हजारीबाग। अपनी छह सूत्री मांगों को
लेकर क्रशर एवं माइंस वेलफेयर एसोसिएशन ने समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया। धरना को
संबोधित करते वक्ताओं ने कहा कि जिले के इचाक, पदमा, सदर एवं बरकट्ठा प्रखंड में लगभग 400 क्रशर है। इसके
अलावा एक दर्जन से अधिक पत्थर खदान भी है। पिछले एक साल में जिला प्रशासन ने
सैकड़ों क्रशर को तोड़ दिया गया। जिसमें अधिकांश लाइसेंसी है। प्रशासन की कार्रवाई
से आधा क्रशर बंद हो चुके हैं। 50
हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
मजदूरों में अधिकांश आदिवासी,
दलित व पिछड़े वर्ग से हैं। वे सब भूखे
मरने की स्थिति में आ गए हैं। क्रशर संचालक लाइसेंस लेना चाहते हैं। दर्जनों
लाइसेंस के आवेदन वन एवं प्रदूषण विभाग के पास लंबित है। लाइसेंस के लिए पांच लाख
रुपए नाजायज रूप से मांग की जाती है। वक्ताओं ने क्रशर उद्योग में आए संकट के लिए
प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया। धरना के अंत में छह सूत्री मांग की गई। धरना को
पूर्व सांसद वीपी मेहता, जदयू नेता बटेश्वर मेहता, सत्यनारायण प्रसाद, शैलेंद्र कुमार
मेहता, बसंत नारायण मेहता, विनोद प्रसाद मेहता, राजेश मेहता, मोहन प्रसाद मेहता, वलदेव प्रसाद मेहता, महेश मेहता, जयप्रकाश मेहता
सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। प्रशासन को चेतावनी दी गई कि नौ जुलाई तक आयुक्त
इसका समाधान निकालें, नहीं तो दस हजार लोग प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में धरना
प्रदर्शन करेंगे।
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