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शनिवार, 29 जून 2019

सीएम रघुवर दास को भेंट की पुस्तकों की प्रतियां


 लेखक विवेकानंद झा ने आज मुख्यमंत्री आवास में दिल्ली बेकन्स: रागा फॉर नमो, और द लिविंग लीजेंड्स ऑफ मिथिला पुस्तक की प्रतियां मुख्यमंत्री रघुवर दास को भेंट स्वरूप दी। श्री झा ने बताया कि दिल्ली बेकन्स- 2014 में वाइब्रेंट गुजरात एजुकेशन समिट के दौरान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विमोचन किया गया था।

अपर हटिया शिव मंदिर में शिवमहिमा एवं गायत्री महिमा की संयुक्त चर्चाएं



रांची। हटिया शिव मंदिर में शिव परिवार एवं गायत्री परिवार सदस्यों द्वारा संचालित भजन कीर्तन में गीत प्रज्ञा गीत के बाद भगवान भोलेनाथ के भोले स्वभाव , उनके रूद्र रूप की और परिवार सदस्यों एवं भक्तों शिष्यों की चर्चाएं हुईं । साथ ही गायत्री महिला मंडल की प्रतिनिधि शान्ति बहिन ने गायत्री मंत्र यज्ञ,
आदर्श परिवार, शान्तिकुंज तथा शक्तिपीठों की स्थापना और गृहे गृहे यज्ञ व उपासना के विषय में कार्यक्रम की बातें बताई । आदर्श परिवार की प्रज्ञा गीत भी सुनाया। करीब दो दर्जन देवी  सदस्यों में मुख्यतया इसमें सहयोग में रहीं  बिरजा मणि,कमला, गीता, पार्वती, राधा, सरस्वती, शान्ति बहन,शारदा, उर्मिला आदि ने योगदान दिया ।

मनीष राम बने प. सिंहभूम जिला के भाजपा अध्यक्ष


चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम  जिला भाजपा का नया अध्यक्ष मनीष राम को बनाया गया है। अब वे संगठन का पूर्ण रूपेन कार्य  देखेंगे। मालूम हो कि प.सिंहभूम लोकसभा के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मण गिलुवा के पराजय के पश्चात इसकी जवाबदेही लेते हुए तत्काल जिलाध्यक्ष दिनेश नंदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके एक माह के पश्चात मनीष राम को उनकी जगह जिलाध्यक्ष बनाया गया है। मनीष राम पार्टी के प्रति समर्पित युवा एवं कर्मठ तथा संगठन को सशक्त और मजबूत बनाने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए स्वागत किया है ।

दूसरे ट्राइबल डेवलपमेंट मीट में शामिल हुए सीएम रघुवर दास

आदिवासी समाज कैसे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है, उनकी कार्यक्षमता, रोजगार, उद्यमिता, योजनाएं और आदिवासी कल्याण के लिए बनाई गई नीतियों पर हुई चर्चा।
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★IAS के मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आदिवासी युवाओं को सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है-
★आदिवासी व दलित युवाओं को उद्योग के लिए 50℅ रियायती दर पर जमीन-
★आदिवासी, दलित, जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को विकसित करना है लक्ष्य-
---रघुवर दास, मुख्यमंत्री
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रांची। जल जंगल जमीन के नाम पर आदिवासियों को बरसों गुमराह किया है। पिछले साढ़े चार साल में आदिवासियों के विकास की मजबूत शुरुआत हुई। आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज के युवाओं को राज्य सरकार विकसित समाज की श्रेणी में लाना हेतु कार्य कर रही है। ऐसे समुदाय के लोग भी भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाएं, चिकित्सक बनें, इंजीनियर बनें, जो चाहे बनें। जो आदिवासी युवा IAS की तैयारी करना चाहते हैं, सरकार उन्हें 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। उद्योग लगाने वाले युवाओं को 50% रियायती दर पर जमीन सरकार देगी। यह 50% राशि भी 5 साल में 10 किस्तों में उन्हें चुकाना होगा, जिसपर कोई ब्याज सरकार नहीं लेगी। इन समुदायों के कल्याण हेतु सरकार आदिवासी वित्त निगम, पिछड़ा वित्त निगम, अल्पसंख्यक वित्त निगम और अनुसूचित वित्त निगम को 5-5 करोड़ रुपये देगी। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की दूसरी ट्राइबल डेवलपमेंट मीट में कही।

6 आकांक्षी जिलों पर विशेष फोकस करें, वहां के युवाओं को अवसर दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स और आदिवासी इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स झारखंड के 17 पिछड़े जिले जिनमें से 06 आकांक्षी जिलों की श्रेणी में आते हैं। वहां के आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक युवाओं को रोजगार प्रदान करना सरकार का ध्येय है। युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार हेतु प्रोत्साहित कर विकसित समाज की श्रेणी में लाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में आप लोग जिला व प्रखंड स्तर पर इस कार्यक्रम का आयोजन करें । वहां के युवाओं को अवसर दें। राजधानी के होटल में कार्यक्रम आयोजित कर हम सभी लोगों को इससे नहीं जोड़ सकते हैं। इसके लिए हमें राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित करना होगा।


युवाओं आप अपनी सोच बदलें, सरकार आपके साथ है
मुख्यमंत्री ने युवाओ से अपील किया कि झारखंड की दशा और दिशा बदलना हम सबका परम लक्ष्य होना चाहिए। आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक युवा आप अपनी सोच को बदलें। दशकों तक आप को भ्रम में रखा गया। उस धुंध रूपी भ्रम को अब हटाने की जरूरत है। डिजिटल होते इस युग में आप भी बदलें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जैसे ही आप अपनी सोच को बदलेंगे। आपका समाज स्वतः बदल जाएगा। आप को गुमराह कर विकास में पीछे कर दिया गया है। जल, जंगल, जमीन के नाम पर दशकों तक यही होता रहा। आप विकास विरोधी की पहचान करें और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करें।


स्टार्टअप और स्टैंडअप से जुड़े, टीम भावना से करें काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक समुदाय के युवा स्टार्टअप और स्टैंडअप से जुड़े। छोटी कंपनियां बनाएं और आगे आएं। आईटी का क्षेत्र को भी अपना सकते हैं। आपको इस कार्य हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक की जो मनोवृत्ति है उसमें बदलाव भी लाना होगा। छोटे उद्यमियों को भी लोन मिले यह सुनिश्चित करना है। क्योंकि लघु उद्योग से रोजगार का सृजन होता है। सरकार का मकसद आप जैसे आगे आने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करना भी है।

भू संपदा, मानव संसाधन, 40% खनिज ऐसा है हमारा झारखण्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि भू संपदा, मानव संसाधन, 40% खनिज, सरल सीधे लोग झारखंड के पास हैं। यहां संसाधन की कोई कमी नहीं, कोई कारण नहीं कि राज्य गरीब रहे। बस इन सब में समन्वय स्थापित कर कार्य करने की जरूरत है। आदिवासियों ने राज्य की संस्कृति को संभाला है। ऐसे समाज के प्रति सरकार की भी जिम्मेदारी है कि उन्हें आगे लाया जाए। इस कार्य में युवा शक्ति बड़ी भूमिका निभा सकता है, जो हमारे पास कीमती संसाधन के रूप में मौजूद है। हमारे पास उद्देश्य है, सामर्थ है, संभावना भी है और संयोग भी। इन सब का उपयोग कर हम कैसे सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकते हैं। यह हम सभी को मिलकर सोचने की जरूरत है।

इस अवसर पर पदमश्री सह चेयरमैन दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री श्री मिलिंद काम्बले, सचिव उद्योग सरकार श्री के रवि कुमार, प्रेसिडेंट ट्राइबल इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री श्री खेलाराम मुर्मू, वाईस चेयरमैन सीआईआई श्री संजय सभरवाल, चेयरमैन डिक्की ईस्टर्न जोन श्री राजेन्द्र कुमार, को- कन्वेनर सीआईआई झारखण्ड स्किल डेवलपमेंट सुश्री प्रीति सहगल, चेयरमैन, सीआईआई झारखण्ड स्टेट काउंसिल श्री नीरज कांत, हेड सीआईआई झारखण्ड श्री इंद्रनील घोष, अनुसूचित जाति, दलित समाज के उद्यमी व अन्य उपस्थित थे।

शारदा फाउंडेशन ने किया आयरन टॉनिक सिरप का वितरण


रांची। सामाजिक संस्था शारदा फाउंडेशन की ओर से अरगोड़ा  स्थित न्यू पुंदाग  में जरूरतमंद महिलाओं के बीच आयरन की दवा व टॉनिक सिरफ वितरित किया गया।कुछ दिन पूर्व शारदा फाउंडेशन की टीम ने न्यू पुंदाग बस्ती  में स्वास्थ्य जाँच के द्वारान पाया कि यहाँ की महिलाओं के बीच आयरन की कमी है।इसे देखते हुए शारदा फाउंडेशन के द्वारा महिलाओं के बीच आयरन की दवा ,टॉनिक वितरण किया गया।स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत न्यू पुंदाग  बस्ती में शारदा फाउंडेशन की टीम के द्वारा घर घर जा कर महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधीत जानकारी भी दी।इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया।इस अवसर पर आशुतोष द्विवेदी, राजीव रंजन,निकोटिन तिर्की, किरन कुमारी,सुनीता,रेखा, सुषमा आदि उपस्थित थे।ये जानकारी नीलकमल झा ने दी।

सुरभि को साहित्य प्रतिभा सम्मान



गया। बचपन से अक्षरों को जोड़-जोड़कर कविता का सृजन करने वाली सुरभि को साहित्य प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया है।
पत्रकार सुनील सौरभ की पुत्री सुरभि को सुदीर्घ हिन्दी सेवा और सारस्वत साधना के लिए
मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मान समारोह-2019 में 'वीरभाषा हिन्दी साहित्यपीठ', मुरादाबाद द्वारा सम्मान पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया। हालांकि इस समारोह में सुरभि की अनुपस्थिति में यह सम्मान बगहा के वरीय पत्रकार प्रो. अरविन्द नाथ तिवारी को  वीरभाषा हिन्दी साहित्यपीठ', मुरादाबाद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. रामवीर सिंह 'वीर' एवं सचिव राजीव सिंह ने भेंट की।
सुरभि की अभी हाल ही में राजभाषा विभाग, बिहार सरकार के अंशानुदान से काव्य पुस्तक 'हम भी उड़ान भर लेंगे' का प्रकाशन किया गया है।

मॉब लिंचिंग मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्यः पुलिस अधीक्षक



विनय मिश्रा

चाईबासा। सदर थाना परिसर में आज मॉब लिंचिंग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक, विशिष्ट अतिथि गण एवं आम लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक ने विस्तारपूर्वक मॉब लिंचिंग की घटना और उसके समाज में दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला।

पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा ने कहा कि मॉब लिंचिंग का अर्थ यह होता है कि जब दुश्मन को एक दूसरे के बारे में पता ही नहीं होता है। मॉब लिंचिंग के संबंध में थाना परिसर में उपस्थित सैकड़ों की संख्या में लोगों को पुलिस अधीक्षक ने उदाहरण देते हुए अपनी बातें समझाई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कि आप अपनी जमीन के लिए किसी के साथ लड़ाई करते हैं तो एक दूसरे के बारे में जानकारी रखते हैं कि किनके बीच में झगड़ा हो रहा है। लेकिन *मॉब लिंचिंग का विशेष अर्थ यह होता है कि है कि किसी को पता ही नहीं होता है कि जिसको पीटा जा रहा है या यातना दी जा रही है उसका कसूर क्या है। उसको किस लिए सजा दी जा रही है उसका जुर्म क्या है। एक के बाद एक करके लोग पीटते जाते हैं।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अमूमन जब कोई जुर्म होता है तो अपराधी किसी मंशा के साथ उसे अंजाम देता है। लेकिन अनियंत्रित भीड़ के द्वारा जब किसी व्यक्ति को तथाकथित सजा दी जाती है तब एक आदमी को कई लोग मार रहे होते हैं और उनकी आपस में कोई दुश्मनी नहीं रहती है। भीड़ को पता ही नहीं है कि वह क्यों मार रहे हैं लेकिन निरुद्देश मारे जा रहे हैं। इसको रोकने की जरूरत है।

पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि किस तरह से रोजमर्रा के जीवन में यदि हम अपने घर से निकलते हैं और बीच रास्ते में एक छोटी सी घटना कब मॉब लिंचिंग का रूप ले लेती है। उन्होंने अन्य राज्यों के उदाहरण देते हुए भी अपनी बात को समझाया।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिसके साथ छेड़खानी हुई है वह f.i.r. करेगा। उसके ऊपर उचित कानूनी कार्रवाई  होगी, गवाही होगी और उसको अपने किए की सजा दिलवाई जाएगी। जिस भी व्यक्ति के साथ जुर्म हुआ है उसके लिए विधि संगत तरीके से कानूनी कार्रवाई करना पुलिस का काम है ना कि इसके लिए बेकाबू भीड़ को कानून से ऊपर उठकर फैसला करने का अधिकार कानून ने दिया है।

इस अवसर पर  अमर कुमार पांडे, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर चाईबासा ने कहा कि *मॉब लिंचिंग को किसी भी धर्म विचारधारा पंथ या समुदाय विशेष से जोड़ कर नहीं देखा जाए। यह मानव धर्म और मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य है।समाज में जो भी विसंगतियां हैं, कुरीतियां है इसके निवारण के लिए एक तंत्र है और कानून है। जैसे-जैसे सरकार को, कार्यपालिका और विधायिका के संज्ञान में समस्याएं आती हैं नित्य नए कानून बनते हैं।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा मॉब लिंचिंग के संदर्भ में विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा भी मॉब लिंचिंग के संदर्भ में विशेष दिशा निर्देश राज्य सरकार और केंद्र सरकार को दिए गए हैं जिसका अनुपालन शासन-प्रशासन के स्तर से किया जा रहा है। आप सभी से मेरी तरफ से गुजारिश है कि इस मुद्दे को अपने घर के स्तर से भी प्रचारित व प्रसारित करना शुरू करें और शहर के हर एक व्यक्ति तक यह बात पहुंच जाए कि जब अनियंत्रित भीड़ के द्वारा मानवता को शर्मसार करने वाली कार्रवाई की जाती है तो व्यक्ति विशेष का क्या दायित्व होना चाहिए। चाहे वह व्यक्ति किसी भी संस्था, सामाजिक संस्था राजनीतिक दल या किसी भी समाज विशेष, समुदाय विशेष से जुड़ा है उसका सर्वप्रथम कर्तव्य यह होना चाहिए कि वह किस प्रकार अनियंत्रित भीड़ द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को तुरंत रोके।  सर्वप्रथम स्थानीय प्रशासन और खासकर थाना को सूचित करें। थाना जुडिशल सिस्टम की मूलभूत कार्यात्मक इकाई है उस तक अपनी बात को पहुंचाएं और अविलंब इसकी सूचना दें । शासन तंत्र में पदानुक्रम बना हुआ है इंस्पेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सभी का यह सापेक्षिक दायित्व है। एक नागरिक के रूप में भी आप इस प्रकार की घटना को अपने आसपास घटित नहीं होने दें और इसके लिए निरोधात्मक सोच रखें और कार्रवाई करें।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर चाईबासा श्री परितोष ठाकुर हेड क्वार्टर डीएसपी चाईबासा अरविंद कुमार सदर थाना के थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मी शामिल हुए।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...