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मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

महंथ विजयानंद ने कोरोना के खिलाफ जंग के लिए समाजसेवी सुधांशु सुमन का किया उत्साहवर्धन


* कहा, घरों में रहकर बढ़ाएं आध्यात्मिक गतिविधियां

रांची / हजारीबाग : वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय किए जा रहे हैं। लाॅकडाउन के दौरान "स्टे एट होम" का पालन करते हुए लोग अपने घरों में धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक गतिविधियां बढ़ाकर कोरोना वायरस के प्रकोप को कम करने की ईश्वर से कामना भी कर रहे हैं। साधु-संत, मंदिरों के पुजारी, आध्यात्मिक विषयों के ज्ञाता, प्रकांड विद्वान, ज्योतिषाचार्य सहित आमजन कोरोना से मुक्ति पाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। इस क्रम में हजारीबाग के बाबू चौक स्थित बड़ा अखाड़ा के महंत विजयानंद ने कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए समाजसेवी सुधांशु सुमन का उत्साहवर्द्धन करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान लोग अपने-अपने घरों में धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक गतिविधियां बढ़ाएं। इससे वातावरण में शुद्धता आती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे काफी हदतक हमें प्राकृतिक आपदा पर विजय पाने की शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि संकट के समय ग्रहों की दशा को सकारात्मक करने के लिए नवग्रह शांति पाठ का जाप काफी कारगर सिद्ध होता है। ग्रहों की दशा को अनुकूल करने और मानव समाज के कल्याण के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्टे एट होम का पालन करते हुए लोग अपने-अपने घरों में सभी देवी देवताओं की पूजा अर्चना करें और ईश्वर से कामना करें कि ऐसे वैश्विक आपदा के समय कोरोनावायरस जैसे प्राणघातक विषाणु को नष्ट कर समस्त मानव के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें। महंत विजयानंद ने झारखंड के प्रख्यात समाजसेवी सुधांशु सुमन द्वारा कोरोना से मुक्ति पाने के लिए लगातार विगत एक महीने से किए जा रहे नवग्रह शांति पाठ करने को सराहाते हुए कहा कि श्री सुमन का यह प्रयास समाज व देश के कल्याण में काफी सहायक साबित होगा। उन्होंने नागरिकों से लॉकडाउन का शत-प्रतिशत पालन करते हुए अपने घरों में रहकर ही अपनी दिनचर्या में आध्यात्मिक अनुष्ठानों को शामिल करने का अनुरोध किया। महंत विजयानंद ने कहा कि वर्तमान में मानव जाति पर जो संकट गहराया है, इसका निवारण लॉकडाउन का अक्षरशः पालन कर और ईश्वर के शरण में जाकर समस्त मानव जाति के कल्याण की कामना कर ही संभव है। श्री सुमन ने विद्वान  ब्राह्मणों व पुरोहितों संग भगवान हनुमान व भगवान  ठाकुर जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना करने के बाद अध्यात्मिक मंत्रणा की।  बड़ा अखाड़ा के  महंत जी ने कहा कि महामारी कोरोना वायरस के खात्मे के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग , स्टे एट होम का पालन करना अति आवश्यक है, तभी कोरोना हारेगा और भारत जीतेगा। सबों ने कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सकारात्मक पहल और उनके द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों की सराहना की।

होटल पार्क इन के संचालक गरीबों के लिए बना रहे थे भोजन, आंधी-तूफान ने पहुंचाया नुकसान

होटल पार्क ईन के संचालक गरीबों के लिए कर रहे थे भोजन तैयार, आंधी-तूफान ने पहुंचाया नुकसान,
* फिर भी कम नहीं हुआ जज्बा
*  गरीबों के बीच बांटे भोजन के पैकेट



रांची। हटिया स्टेशन रोड स्थित होटल पार्क ईन और पूजा रेस्टोरेंट के संचालक समाजसेवी रामाशंकर प्रसाद ने बिरसा चौक और आसपास के लगभग दो सौ गरीब लोगों के बीच आज पैक्ड फ्राइड राइस के पैकेट बांटे। वे आज दोपहर में गरीबों के लिए भोजन तैयार करवाने में जुटे थे, कि अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी-तूफान के कारण उनके होटल के ऊपरी तल्ले पर निर्मित टेंपरेरी शेड सहित शीशे की खिड़कियां चकनाचूर हो गई। आंखों के सामने आंधी-तूफान की वजह से हो रहे नुकसान देखने के बाद भी गरीबों की सेवा के प्रति उनका जज्बा कम नहीं हुआ। आंधी-तूफान थमने के बाद  फिर से भोजन तैयार करने में जुट गए और गरीबों के बीच वितरित किया। गौरतलब है कि रामाशंकर प्रसाद लाॅकडाउन शुरू होने के बाद से लगातार गरीबों के बीच विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसते रहे हैं। बेघर, बेसहारा और गरीब लोगों को भोजन कराने में जुटे हैं। पीड़ित मानवता की सेवा में उनके इस कार्य में समाजसेवी गोपाल झा, मुन्ना सिंह, गुड्डू सिंह, अंकित कलवार, श्रीधर सिंह आदित्य, पूजा सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।स

पूर्वी सिंहभूम के पटमदा और बोड़ाम प्रखंड के गावों में पहुंची स्वयंसेवी संस्था गूंज


* अनाथ बच्चों, विधवाओं और बेसहारा वृद्धजनों के बीच बांटे खाद्यान्न



रांची/पूर्वी सिंहभूम। कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान विशेष रुप से गरीबों को हो रही परेशानियों को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक संस्था "गूंज" की ओर से गरीबों को सहायता पहुंचाने का सिलसिला जारी है। इस क्रम में सोमवार को गूंज के झारखंड-उड़ीसा राज्य समन्वयक सुरेश कुमार के नेतृत्व में संस्था की टीम ने पूर्वी सिंहभूम के पटमदा और बोड़ाम प्रखंड स्थित खेरिया, साबरमती, कोनकादासा, टांगर, सूत्तरीहुली गांव में जाकर राहत सामग्री पहुंचाया। इसके तहत गांव के बेहद गरीब परिवारों को चिन्हित कर अनाथ बच्चों, विधवाओं,बेसहारा महिलाओं और वृद्धजनों के बीच चावल, दाल, सब्जी, तेल, नमक, सोयाबीन, साबुन, बिस्किट आदि सामग्री का वितरण किया गया। श्री कुमार ने बताया कि लगभग ढाई सौ गरीबों के बीच राहत सामग्री बांटे गए। इस कार्य में स्थानीय ग्रामीण दयामह महतो, रंथू महतो सहित अन्य ने सहयोग किया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान गरीबों को भोजन कराने और उनके बीच राशन सामग्री बांटने का क्रम लॉकडाउन की अवधि तक जारी रहेगा। संस्था की ओर से विभिन्न स्थानों पर गरीबों को चिन्हित कर मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़ित मानवता की सेवा के इस कार्य में  कई समाजसेवियों का भी सहयोग "गूंज" को प्राप्त हो रहा है।

हैप्पी चिल्ड्रेन स्कूल परिसर में गरीबों के लिए लगातार चल रहा लंगर


* लाइट हाउस कैफे व एआईडब्लूसी के सौजन्य से जरूरतमंदों को दी जा रही खाद्य सामग्री

रांची। लाॅकडाउन के दौरान हटिया-तुपुदाना स्थित आरके मिशन रोड पर अवस्थित हैप्पी चिल्ड्रन स्कूल परिसर में गरीबों के लिए लगातार लंगर चलाया जा रहा है। लाॅकडाउन के 35वें दिन आज मंगलवार को भी लगभग एक सौ गरीबों को भोजन कराया गया। ऑल इंडिया वीमेंस कॉन्फ्रेंस की हटिया-तुपुदाना शाखा की अध्यक्ष शांति सिंह और लाइट हाउस कैफे एंड किचन रेस्टोरेंट के संचालक दिलबाग सिंह के संयुक्त सौजन्य से गरीबों के बीच दोपहर का भोजन वितरित किया जाता है। यही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के अत्यंत गरीब परिवारों, अनाथ बच्चों, विधवाओं और वृद्धजनों के बीच जरूरत के अनुसार खाद्यान्न सामग्री भी वितरित की जाती है। इस संबंध में लाइट हाउस कैफे एंड किचन रेस्टोरेंट के संचालक व समाजसेवी दिलबाग सिंह ने बताया कि 24 मार्च से लगातार उनके द्वारा गरीबों को एक समय का भोजन कराया जा रहा है। वहीं, जरूरतमंद गरीब परिवारों के बीच राशन भी बांटा जाता है। पीड़ित मानवता के इस पुनीत कार्य में उन्हें समाजसेवी विजय नागवेकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, कांग्रेस नेता सुनील सहाय, दीपक प्रसाद, सहित अन्य का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की अवधि तक गरीबों को दोपहर में एक समय का भोजन कराने का सिलसिला जारी रहेगा। इस कार्य में प्रदीप माहथा, सोनी कच्छप, आनंद सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

सोमवार, 27 अप्रैल 2020

मानव.के साथ-साथ जीव-जंतु के कल्याण की भी कामना कर रहे सुधांशु सुमन


* अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर भगवान भास्कर को अर्ध्य अर्पित कर पशुओं को कराया भोजन

 रांची। वैश्विक आपदा कोरोना के कारण अकस्मात अव्यवस्थित हुए मानव जीवन की लय को सुव्यवस्थित रखने के साथ-साथ पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं के कल्याण के लिए प्रख्यात समाजसेवी सुधांशु सुमन ईश्वर से प्रार्थना में जुटे हैं। आज रविवार (वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया) को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर उन्होंने भगवान भुवन भास्कर को अर्ध्य अर्पित किया। दिनचर्या में शामिल नव ग्रह शांति पाठ व हवन आदि आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के क्रम में उन्होंने समस्त संसार की मानव जाति के कल्याण की कामना की। इसके साथ ही पशु-पक्षियों व अन्य जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर मंडराते खतरे से बचाने के लिए भी ईश्वर से प्रार्थना की। नवग्रह शांति पाठ और पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने गौ माता की सेवा की और तालाब में तैरती मछलियों को भी चारा दिया। उनका मानना है कि इस शुभ दिन के अवसर पर किए गए दान- पुण्य व धार्मिक कार्य का कभी क्षय नहीं होता है। नदी- तालाब में स्नान व पूजा-पाठ से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इसी वजह से इस शुभ दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। संतों और शास्त्रों के अनुसार इस दिन विधि विधान से किए गए जप -तप हजारों गुना फलदाई होते हैं।
  पशुओं के प्रति उनका प्रेम सराहनीय ही नहीं बल्कि अनुकरणीय भी है। राष्ट्रीय अभियान तिरंगा सम्मान यात्रा के माध्यम से देश प्रेम का अलख जगाने वाले समाजसेवी सुधांशु सुमन पर्यावरण प्रेमी और पशु प्रेमी भी हैं। गौ सेवा के अलावा अन्य पशुओं के प्रति भी उनका लगाव है। सड़कों पर लावारिस घूमते गाय-बैल, बकरियों, कुत्तों आदि को भोजन कराने के बाद उन्हें सुखद अनुभूति होती है। एक कर्मयोगी के रूप में पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति समर्पित श्री सुमन पशु- पक्षियों के प्रति भी दया व करुणा का भाव रखते हैं। यह उनकी महानता व सहृदयता का परिचायक है।

स्वयंसेवी संस्था गूंज गरीबों की कर रही मदद


रांची। राष्ट्रीय स्तर की ख्यातिप्राप्त स्वयंसेवी संस्था "गूंज" की झारखंड इकाई की ओर से लाॅकडाउन के दौरान गरीबों, मजदूरों को सहायता पहुंचाई जा रही है। संस्था के झारखंड-उड़ीसा राज्य समन्वयक सुरेश कुमार ने बताया कि पीड़ित मानवता की सेवा के क्रम में आज अरगोड़ा, हरमू, किशोरगंज व आसपास के इलाकों के दैनिक मजदूर, निर्माण क्षेत्र में लगे मजदूर, रेजा-कुली आदि गरीब लोगों को "गूंज" की ओर से 8 किलो चावल, 1 किलो दाल, सोयाबीन, बिस्किट, नमक, साबुन, खाद्य तेल आदि मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों के स्लम एरिया को चिन्हित कर गरीब और बेसहारा लोगों को राशन व अन्य सामग्री दी जा रही है। इससे गरीबों को काफी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि तक गरीबों के बीच राशन सामग्री बांटे जाएंगे। इस कार्य में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता दीपक प्रसाद सहित अन्य सहयोग कर रहे हैं।

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

आल इंडिया वीमेंस कांफ्रेंस व लाइटहाउस कैफे एंड किचेन रेस्टोरेंट की ओर से गरीबों को कराया जा रहा भोजन


पीड़ित मानवता की सेवा से मिलता है सुकून : शांति सिंह



रांची। महिला सशक्तिकरण और महिला हितों के संरक्षण के लिए प्रयासरत संस्था आॅल इंडिया वीमेन्स काॅन्फ्रेंस व तुपुदाना स्थित लाइट हाउस कैफे एंड किचन रेस्टोरेंट के संयुक्त सौजन्य से शनिवार को लगभग एक सौ गरीबों को भोजन कराया गया। एआईडब्लूसी की हटिया-तुपुदाना शाखा की अध्यक्ष व लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता शांति सिंह ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान खासकर गरीबों व दिहाड़ी मजदूरों के बीच भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
इसे देखते हुए हटिया-तुपुदाना व आस-पास के बेघर, बेसहारा और बेहद गरीब लोगों को प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सेवा करने से सुखद अनुभूति होती है। पीड़ित मानवता की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म है। वहीं, लाइट हाउस कैफे एंड किचन के संचालक दिलबाग सिंह ने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि तक गरीबों को एक समय का भोजन मुहैया कराने का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गरीबों को भोजन के अलावा आसपास के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के अत्यंत गरीब परिवारों को उनके सौजन्य से जरूरत के अनुसार राहत सामग्री व खाद्यान्न भी मुहैया कराया जा रहा है। उनके इस पुनीत कार्य में समाजसेवी अल्बर्ट एक्का, हेमू फाउंडेशन के सदस्य सहित अन्य समाजसेवियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...