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गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय की पहल


* अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने जरूरतमंदों को बांटे खाद्य सामग्री


रांची। लाॅकडाउन के दौरान खासकर गरीब तबके और  निम्न आय वर्ग के लोगों की परेशानियों को देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने राहत कार्य की पहल की है। उनके निर्देशानुसार महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व शहर के लोकप्रिय समाजसेवी मुकेश कुमार और उनकी टीम की ओर से विशेष रूप से जरूरतमंद परिवारों को राशन व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस क्रम में आज बुधवार को हटिया, पटेल नगर, सिंह मोड़, अरगोड़ा बस्ती सहित अन्य जगहों पर कायस्थ परिवार के जरूरमंदों समेत अन्य समुदायों के गरीब लोगों के बीच खाद्यान्न वितरण किया गया। पीड़ित मानवता की सेवा के इस नेक कार्य में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की कोरपोरेट विंग के चेयरमैन राकेश रंजन, महासभा की महिला विंग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बरखा सिन्हा, शंकर वर्मा, प्रणय कुमार, संदीप कुमार सहित अन्य ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। गौरतलब है कि इसके पूर्व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से जरूरतमंदों के बीच राहत कार्य के लिए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने 50 क्विंटल आटा प्रदान किया था।

बुधवार, 22 अप्रैल 2020

भाजपा नेता अजय राय ने प्रवासी मजदूरो व छात्रों की वापसी के लिए किया उपवास



रांची। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से बचाव के लिए किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण 25 मार्च से देश के विभिन्न जगहों पर फंसे लाखों श्रमिक, मजदूर भाई व हजारों छात्र, छात्राएं ,चिकित्सा सुविधा के लिये राज्य से बाहर गए मरीजों और उनके परिजनों की घर वापसी को लेकर झारखंड सरकार को जगाने हेतु झारखंड प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह व झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के आह्वान पर झारखंड भाजपा के मीडिया पैनिलिस्ट अजय राय ने भी आज अपने आवास पर प्रातः 10 बजे से शाम चार बजे तक उपवास रखा।
    इस अवसर पर अजय राय ने कहा कि ये एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा ने  झारखंड सरकार को आगाह किया है कि वह समय रहते बाहर फंसे हुए प्रवासी मजदूर , देश के विभिन्न राज्यों में पढ़ रहे छात्र छात्राएं व इलाज के क्रम में दूसरे राज्य में लॉकडाउन में फसे हुए मरीज एवं उनके परिजनों को अविलंब वापस लाने के लिए सरकार समुचित व्यवस्था करें ।
उन्होंने कहा कि  लाॅकडाउन में फंसे लोगों को घर वापस लाना सरकार की जवाबदेही है। इन्ही सारी समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने हेतु पार्टी ने एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम रखा है। जिसका पालन भाजपा के हर कार्यकर्ता ने किया है।

सर्ड परिसर में क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाने का विरोध


*  पूर्व जैक पार्षद व राजद नेत्री रानी कुमारी ने उपायुक्त से लगाई गुहार

रांची। राजधानी के हेहल स्थित सर्ड परिसर में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाने का मुहल्लेवासियों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में झारखंड की पूर्व जैक पार्षद व राजद नेत्री रानी कुमारी ने उपायुक्त को पत्र लिखा है। हेहल स्थित मुहल्लेवासियों ने भी सर्ड परिसर से अविलंब क्वारेंटाइन सेंटर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। रानी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से भी गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ट्विटर पर संदेश प्रेषित कर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। मुहल्लेवासियों के मुताबिक घनी आबादी वाले इस इलाके में कोरोना क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाने से वे दहशत में जी रहे हैं। कोरोनावायरस के संक्रमण फैलने से सशंकित हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सर्ड परिसर के निकटवर्ती क्षेत्रों, हेहल, सुंदरनगर व आसपास के इलाकों के निवासियों में रोष व्याप्त है। रानी कुमारी ने कहा कि एक ओर केन्द्र सरकार कोरोनावायरस के प्रकोप को कम करने में जुटी है, वहीं, दूसरी तरफ रिहायशी इलाके में कोरोना क्वारेंटाइन सेंटर स्थापित कर मुहल्लेवासियों को दहशत के माहौल में जीने को विवश किया जा रहा है। लोग कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से सशंकित हैं। इसलिए अविलंब सर्ड परिसर से क्वारेंटाइन सेंटर हटाया जाय।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

कोरोना के खिलाफ जंग में हर भारतीय की सहभागिता जरूरी: सहारा श्री सुब्रत राय



रांची / इंदौर। भारत में प्रमुख व्यावसायिक समूह सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर एवं चेयरमैन, सहाराश्री सुब्रत
रॉय सहारा ने एक व्यक्तव्य जारी कर हर एक भारतीय से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना के विरुद्ध
लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हम सब भारतीयों को एकजुट होकर इस महामारी को हराने में बराबर
की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सहाराश्री ने अपने व्यक्तव्य में  कहा कि हम सबको यह समझना होगा कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई
संपूर्ण मनुष्य जाति की है। इस लड़ाई में हर व्यक्ति सिपाही है। हर
व्यक्ति की कोई न कोई जिम्मेदारी और महत्वूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अगर हम सब यह मान
लेंगे कि जो कुछ करना है, वह सरकार को करना है, अस्पतालों और डॉक्टरों को करना है, पुलिस और
प्रशासन को करना है, तो यकीन मानिए हम कोरोना के विरुद्ध लड़ाई हार जाएंगे। अगर हमें कोरोना को
हराना है, तो हमें भी स्वयं को एक सिपाही मानना होगा। हम जहां भी हैं और जैसे भी हैं, हमें वहीं अपनी
भूमिका निभानी होगी।
कोरोना की महामारी ने समूची दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लॉकडाउन का यह दूसरा चरण पूरे देश के लिए, देश के एक-एक नागरिक के लिए, बहुत ही
महत्वपूर्ण है। इस लॉकडाउन में हमें कोरोना को काबू में करना होगा।
यह बेहद कठिन दौर है। इंसान खतरे में है, इंसानियत खतरे में है, उन्होंने सभी से अपील किया कि कोरोना के
खतरे को समझें। चाहे कोई भी धर्म हो, कोई भी संप्रदाय हो, कोई भी मजहब हो, सबको इसके ऊपर
उठना जरुरत है। इस समय हम सबका मजहब इंसानियत ही होना चाहिए। हमारे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। अगर लॉकडाउन नहीं करते तो हमारे यहां हालत बहुत बुरे होते।
लॉकडाउन के दौरान घर में रहें। सरकार जो भी दिशा-निर्देश जारी कर रही है, उनका कड़ाई  से पालन करें।
डॉक्टर, नर्स, पुलिस-प्रशासन के लोग आगे रहकर कोरोना से लड़ रहें हैं। वह हमारे जीवन बचाने के लिए
अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं। इन लोगों का साथ दें। तन-मन-धन से साथ दें। हम सोशल डिस्टेंसिंग का
पालन करें, लेकिन इमोशनल डिस्टेंसिंग न होने दें। टेलीफोन एवं  इंटरनेट के जरिए अपनों से संपर्क बनाये
रखें। भावनाएं बहुत बड़ा संबल होती है। जब हम कोरोना को हरा देंगे, तो जिंदगी की एक नयी शुरुआत
करेंगे। सब मिल-जुलकर एक-दूसरे का साथ देंगे और पहले से भी मज़बूत भारत का निर्माण करेंगे।

भाजयुमो के नेता ने गरीबों के बीच बांटे अनाज और राहत सामग्री


रांची। भाजपा युवा नेता पीयूष विजयवर्गीय ने डोरंडा क्षेत्र के कुसई, छप्पन सेठ, घाघरा, कुम्हार टोली में जरूरतमंदों के बीच राशन साम्रगी, मास्क, सेनेटाइजर का वितरण किया।
राशन साम्रगी वितरण करने के दौरान पीयूष विजयवर्गीय ने कहा कि हर भारतवासी का कर्तव्य है कि वो अपने आस पास के जरूरतमंदों की सेवा करें। उन्होंने कहा कि जब तक लाॅकडाउन खत्म नही होती, तब तक सेवा अनवरत जारी रहेगा। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारा प्रण अंत्योदय है, हमारा लक्ष्य अंत्योदय है।
पीयूष विजयवर्गीय के सेवा कार्य मे भाजपा युवा नेता सोनू मिश्रा, आशीष विजय, पंकज श्रीवास्तव, विवेक कुमार, राहुल मुंजाल, अमन चंद्रवंशी, हर्षित शर्मा, उमंग सुल्तानिया, अमित जांगिड़, सन्नी टिबड़ेवाल, रूपेश सिंघानिया समेत अन्य लोगो का योगदान मिल रहा है।

जीएसटी मुक्त हों कोरोना उपचार से संबंधित उपकरण: शशिभूषण राय



रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशिभूषण राय ने कहा है कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कोरोना उपचार से जुड़े सभी उपकरणों को जीएसटी मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राहुल गांधी और युवा कांग्रेस ने भी कई मौकों पर यह मांग की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना के उपचार में उपयोगी चिकित्सीय उपकरण करमुक्त होने से इस लड़ाई को जीतना आसान होगा। मास्क, सैनेटाईज़र, जैसी जरूरी चीजें गरीब जनता को आसानी से उपलब्ध हो पाएंगी। वर्तमान संकट के समय आवश्यक चिकित्सीय उपकरण पर जीएसटी वसूलना मानव हित में नहीं होगा। इस कठिन समय में जहां पूरा देश और विश्व कोरोना के प्रकोप से निजात पाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है , उसे देखते हुए सरकार को इस बारे में फैसला लेने में देर नहीं करनी चाहिए। बीमारी और ग़रीबी से जूझती जनता से सैनीटाईज़र, साबुन, मास्क, दस्ताने आदि पर जीएसटी वसूलना उचित नहीं होगा।
 श्री राय ने झारखंड सरकार के कोरोना से लड़ने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित सरकार में शामिल सभी मंत्रियों की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने निस्वार्थ भाव से राहत कार्य में लगे राज्य के सभी जिला कांग्रेस , युवा कांग्रेस , महिला कांग्रेस एवं एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया।

कोरोना के.खिलाफ जंग में झारखंड सरकार की सहभागिता सराहनीय



रांची । वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जंग में झारखंड सरकार की सहभागिता सराहनीय है। सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित उनके मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों की सक्रियता और तत्परता काबिले-तारीफ है। उक्त बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने की चुनौती स्वीकार करते हुए झारखंड सरकार अपने मिशन में लगी है। विषम परिस्थितियों में हेमंत सरकार में शामिल सभी मंत्री विशेष रूप से लॉकडाउन के दौरान झारखंड के लोगों को प्रतिकूल प्रभाव से बचाने में पूरे समर्पण से जुटे हैं।
श्री सहाय ने मुख्यमंत्री से अपील की कि झारखंड के सभी लोगों के हितों का हर हाल में संरक्षण किया जाये। उन्होंने कहा कि विशेषकर किसान एवं ग्रामीण लॉकडाउन की अवधि में काफी लंबे समय से घर में बैठे हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से वे और भी कमजोर हो गये हैं। उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने की मांग करते हुए श्री सहाय ने मनरेगा मजदूरी के बकाया भुगतान एवं उन्हें अग्रिम राशि देने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि आगामी एक माह में मानसून आने की पूरी संभावना है। इसके मद्देनज़र सरकार को अपनी बहुआयामी तैयारियों को अंतिम स्वरुप देना चाहिये ताकि किसी को कोई असुविधा ना हो I पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सहाय ने केंद्र  सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि   झारखंड के साथ केंद्र सरकार दोहरे चरित्र दिखा रही है़। कई मामलों में झारखंड की उपेक्षा की जा रही है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...