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गुरुवार, 29 नवंबर 2018

किसानों ने किया कृषि ज्ञान का आदान प्रदान

#ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018-झारखंड

टेक्निकल सेशन
सहयोगी देश इजराइल

रांची। मिस माया कुदास चार्ज डी अफेयर्स, एम्बेसी ऑफ़ इजराइल ने कहा कि झारखण्ड से किसानों ने इजराइल में आकर कृषि के उन्नत टेक्निक के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस्राएल और झारखण्ड राज्य के किसानों ने आपस में कृषि के ज्ञान का आदान- प्रदान किया।
डैन अलोफ्फ, इजराइली प्रतिनिधि ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि इजराइल में कृषि महत्वपूर्ण है।इजराइल ने कृषि के क्षेत्र में बहुत सारे अनुसन्धान किए हैं। कृषकों को मार्केट से जोड़ा गया है। ड्रिप इरीगेशन के माध्यम से पानी की कमी होने के बावजूद भी बेहतर ढंग से पानी का उपयोग किया जाता है।
स्वच्छ पानी जब गंदे पानी में परिवर्तित हो जाता है तो उसे रीसायकल कर कृषि में इस्तेमाल किया जाता है। किसानों, अनुसन्धान केन्द्रों और निजी क्षेत्र के समन्वय से
दुग्ध उत्पादन बेहतर ढंग से किया जाता है।इंडो- इस्राएल कृषि योजना अन्तर्गत आम, अनार, खजूर, संतरा इत्यादि पर काम किया जा रहा है।
आधुनिक कृषि फार्म नर्सरी, कैनोपी विकसित किए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों की आवश्यक्तानुसार कार्य किया जाता है। किट नाशक परियोजना भी चल रही है।
सुरेन्द्र माखीजा ने कहा कि जलगाँव में जैन इरीगेशन ने अमेरिका की कंपनी के साथ समझौता किया। इस्राईली कंपनी नाम दान को खरीद लिया और उसे नानदान-जैन के नाम से काम करना शुरू किया। केला, अनार स्ट्रॉबेरी का उत्पादन टिश्यू कल्चर के माध्यम से किया जाता है। किसानों से हम आम, प्याज आदि खरीद कर उसका प्रसंस्करण करते हैं और बाजार में बेचते हैं। microirrigation और food processing में हम बेहतर कार्य कर रहे है।
नेटाफेन (netaafen) कंपनी के प्रतिनिधि  क्रिश्नाथ महोलकर ने झारखण्ड के किसानों को इजराइल की टेक्निक अपनाने हेतु क्या किया जाना चाहिए, इस बारे में विस्तारपूर्वक बताया। grow more with less
श्री संतोष पाटिल ने कहा कि satellite based technology के माध्यम से खेती की जाएगी। gps के माध्यम से सर्वे किया जाता है। अग्रोनोमिक knowledge किसानों को दिया जाता है।
श्री मुकेश गुप्ता ने कहा कि इजराइल केमिकल्स लिमिटेड 70 साल पुरानी कंपनी है। मुख्यतः खाद बनाने का काम करती है। ड्रिप इरीगेशन में 90 प्रतिशत पानी का सदुपयोग होता है, स्प्रिंकलर इरीगेशन में 70-75 प्रतिशत ही पानी का उपयोग हो पाता है। जबकि फ्लड इरीगेशन में केवल 30 प्रतिशत ही पानी का इस्तेमाल होता है। फोलियर खाद टेक्नोलॉजी के बारे में बताया गया।

Global agriculture and food summit 2018 has been organized in Khelgaon.


Ranchi. First session was on ‘Agricultural equipment- The need of the hour’, which had delegation from China to brief the session. Session started with the address of Dr. Song Juguo, Deputy Director General, Ministry of agriculture and rural development, China. He talked about the trade policy of China and significance of agriculture in its export oriented economy. India and China are agriculture based country and it is the key sector in which both countries can cooperate and develop relation. He said that the business policy of India and China has improved significantly.
Mr. Zhao Xialolei from Ya pear brothers said that pear is the main exported fruit of China. Although they have different variety of it but Early Su Pear is more significantly exported to India. China produce, package and export different variety of pear to different nations which include USA, Canada, Australia, Maxico, Europe, Sri lanka and Middle East etc. The company is exploring different dimension of this sector since 1999.
Mr. Pan Dehui is indulge in the production and sales of apple since 2011 said that their company is the top production and export company of apples. He said that china consumes largest production of apples and exports only 3 percent of their produce. He also invited India to visit China and said that Indian are highly welcome to visit and learn the produce and packaging.
Wang Menjioa from fruit and vegetable foodstuff co. ltd said that Chinese apple industry is sunrise industry and produce apples of various varieties. She shared her personal trivia and said that after graduating from USA she decided to help her father in business and returned China. She informed that they share Cooperative Model for standardization, Trace ability system for quality and safety and various means for improvisation.
She concluded the session with thanks. All the delegates from China were presented with memento.

झारखंड में कृषि और फूड प्रोसेसिंग की अपार संभावनाएंः सुधीर त्रिपाठी

ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018-झारखंड

नई ऊर्जा, प्रेरणा और विश्वास के साथ किसान कृषि कार्य में गति प्रदान करें- मुख्य सचिव

झारखण्ड के किसान अपने आय को दोगुना नहीं 4 गुना कर सकते हैं- CEO नीति आयोग

ग्रामीण झारखण्ड के विकास की बात हो- एमडी अमूल इंडिया



रांची।  झारखंड की जलवायु, यहां के भौगोलिक स्थिति, यहां के मेहनतकश किसान और मजदूर  उन्नत कृषि कार्य के लिए अनुकूल हैं। राज्य में कृषि और फ़ूड प्रोसेसिंग में अपार संभावनाएं है। खनिज संपदा के साथ साथ कृषि के क्षेत्र में भी झारखंड देश दुनिया मे जाना जाता है। वर्तमान सरकार के चार वर्षों की मेहनत के कारण कृषि के क्षेत्र में कई नए प्रयोग किये गए हैं। कृषकों को हेल्थ कार्ड, महिला समूहों का गठन, बीज ग्राम की स्थापना, क्रियाही बाजार का आधुनिकीकरण, कृषि आधारित उधोग की नींव स्थापित करना आदि महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। यह बात ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फ़ूड समिट 2018 के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कही। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उस मंच की तरह है जहां कृषि से संबंधित सभी लोग उपस्थित हुए हैं। कार्यक्रम में किसान, कृषि वैज्ञानिक, बाजार से जुड़े व्यवसायी, कृषि आधारित उद्योग के प्रतिनिधि उपस्थित है। एक मंच पर इन सब के आने से सब अपने विचारों का आदान प्रदान करेंगे तो उसका परिणाम कृषि क्षेत्र में परिलक्षित होगा। देश विदेश से आये कृषि प्रतिनिधियों को धन्यवाद। किसानों से आग्रह है कि कार्यक्रम के बाद यहां लगे स्टाल पर जरूर जाएं और नए तकनीक के विषय के संबंध में जाने। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में कई सकारात्मक कार्य हुए है। झारखंड के ओडीएफ होने, मनरेगा, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आदि से गांव का त्वरित विकास गया है। दिसंबर माह तक राज्य के हर गांव और हर घर तक बिजली पहुंच जाएगी। कृषि विकास की एक कड़ी आज का यह कार्यक्रम है। यह एक नई ऊर्जा है और आशा है कि यहां आए 10 हजार किसान यहां से मिले तकनीक को अपने गांव में और अन्य किसानों की समृद्धि के वाहक बनें।

आपका दृढ़ निश्चय ही आपकी प्रगति का वाहक बनेगा.

कार्यक्रम में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि 4 वर्ष के शासन काल मे क्रांति आई है। कृषि विकास दर में – 4 % से 14.2 % की वृद्धि दर्ज की गई। मत्स्य के क्षेत्र में भी लंबी छलांग झारखण्ड ने लगाई है मत्स्य उत्पादन 4 साल में 83% बढ़ी है। पूरे देश में ऐसा नहीं हुआ। 2022 तक किसानों नकी आय दोगुना करने के लक्ष्य को लेकर कार्य हो रहा है। राज्य के किसान कृषि के साथ साथ डेयरी और मत्स्य पालन की ओर ध्यान दें, ऐसे में झारखण्ड के किसान 2022 तक अपने आय को दोगुना नहीं बल्कि 4 गुना तक कर सकते हैं। झारखण्ड में लगातार बदलाव हो रहा है, किसान अपनी दृढ़ निश्चय और संकल्पशक्ति की बदौलत अपनी प्रगति के वाहक स्वयं बनेगें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमूल इंडिया के एमडी  आर एस सोढ़ी ने कहा कि जब कभी भी झारखण्ड के विकास की बात होगी तो ग्रामीण क्षेत्र के विकास की बात पहले आएगी। भारत विश्व भर में दूध उत्पादन ने पहले नंबर पर है। झारखण्ड में 52 लाख लीटर दूध उत्पादन होता है हर दिन। जबकि जरूरत 130 लाख टन की है। प्रति व्यक्ति 157 ग्राम का उत्पादन हो रहा है जबकि जरूरत 176  ग्राम की है। 75 लाख लीटर की कमी है। अन्य राज्यों से झारखण्ड 13 से 14 हजार करोड़ का दूध खरीदता है। अगर झारखंड में 25 लाख लीटर दूध उत्पादन होता है तो 2 लाख 75 हजार परिवार लाभान्वित होंगे, 8 से 10 हजार करोड़ का मुनाफा राज्य सरकार को होगा। जिस तरह सब्जी के क्षेत्र में कार्य हो रहा है उसी तरह डेयरी के क्षेत्र में भी कार्य करें किसान।

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र

इस अवसर पर गोन्चिंग गैनबोल्ड एंबेसी ऑफ मंगोलिया ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और मंगोलिया सबसे छोटा लोकतंत्र वाला राज्य है। कृषि के क्षेत्र में मंगोलिया सरकार ने कई काम किया है। कृषि क्षेत्र में काम करने के कारण देश मे काफी प्रगति हुई है। 2019 में 6.2 प्रतिशत वृद्धि कृषि क्षेत्र में होगा। साफ सुथरा फसल सभी के लिए जरूरी है। झारखंड में कई देशों के निवेशक कृषि क्षेत्र में निवेश कर रहें हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। यह समिट सभी के लिए लाभकारी होगा। राज्य के उन्नति के लिए सभी को शुभकामनाएं। मंगोलिया हर तरह से झारखण्ड को अपना सहयोग देने को तत्पर है।


कोका कोला झारखण्ड में लगाएगा प्लांट

अपने संबोधन में कोका कोला के वाईस प्रेसीडेंट इश्तियाक अमजद ने कहा कि हिंदुस्तान सहित कई देशों में सबसे ज्यादा फ़ूड प्रोसेसिंग में कंपनी काम कर रही है। कंपनी फल, सब्जी, डेरी मिल्क आदि में काम कर रही है। 2017 से 2022 तक कंपनी 11000 करोड़ का निवेश फ़ूड के क्षेत्र में करने वाली है। इसके पीछे उद्देश्य है कि किसानों की आय को बढ़ाया जाए और किसानों को लाभ हो। भारत मे फ़ूड प्रोसेसिंग में बहुत कम काम हुए है। कोका कोला कंपनी भारत मे इस क्षेत्र में काम कर रही है। झारखण्ड में भी वे इस क्षेत्र में निवेश करना चाहते है। उन्होने कहा कि मेरी पैदाइश और पढ़ाई रांची से हुई है, इस कारण मेरा व्यक्तिगत रुझान भी झारखंड को आगे बढ़ने में ज्यादा है।

झारखण्ड के किसान मेहनती

इजराइल से आई माया कदोश ने कहा कि इजराइल कृषि क्षेत्र में कई तकनीकों पर काम कर रही है। हाल में ही झारखंड के कई किसान भी इजराइल दौरे पर आए थे। झारखंड में खनिज संपदा है और यहां के किसान भी मेहनतकश है।यहां की सरकार फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में काम कर रही है। झारखंड सरकार कृषि नीति बना कर यहां के किसानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। यहां की सरकार किसान को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

30 दिन में मिला 27 एकड़ जमीन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  मदर डेयरी के प्रदीप्ता कुमार साहू ने कहा कि 2016 में कंपनी ने झारखण्ड में उद्योग स्थापना हेतु प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव के 30 दिन बाद हमें 27 एकड़ जमीन मिल गई। 1 साल के अंदर हमने 100  करोड़ का प्लांट तैयार कर उत्पादन शुरू कर दिया। राज्य के किसानों को प्रशिक्षित कर अमरीकन स्वीट कॉर्न, मटर और टमाटर की खेती प्रारंभ की। अब हम 1 लाख टन टमाटर उत्पादन का लक्ष्य रखें हैं। या कार्य मे 50 हजार किसान जुडेंगे

बुधवार, 28 नवंबर 2018

program schedule of summit


List of 50 food processing units for groundbreaking.


Brochure of global agriculture and food summit









Doors of foreign market will open for farmers: CM

Global Agriculture and Food Summit
*Entry free for common people from 4 pm to 8
* Another 100 farmers including 50 women to be sent to Israel in next batch
* Ground breaking for 50 units having combined investment of Rs 271 crore

Ranchi,: The Global Agriculture and Food Summit will open the doors of foreign shores for vegetables and other agriculture products which are produced by the farmers of Jharkhand said Chief Minister Raghubar Das here.

At Chief Minister’s residence  the chief minister said that Jharkhand was the second state in the country to host event of such a magnitude as earlier it has been held only in Gujarat. He said that even in the undivided Bihar there was no global summit on agriculture and this is the first which is being organised in Jharkhand since the state came into existence.

Mr Das said that in the era of knowledge one should must think of ways as to how the income of the farmers can be doubled, the cost of agriculture is reduced and productivity is maximized and ultimately the income of the farmers is increased. He said that the Global Agriculture and Food Summit was an event for the entire state and not for the government alone and asked the people to extend their full cooperation to ensure the event is a huge success.

The Chief Minister said that like the Momentum Jharkhand which was held in February last year the doors of Global Agriculture and Food Summit would also be opened for the common people who can witness the exhibitions and the stalls which have been put up at the venue from 4pm to 8 pm and their entry is free of cost.

Mr Das said that his government was committed to make the farmers technologically advanced and as part of strengthening their know how two batches of the farmers were sent to Israel to learn the modern methods of agriculture and again a batch of 100 farmers including 50 women would be sent to Israel/Philippines to learn the modern methods of agriculture.

He said that during his travel across the state he has come to notice that it is the women who are doing the most of the work in the agriculture and animal husbandry sector especially the women in the tribal areas therefore the women farmers needed to be encouraged further. Mr Das said that to remove poverty and unemployment the state government has focused on laying a network of small and cottage industries in the state.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

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