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सोमवार, 19 नवंबर 2018

सब पर बरसे श्याम प्रभु की कृपा: सुबोधकांत सहाय


श्री श्याम महोत्सव का चांडिल में भव्य शुभारंभ
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री
रांची। चांडिल में तीन दिवसीय श्री श्याम महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को इसके शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि उत्सवधर्मिता हमारी संस्कृति की आत्मा है। श्री श्याम प्रभु करोड़ों लोगों के आस्था पुरुष हैं। महोत्सव में जिस तरह व्पायक जनभागीदारी देखने को मिली है, वह अद्भुत और हर किसी को आनंदित करने वाली है। उन्होंने महोत्सव में भाग ले रहे समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामना देते हुए कहा कि हर किसी पर श्री श्याम प्रभु की कृपा की बरसात हो।
महोत्सव का शुभारंभ विवेकानंद केंद्र से निकाली गयी कलश एवं निशान यात्रा के साथ हुआ, जिसमें 1111 महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा ने पूरे नगर का भ्रमण किया। इस दौरान भक्तजन श्री श्याम प्रभु का जयकारा लगाते रहे। शोभायात्रा में बेबी जायसवाल ,संदीप सुल्तानी ,आयुष पसारी, पंकज पसारी नीरज जालान ,जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव ,राणा सिंह सहित करीब दो हजार भक्त शामिल हुए। आयोजकों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत को पगड़ी पहनाकर और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। महोत्सव के दूसरे और तीसरे दिन भंडारा, भजन सहित कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

झारखंड के गांवों में परिवर्तन का वाहक बनेगा यह कृषि विश्वविद्यालयः रघुवर दास



रांची। कृषि और भारतीय संस्कारों को समर्पित यह कृषि विश्वविद्यालय झारखंड के गांवों में परिवर्तन का वाहक बनेगा। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने यह बात झारखण्ड मंत्रालय में रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोरहाबादी, रांची एवं झारखण्ड सरकार के कृषि विभाग के बीच स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए 150 नए सीट के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये जाने के अवसर पर कही। रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एंड शोध संस्थान, बेलूर मठ के कुलपति स्वामी आत्माप्रियानन्द तथा कृषि निदेशक श्री रमेश घोलप ने MoU पर हस्ताक्षर किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय केंद्र होगा जिसमें 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी कोर्स कृषि, ग्रामीण विकास एवं ट्राइबल डेवलपमेन्ट पर चलाया जाएगा। रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान का ऑफ कैंपस रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची (मोरहाबादी) को 2 करोड़ 94 लाख रूपए का वार्षिक अनुदान की स्वीकृति दी गई है। झारखंड में कृषि को प्राथमिकता के रूप में लिया जा रहा है। राज्य में कृषि शिक्षण को बढ़ावा देने हेतु इस संस्थान को अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान की राशि दो किस्तों में दी जाएगी।राज्य के 150 युवाओं को कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में सशक्त करने हेतु इस संस्थान में दाखिला किया जाएगा। साथ ही, इस संस्थान में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के पदों पर यहां के नागरिकों को प्राथमिकता से बहाल किया जायेगा।

कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने बताया कि रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान एक स्वीकृत डीम्ड विश्वविद्यालय है। इसका एक स्वीकृत ऑफ कैंपस कैंपस रामकृष्ण मिशन आश्रम,रांची (मोरहाबादी) में एकीकृत ग्रामीण एवं आदिवासी विकास एवं प्रबंधन (IRTDM) संकाय केंद्र के रूप में संचालित है। इस संस्थान में IRTDM संकाय केंद्र द्वारा राज्य के युवाओं में शिक्षा एवं कौशल विकास हेतु राज्य में कृषि, ग्रामीण एवं आदिवासी विकास तथा कृषि आधारित उद्यमिता के विकास के लिए विभिन्न शैक्षिक एवं शोध पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे है। कृषि सचिव ने यह बताया कि विश्वविद्यालय में पूर्व से संचालित कोर्स के अलावा 150 सीटों की क्षमता वाले नए कोर्स बी शुरू किए जाएंगे। कृषि विज्ञान में स्नातक पाठ्यक्रम, 3 डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं 3 तीन स्नाकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम जैसे नवीन पाठ्यक्रमों को संचालित किया जाएगा तथा पूर्व से संचालित पाठ्यक्रम यथावत् चलते रहेंगे।

रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शिक्षण एवं शोध संस्थान के कुलपति स्वामी आत्माप्रियानंद ने कहा कि यह संस्थान के लिए गौरव की बात है। 1969 में सन स्थापित रांची में यह संस्थान आने वाले दिनों में कृषि आजीविका और भारतीय संस्कारों के लिए पूरे देश में पथ प्रदर्शक विश्वविद्यालय होगा।

पाइपलाइन से आएगा सोन नदी का पानीः रघुवर दास


रांची। पलामू प्रमंडल में आज किसानों का समागम देख बेहद खुशी हुई। पलामू प्रमंडल के लोग कृषि पर आधारित हैं। बरसात कम होने की वजह से राज्य सरकार ने सुखाड़ का सर्वेक्षण कर राज्य के 129 प्रखंडों के सूखाग्रस्त होने की सूचना केंद्र सरकार को भेज दिया है। पूरे राज्य में 14 लाख 78 हजार से ज्यादा किसानों ने फसल बीमा कराया है। इसके तहत पलामू 5 करोड़, गढ़वा में 4.66 करोड़ और लातेहार में 28.33 लाख की राशि का वितरण फसल बीमा योजना के तहत किसानों के बीच होगा। प्रमंडल के कृषि पदाधिकारी यह समझ लें कि किसानों को योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो, उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। श्री दास सोमवार को पुलिस लाइन स्टेडियम, मेदिनीनगर, पलामू में फसल बीमा योजना समेत विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। श्री रघुवर दास ने कहा कि पलामू प्रमण्डल के किसानों और लोगों को मैं आश्वस्त करता हूँ कि जल्द पेयजल और सिंचाई हेतु पानी सोन नदी से पाइपलाइन के जरिये सभी जिलों तक पहुंचेगी। मार्च 2019 में इस परियोजना का शिलान्यास करने का प्रयास करूंगा।

आप रोजगार देने वाले किसान बनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है जिसने 52 किसानों को उन्नत और कम पानी मे खेती की जानकारी हेतु इजरायल भेजा। पालमू के भी किसान इजरायल गए और आज आपने उन्हें सुना कि कैसे खेती के तरीके में बदलाव आ रहा है। उन्नत तकनीक अपना कर अन्य देश कैसे ज्यादा पैदावार सुनिश्चित कर रहें हैं। इस बात को और समझने के लिए राज्य में वैश्विक कृषि सम्मेलन का आयोजन रांची में हो रहा है। आप सभी से आग्रह है आप इस सम्मेलन में आएं और उन्नत तकनीक से रूबरू हों। श्री दास ने कहा कि किसान भाई को ऑपरेटिव बना कर बेहतर खेती कर सकते हैं, विकसित देश ईसको अपना रहें हैं। राज्य के पढ़े लिखे युवा अपने ज्ञान को कृषि कार्य में लगाएं। आप रोजगार देने वाले किसान बनें। सरकार की योजनाओं का लाभ लें और यह तय करें कि कैसे आप अपने स्तर को उच्चस्तरीय बना सकते हैं।

सभी टाना भगत के मकान को पक्का करें
 गरीब व महिला सशक्तिकरण को प्रमुखता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 2020 तक सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान से आच्छादित करेगी। आज पलामू के 07 हजार बेघरों को पक्का मकान दिया गया। पलामू में निवास कर रहें टाना भगत सभी परिवारों को जल्द पक्का मकान दिया जाएगा। इससे संबंधित निर्देश उपायुक्त महोदय को दे दिया गया है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज हमारी बहनें अब मालकिन बन रहीं हैं। सरकार से महिलाओं के लिए 50 लाख तक की संपत्ति का 1 रुपये में निबंधन कराने की व्यवस्था की है। सखी मंडल के जरिए महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की कोशिश हो रही है। आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 2, 813 महिलाओं को बत्तख और सुकर पालन हेतु 3 करोड़ 75 हाजर की अनुदान राशि का वितरण किया गया। यह उनके स्वावलंबन में सहायक होगा। साथ ही 2 करोड़ 21 लाख 10 हजार 1474 स्वयं सहायता समूह के बीच वितरित किया गया, इसके माध्यम से महिलाएं आर्थिक प्रगति की ओर अग्रसर होंगी। ऐसा मेरा मानना है।

रूल ऑफ लॉ में रहें, पत्थर चलाने वाला शिक्षक नहीं हो सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारा शिक्षक ने जिस तरह धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और राज्य स्थापना दिवस के दिन पत्थर चलाया वह ठीक नहीं है। मैं कहता हूं आप सालों भर काले झंडे दिखाओ मुझे आपत्ति नहीं लेकिन धरती आबा के जन्मदिवस पर ऐसी हरकत और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। पत्थर मारने वाला कभी शिक्षक नहीं हो सकता। यह रघुवर और जनता का शासन है। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा पत्थर मारने वाले शिक्षक को नहीं मिलेगा। मैं नमन करता हूँ राज्य की जनता को जिसने एक मजदूर को मजबूत सरकार दी है। मैं टूट सकता हूं हठधर्मिता के आगे झुक नहीं सकता। समस्या का समाधान होगा लेकिन एक प्रक्रिया के तहत।

रबी फल का बीमा करा लें किसान, ट्रांसफार्मर नवंबर तक
रबी फसल का बीमा भी किसान करवा लें। इसमें 2% प्रीमियम राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी। किसानों को इसमें किसी तरह की राशि का भुगतान नहीं करना है। साथ कि फसल बीमा योजना के तहत राशि का भुगतान DBT के माध्यम से होगा। किसान बिचौलियों की बातों में नहीं आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसफार्मर की उपलब्धता नवंबर माह तक पूरे प्रमंडल में कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने 238.88 करोड़ की योजना का शिलान्यास और 47.03 करोड़ की योजना का किया उद्घाटन
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने फसल बीमा योजना के तहत पलामू में 5 करोड़, लातेहार में 28.33 लाख और गढ़वा में 4.66 करोड़ की राशि के वितरण का शुभारंभ सूखा प्रभावित किसानों हेतु किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 7, 501 लोगों को प्रसाद और ताला चाभी देकर गृह प्रवेश कराया, 1001 बच्चियों को मुख्यमंत्री लाडली योजना के तहत स्वीकृति पत्र से आच्छादित किया, 301 कन्याओं को कन्यादान योजना से संबंधित पत्र सौंपा, भूमि संरक्षण विभाग के पंप सेट योजना के तहत 425 लाभुकों के बीच 90% अनुदान पर पम्प सेट प्रदान किया, गव्य विकास के तहत 401 लाभुकों को 90% व 22 टाना भगत परिवारों को 100% अनुदान पर दो गाय सुपुर्द किया। मुख्यमंत्री ने आत्मा द्वारा 501 लाभुकों को पंप सेट, 5001 लाभुकों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 63 राजस्व उप निरीक्षक के बीच लैपटॉप और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक, जल साहिया, रानी मिस्त्री और राज मिस्त्री को प्रसस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर पलामू सांसद श्री विष्णु दयाल राम, छतरपुर विधायक  राधाकृष्ण किशोर, मणिका विधायक  हरे किशन सिंह, डालटनगंज विधायक विधायक आलोक चौरसिया, कृषि सचिव  पूजा सिंघल, सचिव भवन निर्माण विभाग  सुनील कुमार, आयुक्त पलामू  मनोज कुमार झा, उपायुक्त पलामू समेत अन्य उपस्थित थे।

हमारी बेटियों और बहनों ने देश का नाम रोशन किया हैः रघुवर दास



धुर्वा में  8वीं राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन 2018 का उद्घाटन 


झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि तकनीकी युग में अपराध का स्वरूप भी बदल रहा है। नए-नए प्रकार के अपराधों से सुरक्षा बलों का सामना हो रहा है। हमें इसे चुनौती को अवसर के रूप में लेना है। अपने पुलिसकर्मियों को हर प्रकार से दक्ष बनाना है। आज आयोजित महिला पुलिस के कार्यक्रम में किस पर किस प्रकार दक्षता और पेशेवर तरीके से हम तकनीक का उपयोग करते हुए आने वाली चुनौतियों से निपट सकते हैं, उस पर मंथन होगा। इसका जो भी सार निकलेगा उसका लाभ पूरे देश को होगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आठवें महिला पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।

राज्य की महिलाओं ने ठान लिया है, अब विकास कोई रोक नहीं सकता
सीएम रघुवर दास ने कहा कहा कि झारखंड में हर क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं है। हमारे यहां सामर्थ्य है, संभावना है और संयोग है। यदि हमारे राज्य की महिलाओं को हम साथ लेकर आगे बढ़े हैं, तो हमारे राज्य को विकसित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता है। राज्य की महिलाओं ने ठान लिया है, अब विकास कोई रोक नहीं सकता महिलाओं के इस विशेष योगदान को ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने पुलिस बहाली में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए किया है। इसके साथ ही अलग बटालियन का गठन किया गया है। महिला पुलिसकर्मी को सुविधा देने के लिए आधारभूत संरचना पर भी काफी काम किया गया है।

नारी शक्ति हमारे समाज, राज्य और राष्ट्र की शक्ति बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में नारी शक्ति को हम देवी के रुप में पूजते हैं। हर क्षेत्र में हमारी बेटियों और बहनों ने देश का नाम रोशन किया है। आप सभी का मैं भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती पर स्वागत करता हूं और आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि नारी शक्ति हमारे समाज, राज्य और राष्ट्र की शक्ति बने। हमें महिलाओं को आगे करना होगा। हमने जब-जब अपनी बहनों को, बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दिया है, तब-तब उन्होंने भारत का नाम रोशन किया।

कार्यक्रम में झारखंड के पुलिस महानिदेशक श्री डीके पांडे, बीपीआरएंडडी के महानिदेशक ए पी महेश्वरी, सम्मेलन की अध्यक्ष श्रीमती बी संध्या, सम्मेलन की सचिव श्रीमती संपत मीना, झारखंड आयोजन समिति के सचिव श्रीमती प्रिया दुबे समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

https://www.youtube.com/watch?v=kM0_ZqbGJsQ&t=3s

रविवार, 18 नवंबर 2018

उच्च शिक्षा प्रणाली के पुनर्निमाण की जरूरतः वेंकैया नायडू


नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने 21वीं शताब्दी की जरूरतों के अनुसार उच्च शिक्षा प्रणाली के बारे में पुनः विचार करने और उसका पुनर्निर्माण करने की जरूरत पर जोर दिया। आज क्रेया विश्वविद्यालय का उद्घाटन करते समयउन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिष्ठित संस्थानों का उद्देश्य गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के अलावा किसी व्यक्ति के समग्र विकास को सुनिश्चित करने का भी होना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि क्रेया विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को वैश्विक मंच पर प्रतिभा और विशिष्टता अर्जित करने के लक्ष्य के अलावा त्वरित प्रगति और समग्र विकास की तलाश में हमारी अच्छी भावना से सेवा करनी चाहिए। उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रभावशाली समन्वय का आह्वान किया। सरकार को एक मजबूत समन्वयक की भूमिका निभानी चाहिए और अपने अन्य प्रयासों को पूरक बनाना चाहिए।
श्री नायडू ने कहा कि पर्याप्त उच्च गुणवत्ता के शोधकर्ता न होने और पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या में कमी होने तथा शोध पदों में प्रवेश न करना चिंता का विषय था। भारत जैसी घनी आबादी और गरीबी से लेकर पर्यावरण में गिरावट आने जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करने वाला देश नवाचार के बिना कुछ भी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को नवाचार का केंद्र बनना चाहिए और उन्हें आक्रोशनिराशा और भेदभाव पैदा करने वाला स्थल नहीं बनना चाहिए। एक विश्वविद्यालय को ज्ञान का स्थल, सकारात्मक विचारों का अभयारण्य और ज्ञान तथा बुद्धि का सुरक्षित आश्रय होना चाहिए।
इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कि भारत दुनिया के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के मानकों की तुलना में अभी भी बहुत पीछे है श्री नायडू ने कहा कि 2018 में भी भारत का कोई भी विश्वविद्यालय क्यूएस विश्वविद्यालय रैंकिंग में 100 श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में जगह हासिल करने में सक्षम नहीं हुआ। अमेरिकी और यूरोपीय विश्वविद्यालय अभी भी इस सूची में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर कायम हैं।
श्री नायडू ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय धन की कमी, पर्याप्त संख्या में शिक्षक न होने और नामांकन संख्याओं में गिरावट आने जैसी अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अधिक आकर्षक कैरियर विकल्पों,स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी और वर्तमान पीढ़ी के प्रोफेसरों और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति ने उच्च शिक्षा के हमारे केंद्रों में स्टाफ की कमी पैदा कर दी है।
श्री नायडू ने कहा कि 2022 तक भारत में 700 मिलियन कुशल जनशक्ति की मांग होने की उम्मीद को देखते हुए भारत को युवाओं और छात्रों को नियोजित कौशल से युक्त बनाना होगा। इस तरह के कदमों से न केवल हम जनसांख्यिकीय लाभ प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि इससे भारत को विश्व की 'कौशल राजधानीबनाने में भी मदद मिलेगी।


श्री केड सती दादी मां का मंगल पाठ संपन्न


रांची। श्री केडिया सभा रांची के तत्वावधान में दिनांक 18 नवंबर दिन रविवार को बरियातू रोड स्थित पार्वती एनक्लेव में श्री सज्जन प्रतिमा छावछरिया के आवास स्थान में बड़े ही धूमधाम से श्री केड सती दादी मां का अनुपम मंगल पाठ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर दादी मां का पावन दीप रोशन कर उनके समक्ष मंगल पाठ एवं भजनों की हाजिरी लगाकर दादी मां को रिझाया गया। सभी भक्तों ने सस्वर मंगल पाठ कर दादी मां से भविष्य की मंगल कामना की।
शुरुआत गणेश वंदना से कर दादी मां का मधुर भजन "एक बार मां आ जाओ फिर आके नहीं जाना" दादी जी का बहुत ही प्यारा मेहंदी भजन "सरब सुहागन मिल मंदिरिय म आई दादी जी के हाथ रचाई जी या मेहंदी" दादी मां के आशीष का भजन "दादी की कृपा जिसपे हो जाए वह मौज उड़ाए मौज उड़ाए ले ले तू नाम ले ले दादी का नाम ले ले" दुर्गा मां का भजन "भेजा है बुलावा तूने शेरावालिए ओ मैया तेरे दरबार में हा तेरे दीदार को हम आएंगे नहीं फिर जाएंगे" इत्यादि भजनों को भक्तों ने दादी मां के चरणों में समर्पित किया। तत्पश्चात भोग लगाकर दादी मां की महाआरती की गई और भक्तों को मां का आशीर्वाद दिला प्रसाद का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष रूप से सभा के महामंत्री श्री ललित केडिया, राजकुमार केडिया, संजय केडिया, दिलीप केडिया, राजेंद्र केडिया, ओम केडिया,कृष्णा केडिया, निशा केडिया, अनिता केडिया, मधु अरुण केडिया एवं सभा के सभी सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज से होगी कौमी एकता सप्ताह की शुरुआत

नई दिल्ली। साम्प्रदायिक सदभाव और राष्ट्रीय एकता और मिली जुली संस्कृति और राष्ट्रीय भावना पर गर्व करने के लिए पूरे देश में 19-25 नवम्बर 2018तक कौमी एकता सप्ताह मनाया जाएगा। एक सप्ताह के कार्यक्रमों में निम्नलिखित कार्यक्रम शामिल हैंः-
  • 19, नवम्बर, 2018को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा और धर्मनिरपेक्षता सम्प्रदाय वाद विरोध और अहिंसा की थीम पर बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
  • 20 नवम्बर, 2018को अल्पसंख्यक कल्याण दिवस मनाया जाएगा और 15 सूत्रीय कार्यक्रम के विषयों पर बल दिया जाएगा। दंगा संभावित शहरों में विशेष सौहार्द जुलूस निकाले जाएंगे।
  • 21 नवम्बर, 2018को भाषाई सौहार्द दिवास मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों को दूसरे हिस्सों की भाषाई विरासत की जानकारी देने के लिए विशेष साक्षरता कार्यक्रम और कवि सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे।
  • 22 नवम्बर, 2018को कमजोर वर्ग दिवस मनाया जाएगा और अनुसूचितजाति अनुसूचितजनजाति तथा कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं को बताने के लिए बैठकें और रेलियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें भूमिहीन श्रमिकों को ज़मीन वितरण पर बल दिया जाएगा।
  • 23 नवम्बर, 2018को सांस्कृतिक एकता दिवस मनाया जाएगा और विधिवता में भारतीय परम्मपराओं की एकता दिखाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
  • 24 नवम्बर, 2018को महिला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन भारतीय समाज़ में महिलाओं के महत्व और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को बताया जाएगा।
  • 25 नवम्बर, 2018को संरक्षण दिवस मनाया जाएगा और उस दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए अनेक बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
 कौमी एकता सप्ताह मनाने से वास्तविक और संभावित खतरों से निबटने में देश की अन्तरनिहित दृढ़ता उज़ागर करने में सहायता मिलती है, अपने देश का धर्मनिरपेक्ष ताना बाना मजबूत होता है और सम्प्रदायिक सदभाव की भावना बढेगी। कौमी एकता सप्ताह सहिष्णुता सह अस्तित्व तथा भाईचारे के मूल्यों और सदियों पुरानी परम्पराओं के प्रति संकल्प व्यक्त करने का अवसर है।
सम्प्रदायिक सौहार्द के लिए गृह मंत्रालय के स्वशासी संगठन नेशनल फाउण्डेशन फॉर काम्युनल हॉरमोनी (एनएफसीएच) कौमी एकता सप्ताह के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द अभियान चलाता है और 25 नवम्बर को साम्प्रदायिक सौहार्द झंडा दिवस मनाता है। फाउण्डेशन साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रोत्साहित करता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाता है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...