रांची।मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा घाघरा के बदरी गांव में स्व कार्तिक उरांव जतरा में स्व कार्तिक उरांव के सपनों के झारखण्ड बनाने की बात कहे जाने पर सदान मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा यदि मुख्यमंत्री रघुवर दास ऐसा झारखण्ड बनाते हैं तो सदानों को भी न्याय मिलेगा और सदानों को भी खुशी होगी। मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कार्तिक उरांव ने जनजाति और सदानों के बीच कभी भी भेद भाव नहीं किया। प्रसाद ने कहा स्व कार्तिक उरांव जनजाति और सदान को एक दृष्टिकोण से देखते थे और दोनों वर्गों की समुचित विकास की चिन्ता उन्हें रहती थी। प्रसाद ने यह भी कहा स्व कार्तिक उरांव भ्रष्टाचार के भी शक्त खिलाफ थे और वे अपने निजी जीवन में भी इस बात का ख्याल रखा। प्रसाद ने कहा आज कार्तिक उरांव जीवित होते तो सदानों की झारखण्ड में उपेक्षा नहीं होती। प्रसाद ने यह भी कहा झारखण्ड बनने के बाद जिस तरह से सदानों की उपेक्षा हुई है। इससे देखकर कार्तिक उरांव की आत्मा रोती होगी।
यह ब्लॉग खोजें
शनिवार, 10 नवंबर 2018
.....तो सदानों को भी मिलेगा न्यायःराजेंद्र प्रसाद
रांची।मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा घाघरा के बदरी गांव में स्व कार्तिक उरांव जतरा में स्व कार्तिक उरांव के सपनों के झारखण्ड बनाने की बात कहे जाने पर सदान मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा यदि मुख्यमंत्री रघुवर दास ऐसा झारखण्ड बनाते हैं तो सदानों को भी न्याय मिलेगा और सदानों को भी खुशी होगी। मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कार्तिक उरांव ने जनजाति और सदानों के बीच कभी भी भेद भाव नहीं किया। प्रसाद ने कहा स्व कार्तिक उरांव जनजाति और सदान को एक दृष्टिकोण से देखते थे और दोनों वर्गों की समुचित विकास की चिन्ता उन्हें रहती थी। प्रसाद ने यह भी कहा स्व कार्तिक उरांव भ्रष्टाचार के भी शक्त खिलाफ थे और वे अपने निजी जीवन में भी इस बात का ख्याल रखा। प्रसाद ने कहा आज कार्तिक उरांव जीवित होते तो सदानों की झारखण्ड में उपेक्षा नहीं होती। प्रसाद ने यह भी कहा झारखण्ड बनने के बाद जिस तरह से सदानों की उपेक्षा हुई है। इससे देखकर कार्तिक उरांव की आत्मा रोती होगी।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
वो दिन भी खूब थे...तब जम कर नाटक किया करते थे ...कई सपने देखा करते..नाटको से ये कर देंगे..वो कर देंगे...क्रांति ला देंगे ...आन्दोलन खड़ा...
-
शहरी इलाके की प्राइम लोकेशन पर बसी स्लम बस्ती. उसपर भू-माफिया की गिद्धदृष्टि. उसे खाली कराने के लिए इलाके के सबसे बड़े माफिया डान के साथ कर...
-
मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्य...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
झारखंड के अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आये 11 साल हो गए. इस बीच जितनी भी सरकारें बनीं उनमें मुख्यमंत्री का पद आदिवासियों के लिए अघोषित ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें