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गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

संघ प्रमुख मोहन भागवत रांची में चार दिवसीय प्रवास पर


* गुरुवार को स्वयंसेवको को करेंगे संबोधित

रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ मोहन भागवत की बुधवार से झारखंड प्रवास की शुरुआत हो गई। श्री भागवत शाम में रांची पहुंचे। बिहार और झारखंड के तीन प्रांतों में संगठनात्मक कार्यो को गति देने के उदेश्य से उनका मार्ग दर्शन स्वयंसेवकों को मिलेगा। उनके इस प्रवास में उत्तर पूर्व क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ उनके सानिध्य और कार्य विस्तार को एक दिशा देगी। इस संबंध में सह प्रान्त कार्यवाह राकेश लाल ने बताया कि हाल के वर्षों में संघ का कार्य काफी बढ़ गया है। झारखंड प्रवास के दौरान उनका पहला कार्यक्रम गुरुवार को सुबह 7 बजे से मोरहाबादी मैदान में एकत्रीकरण का है। रांची महानगर के इस कार्यक्रम में स्वंय सेवक गणवेश में इसके लिए 10 रुपए प्रवेशिका रखी गई है और किसी भी हालत में 7.15 बजे के बाद से प्रवेशद्वार बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चार दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न वर्गों के साथ बैठकें होंगी और स्वंय सेवकों के साथ चिंतन भी होगा। बैठकों में छह मुद्दों पर गहन मंथन और सामाजिक विषयों पर चर्चा की जाएगी। प्रेस कांफ्रेस में यह जानकारी देते हुए प्रांतीय कार्यवाह राकेश लाल ने बताया कि मुख्य रूप से गौ सम्बर्धन, कुटुंब प्रबोधन, सामजिक समरसता व सद्भाव, ग्राम विकास, धर्म जागरण समन्वय और पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। इस अवसर पर प्रान्त संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल और सह प्रान्त प्रचार प्रमुख संजय कुमार आज़ाद उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता गौ से जुड़ी रही है ऐसे में गौ वंश पशु के रूप में नही बल्कि अपनी संस्कृति के मूल से जुड़ी है उनके समुचित सम्वर्धन अपनी कृषि और गाँव को सबल बनाएगी इस दिशा में अपना प्रयास तेज करना है। इसी तरह भारत गांवों का देश है इस नाते स्वावलंबी स्वच्छ स्वस्थ ग्राम की कल्पना को साकार कैसे किया जाए इस दिशा में अपना प्रयास चल रहा है। भारीतय समाज परिवार पर ही आधारित रहा है इस नाते परिवार की भावना को सबल बनाना है। एकल परिवार बच्चों को एकांकी तो वुजुर्गो को बृद्धाश्रम की ओर पलायन करती है जो भारतीय चिंतन के विपरीत है। उन्होंने बताया कि धर्म जागरण समन्वय का उद्देश्य धर्म के प्रति लोगो को दृढ़ीकरण करना,मेरी संस्कृति मेरा अभिमान इस नाते मतांतरण रोकना,वैसे जो अपने मूल धर्म से दूसरे मत में भटक गए उनके लिए घर वापसी जैसे कार्यों का संपादन करना है। समाज मे किसी भी प्रकार की ऊंच नीच प्रगति के बाधक है। इसलिए सब एक है यह भाव अपने समाज मे कैसे पुष्ट हो इस दिशा में कार्य विस्तार करना है। अपनी संस्कृति प्रकृति पोषण की रही है न कि शोषण की ऐसे में जल जंगल जमीन अपनी कैसे सुरक्षित व संरक्षित हो इस दिशा में लोक जागरण की पहल की जा रही है। सरसंघचालक 19 से 23 फरवरी तक रांची में रहेंगे।

मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

मायुमं का छह दिवसीय नि:शुल्क कैंसर जांच शिविर 19 से


"कैंसर मुक्त भारत" अभियान को सफल बनाएं : विशाल पाडिया

रांची। मारवाड़ी युवा मंच, रांची शाखा द्वारा छ: दिवसीय नि:शुल्क कैंसर जांच शिविर कार्यक्रम की जानकारी देने हेतु चैम्बर भवन में सोमवार को प्रेस-वार्ता की गई। मंच के  अध्यक्ष विशाल पडिया ने बताया कि
अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की कैंसर डिटेक्शन मोबाइल वैन 18 फरवरी को रांची पहुंचेगी। इस हाईटेक वैन से शहरवासियों की निशुल्क जांच की जाएगी।इस शिविर में जांच एक्सपर्ट के साथ प्रसिद्ध डॉक्टर भी रहेंगे।मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा की ओर छ: दिवसीय निःशुल्क कैंसर जांच शिविर की शुरुआत 19फरवरी (बुधवार) को कचहरी रोड स्थित वेंडर मार्केट से की जायेगी।सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अलग-अलग क्षेत्रों में जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस जांच शिविर में प्रथम स्तर पर कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज संभव है। छ: दिवसीय जांच शिविर अलग अलग दिन शहर के विभिन्न  क्षेत्रों और शहर के आसपास गांवों में लगाया जाएगा।छ:दिवसीय जांच शिविर के कार्यक्रम का विवरण निम्न है।
19 एवं 20 फरवरी को वेंडर मार्केट कचहरी रोड,
21 फरवरी को सिमिलिया रिंग रोड,
22 फरवरी को गोल्डन कैंपस, कोकर,
25 फरवरी को पुलिस लाइन, नियर होटल लिलेक,
26 फरवरी को नियर चुटिया थाना। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को इसका लाभ लेना चाहिए। मारवाड़ी युवा मंच कैंसर मुक्त भारत बनाने की दिशा में अग्रसर है। इस शिविर में एक दिन 150 से 200 लोगों की ही जांच हो पाएगी। लोग अब इस मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन में निशुल्क जांच करा सकते हैैं। इसके अलावा जिन लोगों में कैंसर संबंधित कोई भी लक्षण है, तो उनके लिए भी इस वैन के जरिए मुफ्त में चेकअप कराने की व्यवस्था है।कार्यक्रम में उपस्थित मंच के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंघानिया ने बताया कि यह जांच किसी निजी अस्पताल में कराया जाए तो लगभग 2000 रुपये तक का खर्चा आता आता है।कार्यक्रम में मंच के सचिव विकाश अग्रवाल ने अपील की है कि इस निःशुल्क जांच शिविर को सफल बनाएं। हम सभी मिलकर कैंसर मुक्त्त शहर बनाने का प्रयास करें। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल,पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंघानिया, मंच अध्यक्ष विशाल पडिया,सचिव विकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सचिन मोतीका, दीपक गोयनका, एवं कार्यकारिणी सदस्य सनी केडिया, स्पर्श चौधरी, यश गुप्ता, राघव जालान उपस्थित थे। उपरोक्त जानकारी अमित शर्मा द्वारा दी गई।

भारतीय जन कल्याण केंद्र परिषद का किसान भाग्यमणि योजना शुरू


* पशुधन के संरक्षण और संवर्द्धन से आएगी समृद्धि : मोख्तार सिंह

रांची।  भारतीय जन कल्याण परिषद ट्रस्ट द्वारा पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए रविवार को किसान भाग्यमणि योजना का शुभारंभ किया गया । इस योजना का मुख्य उद्देश्य गाय एवं बकरी के बच्चों को बचाना और उसका संवर्द्धन करना है। भारतीय जन कल्याण परिषद ट्रस्ट द्वारा संचालित किसान भाग्यमणि योजना के निदेशक राकेश कुमार सिंह ने  कांटाटोली स्थित होटल जेनिस्टा ईन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  मिशन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम  का शुभारंभ करते हुए प्रख्यात गांधीवादी नेता और एचईसी परिसर स्थित गांधी आश्रम के संस्थापक मोख्तार सिंह ने कहा कि पशुधन के संरक्षण और संवर्द्धन से किसानों में खुशहाली आएगी।  इससे हमारा देश व राज्य भी समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि गौ सेवा करने से घर से गरीबी और दरिद्रता दूर हो जाती है। गौ माता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। गाय, गीता और गौरी का निवास जिस घर में होता है, उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने बताया कि गौ संरक्षण की दिशा में सरकारें भी सकारात्मक पहल करते हुए यथोचित सहयोग कर रही है। श्री सिंह ने कहा कि जीवन का मकसद सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं होना चाहिए। सेवा परमो धर्म: के सिद्धांत पर चलते हुए लोगों को अपने कर्तव्य पथ की ओर अग्रसर होते रहना चाहिए। अच्छे रास्ते पर चलेंगे, तभी सफलता प्राप्त होगी। सच्चाई के रास्ते पर चलकर ही हम सफल जीवन बिता सकते हैं।   इसलिए जीवन में सच्चाई को स्वीकार कर आगे बढ़ें और यथासंभव गरीबों,  लाचारों की मदद करें। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी और भूखे को भोजन देना सबसे बड़ा मानव धर्म है। वहीं,पशुधन की रक्षा करते हुए हम किसानों की खुशहाली ला सकते हैं। इस अवसर पर लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और सैंफोर्ड अस्पताल के प्रबंध निदेशक भानु प्रताप सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि पशुधन संरक्षण और संवर्द्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शख्सियतों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और योगदान के लिए रांची वेटनरी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ डीके ठाकुर, गौ सेवा के लिए रांची गौशाला के एस बरुआ, मत्स्य पालन क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले अभिजीत मांझी, पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक सशक्त टीम निर्माण करने वाली संस्था मानभूम मेडिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, पुरुलिया शामिल हैं। मौके पर मौजूद डॉक्टर नंदनी कुमारी ने गौ-संरक्षण के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर डॉ. एस के ठाकुर, डॉ.घनश्याम सिंह, अतुल प्रताप सिंह, सौरभ प्रताप सिंह सहित काफी संख्या में पशुपालक, मत्स्य पालक व कृषक मौजूद थे। समारोह के समापन अवसर पर किसान भाग्यमणि योजना के निदेशक आरके सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

हरियाणा के पृथला गांव ने दिया राष्ट्रीय एकता और विश्व बंधुत्व का संदेश





देवेंद्र गौतम
हरियाणा के पलवल जिले का एक छोटा सा गांव पृथला। 2 फरवरी से 8 फरवरी तक जीटी रोड से गुजरने वालों की निगाह बरबस सड़क से 100 मीटर की दूरी पर युवा गांधीवादी नेता राकेश तंवर के फार्महाउस में बने खूबसूरत पांडाल और उसके अंदर से उभरते राष्ट्रीय एकता से संबंधित गीतों की ओर आकृष्ट हो जाता था। रह-रहकर जोड़ो-जोड़ो, भारत जोड़ो के गगनभेदी नारे दूर-दूर तक गूंजने लगते थे।

दूर से ही फार्महाउस के बीच में बनी कोठी पर टंगे बैनर पर निगाह चली जाती थी जिसमें प्रसिद्ध गांधीवादी नेता सुब्बाराव जी की भव्य तस्वीर नज़र आती थी। उसके पास ही राकेश तंवर जी का फ्लेक्स दिखाई देते थे। उस अवधि में राष्ट्रीय युवा योजना के तहत राष्ट्रीय एकता सह शांति एवं सद्भावना शिविर चल रहा था। देश के 25 राज्यों के 350 प्रतिभागी आए हुए थे। उनके ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था फार्म हाउस के अंदर की गई थी। हर राज्य की टीम का एक प्रभारी था जो शिविर के निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करता था।

उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए राकेश तंवर जी के 100 से अधिक समर्थक दिन-रात लगे हुए थे। उनके भोजन की व्यवस्था फार्म हाउस में ही की गई थी।  प्रतिभागी अलग-अलग संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करते थे। अलग-अलग भाषाएं बोलते थे लेकिन एक दूसरे से इस कदर घुल-मिल गए थे कि उनके बीच फर्क कर पाना कठिन था।




2 फरवरी की दोपहर से प्रतिभागियों का पृथला आगमन शुरू हो गया। 3 फरवरी की दोपहर तक उनके निबंधन का कार्य किया गया और शाम को शिविर के विधिवत उद्घाटन के साथ सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। पूरे छह दिनों तक विश्व के 11 प्रमुख धर्मों पर केंद्रित यह प्रार्थना प्रतिदिन की जाती थी। शिविर के दौरान पूरे दिन का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके मुताबिक सारे प्रतिभागी सुबह 5.25 बजे उठकर प्रेरणा गीत गाते थे। 6 बजे से उनके लिए योग और व्यायाम की क्लास लगती थी। प्रतिदिन 7.30 बजे से 8 बजे तक झंडोतोलन का कार्यक्रम होता था। उस समय राष्ट्रीय गीत के साथ राष्ट्रीय एकता से संबंधित गीत गाए जाते थे। राष्ट्रीय झंडा फहराने के बाद राज्यवार कतारबद्ध प्रतिभागियों को इसकी महत्ता से अवगत कराया जाता था।  8.30 बजे से 10.30 बजे के बीच का समय श्रमदान का होगा। इसके तहत प्रतिभागियों ने दो दिनों तक भगोला और एक दिन पृथला के श्मशान की सफाई का कार्य किया।
प्रतिदिन 11.30 ले 12.30 के बीच भाषा विनिमय का कार्यक्रम होता था। इसके तहत दक्षिण भारत के युवको को उत्तर भारत और उत्तर भारत के युवकों को दक्षिण भारत की भाषाओं की जानकारी दी जाती थी। अस्पताल में इलाजरत होने के कारण सुब्बाराव जी शिविर में शामिल नहीं हो पाए लेकिन उनका लाइव संदेश आ जाता था जिसे पांडाल के अंदर प्रसारित किया जाता था। उनके संदेश से पूर्व और इसके उपरांत स्थानीय लोग भी अपने विचार रखते थे। शाम 4.30 से 5.15 बजे तक प्रतिभा विनिमय का कार्यक्रम होता था जिसमें एक दूसरे को अपनी प्रतिभा से अवगत कराते और प्रशिक्षण देते थे। प्रतिदिन शाम 5.15 ले 6 बजे तक पारंपरिक खेलों का आयोजन होता था। 7.30 बजे शाम को पुनः सर्वधर्म प्रार्थना का कार्यक्रम होता था। इसके बाद रात 9.30 बजे रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता था। रोज सोने के पहले डायरी लेखन का अभ्यास किया जाता था। यह कार्यक्रम 6 फरवरी तक चला। पूरे दिन समयबद्ध कार्यक्रम और अनुशासन के तहत प्रतिभागी राष्ट्रीय एकता और सर्वधर्म समन्वय का प्रशिक्षण लेते थे।
3 फरवरी को राकेश तंवर जी के फार्म हाउस में छह दिवसीय राष्ट्रीय एकता सह शांति एवं सद्भावना युवा शिविर का विघिवत उद्घाटन का कार्यक्रम भी यादगार रहा। उद्घाटन युवा गांधीवादी और शांतिकर्मी राकेश तंवर और रण सिंह परमार, सचिव एकता परिषद और राष्ट्रीय योजना के हाथों संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर तथा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पार्पण के जरिए किया गया। इस अवसर पर 25 राज्यों के 322 प्रतिभागी मौजूद थे। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री रण सिंह परमार ने कहा कि आज देश में गांधी के विचारों की सबसे ज्यादा जरूरत है। युवाओं को राष्ट्र के नवनिर्माण में समर्पित होना होगा। गांधी के सपनों का देश बनाने के लिए उनका शिक्षण और प्रशिक्षण इन शिविरों को द्वारा ही होता है। श्रद्धेय सुब्बाराव जी ने अपना पूरा जीवन युवाओं के निर्माण में समर्पित कर दिया और वे युवा देश के नवनिर्माण में लगे हुए हैं। युवा भारत को संबोधित करते हुए युवा गांधावादी व शांतिकर्मा राकेश तंवर ने कहा कि आज देश को इन शिविरों की आवश्यकता है जिनसे ऐसा नौजवान तैयार हो रहा होगा जो सद्भाव और भाईचारे के लिए स्वयं को आहुत कर देगा। उन्होंने बताया कि कैसे भाई जी की प्रेरणा से वो देश के नवनिर्माण और शांति के प्रयासों में लगे हुए हैं। इसीलिए इस शिविर के आयोजन का सपना देखा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के शिविरों का आयोजन करते रहेंगा। यह शिविर प्रखर गांधीवादी सुब्बाराव जी की देखरेख में चल रहा है। उन्हें लिविंग गांधी कहा जाता है। स्वतंत्रता सेनानी सुब्बाराव जी 11 वर्ष की आयु से देश की सेवा में लगे रहे हैं। उन्होंने चंबल के 654 डाकुओं का आत्मसमर्पण कराया। उन्होंने मुख्य रूप से युवा वर्ग को एक नई दिशा देने के लिए नेशनल यूथ प्रोजेक्ट का गठन किया है।
6 फरवरी की सुबह झंडोत्तोलन और सर्व धर्म प्रार्थना के बाद राकेश तवंर जी के गांव पृथला के शिव मंदिर की सफाई की गई और शाम को शांति और सद्भाव एकता रैली के रूप में सभी प्रतिभागी रैली की शक्ल में पृथला शिव मंदिर पहुंचे और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। इसे देखने के लिए आसपास के गावों के लोग उमड़ पड़े।
7 फरवरी को सुब्बाराव जी का जन्मदिन और महात्मा गांधी का 150 वां जयंती समारोह एक साथ मनाया गया। इस मौके पर सुबह के समय झंडोत्तोलन और सर्वधर्म प्रार्थना के बाद सद्भावना मैच और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। दिन के 2 बजे मुख्य कार्यक्रम में महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी की प्रतिमाओं और सुब्बाराव जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर स्वागत भाषण देते हुए राकेश तंवर जी ने कहा कि यह हरियाणा के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि भाई जी (सुब्बाराव जी) से वे 2007 से परिचित हैं और हमेशा उनकी सेवा में उपस्थित रहे हैं। उन्होंने कहा कि पृथला में देशभर के 350 युवा एकत्र हुए और तीन दिनों तक साफ-सफाई की, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। एक छोटे से प्रांगण में पूरा देश समा गया। यह बड़ी बात है।
इस मौके पर मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जल पुरुष के रूप में विख्यात राजेंद्र प्रसाद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि दुनिया को एक जोड़ने वाली शक्ति की जरूरत है। सुब्बाराव जी वही शक्ति हैं। वे पंच महाभूत को अपना ईश्वर मानते हैं। उसी की आराधना करते हैं। सुब्बाराव जी के वरिष्ठ सहयोगी वी आर कामराज ने अंग्रेजी शब्द ग्रेड के एक एक अक्षर की व्याख्या करते हुए युवाओं को प्रेरक संदेश दिया।
राकेश तंवर की धर्मपत्नी रेणु तंवर ने नारी शक्ति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जिस देश में नारी शक्ति का सम्मान होता है वही देश तरक्की करता है। मुंबई से आई ललिता जी ने सुब्बाराव पर केंद्रित अपनी 1340 पंक्तियों की कविता के एक अंश का पाठ किया जिसे काफी सराहा गया।
इस मौके पर हरिजन सेवक संघ के सचिव रजनीश जी ने कहा कि गांधी जी ने कहा था कि मरने के बाद बोलेंगे। वास्तव में आज उनके अनुयायी भाई जी ने कितने ही गांधी तैयार कर दिए। गांधी विचार के रूप में हमेशा जीवित रहेंगे।
इसी बीच भाई जी अर्थात सुब्बाराव जी का संदेश आ गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा योजना के तहत छोटे-छोटे झगड़ों को समाप्त कर देश को एकसूत्र में बांधा जाएगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि चीन को अरूणाचल पर भारत का अधिकार स्वीकार नहीं है। हमें अरूणाचल के लोगों के बीच शिविर लगाना चाहिए।
हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष शंकर कुमार सान्याल ने कहा कि भाई जी का कोई विकल्प नहीं है। उनकी प्रतिभा उगते सूर्य के समान चारो तरफ प्रकाश फैला रही है।
इस बीच गुजरात के पंकज झाला ने सुब्बाराव के जन्मदिन पर विशेष रूप से प्रकाशित कैलेंडर और बैच को लांच कराया। इस कैलेंडर की खासियत यह है कि यह फरवरी से शुरू होकर जनवरी में समाप्त होता है। पंकज झाला हर वर्ष सुब्बाराव जी की जयंती पर इस कैलेंडर का प्रकाशन करते हैं। इस बार उन्होंने 10 हजार कैलेंडर छपवाए हैं।
मुबई से आए अनिल जी ने सुब्बाराव जी पर केंद्रित तीन एपिसोड की फिल्म बनाई है। उन्होंने सुब्बाराव जी के साथ पूर्वोत्तर के अनुभवों को साझा किया। हिमाचल प्रदेश से आए कपूर साहब ने राकेश तंवर जी को हिमाचल की टोपी पहनाकर सम्मानित किया और उनके पूरे परिवार को बधाई दी। 
कार्यक्रम के बीच-बीच में मधुभाई के गीत पूरे इलाके में गूंजने लगते थे। उनका गीत जय जगत-जय जगत-जय जगत पुकारे जा...शिविर में लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गया था। राकेश तंवर जी के पुत्र कुशल तंवर और वंश तवर ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपना सिक्का जमाया। कार्यक्रम को स्वामी जी, अशोक भारत, जितेंद्र चंदेलिया के अलावा प्रतिभागी युवाओं में से यश जैन, प्रीति शर्मा, गणेश, अशोक और विनोद ने भी संबोधित किया।
 8 फरवरी की सुबह शिविर का समापन हुआ। समापन समारोह को संबोधित करने के दौरान राकेश तंवर काफी भावुक हो उठे। 9 फरवरी तक प्रतिभागियों का प्रस्थान होता रहा।

सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

मृत्युंजय कुमार सिंह के भोजपुरी उपन्यास के हिंदी संस्करण का लोकार्पण



कोलकाता।आइपीएस अधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह के भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित भोजपुरी उपन्यास गंगा रतन विदेशी का हिंदी संस्करण प्रकाशित हो चुका है। उसका विधिवत लोकार्पण कोलकाता पुस्तक मेला में हुआ।
अनुवाद स्वयं मृत्युंजय कुमार सिंह ने किया है और ज्ञानपीठ प्रकाशन ने ही प्रकाशित किया है। यह उपन्यास एतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक काल्पनिक कथा है। खासतौर पर गिरमिटिया मजदूरों की त्रासदी को रेखांकित किया गया है।
पुस्तक का लोकार्पण भारतीय भाषा परिषद के शंभुनाथ वरिष्ठ पत्रकार और लेखक गीतेश, दैनिक सन्मार्ग के संपादक हरिराम पांडेय, ब्रेथवेट एंड कंपनी के सीएमडी यतीश कुमार और दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक जय कृष्ण वाजपेयी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी एवं नायिका कल्पना झा ने किया। इस मौके पर भारतीय ज्ञानपीठ के प्रतिनिधि उत्तम बनर्जी समेत मेले में जुटे साहित्यकार और साहित्य प्रेमी काफी संख्या में मौजूद थे।

सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

फिनोलेक्स केबल्स लि. के इलेक्ट्रानिक उत्पाद झारखंड के बाजारों में उपलब्ध


रांची। ख्यातिप्राप्त इलेक्ट्रिकल सामग्री निर्माता व आइएसओ-9001कंपनी फिनोलेक्स केबल्स लिमिटेड के उत्पाद अब झारखंड के बाजारों में उपलब्ध होंगे। कंपनी ने राजधानी रांची के मेन रोड पर अवस्थित महावीर टावर स्थित दधीचि सेल्स कॉर्पोरेशन को अपना अधिकृत विक्रेता (वितरक) नियुक्त किया है। इस संबंध में फिनोलेक्स केबल्स लिमिटेड के झारखंड ब्रांच हेड एसके लाल ने बताया कि कंपनी के उत्पादों की गुणवत्ता विश्वस्तरीय है। फिनोलेक्स केबल्स के प्रोडक्ट्स अन्य कंपनियों के उत्पादों की तुलना में बेहतर व किफायती भी है। कंपनी द्वारा निर्मित पंखे, वाटर हीटर, वायर एंड केबल्स, स्विच, लाइटिंग मेटेरियल्स सहित अन्य उत्पाद झारखंड में भी उपलब्ध कराए गए हैं। दधीचि सेल्स कारपोरेशन में एक ही छत के नीचे फिनोलेक्स केबल्स के प्रोडक्ट्स  उपलब्ध है।

रविवार, 2 फ़रवरी 2020

व्यवसायी एवं समाजसेवी राजकुमार सोमानी का निधन

गंधारा कंसल्टेंट के संस्थापक राजकुमार सोमानी का स्वर्गवास 2 फरवरी 2020 को हो गया. उनकी उम्र 58 वर्ष थी. स्वर्गीय सोमानी का परिवार 33 वर्ष पहले कोलकाता से रांची आया था. अपने मामा जी स्वर्गीय सीताराम जी मारू की प्रेरणा से सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान दिया. शुरुआत में कपड़े का कारोबार किया, फिर विज्ञापन एजेंसी गंधारा कंसल्टेंट की स्थापना की. स्वर्गीय सोमानी संस्कृति बिहार,  राम कृष्ण मिशन, माहेश्वरी सभा आदि सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े थे. साथ ही रांची जिमखाना क्लब के सक्रिय सदस्य रहे. स्वर्गीय सोमानी अपने पीछे पत्नी एवं दो पुत्रों का परिवार छोड़ गए हैं. इनकी अंतिम यात्रा  तीन फरवरी को 11:00 बजे दिन में मोदी कंपाउंड लालपुर से मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...