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सोमवार, 11 फ़रवरी 2019

लातेहार में मुख्यमंत्री सुकन्या जागरुकता समारोह


★मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत राज्य में अब तक 12 करोड़ 18 लाख रुपये का वितरण हुआ; आज पलामू प्रमंडल के 4,183 बालिकाओं के बीच ₹2 करोड़ 30 हजार रुपये का वितरण किया।
★बच्चियों के जन्म से लेकर पढ़ाई और विदाई तक सरकार सहारा बनेगी

★किसान को डबल फायदा, डबल इंजन की सरकार देगी

महत्वपूर्ण तथ्य--

★मुख्यमंत्री ने 4 अरब, 6 करोड़, 98 लाख, 51 हजार और 528 रुपये की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया

★मुख्यमंत्री ने 34 हजार, 800 सौ, 13 लाख, 52 हजार 78 हजार रूपये की परिसंपत्तियों का किया वितरण

★मुख्यमंत्री ने महुआडांड़ प्रखंड के 38 गांव के 41 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजलापूर्ति हेतु 46 करोड़ की पाइपलाइन योजना का किया शिलान्यास

★119 शिक्षको को मिला नियुक्त पत्र


राज्हर, लातेहार।  माँ तू मुझे जगत में आने दे/ मैं तेरा ही तो अंश हूँ/ माँ के गर्भ में पल रही सृष्टि की जननी बेटी की मन को छू लेनेवाली यह उक्ति है। यह महज एक मार्मिक कविता नहीं बल्कि इसकी भावना को जन आंदोलन बनाना है। ताकि कन्या भ्रूण हत्या थमे और भारतीय संस्कृति में जिस नारी को शक्ति का स्थान देकर पूजा जाता है वह इस धरा पर अवतरित हो। वह आगे बढ़े, उत्कृष्ट बनें। सरकार यही चाहती है। यही वजह रही कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना को राज्य में लागू किया गया। इस कार्य में जन सहभागिता जरूरी है ताकि हर घर की बच्ची इस योजना से आच्छादित हो सके। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही। श्री दास सोमवार को लातेहार में आयोजित मुख्यमंत्री सुकन्या योजना जागरूकता समारोह में बोल रहे थे।

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश प्रधानमंत्री ने पानीपत से दिया था।
श्री रघुवर दास ने कहा कि लड़का और लड़की के लिंगानुपात को समतुल्य करने के उदेश्य से बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश प्रधानमंत्री ने पानीपत से दिया था। राज्य सरकार उस बेटी के संरक्षण और उसके संवर्धन के लिए पहले पढ़ाई, फिर विदाई की बात करती है। सरकार कृतसंकल्पित है हर उस अंत्योदय और अनाथ बच्चियों के जन्म से लेकर विदाई तक सहारा बनने के लिए।

भ्रूण परीक्षण करने वाले पाप कर रहे हैं; कानून के दायरे में आएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में आदिवासी समाज कन्या भ्रूण हत्या से दूर है। जबकि शहर में बसने वाले पढ़े लिखे लोग अल्ट्रासाउंड के माध्यम से आनेवाली कन्या की हत्या कर रहें हैं। भ्रूण परीक्षण करने वाले दोषी चिकित्सक; यह पाप ना करें। अन्यथा सरकार आपके विरुद्ध कानून सम्मत कदम उठायेगी।

महिलाएं विकास की धुरी, पोल्ट्री फेडरेशन के गठन 1 माह में
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं विकास की धुरी हैं। महिलाओं को धुंआ से मुक्ति प्रदान करने के लिए 4 वर्ष में 27 लाख गैस सिलिंडर और चूल्हा का वितरण किया गया। तीसरे चरण में 15 लाख गैस सिलेंडर और चूल्हा का वितरण कार्य 23 फरवरी 2019 से प्रारम्भ होगा। जिसके तहत 3 हजार सिलेंडर और चूल्हा राज्य की महिलाओं को एक साथ प्रदान किया जाएगा। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु 13 अनुसूचित क्षेत्र में पोल्ट्री फेडरेशन के गठन 1 माह के अंदर होगा ताकि मुर्गी के अंडा का उत्पादन कर महिलाएं स्वावलंबी बन सकें।
3 माह में 57 लाख परिवारों तक पहुंचेगा गोल्डन कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड हर क्षेत्र में विकास की गाथा लिख रहा है। घर घर बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का कार्य हो रहा है। संसार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत अबतक राज्य में 16 लाख गोल्डन कार्ड का वितरण हो चुका है। 3 माह के अंदर 57 लाख परिवार तक गोल्डन कार्ड पहुंच जाएगा। ताकि गरीब नामित अस्पताल में अपना इलाज करा सकें।
14 साल तक टाना भगतों की सुध किसी ने नहीं ली, गांव सुखी होगा तो राज्य सुखी होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों की सबसे अधिक जमीन लूटने का कार्य आदिवासी नामधारी पार्टी ने किया है। महज निजी स्वार्थ के लिए आदिवासियों का उपयोग किया गया। आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले टाना भगतों की सुध किसी ने 14 वर्ष तक नहीं ली। अब राज्य सरकार टाना भगतों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देगी। आज टाना भगतों के आर्थिक स्वावलंबन हेतु दुधारू गाय का वितरण का आत्मिक खुशी हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1200 आदिवासी और दलित गांव में पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य आरंभ हो चुका है। अप्रैल माह में गांव में ही पानी मिले यह सुनिश्चित किया जा रहा है।
किसानों को डबल फायदा, डबल इंजन की सरकार देगी
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड गांव में बसता है और वहां बसते हैं हमारे किसान। जिनकी सुध केंद्र और राज्य सरकार ने ली। केंद्र सरकार की योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 6 हजार रुपये प्रदान करेगी। वहीं राज्य सरकार मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। इस योजना पर सरकार 2 हजार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस तरह झारखण्ड के एक किसान को कम से कम 11 हजार रुपये प्रति एकड़ किसान को मई माह से लाभ मिलेगा। इस योजना के दायरे में राज्य के 22 लाख किसान आएंगे। ऐसे में किसानों को डबल फायदा डबल इंजन की सरकार देगी।

अपनी संस्कृति बचाएं, सरकार सभी धर्म का सम्मान करती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विदेशी ताकतें आदिवासियों की संस्कृति, बिरसा आबा, सिधो कान्हो की संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं। ऐसी शक्तियों से मिलकर मुकाबला करना है। विदेशी शक्ति ने आदिवासियों नकी जमीन को लूटा है । हमें नीलाम्बर पीताम्बर की संस्कृति को अक्षुण रखना है। सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है लेकिन लोभ देकर धर्म से छेड़छाड़ सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
4 वर्ष में 1500 करोड़ की योजना लातेहार में लागू हुई
लातेहार विधायक श्री प्रकाश राम ने कहा कि 4 साल में जो विकास के कार्य हुए वह पूर्व में नहीं हुए । 4 साल में 1500 करोड़ की योजना लातेहार में लागू की गई। सरकार हमेशा से संवेदनशील रही है।

लातेहार में शांति विकास का प्रतिफल
माणिका विधायक श्री हरे कृष्ण सिंह ने कहा कि आज लातेहार में शांति है यह विकास का प्रतिफल है। सरकार की सोच सिर्फ विकास है। मुख्यमंत्री जी का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ जन जन तक पहुंचे।

इस अवसर ओर सचिव समाज कल्याण एवं बाल विकास श्री अमिताभ कौशल ने सुकन्या योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वहीं लातेहार के उपायुक्त श्री राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त, उप विकास आयुक्त, आरक्षी अधीक्षक समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

गुरुवार, 24 जनवरी 2019

सीएम ने चाईबासा से किया मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ


सीएम रघुवर दास ने कहा-

●बच्चियां अपने परिश्रम से राज्य का मान बढ़ाएं

●शिक्षा बदलाव व विकास की संजीवनी है

★ योजना से लाभान्वित होंगे राज्य के 27 लाख परिवार

★ कोल्हान प्रमंडल में 6,661 व चाईबासा के 4, 238 लाभुक मुख्यमंत्री सुकन्या योजना से आच्छादित , 7 लाभुकों को सांकेतिक तौर पर सौंपा प्रमाण पत्र

★योजना का लक्ष्य बच्चियों का संपूर्ण सशक्तिकरण, सात किस्तों में 40 हजार का अनुदान

★मुख्यमंत्री ने 10 एमबीबीएस 22 विशेषज्ञ चिकित्सकों को सांकेतिक तौर सौंपा नियुक्ति

★ 300 मॉडल आंगनबाड़ी का शिलान्यास व 25 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया


चाईबासा/रांची। उज्ज्वल कल के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण। यही है मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का मूल उदेश्य। राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं। आज के दिन मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत कर मुझे खुशी है। ये नारी शक्ति राज्य की शक्ति है, 4 वर्ष के विकास में नारी शक्ति के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। यह राज्य की शक्ति है। राज्य की बच्चियां शिक्षित होंगी तो तो परिवार में संस्कार का संचार होगा। आज लड़कियां किसी से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं। हर जगह उनकी बराबर की भूमिका दिख रही है। खेल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मेडल लाने का कार्य लड़कियों ने किया है। बेटी हमारा गौरव है बेटी हमारा अभिमान है। इस सोच के साथ सभी अभिभावकों को कार्य करने की जरूरत है। बेटा और बेटी में विभेद ना करें। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही । श्री दास गुरुवार को चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।

जन जन तक इस योजना को पहुंचायें
 रघुवर दास ने कहा कि योजना तो लागू हो चुकी है अब हम सब भी अपनी साझी भागीदारी निभाएं और जन जन तक इस योजना का संप्रेषित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकन्या योजना का लक्ष्य बच्चियों को सशक्त करना, उनमें आत्मविश्वास का संचार करना, बाल विवाह रोकना और सबसे खास उन्हें शिक्षित कर स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। योजना तहत जन्म लेने वाली बच्ची की माँ के बैंक खाते में 5 हजार रुपये जमा कर दिए जाएंगे। पहली कक्षा में नामांकन के समय 5 हजार, 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 5-5 हजार सरकार द्वारा बैंक खाते में जमा किया जाएगा। जब बेटी 18 साल की होगी तो 10 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस तरह जन्म से लेकर 20 वर्ष तक आयु तक 7 किस्तों में 40 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। अगर बिटिया शादी करना चाहे तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तहत 30 हजार रुपये मिलेंगे। झारखण्ड के 27 लाख परिवार इस योजना से आच्छादित होंगे।

अगर कम उम्र में शादी के लिए दबाव बनाए तो 181 में सूचना दें बच्चियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रूण हत्या पाप है। राज्य का लिंग अनुपात ठीक है लेकिन दोनों को समतुल्य बनाना है। आदिवासी समाज के लोग बेटा और बेटी में भेद नहीं करते हैं लेकिन पढ़े लोगों में यह ज्यादा देखने को मिलता है। चिकित्सक भी इस बात का ध्यान रखें वे अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इसकी जानकारी किसी को ना दें अन्यथा आप दोषी ठहरा कर जेल जाने के भागी होंगे। आप यह पाप ना करें। मुख्यमंत्री ने बच्चियों से अपील किया कि अगर कोई आपकी शादी कम उम्र में करना या कराना चाहे तो 181 में इसकी जानकारी दें।

सरकार शिक्षक के नहीं बल्कि बच्चों के लिए स्कूल संचालित कर रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि बच्चों के लिए खोला गया है। हर विषय के शिक्षक स्कूल में रहें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। सुदूरवर्ती ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों का विलय ध्यान में रख कर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ होगा। मैं शासन करने नहीं सेवा करने आया हूँ जनता के हित में जो बदलाव करना होगा करूंगा।

प्रति एकड़ किसानों को 5 हजार रुपये, कृषि कार्य मे होगा सहायक
सीएम रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। इस योजना पर सरकार 2 हजार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। आज राज्य को इस बात का गर्व है कि 2014 में जो कृषि विकास दर -4.5% थी वह बढ़कर +14% हो गया। किसानों के उत्साह को देखकर राज्य सरकार ने 100 किसानों को इजरायल भेजा और आधुनिक कृषि प्रणांली से अवगत कराया। हर वर्ष 100 किसानों को इजरायल और फिलीपींस भेजा जाएगा। ताकि राज्य के किसान समृद्ध हो सकें। अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने आपके सपनों को पूरा करने की कोशिश की है
नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ कोलहान की धरती से हो रहा है। थे इस बात का प्रमाण है कि हम जो कहते हैं वो करते हैं। जिसका प्रमाण है आज का यह कार्यक्रम। मुख्यमंत्री सपने दिखाते नहीं बल्कि उसे पूरा भी करते हैं। सरायकेला भ्रमण के दौरान हर घर शौचालय और बिजली देखा हूँ। आप से आग्रह है कि दिन में जलते बल्ब को बंद रखें। सरकार ने 4 साल में 30 लाख घरों तक बिजली पहुँचा दी है जो काम आज़ादी के बाद नहीं हुआ।

4 वर्ष में महिला व बालिका विकास के कई कार्य हुए हैं
सांसद श्री लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि विगत 4 वर्ष में महिला और बालिका कल्याण हेतु कई कार्य और योजनाओं को संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना राज्य की बालिकाओं की समृद्धि का कारक बनेगा। उसी तरह मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत किसानों का लाभान्वित करने का कार्य हो रहा है।

87 हजार आवेदन पूरे राज्य से प्राप्त हुए
मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत पूरे राज्य से 87 हजार आवेदन प्राप्त हुए। 3 जनवरी 2019 को योजना को कैबिनेट में स्वीकृति मिली, 4 जनवरी को संकल्प पत्र जारी हुआ और आज 21 दिन बाद योजना का शुभारंभ कोल्हान की धरती से हुआ। कोल्हान प्रमंडल में कुल 15 हजार 61 आवेदन प्राप्त हुए, 6 हजार 700 स्वीकृत हुए, लगभग 5 हजार लाभुकों का चयन हुआ और 2.50 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने सुकन्या योजना के तहत चाईबासा की अंकिता पूर्ति, ऐरा करवा, कांति हेम्ब्रम, सुखमती कुदादा, गीता देवगाम, तृप्ति विश्वकर्मा, मंजू खनदैत पूर्वी सिंहभूम की राधिका सबर, रिंकी गोप, इना भगत, भवानी केवट, सरायकेला की भाग्यवती बेहरा, प्रियंका पडीहरी और संतोषी सरदार को प्रमाण पत्र सौंपा।

स्वागत संबोधन आयुक्त कोल्हान प्रमंडल विजय कुमार सिंह व धन्यवाद ज्ञापन उपायुक्त चाईबासा श्री अरवा राजकमल ने दिया।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सांसद लक्ष्मण गिलुआ, विधायक दीपक बिरुवा, विधायक  साधुचरण महतो, सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विकास अमिताभ कौशल, बाल संरक्षण आयोग की अध्य्क्ष आरती कुजूर, जेबी तुबिद, पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप दिवेदी व अन्य उपस्थित थे।

बुधवार, 28 नवंबर 2018

नए साल में मिलेगी मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की सौगात



बाल विवाह उन्मूलन पर फोकस करना हमारी जिम्मेदारीः रघुवर 
26 लाख परिवार की बच्चियों को मिलेगा इस योजना का लाभ
जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के उम्र तक की बच्चियों को मिलता रहेगा वित्तीय लाभ
डीबीटी के माध्यम से सीधे बच्चियों के खाते में जाएगी प्रोत्साहन राशि
एसएचजी, सामाजिक संस्था एवं स्वैच्छिक संस्था राज्य के विकास की आत्मा

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2019 में  मुख्यमंत्री सुकन्या योजना शुभारंभ करने का एलान किया। इसकी पूरी तैयारी चल रही है। 1 जनवरी 2019 से इस योजना का लाभ सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना के तहत आने वाले 26 लाख परिवार की बच्चियों को मिलेगा. जन्म से लेकर 18 वर्ष तक की बच्चियों को शिक्षा के साथ साथ अन्य आर्थिक सामाजिक विकास के लिए राज्य सरकार समय-समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी. बच्चियों के सहायतार्थ मिलने वाली राशि का भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक अकाउंट में किया जाएगा। थारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित बाल विवाह उन्मूलन हेतु कार्य योजना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह एलान किया।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य से गरीबी,पलायन, अशिक्षा,कुपोषण, बाल विवाह आदि कुव्यवस्था को समूल नष्ट करना सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकारी तंत्र, गैर सरकारी तंत्र और पंचायती राज की संरचनाओं में आपसी समन्वय स्थापित कर के ही समाज में व्याप्त कुव्यवस्थाओं को मिटाया जा सकता है। उन्होंने सभी स्वयंसेवी संस्थाओं को सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ मुहिम चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करके ही इस मुहिम में सफलता पाई जा सकेगी।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के 5 जिले गोड्डा, देवघर, कोडरमा, गिरिडीह और पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के ज्यादा मामले उभर कर सामने आए हैं। इन 5 जिलों में बाल विवाह उन्मूलन के प्रति अधिक से अधिक फोकस करना हम सबों की जिम्मेवारी है। इन जिलों में बाल विवाह के रोकथाम हेतु बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है। बाल विवाह महिला एवं पुरुष दोनों के लिए हानिकारक है। बाल विवाह शारीरिक और मानसिक  तनाव का बड़ा कारण है। बाल विवाह से मातृत्व मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि हालांकि पिछले 4 वर्ष में मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है परंतु अभी भी और कार्य करने की आवश्यकता है। हमें राज्य से बाल विवाह जैसी कलंक प्रथा को जड़ से मिटाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार नारी सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं के विकास के लिए राज्य में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में बच्चियों का ड्रॉप आउट  रोकना सरकार की प्राथमिकता है. बच्चियों को भी उच्च शिक्षा प्राप्त हो इस हेतु शिक्षा के स्तर में भी काफ़ी कार्य किए जा रहे हैं. भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. महिला एवं पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं. नारी शक्ति को हमें सिर्फ परिवार की ही शक्ति नहीं बल्कि राष्ट्र की शक्ति बनानी है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...