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बुधवार, 11 जुलाई 2018

झारखंड में जनसंख्या स्थिरता पखवारा की शुरुआत



 गरीबी, अशिक्षा रूढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार जनसंख्या वृद्धि के कारणःरामचन्द्र चद्रवंशी
सार्थक कल की शुरूआत परिवार नियोजन के साथ का दिया मंत्र

रांची। झारखंड में विश्व जनस्खा दिवस के अवसर पर जनसंख्या स्थिरता पखवारा की शुरुआत की गई। इसका विधिवत उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने किया। इस मौके पर श्री चद्रवंशी ने कहा कि राज्य सरकार ने परिवार नियोजन की दिशा में अनेक कदम उठाये हैं परन्तु इन्हें सार्थक बनाने के लिए और भी अधिक कठोर कदम उठाना आवश्यक है। देश के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमें कुछ ऐसे निर्णय भी लेने होंगे जिसका दूरगामी परिणाम सुखद हो। यदि समय रहते इस दिशा में देश व्यापी जागरूकता उत्पन्न होती है, तो निःसंदेह हम विश्व के अग्रणी देशों में अपना स्थान बना सकते है। जनसंख्या में वृद्धि के कई कारण है जिसे दूर करने की आवश्यकता है। गरीबी, अशिक्षा रूढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार जनसंख्या वृद्धि के अन्य कारण है। वे आज नामकुम, राँची में ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय जनसंख्या स्थिरता पखवारा का उद्घाटन कर रहे थे।
इस अवसर पर विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि पिछले तीन वर्षों में 341529 महिला बंध्याकरण एवं पुरूष नसंबदी कराई गई। पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1586 पुरूष नसबंदी तथा 99820 महिला बंध्याकरण तथा 1,30,000 आई0यू0सी0डी0 लगाये गये है। इस उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष 11 जुलाई से 24 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवारा मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने जनसंख्या स्थिरिता पखवारा का मंत्र ‘‘एक सार्थक कल की शुरूआत परिवार नियोजन के साथ’’ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर निधि खरे, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, ने कहा कि झारखण्ड का आर्थिक वृद्धि दर भारतवर्ष में प्रथम स्थान रखता है परन्तु इसका लाभ राज्य के आम जनता तक नहीं पहुँच पा रहा है उनके जीवन स्तर में आवश्यक बदलाव नहीं आ रहे है इसका मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि दर है। अतः जनसंख्या स्थिरता की बात करना समय की माँग है। उन्होंनें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निदेश दिया कि सभी गर्भवती महिलाओं की जाँच सुनिश्चित की जाय तथा उनका सक्रिय परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श की जाय।
 श्रीमती खरे ने कहा कि अभी हाल में ही सदर अस्पताल राँची तथा रिम्स में मैटरनीटि वार्ड में किये गये भ्रमण के दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को सख्त निदेश दिया था कि प्रत्येक संस्थागत प्रसव की माताओं को सक्रिय परामर्श की सेवा दी जाय तथा उसका उचित फोलोअप किया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य में 18 वर्ष से कम उम्र के लडकियों की होने वाली शादी लगभग 38 प्रतिशत है जो चिन्ता का विषय है। उन्होंने सभी सहियाओं को निदेश की अपने कार्य क्षेत्र में अभियान चलाकर जागरूकता पैदा करें जिससे की कम उम्र की किशोर-किशारियों की शादी पर रोक लगे। इसे अपनी सामाजिक जिम्मेवारी समझे तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दें।
उन्होंने सहिया तथा ए0एन0एम0 को सभी योग्य दम्पत्तियों का सर्वे घर-घर जाकर करने का निदेश दिया तथा इस पखवारे में प्रत्येक सहिया को 10 एवं प्रत्येक ए0एम0एम0 को 50 नये परिवार नियोजन संबंधी लाभुक तैयार करने की जिम्मेवारी दी जिससे कि परिवार नियोजन के कार्यक्रम में गतिशालता आये। उन्होंने परिवार नियोजन कोषांग को निदेश दिया कि आवश्यकता अनुसार चिकित्सा पदाधिकारियों एवं ए0एन0एम0 की प्रशिक्षण की व्यवस्था करें जिससे उनके कार्यो की गुणवत्ता में सुधार हो। पखवारा का निरंतर अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस के मेला पखवारा का मंत्र ‘‘जोड़ी जिम्मेदार जो प्लान करे परिवार’’ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। पखवारा का अनुश्रवण, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर करने को निर्देश दिया जिससे की वांछित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके।
इस अवसर पर कृपानन्द झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड, डॉ0 राजेन्द्र पासवान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ, डॉ0 जे0पी0सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ0 शिवशंकर हरिजन, सिविल सर्जन, राँची तथा डॉ0 आर0के0सिंह राज्य नोडल पदाधिकारी, परिवार नियोजन कोषांग उपस्थित थे।

"सैल्यूट तिरंगा" ने किया उत्कृष्ट समाजसेवियों को सम्मानित


  
पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता जरूरीः डा. रवि भट्ट

रांची । मानव जीवन सहित वन्यजीवों और पशु-पक्षियों के अस्तित्व के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है। उक्त बातें ख्यातिप्राप्त युवा उद्यमी व समाजसेवी डॉ.रवि भट्ट ने कही। डॉ.भटृ मंगलवार को एच ई सी परिसर के सेक्टर दो, साइट फाइव स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में सामाजिक संस्था " सैल्यूट तिरंगा " द्वारा आयोजित उत्कृष्ट समाजसेवी सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में खासकर युवा पीढ़ी को सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में भी काफी सहायक है। पर्यावरण की रक्षा करना मानव धर्म है। इस दिशा में सरकारी व गैर सरकारी, दोनों स्तर पर प्रयास किया जाना आवश्यक है।
समारोह में एच ई सी क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी प्रभुनाथ सिंह ने स्वागत भाषण करते हुए संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोगों में राष्ट्र प्रेम का भाव जगाते हुए पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और असहाय वृद्धजनों की सेवा सहित अन्य सामाजिक कार्यों  को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से " सैल्यूट तिरंगा " संस्था का गठन किया गया है। समारोह में डॉ.रवि भट्ट के अलावा प्रख्यात गांधीवादी नेता मोख्तार सिंह, महंथ बाबा व अभय चौधरी को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सैल्यूट तिरंगा संस्था के प्रदेश प्रमुख नीरज सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर संस्था के विमल सिंह, उदय प्रताप सिंह, राजकिशोर मंडल, गुड्डू सिंह, आशुतोष झा, संतोष सिंह सहित काफी संख्या में समाजसेवी व.अन्य गणमान्य मौजूद थे।

नेपाल में चित्रकला का परचम लहरायेंगे रांची के पांच छात्र



अंतराष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी द ब्लिस के लिए पेंटिंग्स चयनितकलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स से जुड़े हैं पांचों चित्रकार


रांची। राजधानी स्थित कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के पांच छात्रों की पेंटिंग्स का चयन 25 से 30 जुलाई तक काठमांडू नेपाल में होने वाले “द ब्लिस (The Bliss)“ अंतराष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी के लिए हुआ है | इस प्रदर्शनी में विश्व भर से चित्रकारों की चयनित पेटिंग्स प्रदर्शित किये जायेंगे । ज्ञात है कि कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के कला शिक्षक व संस्थापक धनंजय कुमार की पेंटिंग का भी प्रोफेशनल वर्ग में चयन हुआ है। धनंजय कुमार ने बताया कि  संस्था के लिए यह गर्व का पल है। इस प्रदर्शनी में सुष्मिता मंडल की ऐक्रेलिक कलर में बनायीं हुई “कलर्स ऑफ़ लाइफ” पीयूष रंजन के ऐक्रेलिक कलर में बनायीं हुई “रिदम ऑफ़ लव”, श्रृष्टि राज द्वारा वाटर कलर में बनाई हुई “अंडर द सी “, आयेशा अहमद द्वारा वाटर कलर में बनायीं हुई “बुद्धा इन पीस” एवं विकास कुमार के द्वारा ऐक्रेलिक कलर में बनाई हुई “बुद्धा” का चयन हुआ है | इस प्रदर्शनी में विश्व भर से अनेक चित्रकारों की पेटिंग्स  प्रदर्शित किये जायेंगे | इस अवसर पर छात्रों को संस्था के ओर से बधाई देते हुए धनंजय कुमार ने कहा कि इस तरह के अंतराष्ट्रीय प्रदर्शनी में संस्था के पांच चित्रकारों का  जगह बना पाना गर्व की बात है | इस तरह के अवसरों से कलाकारों का मनोबल तो बढ़ता ही है, साथ ही साथ विश्व भर के कलाकारों के साथ काम करने और उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर भी प्राप्त होता है । सभी छात्रों ने इस सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों और शिक्षकों को दिया | सुष्मिता ने बताया कि उन्होंने शादी के बाद कला की शिक्षा लेना प्रारंभ की और उनके पति मानस मंडल ने उन्हें काफी प्रोत्साहित किया, जिसका परिणाम है कि आज वो अपनी पहचान स्थापित करने में सफल हुई है | छात्र पीयूष रंजन ने बताया कि कला में उनकी रूचि बचपन से है और आगे भी कला के क्षेत्र में शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं | संस्था में 6 वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रही चित्र विशारद की छात्र श्रृष्टी राज ने सफलता का श्रेय अपनी माता पिता एवं गुरु को दिया । वहीं, आयेशा ने बताया कि वह कला में रूचि रखती है एवं अपनी इस सफलता से काफी खुश है । विकास कुमार ने कहा कि कलाकृति संस्था  द्वारा उन्हें स्कॉलरशिप दिया गया है । वह अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों के देते हैं। यह जानकारी कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के निदेशक धनंजय कुमार ने दी ।

फ्री एंबुलेंस सेवा के साथ मिलेगा फ्री पौधा



 जिंदगी मिलेगी दोबारा फाउंडेशन की सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण की पहल

रांची। जिंदगी मिलेगी दोबारा फाउंडेशन ने मानवता की सेवा के साथ पर्यावरण सुरक्षा का व्रत लिया है। संस्था ने एक और नई पहल की करते हुए शवो को उनके घर तक पहुंचाने के साथ एक पौधा देने की शुरुआत की है ताकि मृतक की स्मृति में उसका रोपण किया जा सके। यह मृतक के प्रति श्रद्धांजलि भी होगी और ग्लोबल वार्मिंग से सुरक्षा भी। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यह शुरुआत की गई है। अब फ्री एम्बुलेंस सेवा के साथ साथ फ्री में पौधा उसी वक़्त दिया जायेगा। जिंदगी मिलेगी दोबारा फाउंडेशन के द्वारा मुफ्त एंबुलेंस सेवा जरूरतमंद लोगों को दी जाती है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि शुरुआत में संस्था की तरफ से गरीब शवों को पहुंचाने के लिए सिर्फ एंबुलेंस ही दिया जाता था। दिनांक 11/07/18 से एंबुलेंस के साथ पेड़ देने की प्रक्रिया शुरू की गई। संस्था की सोच है कि जितनी ज्यादा एम्बुलेंस सेवा देंगे उतने लोगो के घरों में पेड़ भी लग जायेगा...फिलहाल इस संस्था ने 1300 असहाय शवों व मरीजों को अभी तक निशुल्क सेवा प्रदान की है और आगे चलकर यह संस्था इसी तरह की बहुत सारी पहल करेगी । इस संस्था की नींव अध्यक्ष अश्विनी राजगढ़िया, सचिव जेपी सिंघानिया, आलोक अग्रवाल, अरविंद मंगल, हर्षवर्धन बजाज, कुणाल बोरा, निखिल केडिया ,रमन साबू ,साकेत शराफ, सचिन सिंघानिया, सौरभ मोदी ,विक्रम साबु , विपुल अग्रवाल , विनीत अग्रवाल, विवेक बागला ने रखी थी। जिंदगी मिलेगी दोबारा फाउंडेशन के फ्री एंबुलेंस अधिक जानकारी के लिए जरूरतमंद लोग 9709500007 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं |

इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी में बंटे घरेलू गैस कनेक्शन



उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को सशक्त कर रही मोदी सरकार : आशा लकड़ा

रांची। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। विशेष रूप से गरीब, असहाय महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है। उक्त बातें मेयर आशा लकड़ा ने  राजधानी स्थित इंडियन ऑयल के स्टार एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी परिसर में उज्ज्वला योजना के तहत घरेलू गैस कनेक्शन  वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही।  श्रीमती लकड़ा ने 78 वर्षीय वृद्धा विमला देवी को गैस कनेक्शन दे कर कार्यक्रम की शुरुआत की । लाभुकों को संबोधित करते हुए श्रीमती लकड़ा ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की मां - बहनों की समस्या को समझा । गरीब परिवार जो पैसे की कमी के चलते एलपीजी कनेक्शन नहीं ले पा रहे थे और जंगल जाकर लकड़ी चुनकर अपना चूल्हा जला रहे थे, उसके बाद परिवार के लोगों के लिए खाना तैयार करते थे, प्रधानमंत्री  ने ऐसे लोग के लिए ही योजना तैयार की और अब पूरे देश मे BPL परिवार के लोगों को फ्री में गैस कनेक्शन मिल रहा है। श्रीमती  लकड़ा ने झारखंड के मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि झारखंड एक ऐसा प्रदेश है ,जहां सिलेंडर के साथ राज्य सरकार  चूल्हा मुफ्त दे रही है। अपने संबोधन में श्रीमती लकड़ा ने कहा कि इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर रहा है। प्रधानमंत्री का जो सपना है कि पूरे देश में हमारी सभी माताएं-  बहनों गैस कनेक्शन पर ही खाना तैयार करें और पर्यावरण की रक्षा करें , इस काम को बखूबी अच्छे ढंग से इंद्रप्रस्थ परिवार क्रियान्वन कर रहा है । इसके लिए इंद्रप्रस्थ परिवार को मेयर ने धन्यवाद और शुभकामनाएं दी । मौके पर इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी के प्रबंध निदेशक डॉ. रवि भट्ट ने लाभुकों को एलपीजी सुरक्षा एवं इस्तेमाल के तरीके पर जानकारी दी। डॉ. रवि भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री की उज्जवला योजना का लाभ सभी बीपीएल परिवार जरूर उठाएं । डॉ. भट्ट ने उज्ज्वला योजना को पर्यावरण रक्षा योजना की संज्ञा देते हुए कहा कि पूरे देश में उज्ज्वला योजना के लागू होने से पर्यावरण की रक्षा होगी। इस अवसर पर रामविलास शर्मा, मनोहर मुंडू ,नीरज एक्का, सनोज महतो, विशु नायक, पवन सहित काफी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं लाभुक उपस्थित थे।


तार घर-घर पहुंच भी गए तो बिजली कहां से आएगी मुख्यमंत्री जी





देवेंद्र गौतम

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ग्रामीण विद्युतीकरण में लगी कंपनियों को दिसंबर 2018 तक हर घर में बिजली पहुंचाने अन्यथा सरकार का कोपभाजन बनने को तैयार रहने की चेतावनी दी है। टास्क पूरा नहीं करने पर जमानत राशि जब्त करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है। उनकी चेतावनी दरअसल पूरी तरह राजनीतिक है। ठीक उसी तरह जैसे ट्रेनों के सुरक्षित और समयानुसार परिचालन में विफल रेल मंत्रालय जापान के सहयोग से बुलेट ट्रेन लाने जा रही है।
ज़मीनी सच्चाई यह है कि झारखंड में बिजली का उत्पादन लगातार घटता जा रहा है और मांग बढ़ती जा रही है। तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन की दो यूनिट कोयले के अभाव में अप्रैल माह से ही बंद पड़ी हैं। टीवीएनएल की शिकायत है कि सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड उसे आवश्यकता के मुताबिक कोयले की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। इधर सीसीएल की शिकायत है कि टीवीएनएल के पास उसका 212 करोड़ से अधिक बकाया हो चुका है जिसका भुगतान नहीं मिलने के कारण आपूर्ति में कटौती करनी पड़ रही है। टीवीएनएल की शिकायत है कि झारखंड सरकार का विद्युत वितरण निगम उसे 80 करोड़ की बिजली के एवज में मात्र 45 करोड़ का भुगतान कर रहा है। इसके कारण वह सीसीएल को पूरा भुगतान नहीं कर पा रहा है। दामोदर घाटी निगम का भी झारखंड सरकार पर बकाया 3000 करोड़ से ज्यादा हो चुका है। इस तरह बिजली आपूर्ति के पूरे चक्र को स्वयं झारखंड सरकार ने ही डांवाडोल कर रखा है। राज्य को जरूरत प्रतिदिन 2200 मेगावाट की है जबकि उत्पादन 750 मेगावाट का हो रहा है। इस कारण बिजली की आपूर्ति में कटौती करनी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में तो बिजली मेहमान की तरह कभी-कभार आती है और कुछ देर ठहरकर चली जाती है। राज्य की राजधानी रांची तक में 8-10 घंटे आपूर्ति बाधित रहती है। वितरण प्रणाली इतनी जर्जर हो चुकी है कि जरा सी हवा तेज़ चले तो बिजली काट देनी होती है। आंधी-पानी का मौसम होने पर तो बिजली का कोई ठिकाना नहीं रहता है। बिजली की कमी के कारण पेयजल की आपूर्ति ठप पड़ जाती है। हाल में गिरिडीह के सांसद रवींद्र पांडे और धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह समेत तीन सांसदों ने ऊर्जा मंत्री के समक्ष त्राहिमाम गुहार लगाई थी।
सवाल है कि ग्रामीण विद्दुतीकरण का लक्ष्य पूरा हो जाने पर भी सरकार कौन सा तीर मार लेगी। यह सही है कि विद्युतीकरण का ठेका जिन कंपनियों ने लिया है उन्हें तय समय पर अपना काम पूरा करना चाहिए। लेकिन यह कंपनियां तो सिर्फ तार पहुंचा सकती हैं। आधारभूत संरचना विकसित कर सकती हैं। उनमें प्रवाहित करने के लिए बिजली की व्यवस्थ तो सरकार को ही करनी होगी। सरकार बिजली आखिर कहां से लाएगी। अभी जहां तक विद्युतीकरण हो चुका है जब वहीं तक नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है तो सरकार नए उपभोक्ताओं की जरूरतें कैसे पूरा करेगी। पोल और तार दिखाकर वोट तो मांगा जा सकता है, अपनी पीठ तो थपथपाई जा सकती है लेकिन जनता को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। सरकार को पहले बिजली के उत्पादन पर ध्यान देने की जरूरत है। विद्युत वितरण का ढांचा जर्जर हो चुका है। से दुरुस्त करने की जरूरत है। झारखंड पठारी प्रदेश है। यहां हवा भी चलोगी। आंधी भी आएगी। बारिश भी होगी। उसे झेल सकने लायक ढांचा तो सरकार को ही तैयार करना होगा।

चुनाव में मीडिया के साथ पारस्परिक संवाद पर कार्यशाला



भूटान मीडिया और चुनाव अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय क्षमता विकास कार्यक्रम

नई दिल्ली। इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्‍शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) नई दिल्‍ली में भूटान के चुनाव आयोग के विशेष आग्रह पर भूटान के मीडिया कर्मियों के लिए 9 जलाई, 2018 से 13 जुलाई, 2018 के बीच 5 दिवसीय क्षमता विकास कार्यक्रम चल रहा है। इसमें भूटान के चुनाव प्रबंधन निकाय के अधिकारी, संवाददाता एवं अन्‍य मीडिया कर्मी भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य चुनावों में मीडिया के साथ पारस्‍परिक संवाद स्‍थापित करना है।
 भारत के मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओ.पी. रावत ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्‍होंने कहा कि चुनाव के दौरान मीडिया की भूमिका काफी महत्‍वपूर्ण होती है, क्‍योंकि आज दुनिया एक ऐसे तानेबाने के साथ जुड़ी है जहां किसी एक जगह की घटना दूसरी जगह को भी प्रभावित कर सकती है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि इस कार्यक्रम के दौरान संवादात्‍मक परिचर्चाओं एवं सत्रों का आयोजन होगा।
उप-चुनाव आयुक्‍त सुदीप जैन ने प्रतिभागियों का स्‍वागत किया और बताया कि चुनावों में मीडिया पर यह अपने प्रकार का ऐसा पहला कोर्स हैजिसका आयोजन आईआईआईडीईएम द्वारा किया जा रहा है।
महानिदेशक धीरेन्‍द्र ओझा ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत प्रासंगिक विषयों को रखा जाएगा और उन्‍होंने सफल परिचर्चा के लिए उम्‍मीद जताई।
आईआईआईडीईएम के निर्वाचन विशेषज्ञ डॉ. नूर मोहम्‍मद ने प्रतिभागियों को इस 5 दिवसीय कार्यक्रम की समय सारणी के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम के प्रमुख विषयों में ईएमबी एवं मीडिया संबंध,मतदाता शिक्षा एवं मीडिया विधिक/संस्‍थागत ढांचापेड न्‍यूज एवं मीडिया कानूनमीडिया के लिए आचार संहिता एवं सोशल मीडिया से संबंधित मुद्देमीडिया से संबंधित उपकरण एवं तकनीक आदि शामिल है।
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के निदेशक (प्रशिक्षण) विवेक खरे ने भूटान से आए प्रतिभागियोंआयोग एवं चुनाव आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों और आईआईआईडीईएम के कर्मचारियों को धन्‍यवाद दिया।  

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...