पखवाड़ा मनाया जायेगा। पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्तरों पर परिवार नियोजन संबंधी सेवाएँ सुलभ करवाई जायेंगी।
परिवार नियोजन के अस्थायी साधन
परियोजना नियोजन के अस्थायी साधनों में अंतरा प्रोग्राम के तहत इंजेक्टेबल कांट्रासेप्टिव नया तरीका है, जिसे 3 माह में एक बार लगाया जाता है। छाया गोलियाँ प्रथम तीन माह में सप्ताह में दो बार एवं उसके बाद सप्ताह में एक बार खाना पड़ती है। आईयूसीडी 5 वर्ष और 10 वर्ष के लिये उपलब्ध है। इसी तरह ओरल पिल्स और निरोध का उपयोग भी किया जा सकता है।
सभी साधन स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क उपलब्ध हैं। परिवार नियोजन के स्थायी साधनों में महिला और पुरुष नसबंदी दोनों साधन उपलब्ध है। महिला नसबंदी की तुलना में पुरुष नसबंदी ज्यादा आसान होती है।
गर्भपात के बाद पोस्ट एबॉर्शन आईयूसीडी इनसर्शन एवं महिला नसबंदी की सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। प्रसव के बाद छाया गोलियाँ शुरू की जा सकती हैं। छह सप्ताह बाद इंजेक्शन दिये जा सकते हैं। पीपीआईयूसीडी इनसर्शन किया जा सकता है।
मिशन परिवार विकास कार्यक्रम
भारत सरकार ने कुल प्रजनन दर 3 या 3 से अधिक वाले प्रदेश के 25 जिलों में मिशन परिवार विकास कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम में गर्भ निरोधक साधनों की सेवाएँ अधिक से अधिक जनता तक पहुँचायी जा रही हैं। दम्पत्तियों को नयी पहल किट वितरित की जा रही है। सास-बहू सम्मेलन भी आयोजित करवाये जा रहे हैं। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं पर कंडोम बॉक्स लगाये गये हैं।

* गायत्री शक्तिपीठ परिवार ने लगाए पांच सौ फलदार पौधे



रांची। एचईसी परिसर स्थित गायत्री शक्तिपीठ , सेक्टर - दो, धुर्वा  के साधकों द्वारा दीया युवा मंडल के महिला व पुरूष सदस्य गणों के सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया । एसटीएफ ,जगुआर रातु के आन्तरिक सुरक्षित क्षेत्र में करीब 500 वृक्ष के पौधे लगाए गये । पौधरोपण के पूर्व पौधों का वैदिक मंत्रों से विधिवत अभिमंत्रित एवं पूजित करके अधिकारी तथा सैनिकों
सहित मुख्य अतिथि और आगन्तुकों को  भी पीठासीन पुजारी रामाज्ञा सिंह तथा जटा शंकर झा द्वारा मंगलाचरण मंत्रोच्चार  से चन्दन, रोरी का तिलक व मौली धागा सूत्र बाँध स्वागत करके 500 के करीब अनेक प्रकार के पौधे रोपित किए गये। एसटीएफ अधिकारी एवं सैनिक गणों को प्रमोद कुमार द्वारा गुरुदेव श्री के गायत्री युग सत् साहित्य का भी वितरण किया गया।
संबोधन में पीठ पुजारी रामाज्ञा सिंह ने बताया कि जन समूह में वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रोत्साहन देने के लिए मानव व प्रकृति को होने वाले लाभ से अवगत कराकर पेड़ लगाने व उसके संरक्षण हेतु प्रेरित करना होगा । प्रकृति की हरियाली और मनुष्य की खुशहाली एवं पर्यावरण संतुलन हेतु लोगों को जागरूक करना समय की माँग है । यह जानकारी दीया युवा समूह के प्रतिनिधि नीरज कुमार और अभिषेक कुमार ने दी।


समझौते के लिए बुलाया और टांगी से काट डाला

रांची। डायन बिसाही के एक विवाद पर दो परिवारों के बीच सुलह की प्रक्रिया के क्रम में वादी पक्ष ने परिवादी पक्ष के तीन लोगों को घर बुलाकर टांगी से काट डाला। इसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना पलामू जिले के भवनाथपुर थाना क्षेत्र की है। वहां अरसली दक्षिणी पंचायत का एक टोला है सिकियाटोला। सिकिआलेवा टोला के सुरेश भुइयां ने जंगाली भुइयां और उसके पुत्र सूर्यलाल एवं सर्वेश को रविवार की रात मांस खाने और दारू पीने के लिए बुलाया। इसी बीच समझौते पर बात होनी थी। दोनों पक्षों के बीच 2015 से गढ़वा कोर्ट में डायन विसाही का मुकदमा चल रहा था। जंगाली और उसके दो बेटे परिवादी थे। सोमवार को सुनवाई थी। इससे पूर्व सुलह समझौता पर बात चल रही थी। खाने-पीने के दौरान चर्चा चल ही रही थी कि परिवादी पक्ष के सुरेश भुइयां, उनके पुत्र दहदुल भुइयां ,विनय भुइयां व अन्य ने समझौते के लिए एक लाख रुपये देने की शर्त रखी। जंगाली ने मांगी गयी रकम देने मे असर्मथता जतायी। इसपर गरमा-गरमी हुई। इसी बीच सुरेश, दहदुल व उनके समर्थकों ने टांगी निकाल ली। जब तक जंगाली और उसके बेटे कुछ समझ पाते, दूसरे पक्ष ने उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। इससे सूर्यलाल की मौके पर ही मौत हो गयी। जंगाली और सर्वेश बेतरह घायल हो गए।
सुरेश भुइयां ने ओझा-गुणी का आरोप लगाकर पांच वर्ष पूर्व भवनाथपुर थाना में जंगाली व उसके बेटों पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी। वे पस में रिश्तेदार थे। वर्ष 2015 में केस शुरू हुआ, तो जंगाली और उसके बेटों समेत पांच लोगों को जेल जाना पड़ा। बाद में दोनों पक्षों ने रिश्ते का हवाला देकर कानूनी लड़ाई के बदले सुलह करने का मन बनाया। रविवार देर शाम सुलह की बात चल ही रही थी कि विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि निमंत्रण देने वाले ने रिश्तेदार के एक बेटे के मौत के घाट उतार दिया और शेष दो को मरणासन्न अवस्था में पहुंचा दिया। पुलिस ने घयलों को अस्पताल और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल वे अस्पताल में जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
 झारखंड में डायन बिसाही के मामले में हत्या की घटनाएं आम हैं। यहां जागरुकता अभियान के तमाम सरकारी गैर सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी हैं कि उसे कोई डिगा नहीं पा रहा है। उनके बीच सरकारी संस्थाएं हैं, नक्सली हैं, एनजीओं हैं, सामाजिक संस्थाएं हैं लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ रहा।



रविवार, 8 जुलाई 2018

पत्रकारों के काम में बाधा न पहुंचाए पुलिसः काटजू


राज्य सरकारों  को चेताया.
कहा, पत्रकार नही है भीड़ का हिस्सा 

पत्रकारों के साथ बढ़ती ज्यादती और पुलिस के अनुचित व्यवहार के चलते कई बार पत्रकार आजादी के साथ अपना काम नही कर पाते है. उसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए निर्देश भी दिया है कि पुलिस आदि पत्रकारों के साथ बदसलूकी ना करे...।*

किसी स्थान पर हिंसा या बवाल होने की स्थिति में पत्रकारों को उनके काम करने में पुलिस व्यवधान नही पहुँचा सकती। पुलिस जैसे भीड़ को हटाती है वैसा व्यवहार पत्रकारों के साथ नही कर सकती।
ऐसा होने की स्थिति में बदसलूकी करने वाले पुलिसवालों या अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जायेगा...।
काटजू ने कहाँ कि जिस तरह कोर्ट में एक अधिवक्ता अपने मुवक्किल का हत्या का केस लड़ता है पर वह हत्यारा नही हो जाता है। उसी प्रकार किसी सावर्जनिक स्थान पर पत्रकार अपना काम करते है पर वे भीड़ का हिस्सा नही होते। इस लिए पत्रकारों को उनके काम से रोकना मिडिया की स्वतंत्रता का हनन करना है !

सभी राज्यों को दिए निर्देश

 प्रेस काउन्सिल ने देश के केबिनेट सचिव, गृह सचिव, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिवों व गृह सचिवों को इस सम्बन्ध में निर्देश भेजा है... और उसमे स्पष्ट कहा है कि पत्रकारों के साथ पुलिस या अर्द्ध सैनिक बलों की हिंसा बर्दाश्त नही की जायेगी...। सरकारे ये सुनिश्चित करे की पत्रकारों के साथ ऐसी कोई कार्यवाही कही न हो। पुलिस की पत्रकारों के साथ की गयी हिंसा मिडिया की स्वतन्त्रता के अधिकार का हनन माना जायेगा जो उसे संविधान की धारा 19 एक ए में दी गयी है। और इस संविधान की धारा के तहत बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मी या अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज होगा।

सीसीएल अधिकारियों का एपेक्स् कॉरपोरेट कार्यक्रम संपन्न



* आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के सहयोग से युवा फुटबॉल कप्तानों के लिए सीसीएल चलाएगा कौशल विकास कार्यक्रम


रांची। सीसीएल के महाप्रबंधकों के लिए  खेलगांव स्थित स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में आयोजित तीन दिवसीय (06 से 08 जुलाई) एपेक्स कॉरपोरेट कार्यक्रम   सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया | सीएमडी सीसीएल, गोपाल सिंह की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों में  नेतृत्व क्षमता का विकास, टीम भावना को बढ़ावा, विभिन्न चुनौतियों में शांत एवं स्थिर मन रखना आदि कर पूर्ण क्षमता के साथ सहज तरीके से कार्य निष्पाादन करने के लिए सक्षम बनाने का है। 
 इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ आचार्य  बलविंदर चंदोक एवं   रोहित सिक्का् के निर्देशन में सीएमडी गोपाल सिंह, निदेशकगणो सहित सीसीएल मुख्यालय एवं क्षेत्रों से कुल 22 महाप्रबंधको ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान क्रियाकलापों, अध्यापन, , प्रश्नोत्तर, परिचर्चा  आदि के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सहकर्मियों के साथ अपनत्व की भावना बढाने, मन को नियंत्रित एवं केंद्रित रखने, निरंतर उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करने जैसे उपयोगी एवं प्रभावशाली तथ्यों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को कठिन से कठिन चुनौतियों के समक्ष भी मन शान्त रखने एवं निरंतर आत्मचिंतन करने की महत्वता पर भी  विस्तार से चर्चा की |
   कार्यक्रम  के अंत में सीएमडी सीसीएल  गोपाल सिंह ने श्रीश्री बलविंदर चंदोक और श्रीश्री रोहित सिक्का के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि इससे निश्च्य ही हमारी कार्यनिष्पादन क्षमता बढ़ेगी और व्यक्तित्व  सकरात्मक आएंगे | आदरणीय आचार्य महोदय  और इस कार्यक्रम की  सीख  से प्रेरित होकर हम अपनी कल्याणकारी योजनाओ  को और तत्परता  से आग बढ़ाएंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियो से कार्यक्रम से प्राप्त अनुभवों को ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियो के साथ परस्पर साझा करने की अपील की।। श्री सिंह ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजम सीसीएल में निरंतर किया जाएगा जिससे ज्यादा से ज्यादा कर्मी लाभान्वित हो । निदेशक (कार्मिक) श्री आर एस महापात्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।

*  कमांड क्षेत्रो से आये 250 से अधिक फुटबॉल कप्तानों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन 

 इस अवसर पर सीसीएल कमांड क्षेत्रो से आये 250 से अधिक फुटबॉल कप्तानों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में "आर्ट ऑफ लीविंग" के श्रीश्री बलविंदर चंडोक ने युवा कप्तानों का मार्गनिर्देशन करते हुए प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मानसिक नियंत्रण एवं स्थिरता बनाये रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला । उन्होंने किसी भी कार्य को निष्ठा और समर्पण से करने का सुझाव दिया । कप्तान के रूप में आप सभी को न सिर्फ अपनी टीम बल्कि समाज का भी नेतृत्व करना है, श्री बलविंदर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा ।
अवसर विशेष पर सीएमडी  गोपाल सिंह ने युवा कप्तानों को संबोधित करते हुए कहा कि सीसीएल समाज के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है । सीसीएल युवा फुटबॉल कप्तानों के कौशल विकास हेतु रूप रेखा तैयार कर रहा है, जिसके अंतर्गत आप सभी को तकनीक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे आप स्वरोजगार के माध्यम से अपने पैरो पर खड़े हो सके । यह कौशल विकास कार्यक्रम जो आपसे शुरू होगा, आपके माध्यम से समाज को आगे जाएगा। यह कार्यक्रम को "आर्ट ऑफ लिविंग" फाउंडेशन के सहयोग से वृहद स्तर पर चलाया जाएगा  ।                                                          जनसंपर्क विभाग टीम :
मानव संसाधन विकास विभाग के महाप्रबंधक जी.एस. भाटी एवं उनके टीम के सदस्य– मुख्य प्रबंधक (कार्मिक) एस. बख्शी, वरीय प्रबंधक (माईनिंग)  ए.के. सिंह, वरीय प्रबंधक (खेल)  आदिल हुसैन, प्रबंधक (कार्मिक)  जे बी आर  कुजूर एवं अन्य  कार्यक्रम का समन्ववयन कर रहे हैं।

मारा गया पूर्वांचल का डॉन मुन्ना बजरंगी



बागपत। पूर्वांचल के कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोलियों से भुनकर हत्या कर दी गई। वह पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में झांसी जेल में बंद था। इसी रविवार को उसे झांसी से बागपत लाया गया था। बागपत कोर्ट में उसकी पेशी होनी थी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। जेल में बंद विरोधी गिरोह के शुटर ने उसे 10 गोलियां मारी हैं।
इस मामले में एडीजी जेल ने बागपत के जेलर, डिप्टी जेलर, जेल वॉर्डन और दो सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं। मुन्ना के साले विकास श्रीवास्तव ने गैंगस्टर सुनील राठी पर इस हत्या की साजिश का आरोप लगाया है।
पूर्वांचल की खबरों के मुताबिक मुताबिक जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के शूटर्स ने मुन्ना बजरंगी को गोली मारी है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव ने इस हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुन्ना पर बड़ौत के पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से 22 सितंबर 2017 को फोन पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप था।
मुन्ना बजरंगी का का जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था। उसने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों में शामिल हो गया था।
कहते हैं कि शुरुआती दौर में उसे जौनपुर के बाहुबली गजराज सिंह का संरक्षण हासिल था। 1984 में उसने लूट के लिए एक व्यापारी की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने गजराज सिंह के इशारे पर ही जौनपुर के भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या करके पूर्वांचल में अपना आतंक कायम कर लिया। 90 के दशक में वह पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग में शामिल हो गया था।
मुख्तार अंसारी का गैंग मऊ से संचालित हो रहा था लेकिन इसका प्रभाव पूरे पूर्वांचल पर था। मुख्तार ने अपराध की दुनिया से राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1996 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर मऊ से चुनाव लड़ा और विधायक निर्वाचित हुआ। सत्ता की राजनीति में आने के बाद इस गैंग की ताकत बहुत बढ़ गई। मुन्ना बजरंगी सीधे तौर पर सरकारी ठेकों को प्रभावित करने लगा था। वह विधायक मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ बन गया था।
पूर्वांचल में सरकारी ठेकों और वसूली के कारोबार पर मुख्तार अंसारी का कब्जा था। लेकिन इसी दौरान तेजी से उभरते बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय उनके लिए चुनौती बनने लगे। उन पर मुख्तार के दुश्मन कुख्यात शुटर ब्रजेश सिंह का हाथ था। उसी के बल पर कृष्णानंद राय का गिरोह फल फूल रहा था। आपसी दुश्मनी में दोनों गिरोह अपनी ताकत बढ़ा रहे थे।
इनके संबंध अंडरवर्ल्ड के साथ भी जुड़े गए थे। कृष्णानंद राय का बढ़ता प्रभाव मुख्तार को खटक रहा था। उसने कृष्णानंद को खत्म करने की जिम्मेदारी मुन्ना को सौंप दी। मुख्तार से फरमान मिल जाने के बाद मुन्ना बजरंगी ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की 29 नवंबर 2005 को हत्या कर दी।
उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना बजरंगी के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। वह पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले यूपी में दर्ज हैं। 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था। ऐसा माना जाता है कि एनकाउंटर के डर से उसने खुद गिरफ्तारी करवाई थी। उसकी हत्या के बाद सवाल उठ रहा है कि जेल के अंदर शुटर के पास हथियार और गोलियां कैसे पहुंचीं। जांच के बाद ही इस हत्याकांड से जुड़े रहस्य सामने आएंगे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...