मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के द्वारा नमो पतंग महोत्सव में मकर सक्रांति के शुभ अवसर पर खिचड़ी का वितरण किया गया।इस अवसर पर रांची शाखा के अध्यक्ष विशाल पांडेय ने बताया कि स्थापना सप्ताह के अवसर पर मंच की ओर से लगातार छह दिनों तक सेवा भाव का कार्यक्रम चलेगा और हमारे समाज के लोग हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहते हैं और आगे भी रहेंगे। जिसमें मुख्य रूप से रांची के सांसद संजय सेठ जी उपस्थित हुए उनके साथ मुकेश का प्रांतीय उपाध्यक्ष रोहित शारदा,दीपक जलान, अमित शेट्टी, प्रमोद मोदी, समीर जोशी, रवि आनंद, सनी केड़िया, नीरज अग्रवाल, राघव जलन ,यश गुप्ता
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बुधवार, 15 जनवरी 2020
जन सेवा में हमेशा तत्पर रहता है मारवाड़ी समाज: विशाल पाड़िया
मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के द्वारा नमो पतंग महोत्सव में मकर सक्रांति के शुभ अवसर पर खिचड़ी का वितरण किया गया।इस अवसर पर रांची शाखा के अध्यक्ष विशाल पांडेय ने बताया कि स्थापना सप्ताह के अवसर पर मंच की ओर से लगातार छह दिनों तक सेवा भाव का कार्यक्रम चलेगा और हमारे समाज के लोग हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहते हैं और आगे भी रहेंगे। जिसमें मुख्य रूप से रांची के सांसद संजय सेठ जी उपस्थित हुए उनके साथ मुकेश का प्रांतीय उपाध्यक्ष रोहित शारदा,दीपक जलान, अमित शेट्टी, प्रमोद मोदी, समीर जोशी, रवि आनंद, सनी केड़िया, नीरज अग्रवाल, राघव जलन ,यश गुप्ता
मंगलवार, 14 जनवरी 2020
स्कूलों में शिक्षा के स्तर का मानक तय करें: मुख्य सचिव
*राज्य स्तरीय विद्यालय संवर्द्धन कार्यक्रम का आयोजन*
रांची। झारखंड के मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी ने कहा है कि शिक्षा विभाग स्कूलों में शिक्षा के स्तर का मानक तय करे। उसी मानक के अनुरूप स्कूलों की ग्रेडिंग हो। शिक्षकों के परफार्मेंस का भी वहीं पैमाना बने। उन्होंने सरकारी स्कूलों के प्रमाणीकरण और छात्रों के दसवीं और बारहवीं के बाद उसके करियर से जुड़े पोर्टल को अभिनव प्रयोग बताते हुए कहा कि यह सब होते हुए भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ही उद्देश्य है। शिक्षा विभाग का दायित्व भी यही है कि वह स्कूलों में शिक्षा को कैसे बेहतर करे और उसके लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और अन्य कमियों को समय रहते दूर करने का प्रयास करे। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय विद्यालय संवर्द्धन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
*उद्देश्य एक शिक्षित बच्चा है*
मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग की सारी कवायद पर कहा कि अंततः उद्देश्य एक शिक्षित बच्चा है। उन्होंने कहा कि वे खुद एक शिक्षक के पुत्र हैं और सरकारी स्कूल में पढ़े हैं। वे जानते हैं कि सरकारी स्कूलों की भूमिका शिक्षा जगत में कितनी मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के सरकारी स्कूलों में भी एक समय शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा था। तब वहां की प्रधानमंत्री मार्ग्रेट थैचर ने स्कूलों को शिक्षण की गुणवत्ता और उसके मानक प्रदर्शन से जोड़ दिया था। परफार्मेंस के आधार पर स्कूलों को ग्रांट मिलने लगा। बेहतर करने वाले स्कूल और शिक्षक ज्यादा मानधन पाने लगें। होड़ लग गई ज्यादा-से ज्यादा मानधन पाने की और स्कूली शिक्षा आदर्श स्तर की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने कहा कि अभी यहां यह मॉडल लागू नहीं है, लेकिन यह जरूरी है कि शिक्षक हर स्कूल का एक मानक खुद भी तय करें।
*स्थानीय रोल मॉडल विकसित करें*
मुख्य सचिव ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय रोल मॉडल डेवलप करने पर बल देते हुए कहा कि इससे हर छात्र, शिक्षक और अभिभावक तादात्म्य स्थापित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इसे लेकर ही हर प्रखंड में एक लीडर स्कूल की परिकल्पना की गई है। शैक्षणिक माहौल से युक्त एक ऐसा स्कूल जिसमें सभी छात्र पढ़ना चाहें और अभिभावक पढ़ाना चाहें। एक स्कूल दूसरे स्कूल के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कर खुद आगे बढ़ें। उन्होंने राज्य भर से आए शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को इस दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा विभाग के करियर पोर्टल को वक्त की जरूरतों के अनुसार लगातार परिमार्जित करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ डिग्रियां जुटाना शिक्षा का मानक नहीं हो सकता। शिक्षा को रोजगार और सामाजिक औदात्य का आधार बनाना होगा। उन्होंने हर स्कूल के एक कुशाग्र छात्र को अपने जूनियर छात्र को एडाप्ट कर पढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि इसका व्यापक लाभ मिल सकता है।
*अच्छे शिक्षकों को करेंगे प्रोत्साहितः एपी सिंह*
स्कूली शिक्षा के प्रधान सचिव एपी सिंह ने कहा कि विभाग भविष्य में अच्छे शिक्षकों की बेहतरी और प्रोत्साहन की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने अपने परफार्मेंस से शिक्षा के स्तर को सुधारने पर बल देते हुए कहा कि अब छात्र-शिक्षक अनुपात भी दुरुस्त हो गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने विद्यालय प्रमाणीकरण की पुस्तक का विमोचन किया और बेहतर करने वाले स्कूलों के शिक्षकों और अधिकारियों को स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया।
पीयूष विजयवर्गीय बने मायुमं दक्षिण शाखा के सचिव
रांची। सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष विजयवर्गीय मारवाड़ी युवा मंच, दक्षिण शाखा के सचिव मनोनीत किए गए। श्री विजयवर्गीय ने सचिव मनोनीत होने पर कहा कि युवा मंच के माध्यम से समाज के अंतिम लोगों तक पहुंचने का कार्य करूंगा। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हुए मारवाड़ी युवा मंच को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
मारवाड़ी युवा मंच के सचिव मनोनीत होने पर पीयूष विजयवर्गीय को रोहित शारदा, नंदू जैन, सुरेश बोथरा, बबलू पिलानिया, राजीव केडिया, रवि अग्रवाल, विजय सुल्तानिया, मोनू चूड़ीवाला, अंजना पवन अग्रवाल, उर्मिला मोटानी, अंजना अग्रवाल, संगीता सारदा, विना सारदा, विनय नाहाटा, मयूर सारदा समेत अन्य ने बधाई दिया।
क्षत्रिय महासभा और वीरांगना फाउंडेशन ने कंबल बांटे
सिमडेगा (झारखंड) अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और अंतरराष्ट्रीय वीरांगना फाउंडेशन ने पीड़ित मानवता के सेवार्थ सिमडेगा में गरीबों के बीच कंबल वितरण किया।
इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सिमडेगा जिलाध्यक्ष टीपी सिंह, पदाधिकारी नाथुन सिंह, दिवाकर सिंह, श्यामसुंदर सिंह, विजय सिंह, जगदीश सिंह,अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय फाउंडेशन सिमडेगा जिला से प्रदेश पदाधिकारी कंचन सिंह, उषा सिंह, जिला पदाधिकारी पुष्पा सिंह, पुष्पा सिंह राठौर, स्वाति सिंह, अन्नु सिंह और कुमकुम सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
सोमवार, 13 जनवरी 2020
विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं नाथू सिंह मीणा
प्रतिभा परिचय की मोहताज नहीं होती। प्रतिभावान व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में रहें, अपनी कार्यशैली से विशिष्ट पहचान बनाने में सफल होते हैं। अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं झारखंड के पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) जिलांतर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में पदस्थापित अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी सह सहायक आरक्षी अधीक्षक नाथू सिंह मीणा। श्री मीणा वर्ष 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह विगत 20 अक्टूबर 2019 से चक्रधरपुर में बतौर एसडीपीओ सह एएसपी अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। काफी कम समय में ही श्री मीणा पुलिस विभाग में अपनी सकारात्मक छवि बनाने में सफल रहे हैं। उनकी कार्यशैली अन्य पुलिसकर्मियों के लिए अनुकरणीय है। मूल रूप से राजस्थान निवासी श्री मीणा की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गांव में ही हुई। उनके पिता प्रभु दयाल मीणा एक प्रगतिशील किसान हैं, वहीं माता प्रभावती देवी मीणा एक कुशल गृहणी व समाजसेविका भी हैं। राजस्थान के नायला से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात इंटरमीडिएट से लेकर स्नातकोत्तर तक की शिक्षा उन्होंने जयपुर में हासिल की। वह एक सामान्य व निम्न आयवर्गीय किसान परिवार से हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने के बाद नौकरी की तलाश शुरू कर दी। इस क्रम में उन्हें पोस्ट ऑफिस में क्लर्क की नौकरी मिली। लगभग एक वर्षों तक उन्होंने पोस्ट ऑफिस में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद उन्होंने इंडियन रेलवे ट्रेफिक सर्विस (आईआरटीएस), बड़ोदरा में भी कार्य किया। पढ़ने-लिखने में शुरू से ही अव्वल रहने वाले श्री मीणा अपनी व्यवहारकुशलता, कर्तव्य निष्ठा, लगन व परिश्रम के बलबूते सदैव आगे बढ़ने का जज्बा और जुनून लिए अपने कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहे। उनकी दिली तमन्ना थी कि वह आईपीएस बनकर देश व समाज की सेवा करें। इस दिशा में वह सतत प्रयासरत रहा करते थे। जीविकोपार्जन के लिए धनोपार्जन के साथ-साथ इसकी तैयारी भी उन्होंने शुरू कर दी। अंततः इस दिशा में उनका प्रयास रंग लाया। वर्ष 2017 में उन्होंने प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त की और आईपीएस चयनित हुए। प्रशिक्षण काल के दौरान वह लगभग सात माह गिरिडीह में पदस्थापित रहे। इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग के आलाधिकारियों व अपने सहकर्मियों से विभागीय कार्यों के गुर सीखे। आईपीएस बनने के बाद वर्ष 2018 में श्री मीणा परिणय सूत्र में बंधे। वह दो भाई व दो बहन हैं। अपने पारिवारिक उत्तरदायित्वों का बखूबी निर्वहन करते हुए वह विभागीय कार्यों के त्वरित निष्पादन के प्रति भी सजग रहते हैं। पुलिस-पब्लिक के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित कर वह अपराध नियंत्रण और बेहतर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं। वह कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि बनाए रखने की दिशा में अग्रसर हैं। शहरी क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था संधारण के अलावा सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में भी ग्रामीणों के बीच जाकर वह उनकी समस्याओं से रूबरू होते हैं। श्री मीणा का मानना है कि पुलिस जनता की सेवक होती है। जनता के साथ पुलिस को समन्वय स्थापित कर विभागीय कार्यों को गति देने की आवश्यकता है। इससे सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है। काफी हद तक यह प्रयास स्वस्थ और स्वच्छ समाज निर्माण में भी सहायक होता है।
प्रस्तुति : विनय मिश्रा
रविवार, 12 जनवरी 2020
चाईबासा में अपराध नियंत्रण को लेकर बैठक
*पुलिस अधीक्षक के अध्यक्षता में अपराध नियंत्रण को लेकर बैठक का आयोजन,सभी पदाधिकारियों एवं थाना प्रभारी को दिया गया आवश्यक निर्देश*
*बैठक के दौरान निर्वाचन कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों,थाना प्रभारियों एवम पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया
विनय मिश्र
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा की अध्यक्षता में अपराध नियंत्रण को लेकर बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिले अंतर्गत विभिन्न थानों में दर्ज अपराधिक मामलों एवं उसके निष्पादन से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा की गई।उक्त बैठक में सहायक पुलिस उपाधीक्षक -सह- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर नाथू सिंह मीणा,पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सुधीर कुमार,सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमर कुमार पांडे, जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रदीप उरांव,मनोहरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मिथिलेश कुमार त्रिपाठी,किरीबुरू अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हीरालाल रवि सहित सभी पुलिस निरीक्षक एवं सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराध नियंत्रण को लेकर आयोजित इस समीक्षा बैठक में अपराध के नियंत्रण,अपराध के अनुसंधान की गुणवत्ता,आसूचना संकलन को बढ़ाने से संबंधित,नक्सलियों के विरुद्ध जारी अभियान में तीव्रता लाने एवं अभियान की गति को बढ़ाने संबंधित विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।इसके साथ ही आज के बैठक में जिले में यातायात नियमों का पालन करवाना एवं जिले अंतर्गत पर्यटक स्थलों पर समुचित सुरक्षा का प्रबंध करने के साथ महिला एवं बच्चों के विरुद्ध जो अपराध जिला में प्रतिवेदित हुए हैं उन अपराधों के अनुसंधान को ससमय निष्पादित करने संबंधित विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।आज के बैठक में स्पीडी ट्रायल के तहत दर्ज मामलों के पूर्ण निष्पादन पर भी चर्चा की गई है।
बैठक के दौरान जिले अंतर्गत एवं जिले से बाहर निर्वाचन कार्य के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों,थाना प्रभारियों एवं पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए उनका हौसला अफजाई किया गया।बैठक में उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों को जिले में अपराध नियंत्रण और उनके कार्य एवं दायित्व से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है
राष्ट्रीय युवा दिवस पर फुटबॉल टूर्नामेंट
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शिक्षाविद,समाजसेवी एवं समर्थ के संस्थापक निरुप कुमार प्रधान द्वारा संचालित नि:शुल्क बुनियादी शिक्षा हो साई में राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में संस्थान के बच्चों के बीच फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी नील अभिमन्यु के द्वारा किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जे.एल.एन. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य नागेश्वर प्रधान एवं भगेरिया फाउंडेशन के संस्थापक विनोद भगेरिया उपस्थित थे। साथ ही इस कार्यक्रम में वार्ड पार्षद नंदू बारला, कालिया जमुदा, राहुल बोदरा समेत ग्रामवासी भी मौजूद थे।
इस टूर्नामेंट में ब्लू टीम, रेड टीम को 1-0 से हराकर विजेता घोषित हुए। विजेता टीम को श्री नागेश्वर प्रधान द्वारा एवं उपविजेता टीम को श्री विनोद भगोरिया द्वारा ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार राशि के रूप में ₹500 श्री निरुप प्रधान द्वारा विजेता टीम को दिया गया, साथ ही मैन ऑफ द मैच नंदु बरला ने एवं मैन ऑफ द गोलकीपर को कालिया जामूदा ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
टूर्नामेंट आयोजित करने का उद्देश्य राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष पर युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में भी अग्रसर करना है।
शिक्षाविद,समाजसेवी एवं समर्थ के संस्थापक निरुप कुमार प्रधान द्वारा संचालित नि:शुल्क बुनियादी शिक्षा हो साई में राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में संस्थान के बच्चों के बीच फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी नील अभिमन्यु के द्वारा किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जे.एल.एन. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य नागेश्वर प्रधान एवं भगेरिया फाउंडेशन के संस्थापक विनोद भगेरिया उपस्थित थे। साथ ही इस कार्यक्रम में वार्ड पार्षद नंदू बारला, कालिया जमुदा, राहुल बोदरा समेत ग्रामवासी भी मौजूद थे।
इस टूर्नामेंट में ब्लू टीम, रेड टीम को 1-0 से हराकर विजेता घोषित हुए। विजेता टीम को श्री नागेश्वर प्रधान द्वारा एवं उपविजेता टीम को श्री विनोद भगोरिया द्वारा ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार राशि के रूप में ₹500 श्री निरुप प्रधान द्वारा विजेता टीम को दिया गया, साथ ही मैन ऑफ द मैच नंदु बरला ने एवं मैन ऑफ द गोलकीपर को कालिया जामूदा ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
टूर्नामेंट आयोजित करने का उद्देश्य राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष पर युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में भी अग्रसर करना है।
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