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गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

कबड्डी एसोसिएशन ने ली मृतक खिलाड़ी के परिजनों की सुध

सड़क दुर्घटना में मृत खिलाड़ी विवेख कुमार के परिजनों को 15 हजार की मदद की घोषणा
खिलाड़ियों के ग्रूप इंश्योरेंस का लिया निर्णय

दुर्घटना में मृत कबड्डी के राष्ट्रीय खिलाड़ी विवेक कुमार
रांची। 12 फरवरी को देवघर निवासी पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी विकेश कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत से कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड परिवार काफी मर्माहत है। संघ के चेयरमैन अर्चित आनंद ने विकेश कुमार की आकस्मिक मौत पर दुःख जताया है और शोक संतप्त परिजनों को अपनी ओर से 15 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा अर्चित आनंद ने ये भी घोषणा की है कि वर्तमान में झारखंड कबड्डी टीम का प्रतिनिधित्व करनेवाले सभी खिलाड़ियों का ग्रुप एक्सीडेंटल इन्सुरेंस जल्द से जल्द (31 मार्च से पहले) कराया जाएगा। जिसका पूरा खर्च वे स्वयं वहन करेंगे। जिससे कि विषम परिस्थितियां आनेपर देश-राज्य का नाम रौशन करनेवाले खिलाड़ियों के परिजनों को कुछ आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके।

मुख्य अतिथि के रूप में सुबोधकांत की भागीदारी

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय बरनबास हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के 34वां एवं 35वाँ बैच ऑफ़ बी एस सी नर्सिंग एवं 37 वां बैच ऑफ़ जी एन एम स्टूडेंट के ग्रेजुएसन सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुये ।

जे के प्रस्तुति मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित

मयूराक्षी ने शंख को 14 रनों से पराजित किया


रांची । जे के प्रस्तुति मीडिया कप क्रिकेट में आज पहले मुकाबले में मयूराक्षी की टीम ने शंख को 14 रनों से पराजित किया। मेकॉन स्टेडियम में खेले गये मैच में शंख की टीम ने टॉस जीत कर पहले फिल्डिंग करने का निर्णय लिया। मयूराक्षी टीम की ओर से पारी की शुरूआत भगवती और संजीव सिंह ने किया लेकिन एक ही रन पर पहला विकेट के रूप में •ागवती आउट हो गये। इसके बाद संजीव सिंह 02, जितेंद्र 05, किसलय शानू 00, विकास पाण्डेय 40, अ•िाषेक 38 असरारूल 02 और सुनील 04 रन बनाकर आउट हुए। मयूराक्षी की टीम निर्धारित 16 ओवर में आठ विकेट के नुकसान में 127 रन बनाया। मयूराक्षी के बल्लेबाज विकास पाण्डेय ने सबसे अधिक 40 तथा अ•िाषेक ने 38 रनों का योगदान दिया।
शंख की ओर से प्र•ााष झा ने 3 ओवर में 13 रन देकर 4 विकेट, अनवर अली ने 3 ओवर में 27 रन देकर 1 विकेट, प्रिंस 1 ओवर, 8 रन, विनय 3 ओवर 23 रन, आशीष 3 ओवर 27 रन तथा सरदीप ने 2 ओवर में 16 रन देकर 1 विकेट लिये।
128 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी शंख के टीम के बल्लेबाज अजय ने 17, आशीष 02, संदीप 42, प्र•ााष झा 02, आशीष झा 02, विनय 00, अनवर अली 08 गोविंद 05 तथा कुणाल ने 02 रनों का योगदान दिया। शंख की ओर से सबसे ज्यादा संदीप ने 42 रन बनाये। शंख की टीम ने निर्धारित 16 ओवर में सात विकेट पर 113 रन ही बना सकी। इस तरह मयूराक्षी की टीम ने यह मैच 14 रनों से जीत लिया।
मयूराक्षी टीम के गेंदबाजों में जितेंद्र ने 3 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट, नदीम ने 3 ओवर मेें 16 रन देकर 2 विकेट, असरारूल ने 3 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट, संजीव ने 3 ओवर में 18 रन देकर 1 विकेट, अ•िाषेक 3 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट और चंदन 1 ओवर में 8 रन देकर 1 विकेट लिया।
बल्लेबाज के रूप में 38 रन बनाने तथा एक विकेट लेने वाले मयूराक्षी के अ•िाषेक मैन आॅफ द मैच चुना गया

बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

वन्य प्राणियों और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए विकास की नीति बनाएंःरघुवर दास




रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य वन्यजीव परिषद की बैठक में यह निर्देश दिया कि वन्य प्राणियों और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए विकास की नीति बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉर्थ कर्णपुरा कोल ब्लॉक के क्षेत्र में वन्य प्राणियों के आवागमन के मार्ग भी हैं तथा यह क्षेत्र पलामू व्याघ्र परियोजना तथा हजारीबाग वन्य प्राणी आश्रयणी से भी जुड़ा हुआ है। साथ ही, दामोदर नदी के मुख्य क्षेत्र में अवस्थित है।इसलिए वन्य जीव और वन पर आधारित स्थानीय जन जीवन के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथियों के आवागमन के चिन्हित मार्गों पर उनके भोजन के लिए बड़े पैमाने पर बांस आदि लगाए जाएं और बड़े जलाशय बनाये जाएं।

नॉर्थ कर्ण पुरा कोल ब्लॉक के लिए बनाए गए समेकित वन्य प्राणी प्रबंधन योजना पर झारखंड राज्य वन्यजीव परिषद ने समग्रता से विचार किया। यह कॉल ब्लॉक राज्य के 5 जिलों हजारीबाग चतरा लातेहार रांची एवं रामगढ़ में विस्तारित है। इसमें पर्यावरण एवं सामान्य जनजीवन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े इसके लिए समेकित वन्य प्राणी प्रबंधन योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समेकित वन्य प्राणी प्रबंधन योजना राष्ट्रीय वन्यजीव परिषद के स्टैंडिंग समिति के विचार में के लिए भेजी जाए।

 राष्ट्रीय वन्यजीव परिषद के स्टैंडिंग समिति से सहमति के बाद साईं स्पेसिफिक प्लान बनाकर उन पर वन विभाग द्वारा कार्य कराया जाएगा। कोल ब्लॉक क्षेत्र में कार्य करने वाली कोयला कंपनियों द्वारा लगभग ₹ 2090 करोड़ के बजट की राशि वन विभाग को दी जाएगी। वन विभाग कैंपा फंड के माध्यम से वन्य जीव और वन पर आधारित स्थानीय जनजीवन के विकास पर व्यय होगा।

बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी अपर मुख्य सचिव वन श्री इंदुशेखर चतुर्वेदी, पीसीसीएफ श्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, खान सचिव श्री अबूबकर सिद्दीख पी पीसीसीएफ सह वाइल्डलाइफ कम मेंबर सेक्रेट्री श्री पी के वर्मा, वन विभाग के विशेष सचिव श्री ए के रस्तोगी, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर के के नाग, झारखंड पोलूशन कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री ए के मिश्रा, श्री प्रकाश उरांव सहित परिषद के सदस्य तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिेए दी कृषि सम्मान निधि की जानकारी

प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना का झारखंड के अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिले

प्रधानमंत्री की यह पहल कृषि संस्कृति को बढ़ावा देगी और किसानों की आय बढायेगीःरघुवर दास


रांची। मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने झारखण्ड मंत्रालय से आज सायं सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना का झारखंड के अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिले। झारखंड के सभी 24 जिलों के उपायुक्त स्वयं इस कार्य का पर्यवेक्षण करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी लघु सीमांत किसान परिवार अर्थात 5 एकड़ या उससे कम भूमि वाले किसान परिवार इससे वंचित ना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 तारीख, 26 फरवरी और 1 मार्च तक राज्य के अधिक से अधिक लाखों किसान परिवार के नाम पते बैंक खाता नंबर आधार नंबर तथा जिनके पास आधार नंबर ना हो उनका आधार एनरोलमेंट नंबर, मोबाइल फोन नंबर इत्यादि अपलोड कर दें।

24 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना की शुरुआत
ज्ञात हो कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लघु और सीमांत कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6000 डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिया जाना है। यह धनराशि चार-चार महीने के अंतराल में ₹2000 के तीन सामान किस्तों में दी जाएगी। इसके तहत जब भारत के प्रधानमंत्री 24 फरवरी को इसकी शुरुआत करेंगे तब देशभर के उन लघु एवं सीमांत किसान परिवार को जिनका डाटा pmkisan.nic.in पर अपलोड कर दिया गया है, के अकाउंट में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹2000 क्रेडिट हो जाएगा। 1 फरवरी 2019 को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में किसान सम्मान निधि की स्थापना की गई है। इसी निधि से लघु और सीमांत कृषकों के परिवारों को प्रत्येक वर्ष ₹6000 डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिया जाएगा।

किसानी संस्कृति को बढ़ावा देगी और किसानों की आय क्षमता को भी बढ़ाने में मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी तथा किसानों के खेती में होने वाले छोटे-छोटे भी आए पूरे किए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करते हुए यह भी कहा किया कि यह देश की किसानी संस्कृति को बढ़ावा देगी और किसानों की आय क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करेगी।

इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, भू-राजस्व सचिव श्री के के सोन, कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के नोडल पदाधिकारी श्री मंजुनाथ भजन्त्री, कृषि निदेशक श्री रमेश कुमार घोलप, भू अभिलेख के निदेशक ए. मुत्थु कुमार सहित वरीय अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

मिरगी रोग चिकित्सा शिविर 17 फरवरी को




रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह की रांची शाखा के तत्वावधान में 17 फरवरी को समूह के स्थानीय केंद्र भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, बड़ा तालाब, रांची में मिरगी रोग से पीड़ित रोगियों के लिए निःशुल्क मिरगी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रोगियों का इलाज आयुर्वेदिक और फकीरी पद्धति से किया जाएगा। उन्हें दवा और परामर्श मुफ्त मिलेगा। शिविर में परामर्श और चिकित्सा के लिए पड़ाव, वाराणसी स्थित मुख्यालय से प्रसिद्ध वैद्य तेज़ बहादुर सिंह पधार रहे हैं।

शिविर का लाभ लेने के लिए मरीजों का पंजीयन 15 फरवरी तक बड़ा तालाब स्थित आश्रम में होगा। उन्हें 16 फरवरी की शाम 4 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। 17 फरवरी को सूर्योदय से पूर्व उन्हें दवा दी जाएगी। रात्रि विश्राम की व्यवस्था आश्रम की तरफ से किया जाएगा लेकिन कंबल स्वयं अपने साथ लाना होगा।

श्री सर्वेश्वरी समूह के पदाधिकारी और स्वयंसेवक रांची शहर और आसपास के इलाकों में लगातार शिविर का प्रचार कर लोगों को जानकारी दे रहे हैं ताकि अधिक से अधिक मरीज शिविर का लाभ उठा सकें।


शिविर के संबंध में कोई भी जानकारी 9031794052, 9826262055, 8987766320,9835122752 और 8987457999 नंबरों पर प्राप्त की जा सकती है।

मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019

विकास की गंगा गांव गांव तक पहुंचाना हैःरघुवर दास





जमशेदपुर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मार्च 2019 तक राज्य के हर घर और हर गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ज्ञान आधारित युग में बिजली के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बिजली उपकेंद्र बहुत पहले शुरू हो जाना चाहिए लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण यह नहीं हो पाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय से आदेश प्राप्त कर इस विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न बस्ती क्षेत्रों में निर्बाध रुप से बिजली आने वाले समय में आपूर्ति होगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, इंजीनियर संवेदक सभी को बहुत-बहुत साधुवाद और धन्यवाद।

मुख्यमंत्री आज जमशेदपुर में 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र सिदगोड़ा के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। "विकास पर्व" कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज जमशेदपुर के सिदगोड़ा में विद्युत, सड़क, स्मार्ट क्लास, पेयजल सहित आधारभूत संरचना से संबंधित अनेक योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और डिजिटल अनावरण किया।

जमशेदपुर क्षेत्र की जनता को नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज जो भी हूं वह जमशेदपुर की जनता के कारण हूं। विशेषकर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की जनता के कारण इसलिए मैं पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की जनता को नमन करता हूं कि जिनके कारण आज एक गरीब मजदूर परिवार का बेटा मुख्य सेवक बना है। उन्होंने कहा कि 1995 में जमशेदपुर की जो स्थिति थी उसमें दो तरह की व्यवस्था थी। टाटा कमांड एरिया में रहने वाले लोगों को संपूर्ण मूलभूत सुविधाएं मिलती थीं वहीं बस्तियों की जनता को बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव था। मैं सेवा करने के लिए मुख्यमंत्री बना हूं। हमने जनता से जनता की मांगों के लिए जो वादा किया था मुझे यह खुशी है कि उन्हें हमारी सरकार पूरा कर पाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे क्षेत्र की जनता का निस्वार्थ प्रेम और सहयोग मिला इसलिए मैं खुद को दुनिया का सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं। उन्होंने कहा कि शहर और बस्तियों की दूरी को कम करने का जो वादा किया गया था वह आज पूरा हो रहा है। जो शहर में सुविधाएं मिल रही है वहीं सुविधा बस्ती में भी मिले और इसी निमित्त बस्ती इलाकों में टाटा और जुस्को के साथ एमओयू करके पानी की व्यवस्था सरकार देने जा रही है। इस कार्य को तीव्र गति से करते हुए 1 वर्ष के अंदर जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में हर घर तक पानी पाइप लाइन के द्वारा पहुंच जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि 2019 दिसंबर तक शहर में 24 * 7 बिजली की तरह गांव में रहने वाले गरीब को भी नो कट 24 * 7 बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि 60 ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइन और नजदीक सब स्टेशन बनने के बाद गांवों में भी रहने वाले गरीब को भी 24 घंटे बिजली निर्बाध बिजली मिलेगी।

एक जमशेदपुर में एक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमशेदपुर शहर में सभी जगह एक जैसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए टाटा और जिसको के साथ रांची के अधिकारियों के साथ रांची में बातचीत की गई है। एक ही जगह दो तरह की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। राज्य इसके लिए राज्य सरकार टाटा और जूस को को राशि आवंटित करेगी और जमशेदपुर और सरायकेला में सभी जगह बिजली और पानी की संरचना उनके द्वारा पोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरायकेला और जमशेदपुर के औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब को भी टाटा द्वारा बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। बहुत जल्द इस पर एमओयू होगा जिसके बाद फिर टेकओवर करके यह कार्य प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह जमशेदपुर के क्वार्टर एरिया में निर्बाध बिजली आपूर्ति होती है उसी तरह आने वाले समय में बागुनहातू, बिरसानगर ,जेमको जैसे बस्ती क्षेत्र में पानी बिजली की कमी नहीं रहेगी। यही वादा मैंने 1995 में किया था। मैंने 1995 में आसमान से तारे तोड़कर लाने का वादा नहीं किया था। जो मैंने सपना देखा था वह सपना पूरा होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमशेदजी नासरवनजी का शहर जमशेदपुर जिस उद्देश्य के साथ बसा था उसके लिए शहरवासियों को भी एकजुट होकर प्रयास करना होगा जिससे जमशेदपुर भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर बने। चौड़ी सड़कें, हरे-भरे पार्क, विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं से युक्त जमशेदपुर उत्कृष्ट शहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर जमशेदपुर नासरवानजी की दूरदृष्टि का परिणाम है, जिनकी सोच सिर्फ लाभांश कमाने की नहीं रही है बल्कि टाटा अपने लाभांश का 66% जनता पर खर्च करने वाली कंपनी है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि टाटा झारखंड की धरती पर पुष्पित पल्लवित है, जिन्होंने गुलामी के समय में देश की समृद्धि के लिए काम किया।

4 वर्ष में अभूतपूर्व नगरीय विकास
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण में सर्वत्र सड़कें चौड़ी हो रही हैं। सरकार के स्तर से 4 साल में नगर विकास में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। चाहे वह जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र हो अथवा पश्चिमी क्षेत्रीय जुगसलाई हो सिर्फ नगरीय व्यवस्था स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने में 250 करोड़ रुपए सरकार ने खर्च किये हैं। उन्होंने कहा कि शहर किसी भी राज्य की आन बान शान होते हैं। इसलिए शहर की भी व्यवस्था सुव्यवस्थित रहें यह भी सरकार की प्राथमिकता है।

राज्य के सभी स्कूलों में बेंच डेस्क सहित उच्चस्तरीय सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 दिसंबर 2014 को सरकार गठन के बाद सर्वप्रथम 3 जनवरी को शिक्षा विभाग का रिव्यू किया। आजादी के 67 वर्ष बाद सरकारी स्कूलों की दशा दयनीय थी। झारखंड में 38000 स्कूलों में मात्र 7000 स्कूलों में ही बेंच डेस्क थे। शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि हर हाल में 2 वर्ष के अंदर झारखंड के 38000 स्कूलों में बेंच डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि हर गरीब के बच्चे को भी स्वाभिमान के साथ बेंच डेस्क पर पढ़ने की सुविधा देनी चाहिए।

झारखंड से गरीबी को समाप्त करना है तो उस गरीबी को समाप्त करने का शिक्षा सबसे बड़ा साधन है। शिक्षा ही इस राज्य की गरीबी को समाप्त कर सकती है। इसलिए शिक्षा को हमने प्राथमिकता देते हुए स्थानीय नीति नीति परिभाषित की गई और अब सभी स्कूलों में विषयवार टीचरों की बहाली की जाएगी। बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि भाषा, संस्कृति और परंपरा अक्षुण्ण रहे। बांग्ला, उड़िया और 9 जनजाति भाषाओं के लिए शिक्षकों की बहाली करने का कार्य भी सरकार ने किया है ताकि झारखंड की भाषा संस्कृति और परंपरा जो कि हमारी पहचान है वह कायम रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असली प्रतिभा गरीब के घर में और गांवों में है। उन प्रतिभाओं को अच्छी शिक्षा देना है। इस दृष्टिकोण से सरकारी विद्यालयों में 40 स्मार्ट क्लासेस की शुरुआत की गई है। पूरे राज्य में स्मार्ट क्लास के माध्यम से गांव में रहने वाले बच्चों को चाहे स्लम क्षेत्र के बच्चों को भी गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिले यह हमारी जिम्मेदारी है और उस जिम्मेदारी को निभाने का काम हमारी सरकार कर रही है।

बिजली के बिना विकास की कल्पना नहीं
उप मंत्री ने कहा कि बिजली ठीक से आएगी तो बच्चे अच्छी तरह से पढ़ाई लिखाई करेंगे, किसानों के खेत में उन्नत खेती होगी, उद्योग धंधे समुन्नत बनेंगे और लोग मनोरंजन भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कार्य किया है। झारखंड में 68 लाख परिवार हैं। इन परिवारों में 38 लाख घरों में ही 4 वर्ष पूर्व बिजली थी 30 लाख घरों में अंधेरा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 साल में राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य किया गया है। हर हाल में मार्च तक झारखंड के बचे हुए घरों में हर जिले के हर गरीब के घरों में बिजली पहुंच जाएगी, जिससे गरीब का बच्चा भी बिजली की रोशनी में पढ़े लिखे और किसान को 6 घंटे बिजली मिलेगी। इसके लिए एग्रीकल्चर फीडर इसी अप्रैल माह में पूर्ण हो जाएगा। उद्योग के लिए अलग से फीडर बन रहा है और घरेलू उपयोग के लिए अलग फीडर बन रहा है ताकि किसी को किसी से कोई परेशानी ना हो।

"मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के बारे में कौन-कौन जानते हैं हाथ उठाएं"- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मंच से कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित चंदा से सिद्ध संवाद करते हुए पूछा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के विषय में जो जानते हैं वह हाथ उठाएं जिसे सुनते ही पंडाल में उपस्थित अधिसंख्य लोगों ने अपने हाथ ऊपर उठाकर जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला विकास की धुरी है। यदि हमें राज्य को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को आगे बढ़ाना होगा। स्कूल ड्रॉपआउट और बाल विवाह प्रथा को रोकने के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि स्त्री रहेगी तो सृष्टि तनी रहेगी। नारी शक्ति को सम्मान मिले इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। यही बच्ची आगे जाकर परिवार में मां, बहन, बहू जैसी भूमिकाओ में रहती है। उन्होंने कहा कि बच्ची को अब कहीं अन्यत्र रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। अपने स्कूल में ही बच्चियां रजिस्ट्रेशन कराके सीधे डीबीटी के माध्यम से पैसा लाभुक के खाते में हस्तांतरित हो जाएगा।

गांव और शहर के अंतर को मिटाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। 5000 गैलन की टंकी और डीप बोरिंग के माध्यम से राज्य के 32,000 गांवों में प्रत्येक गांव में डीप बोरिंग के द्वारा गरीब बहनों को शुद्ध पेयजल सरकार मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि गांव गांव में बिजली पहुंच गई है। जिस तरह शहर में स्ट्रीट लाइट लगी है 14 वें वित्त आयोग के पैसे से झारखंड के 32,000 गांवों में भी स्ट्रीट लाइट लगेगी। गांवों में भी पेवर्स ब्लॉक की रोड बनेगी। उन्होंने कहा कि गांव और शहर में के अंतर को मिटाने का निर्णय राज्य भर के मुखिया के साथ बैठ कर लिया गया है। विकास की गंगा गांव गांव तक पहुंचाना है। यह मेरे जीवन का संकल्प है और यह संकल्प मैं सवा तीन करोड़ जनता के साथ मिलकर पूरा करूंगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...