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रविवार, 11 नवंबर 2018

हर हाल में होगा आदिवासी संस्कृति का संरक्षणःरघुवर दास


रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास  आज बोकारो जिला से आये आदिवासी पारंपरिक व्यवस्था के प्रतिनिधि माझी हड़ाम, नायकी, जोगमाझी, भोदरन व कुड़ाम नायके से अपने आवास पर मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों की परंपरा और संस्कृति के सरंक्षण के लिए कृतसंकल्पित है। विदेशी शक्तियां हमारी संस्कृति को नष्ट करने पर तुली है, लेकिन हमारी सरकार उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। हमारी परंपरा और संस्कृति को बचाये रखनेवाले  पारंपरिक धर्म गुरुओं को जनवरी से सम्मान राशि मिलनी शुरू हो जायेगी। विभाग से चर्चा कर उन्हें पहचान पत्र निर्गत करने की भी प्रक्रिया शुरू की जायेगी।

आदिवासी भाषाओं को मिलेगा बढ़ावा
सीएम रघुवर दास ने कहा कि सरकार का मानना है कि मातृभाषा सर्वोपरि है। सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। हमें अपनी भाषा, सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को छोड़ना नहीं है। 2019 से ओल चिकी भाषा में स्कूलों में पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी। इसके लिए किताबें छपकर आ गयी है। अभी पहली और दूसरी कक्षा में इसकी पढ़ाई होगी। आनेवाले दिनों में पांचवीं तक ओल चिकी भाषा में पढ़ाई होगी। स्कूलों में स्थानीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी चल रही है। ओल चिकी के अलावा कुडुख, मुंडारी आदि भाषाओं के शिक्षकों की भी नियुक्ति की जा रही है, ताकि हमारे बच्चे अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकें।

 प्रतिनिधियों की रजरप्पा में भवन की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां एक तीन मंजिला इमारत बन रही है, जहां सस्ती दर पर ठहरने व खाने की व्यवस्था रहेगी। राज्य में घेराबंदी से बचे बाकी धार्मिक व पारंपरिक स्थलों की घेराबंदी के लिए अगले साल के बजट में प्रावधान किया जायेगा। अपनी परंपरा और संस्कृति को बचाये रखने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विदेशी शक्तियां उनकी परंपरा और संस्कृति को नष्ट करने में लगी हुई है। लालच, भय, अंधविश्वास आदि के चक्कर में कोई धर्म परिवर्तन न कराये, इसके लिए सरकार ने कानून बनाया है। आदिवासी समाज के प्रबुद्ध लोग भी इस बारे में जागरुकता फैलायें। लुगु बुरु मेले को राजकीय मेला घोषित किया है। वहां टेंट सिटी बनायी जा रही है, ताकि हमारे आदिवासी श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रात न बितानी पड़े। वहां पानी, बिजली आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्य पर पलायन का कलंक लगा हु‍आ है। हमारी बच्चियों का आर्थिक और शारीरिक शोषण होता है। किसी सरकार ने उनकी सुध नहीं ली। हमारी बेटियों का पलायन न हो, इसके लिए हमारी सरकार काम कर रही है। उन्हें यहीं रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। इसके नतीजे दिख रहे हैं। राज्य के आदिवासी युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ये आरोप लगाते हैं कि सरकार उनकी जमीन लूट लेगी। चार साल के शासन में एक भी इंच जमीन नहीं ली गयी है। जो लोग आदिवासियों का शोषण करते हैं, जिन लोगों ने राज्य में हर जगह आदिवासियों की जमीन औने-पौने दाम में खरीदी है, वे ही आज हम पर आरोप लगा रहे हैं। चुनौती देता हूं कि मेरा जमशेदपुर में एक घर के अलावा कोई संपत्ति बताये। 1995 से विधायक हूं, लेकिन गड़बड़ी नहीं की। वहीं हम पर आरोप लगानेवाले नेताओं में आदिवासियों की संपत्ति के लूटेरों का नाम और उनके द्वारा पूरे राज्य में अर्जित की गयी संपत्ति की सूची है। वे नहीं चाहते है कि आदिवासियों का विकास हो। आदिवासी पढ़-लिख गये, तो उनकी वोट बैंक की राजनीति समाप्त हो जायेगी।

कार्यक्रम के दौरान बोकारो से आये परंपरागत धर्मगुरुओं ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें राज्य के माझी हड़ाम की उपाधि से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से आदिवासी परंपरा को मजबूती मिलेगी। उनके रीति रिवाज कायम रहेंगे। गांव की पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने लुगु बुरू मेले को राजकीय महोत्सव के रूप में मान्यता देने पर विशेष तौर पर बधाई दी। 

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता  लखी हेंब्रम, आनंद मुर्मू समेत बड़ी संख्या में गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

चड़री तालाब में उतरेंगी मां गंगा


40 हजार लीटर गंगा जल वितरित किया जायेगा छठव्रतियों के बीच
14 को होगा जतरा महोत्सव सह रंगारंग कार्यक्रम, महाभंडारा 15 को

रांची। छठ व्रतियों के लिए चड़री तालाब की साज-सज्जा शुरू हो गयी है। चड़री सरना समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक रविवार को तालाब घाट के प्रांगण में हुई, जिसमें छठ पर्व की तैयारियों पर समीक्षा की गयी। समिति के मुख्य संरक्षक जितेन्द्र सिंह, अध्यक्ष बबलु मुंडा और महासचिव रवि मुंडा ने तैयारियों के संबंध में पत्रकारों को बताया कि इस बार छठ व्रती यहां मां गंगा का अनुभव करेंगे। इसके लिए पटना स्थित गंगा घाट से 40 हजार लीटर गंगा जल मंगवाया जा रहा है, जो छठव्रतियों के बीच अर्घ्य के लिए वितरित किये जायेंगे। समिति का यह प्रयास होगा कि छठ व्रतियां मां गंगा का अनुभव करें तथा भयमुक्त वातावरण में पुजा करें। यहां भगवान भास्कर की विशाल प्रतीमा स्थापित की जायेगी। जहां छठव्रती अपने अराध्यदेव का दर्शन एवं पुजन कर सकेंगे। बैठक की अध्यक्षता चड़री सरना समिति के अध्यक्ष बबलु मुंडा ने की।
बैठक में निर्णय हुआ कि छठ के दूसरे दिन यानी 14 नवंबर को हर साल की भांति इस साल भी जतरा महोत्सव (जो पूर्व से 'रांची कोल जतरा महोत्सव' के नाम से जाना जाता था) धूमधाम से आयोजित की जायेगी। रात्रि में रंगारंग (आर्केस्टा) कार्यक्रम होगा। अगले दिन 15 नवंबर को तालाब परिसर में भगवान भास्कर का महाभंडारा होगा। जिसमें हजारों की संख्या में लोग शिरकत कर प्रसाद ग्रहण करेंगे।
बबलु मुंडा ने प्रशासन से मांग किया कि छठ में अर्घ्य देने बड़ी संख्या में छठव्रती और उनके परिवार के लोग पहंुचते हैं। तालाब गहरा है। लोग स्नान करने तालाब में प्रवेश करते हैं। ऐसे में लोगों का ध्यान रखने के लिए पहले से अधिक एनडीआरएफ टीम के सदस्यों की तैनाती की जाये। साथ ही दो नाव दिये जायें, जो पूरी तरह से बचाव साज-सज्जा के साथ तैनात हो। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के जवान रहें।
जितेन्द्र सिंह ने कहा कि समिति के सैकड़ों वोलेंटियर तालाब के चप्पे-चप्पे पर रहेंगे और उनका काम छठव्रतियों और धर्मावलंबियों को सुविधा प्रदान करना होगा।
रवि मुंडा ने कहा कि हर साल की भांति इस साल भी तालाब को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। साज-सज्जा और साउंड सिस्टम चारों तरफ लगाये जायेंगे। किसी को कोई परेशानी न हो, उसका समिति पूरा ध्यान रखेगी।
बैठक में मुख्य रूप से छठ पुजा समिति के अध्यक्ष सबलू मुंडा, समाजसेवी जय सिंह यादव, गांडीव सांध्य दैनिक के सुनील पांडेय, आचार्य शशिकांत मिश्रा, धाना नायक, सागर कच्छप, राहुल मुंडा, शांतनु कुमार, विक्की वर्मा, दानिश मुंडा, संदीप मुंडा, विक्की मुंडा, अमनदीप मुंडा, भीम मुंडा, प्रकाश मुंडा, राजेन्द्र मुंडा, दुर्गा तिर्की आदि उपस्थित थे।

अरगोड़ा में खुला भगवान सूर्य का मंदिर


प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए सुबोधकांत सहाय
राजधानी के छठव्रतियों को शुभकामनाएं दीं 
रांची। 11 नवंबर रविवार को अरगोड़ा तालाब पर नवनिर्मित श्री सूर्य मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने प्रतिमा का पट खोल इसे आम दर्शनार्थियों को समर्पित किया। इस अवसर पर श्री सहाय ने कहा कि भगवान भुवन भास्कर की कृपा से समस्त विश्व का कल्याण होता है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अरगोड़ा में स्थापित यह आकर्षक मंदिर राजधानी रांची में श्रद्धा एवं आराधना के प्रमुख केंद्र में रूप में विकसित होगा।
श्री सहाय ने नहाय-खाय के साथ छठ व्रत का संकल्प लेने वाले समस्त व्रतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह तप और साधना का अनूठा व्रत है, जिसका उद्देश्य सर्वजन का कल्याण है। उन्होंने व्रतियों से आग्रह किया कि वे राज्य के विकास के लिए भगवान से प्रार्थना करें। इस मौके पर मंदिर का निर्माण कराने वाले श्री शिव दुर्गा ट्रस्ट के वरीय पदाधिकारी सुनील साहू, अवध साहू, राजकुमार, प्रकाश साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इसके पहले मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया था।

समाजसेवी निपु सिंह ने छठ घाट का किया निरीक्षण


युवा समाजसेवी एवं नशा मुक्त के संयोजक निपु सिंह ने करमा पार टाड़ रूक्का में छठ घाट का निरीक्षण किया एवं साफ-सफाई का जायजा लिया श्री सिंह ने कहा कि छठ घाट मोहल्ले के लोगों द्वारा आज से कल तक सफाई किया जाएगा और यह महान पर्व को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का भी इंतजाम किया जाएगा उन्होंने कहा कि छठ घाट जाने के लिए रास्ता का भी साफ सफाई  कर दिया गया है श्री सिंह ने पानी का भी जायजा लिया और खुद अपने से सफाई भी की उन्होंने कहा कि पानी काफी अधिक है उसका भी व्यवस्था किया जाएगा अधिक पानी का जगह बांस देकर बाउंड्री किया जाएगा ताकि किसी को कोई परेशानी ना हो इस निरीक्षण के मौके पर सुरेंद्र मुंडा श्याम मुंडा राजाराम यादव राहुल यादव विनोद कुमार रंजीत जसवाल इत्यादि ने मौजूद थे

शनिवार, 10 नवंबर 2018

निर्मला कांवेंट स्कूल में मना शिक्षा दिवस

रांची के निर्मला कांवेंट हाई स्कूल में शिक्षा दिवस मनाया गया। इस मौके पर भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अब्दुल कलाम आजाद को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर शिक्षा नीति में सुधार विषयक वाद विवाद प्रतियोगिता  और निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की सचिव सीमा शर्मा, उप प्राचार्या शिल्पी रानी, गोपाल चंद्र दास, मेनका कुमारी सहित शिक्षक, शिक्षिकाएं ुपस्थित थीं।

.....तो सदानों को भी मिलेगा न्यायःराजेंद्र प्रसाद


रांची।मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा घाघरा के बदरी गांव में स्व कार्तिक उरांव जतरा में स्व कार्तिक उरांव के सपनों के झारखण्ड बनाने की बात कहे जाने पर सदान मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा यदि मुख्यमंत्री रघुवर दास ऐसा झारखण्ड बनाते हैं तो सदानों को भी न्याय मिलेगा और सदानों को भी खुशी होगी। मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कार्तिक उरांव ने जनजाति और सदानों के बीच कभी भी भेद भाव नहीं किया। प्रसाद ने कहा स्व कार्तिक उरांव जनजाति और सदान को एक दृष्टिकोण से देखते थे और दोनों वर्गों की समुचित विकास की चिन्ता उन्हें रहती थी। प्रसाद ने यह भी कहा स्व कार्तिक उरांव भ्रष्टाचार के भी शक्त खिलाफ थे और वे अपने निजी जीवन में भी इस बात का ख्याल रखा। प्रसाद ने कहा आज कार्तिक उरांव जीवित होते तो सदानों की झारखण्ड में उपेक्षा नहीं होती। प्रसाद ने यह भी कहा झारखण्ड बनने के बाद जिस तरह से सदानों की उपेक्षा हुई है। इससे देखकर कार्तिक उरांव की आत्मा रोती होगी।

चित्रगुप्त विसर्जन शोभा यात्रा में शामिल हुए सुबोधकांत

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय तीन राज्यों के चुनाव प्रभारी होने के नाते अति व्यस्त हैं। इसके बावजूद वे समय निकाल कर चित्रगुप्त भगवान की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान आयोजित शोभा यात्रा में शामिल हुए और समाज के लोगों को एकजुट किया। उनके निर्देश पर रांची के सभी चित्रगुप्त पूजा समितियों के सदस्यों ने एकजुट होकर सामूहिक रूप से शोभायात्रा निकाली।



श्री चित्रगुप्त भगवान के प्रतिमाओं का सामूहिक विसर्जन के दौरान राजेन्द्र चौक डोरंडा राँची में।



स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...