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शुक्रवार, 6 जुलाई 2018

लंदन में संपन्न हुआ वातायन सम्मान समारोह





लंदन। यह वर्ष हिंदी भाषा के वैश्वीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष भारत एवं मॉरिशस सरकार द्वारा 11वें विश्व हिंदी सम्मलन का आयोजन होने जा रहा है। वाणी फाउंडेशन के संरक्षण में ब्रिटेन की तीन संस्थायें - यू.के हिंदी समिति, वातायन:पोएट्री ऑन साउथ बैंक एवं कृति यूके - हिंदी महोत्सव-2018 का आयोजन ब्रिटेन के चार शहरों में बड़ी धूमधाम से किया, जो एक प्रयास था भाषा और संस्कृति के विद्वानों और प्रतिष्ठित कलाकारों को हिंदी के विद्यार्थियों और युवाओं से जोड़ने का। अकादमिक सत्रों में गंभीर चर्चाओं, काव्य गोष्ठियों, पुस्तकों के विमोचन, पुस्तक-प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, हिंदी के छोटे बड़े विद्यार्थियों के कविता पाठ के अतिरिक्त इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण अंग रहा फ्रेडरिक पिनकॉट यू.के अवॉर्ड-2014 से सम्मानित, वातायन: पोएट्री ऑन साउथ बैंक द्वारा हिंदी और संस्कृति की विभूतियों को सम्मानित करना।
नेहरु केंद्र-लंदन के सह-निदेशक, श्री ब्रिज किशोर गोहेर के औपचारिक स्वागत भाषण एवं डॉ निखिल कौशिक, फिल्मकार, कवि एवं पेशे से नेत्र-सर्जन, की वंदना के पश्चात, वातायन की अध्यक्ष एवं अकैडमी की निदेशक, मीरा कौशिक, ने वातायन के विषय में जानकारी दी। विशेष अतिथियों - श्री वीरेंद्र शर्मा, पार्षद, भारतीय उच्चायोग-लंदन के हिंदी अधिकारी, श्री तरुण  कुमार एवं श्री अरुण माहेश्वरी, वाणी प्रकाशन के अध्यक्ष - ने वातायन की संस्थापक दिव्या माथुर की सहायता से अंतर्राष्ट्रीय वातायन कविता पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन किया पद्मभूषण डॉ मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार से सम्मानित और यूके हिंदी-समिति के डॉ पदमेश गुप्त ने, जो हिंदी समारोह-2018 के दी आयोजक भी हैं। श्री यतीन्द्र मोहन मिश्र (वातायन कविता सम्मान), डॉ कुसुम अंसल (अंतर्राष्ट्रीय वातायन शिखर सम्मान), श्री कृष्ण कुमार गौड़ (अंतर्राष्ट्रीय वातायन संस्कृति-सम्मान) और श्रीमती सरोज शर्मा (अंतर्राष्ट्रीय वातायन विशेष सम्मान) से सुशोभित किया गया। स्थानीय लेखिकाओं - श्रीमती कादम्बरी मेहरा, अरुण सब्बरवाल, तिथि दानी ढोबले और इंदु बरोट ने प्रत्यय-पत्र पढ़े।
महोत्सव की निदेशक एवं वाणी प्रकाशन-दिल्ली की अदिति माहेश्वरी में प्रतिष्ठित लेखक श्री अनिल जोशी, जो फिजी में चांसरी के प्रमुख एवं द्वितीय सचिव (हिंदी); जिन्होंने अपनी नई पुस्तक, प्रवासी लेखन: नई ज़मीन नया आसमान, श्री वीरेंद्र शर्मा, डॉ निखिल कौशिक, डॉ पद्मेश गुप्त एवं दिव्या माथुर को भेंट की। श्री कृष्ण कुमार गौड़ के उदगार के पश्चात, सम्मानित कवियों - श्री यतीन्द्र मोहन मिश्र एवं डॉ कुसुम अंसल  ने अपनी कुछ लोकप्रिय रचनाएं सुनाईं, जिन्हें श्रोताओं ने करतल ध्वनि से सराहा और भारत से पधारे कवि शशांक प्रभाकर एवं डॉ शम्भू मनहर ने भी कविता पाठ किया।
वातायन की कोषाध्यक्ष एवं लेखिका शिखा वार्ष्णेय ने ज्ञापन प्रस्तुत किया और श्रोताओं को शानदार जलपान के लिए आमंत्रित किया। स्थानीय कवियों, मीडिया-कर्मियों एवं कलाकारों के अतिरिक्त इस कार्यक्रम में उपस्थित थे डॉ शाम मनोहर पांडे, डॉ अचला शर्मा, परवेज़ आलम, कृष्ण कुंजरू, उषा राजे सक्सेना, अरुणा अजितसरिया, सरोज श्रीवास्तव, एवं भारत से पधारे बहुत से लेखक, जिनमें शामिल थीं नीलिमा डालमिया आधार, लेखिका मंजु लोधा।


क्रशर एवं माइंस वेलफेयर एसोसिएशन का एकदिवसीय धरना



हजारीबाग। अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर क्रशर एवं माइंस वेलफेयर एसोसिएशन ने  समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया। धरना को संबोधित करते वक्ताओं ने कहा कि जिले के इचाक, पदमा, सदर एवं बरकट्ठा प्रखंड में लगभग 400 क्रशर है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक पत्थर खदान भी है। पिछले एक साल में जिला प्रशासन ने सैकड़ों क्रशर को तोड़ दिया गया। जिसमें अधिकांश लाइसेंसी है। प्रशासन की कार्रवाई से आधा क्रशर बंद हो चुके हैं। 50 हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। मजदूरों में अधिकांश आदिवासी, दलित व पिछड़े वर्ग से हैं। वे सब भूखे मरने की स्थिति में आ गए हैं। क्रशर संचालक लाइसेंस लेना चाहते हैं। दर्जनों लाइसेंस के आवेदन वन एवं प्रदूषण विभाग के पास लंबित है। लाइसेंस के लिए पांच लाख रुपए नाजायज रूप से मांग की जाती है। वक्ताओं ने क्रशर उद्योग में आए संकट के लिए प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया। धरना के अंत में छह सूत्री मांग की गई। धरना को पूर्व सांसद वीपी मेहता, जदयू नेता बटेश्वर मेहता, सत्यनारायण प्रसाद, शैलेंद्र कुमार मेहता, बसंत नारायण मेहता, विनोद प्रसाद मेहता, राजेश मेहता, मोहन प्रसाद मेहता, वलदेव प्रसाद मेहता, महेश मेहता, जयप्रकाश मेहता सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। प्रशासन को चेतावनी दी गई कि नौ जुलाई तक आयुक्त इसका समाधान निकालें, नहीं तो दस हजार लोग प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन करेंगे।

मुखिया संघ ने दी दी सामुहिक इस्तीफे की चेतावनी




बरही। बरही पूर्वी पंचायत भवन में मुखिया संघ की बैठक हुई। अध्यक्षता मुखिया संघ अध्यक्ष सह खोड़ाहार मुखिया खिरोधर यादव व संचालन विष्णुधारी महतो ने किया। बैठक में संगठन मजबूती व एकजुट होने पर चर्चा किया गया। नरही मुखिया संघ के तमाम मुखिया ने एक स्वर में कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा बार बार मुखिया को तंग करने का प्रयास किया जा रहा हैं। आये दिन सोलर लाइट व टैंकर सहित अन्य सामान को लेकर जांच के नाम पर परेशान किया जाता हैं। झारखण्ड प्रदेश के लगभग सभी पंचायतों में एक समान कार्य किया जा रहा हैं। सोलर लाइट की खरीददारी सक्षम एजेंसी के कोटेशन पर किया गया हैं। जिस दिन एजेंसी ने यह समान पंचायत को उपलब्ध करवाया हैं। उस राशि से ज्यादा राशि में जिला प्रशासन ने टैंकर व सोलर लाइट खरीददारी कर रखा हैं। मुखिया ने जिला प्रशासन पर सवाल खड़ा किया हैं। साथ ही कहा कि सरकार के गलत रवैये से परेशान व बाध्य होकर बरही मुखिया संघ ने विरोध जताया हैं। साथ ही मुखिया संघ ने अब तक जो खरीददारी किया हैं, उसके लिये राज्य सरकार का कोई दिशा निर्देश नही था। ऐसे में कोई मुखिया विकास का रूप रेखा कैसे तय कर सकता हैं। जबकि आधे से ज्यादा मुखिया महिला हैं। इस बावत मुखिया संघ अध्यक्ष खिरोधर यादव ने कहा कि संघ के लिये जरूरत पड़ी, तो प्रखंड का मुखिया संघ एक साथ इस्तीफा देकर जनहित की लड़ाई लड़ेगा। जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर प्रशासनिक पदाधिकारी लगातार दबाव बना रहे हैं, जो बिल्कुल गलत हैं। इसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। साथ ही बैठक में निर्णय लिया गया कि आठ जुलाई को बरही मुखिया संघ रांची में आयोजित होने वाले प्रदेश मुखिया संघ की बैठक में शामिल होगा। वहीं जांच के नाम कारवाई व वित्तीय शक्ति जब्त के आलोक में संघ झारखण्ड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगा। धनवार मुखिया चमेली देवी शक्ति वापस करवाने के लिये जिला प्रशासन सहित अन्य पदाधिकारियों से नियम पूर्वक मिलने का काम करेगा। मौके पर खिरोधर यादव, हरेंद्र गोप, विष्णुधारी महतो, प्रभु भुइयां, सकलदेव यादव, छोटन ठाकुर, दशरथ यादव, तब्बसुम आरा, रमेश ठाकुर, विजय यादव, टेकलाल यादव, बालेश्वर साव, दिनेश कुमार, बासुदेव कुमार यादव मौजूद थे।

भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद


इचाक।  थाना क्षेत्र के बोंगा अवैध पत्थर खदान से सदर एसडीओ आदित्य रंजन ने  सुबह छापामारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया है जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर सदर एसडीओ ने छापेमारी कर दर्जनों जिलेटिन अमोनियम नाइट्रेट दो ट्रैक्टर व दो जनरेटर जब्त किया है ।जब्त  समान थाना को सौंपा गया है समाचार लिखे जाने तक मामले की छानबीन की जा रही है वहीं थाना प्रभारी अकील अहमद से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि अभी जिलेटिन व डेटोनेटर की गिनती नहीं हो पाई है गिनती होते ही अवैध कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।


ओवरलोड ट्रकों से क्षतिग्रस्त हो रही है शहीद की प्रतिमा





टंडवा। यहां शहीद चोक स्थित शहीद राजेश दास की प्रतिमा की सुरक्षा पर फिर सवाल उठने लगा है ।आजसू के जिला उपाध्यक्ष महेश महतो ,एवं कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष कामेश्वर यादव ने इस मामले में एनटीपीसी के भारी भरकम वाहनों के इस मोड़ से आवागमन को जिम्मेवार ठहराया है ।महेश महतो ने बताया कि यह काफी दुखदाई है कभी शहीद की प्रतिमा का बंदूक टूट जाता है कभी चबूतरा उखड़ जाता है इस पर एनटीपीसी को ध्यान देने की जरूरत है ।जिससे शहीद की स्थापित प्रतिमा वाहनों के झटके ओर लगातार ठोकर से क्षतिग्रस्त न हो ।मालूम हो कि इस मोड़ से एनटीपीसी का मैटीरियल लेकर भारी भरकम वाहन गुजरते हैं। ।वही दूसरी तरफ बार बार प्रतिमा को क्षति पहुंचती रहती है ।वर्तमान में टूट चुके चबूतरे का निर्माण शीघ्र नही किया गया तो प्रतिमा को नुकसान पहुंच सकता है । स्थानीय लोगो का कहना है प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाना चाहिए जिससे शहीद का अपमान न हो ।

ओवरलोडिंग के आरोप में एनटीपीसी की 60 ट्रकें जब्त

हजारीबाग। सदर एसडीओ आदित्य रंजन ने एनडीपीसी के 60 ट्रकों को पकड़ा। उन ट्रकों पर क्षमता से अधिक कोयला लदा हुआ था उनके नेतृत्व में गई टीम ने बानादाग कोलियरी से लेकर साइडिंग तक व्यापर अभियान चलाया। टीम में कार्यपालक दंडाधिकारी कुमुद रंजन झा के अलावा पुलिस बल के कई जवान शामिल थे। अभी ट्रकों की ओवरलोडिंग की जांच की जा रही है।

हजारीबाग में मंत्री जयंत सिन्हा का तूफानी दौरा



सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण
सड़क निर्माण की दी जानकारी

मनीष कुमार

हजारीबाग। केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री व हज़ारीबाग सांसद जयंत सिन्हा बिना किसी को सूचना दिए हज़ारीबाग सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण के लिये पहुंचे जहां उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं व डॉक्टरों की जागरूकता की जांच की।

श्री सिन्हा जी को हाल ही में कई स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें और अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा कर्तव्य पालन में लापरवाही की सूचना प्राप्त हुई थी जिसकी पड़ताल हेतु वह सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में एडमिट मरीज़ों से उनका हाल जाना व उन्हें मुहैया कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।




 उन्हें अस्पताल में आक्सीजन का खाली सिलिंडर लगाने से एक महिला मरीज़ की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई थी जिसका कारण जानने भी वह यहां पहुंचे। इस मामले की जानकारी लेते हुए उन्होंने पता लगाया कि कहीं इसमें अस्पताल की किसी प्रकार की चूक तो नहीं। उन्होंने एसएचओ को शीघ्र पोस्टमार्टम करवाकर उसकी रिपोर्ट लेने को कहा व परिवार को मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया।

श्री सिन्हा ने अस्पताल में उपस्थित मरीज़ों व लोगों को अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से भी अवगत कराया और साथ ही डॉक्टरों को उचित दिशा-निर्देश दिए। साथ ही एसडीओ को खराब लिफ्ट को शीघ्र सही करवाकर पुनः आरम्भ करवाने का आदेश दिया। उनका कहना है कि अस्पताल द्वारा हज़ारीबाग वासियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री श्री सिन्हा क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उप्लब्ध करवाने हेतु दिन-रात कार्यरत रहते हैं। उनका लक्ष्य क्षेत्र को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाकर 'हैप्पी हज़ारीबाग' का निर्माण करना है।
माननीय केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री व हज़ारीबाग सांसद सिन्हा जी अपने लंबे-चौड़े काफिले के साथ एनएच 33 के पास बन रहे बाईपास का निरीक्षण करने पहुंचे जहां उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य के बारे में जानकारी ली।
श्री सिन्हा ने बताया कि एनएच 33 से बाईपास की दूरी 10 किमी है जिसमें 8 किमी सड़क का निर्माण हो चुका है। बाकी बची 1-2 किलोमीटर सड़क का निर्माण भी कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के पूरा हो जाने पर हम बाईपास का उपयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही ट्रक और बसें शहर में न आकर बाईपास से जाया करेंगी जिससे ट्रैफिक की समस्या दूर होगी व क्षेत्रवासियों के लिये यातायात सुरक्षित व सुगम होगा।



एनएचएआई के अधिकारियों ने श्री सिन्हा को बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश बाईपास के शीघ्र निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रही है। परंतु वह इस निर्माण कार्य को बहुत जल्द पूरा कर लेंगे। जयंत सिन्हा ने अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र समाप्त करने के दिशा-निर्देश दिए।


जुलाई माह के अंत में कार्यसमिति की बैठक का आयोजन किया जाएगा जिसमें झारखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री रघुबर दास जी शामिल होंगे। इस बैठक के उपरांत माननीय रघुबर दास एवं  जयंत सिन्हा जी अपने कर कमलों से इस बाईपास का उद्घाटन कर इसे हज़ारीबाग की जनता को समर्पित करेंगे।


मंत्री श्री सिन्हा की क्षेत्र के विकास के प्रति निष्ठा व एकाग्रता प्रशंसनीय है। क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उनके प्रयास हर क्षेत्र में सफल होते दिखाए देते हैं। उनके कुशल नेतृत्व में हज़ारीबाग उन्नति व प्रगति के पथ पर अग्रसर है और यहां विकास धरातल पर उतरा है। 

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...