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बुधवार, 11 जुलाई 2018

अपराध पर धर्म का मुलम्मा न चढ़ाए मिशनरीज आफ चैरिटी



बच्चों की दुकानदारी कत्तई मानव सेवा नहीं

देवेंद्र गौतम

मिशनरीज और चैरिटी के कोलकाता स्थित मुख्यालय की प्रवक्ता सिस्टर सुनीता कुमार ने हिन्दी दैनिक प्रभात खबर के माध्यम से प्रश्न उठाया है कि विशेष धर्म के लोगों को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। यह आपराधिक कृत्यों पर धार्मिक आवरण चढ़ाने जैसा प्रयास है। वह शायद भूल गई हैं कि मदर टेरेसा को भारत के लोगों ने मानवता की प्रतिमूर्ति माना और आदर दिया है। उनके प्रति लोगों के मन में कितनी श्रद्धा है सुनीता जी को इसका अंदाजा भी नहीं होगा। मदर टेरेसा की स्थापित की हुई संस्था कटघरे में है तो इससे पूरा देश स्तब्ध है और अफसोस कर रहा है। लेकिन सुनीता जी के वक्तव्य से प्रतीत होता है कि मिशनरीज आफ चैरिटी के मुख्यालय को कलंक के इस टीके से कोई फर्क नहीं पड़ता। संस्था की बदनामी की कोई चिंता नहीं है। रांची में नवजात शिशुओं की दुकानदारी उनके लिए कोई खास बात नहीं है। सिर्फ इतना कह देना कि संस्था इसकी जांच करा रही है, उनकी चिंताओं की अभिव्यक्ति नहीं है। उनकी संस्था की रांची इकाई का नियंत्रण पूरी तरह कोलकाता मुख्यालय से होता है। तो क्या मुख्यालय को यह जानकारी नहीं थी कि रांची में उनकी संस्था के लोग लंबे समय से बच्चे बेचने की दुकान चला रहे हैं। नाबालिग युवतियों को प्रसव के बाद बच्चे को छोड़ जाने के संबंध में बांड भरवाया जा रहा है। अगर कोलकाता मुख्यालय को इतनी भी जानकारी नहीं थी तो यह उसकी प्रशासनिक अक्षमता ही कही जाएगी। ऐसे में तो कोई उनकी संस्था को ही बेच देगा और उन्हें हवा भी नहीं लगेगी। अगर रांची इकाई के कारनामे की अचानक जानकारी मिली तो अपनी संस्था पर लगे बदनुमा दाग को धोने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने अपनी रांची इकाई के किसी पदाधिकारी से न पूछताछ की न गलत कार्यों के लिए दंडित किया। अब उनका कहना है कि विशेष धर्म को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। तो क्या विशेष धर्म का होने के नाते उन्हें बच्चों की दुकानदारी की पूरी छूट दे दी जाए। इसे मानव सेवा का हिस्सा मान लिया जाए।
सुनीता कुमार का सवाल है कि क्या दान लेना या गरीबों की सेवा करना अपराध है। बिल्कुल नहीं। यह अपराध नहीं है। समाज की सेवा समाज के सहयोग से ही की जाती है। लेकिन विदेशी फंड लेने का एक नियम है। इसका पालन सभी के लिए अनिवार्य है। चाहे वह किसी मज़हब से जुड़ा हो। सरकार ने उनके खाते इसलिए नहीं सील किए कि वे विशेष धर्म के हैं बल्कि इसलिए कि एफसीआरआई एक्ट की अवहेलना किए जाने की बात जांच के क्रम में सामने आई है। मानव सेवा के नाम पर कुछ भी करने की छूट तो नहीं दी जा सकती। कल को किसी आतंकवादी पर कार्रवाई हो और मुसलमान कहने लगें कि मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है तो इसका क्या मतलब होगा। अपराध की कोई जाति नहीं होती। कोई धर्म नहीं होता। हाल में इसी झारखंड में आदिवासी परंपरा के नाम पर एक विशेष धर्म के लोग नक्सलियों के सहयोग से समानांतर सरकार चलाने का प्रयास कर रहे थे। तो क्या उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए था क्योंकि वे आदिवासी न सही विशेष धर्म के थे। मिशनरीज आफ चैरिटी अगर सचमुच पाक साफ है और मानव सेवा को समर्पित है तो रांची के मामले में उसे शिकायत करने की जगह जांच एजेंसियों का सहयोग करना चाङिए।

किसानों को मिलेगी मेहनत और पसीने की पूरी कीमतः सीएम


1.11 लाख किसानों के बैंक खाते में दी 882.74 करोड़ फसल बीमा राशि 


शाजापुर जिले को मिली 117 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की सौगात 

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाजापुर जिले के कालापीपल में फसल बीमा राशि वितरण समारोह में कहा कि मैं किसानों का दर्द समझता हूँ। किसान अलग-अलग मौसम की मार झेलते हुए खेतों में मेहनत कर पसीना बहाता है। उन्होंने कहा कि मैं किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की पूरी कीमत दूँगा। किसानों की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दूँगा।
महत्वपूर्ण घोषणाएँ
  • कालापीपल में आईटीआई खोला जायेगा।
  • अरनियाकलां में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ किया जायेगा।
  • पोलायकलां के सालीग्राम तोमर महाविद्यालय में अगले सत्र से विज्ञान की कक्षाएँ प्रारंभ की जायेगी।
  • कृषि उपज मण्डी में कृषक विश्राम-गृह के लिये एक करोड़ रुपये दिये जायेंगे।
  • पानखेड़ी एवं कालापीपल में दीनदयाल पार्क बनाने के लिये 2 करोड़ रुपये दिये जायेंगे।
  • हिरणों से फसल को हो रहे नुकसान से बचाने के लिये कार्य-योजना बनाई जायेगी।
श्री चौहान ने समारोह में राजगढ़ और शाजापुर जिले के एक लाख 11 हजार किसानों के बैंक खातों में खरीफ वर्ष 2017 की 882 करोड़ 74 लाख रुपये फसल बीमा राशि ई-पेमेंट से ट्रांसफर की। उन्होंने किसानों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। श्री चौहान ने शाजापुर जिले के 117 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 22 निर्माण कार्यों का ई-शिलान्यास और ई-लोकार्पण भी किया।
किसानों का बकाया बिजली बिल हुआ माफ
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के विशाल जन-समूह को बताया कि बिजली बिल माफी योजना में किसानों का पुराना सभी बकाया बिजली बिल अब शून्य कर दिया गया है। अब किसानों को हर महीने 200 रुपये तक वास्तविक बिजली का बिल भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 वर्ष के विकास की कार्य-योजना बनाने के लिये किसानों सहित समाज के सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे। श्री चौहान ने इस मौके पर मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना, सरल बिल योजना, बिजली बिल माफी योजना, भावांतर भुगतान योजना और कृषक समृद्धि योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और अपने बच्चों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हों, राज्य सरकार हर कदम पर उनका साथ देगी।
मालवांचल की फसलों का पूरा पेटर्न बदल जायेगा
श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने का असंभव कार्य राज्य सरकार ने संभव कर दिखाया है। देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिये नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-गंभीर पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। योजना से विभिन्न चरणों में मालवांचल के 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित होने से अगले 5 साल में मालवांचल में फसलों का पूरा पेटर्न ही बदल जायेगा।
इस मौके पर प्रभारी मंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल और श्री रोड़मल नागर, विधायक श्री इंदर सिंह परमार, श्री जसवंत सिंह हाड़ा और श्री अरुण भीमावद, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिसोदिया, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डे, अन्य जन-प्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा और बड़ी संख्या में किसान बन्धु मौजूद थे।

स्वयं सहायता समूहों से सीधे संवाद करेंगे पीएम मोदी



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जुलाई, 2018 को, सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) एवं डीडीयू-जीकेवाई तथा आरएसईटीआई के तहत स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस संवाद से प्रधानमंत्री को सीधे स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों से डीएवाई-एनआरएलएम के तहत उनके द्वारा आरंभ किए गए विभिन्न कार्यकलापों तथा इसने उनके जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया है, यह जानने का अवसर मिलने की उम्मीद है। इस संवाद का दूरदर्शन द्वारा सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा एवं एनआईसी अपने नेटवर्क के माध्यम से इसे वेबकास्ट करेगा।
चुने हुए कुछ लाभार्थियों में बिहार का शराब विरोधी आंदोलन, मक्का मूल्य श्रृंखला एवं विपणन, छत्तीसगढ़ की ईट निर्माण इकाई, झारखण्ड का बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सखी एवं इमली मूल्य श्रृंखला तथा विपणन, मध्य प्रदेश का सेनेटरी नैपकिन का विनिर्माण एवं विपणन तथा डीडीयू-जीकेवाई, राजस्थान का सोलर पैनल एवं लैम्प का विनिर्माण एवं विपणन, महाराष्ट्र का पशु सखी एवं डीडीयू-जीकेवाई, जैसे स्वयं सहायता समूह शामिल हैं जो प्रत्‍यक्ष संवाद में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्‍त, तमिलनाडु के दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए युक्तियां, तेलंगाना के एसएचजी के निर्माण के लिए बाहरी समुदाय संसाधन व्यक्ति, जम्मू एवं कश्मीर के डेरी फॉर्म तथा गुजरात के नीम बीजों का संग्रह एवं विपणन भी संवाद का हिस्‍सा होंगे।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-एनआरएलएम महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे बड़े संस्थागत मंच के रूप में उभरा है। इस मिशन ने अब 29 राज्यों एवं 5 केंद्र शासित राज्यों में 600 जिलों में फैले प्रखण्डों (ब्लॉक) में कार्यान्वयन आरंभ कर दिया है। मई, 2018 तक  45 लाख स्वयं सहायता समूहों में 5 करोड़ से अधिक महिलाओं को संगठित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 2.48 लाख ग्रामीण संगठनों तथा 20 हजार क्लस्टर स्तर संघों का भी उन्ययन किया गया है।



ग्राहकों से वसूले 3 करोड़, सरकारी खजाने में नहीं कराया जमा, गिरफ्तार


नई दिल्ली। टैक्स चोरी के आरोप में एक कंपनी के निदेशक दबोचे गए। सीजीएसटी उत्तरी दिल्ली आयुक्तालय के अधिकारियों ने सेवा कर (सर्विस टैक्स) की चोरी करने के कारण एक कंपनी के एक निदेशक को गिरफ्तार कर लिया है। इस कंपनी ने अपने ग्राहकों से सर्विस टैक्स के रूप में 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इकट्ठी कर ली थी, लेकिन उसने इस रकम को सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया था।
वित्त अधिनियम 1994 की धारा 89 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर वित्त अधिनियम 1994 की धारा 91 के तहत गिरफ्तार करने का अधिकार दिया गया है। इसके साथ ही सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 174 पर भी गौर करने की जरूरत है। इस निदेशक को पटियाला हाउस कोर्ट के माननीय सीएमएम की अदालत में पेश किया गया और उसे 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस दिशा में आगे जांच जारी है और चोरी किए गए सेवा कर की रकम में वृद्धि होना भी तय है।

जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता पर कार्यशाला


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली। हम जनसंख्या में स्थिरता लाने के मुद्दे को जीवन चक्र संरचना के भीतर लाने पर विचार कर रहे हैं। इस कार्य नीति के एक हिस्से के रूप में, गर्भधारण के समय से बच्चे के बढ़ने के समय तक मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रम गर्भवती माता एवं शिशु की टीकाकरण आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं जो किशोरावस्था के चरण तक एवं और आगे तक जारी रहते हैं। इसके अतिरिक्त, यह विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के जरिए क्रियान्वित की जा रही व्यापक कार्य नीति का भी एक हिस्सा है।’ ये उद्गार केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज नए दिल्ली के प्रवासी भारतीय केंद्र में विश्व जनसंख्या दिवस 2018 के अवसर पर ‘जनसंख्या स्थिरीकरणः एक अधिकार एवं जिम्मेदारी’ आधारित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। इस कार्यशाला का आयोजन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा जनसंख्या स्थिरता कोष द्वारा किया गया।
मंत्री महोदय ने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि हम कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में लगातार गिरावट हासिल करने में सक्षम रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2015 के 2.9 के टीएफआर से हम 2018 में 2.2 की टीएफआर दर के निकट पहुंच गए है जिसका अर्थ यह है कि भारत ने इसमें गिरावट की एक अच्छी गति अर्जित कर रखी है।
श्री नड्डा ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों का एक आर्थिक पहलू भी है क्योंकि देश की जनसंख्या का लाभ तभी उठाया जा सकता है जब जनसंख्या स्वस्थ हो। मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के हिस्से के रूप में फोकस इस बात पर है कि परिवार नियोजन के विस्तारित होते विकल्प के बारे में जागरूकता पैदा की जाए तथा यह सुनिश्चित की जाए कि सेवाओं तक लोगों की सुगमता से पहुंच हासिल हो।
समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव सुश्री प्रीति सुडान, एएस एवं एमडी श्री मनोज झालानी, जनसंख्या स्थिरता कोष की कार्यकारी निदेशक श्रीमती प्रीतिनाथ एवं मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा विकास साझेदारों के प्रतिनिधि शामिल थे।

झारखंड में जनसंख्या स्थिरता पखवारा की शुरुआत



 गरीबी, अशिक्षा रूढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार जनसंख्या वृद्धि के कारणःरामचन्द्र चद्रवंशी
सार्थक कल की शुरूआत परिवार नियोजन के साथ का दिया मंत्र

रांची। झारखंड में विश्व जनस्खा दिवस के अवसर पर जनसंख्या स्थिरता पखवारा की शुरुआत की गई। इसका विधिवत उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने किया। इस मौके पर श्री चद्रवंशी ने कहा कि राज्य सरकार ने परिवार नियोजन की दिशा में अनेक कदम उठाये हैं परन्तु इन्हें सार्थक बनाने के लिए और भी अधिक कठोर कदम उठाना आवश्यक है। देश के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमें कुछ ऐसे निर्णय भी लेने होंगे जिसका दूरगामी परिणाम सुखद हो। यदि समय रहते इस दिशा में देश व्यापी जागरूकता उत्पन्न होती है, तो निःसंदेह हम विश्व के अग्रणी देशों में अपना स्थान बना सकते है। जनसंख्या में वृद्धि के कई कारण है जिसे दूर करने की आवश्यकता है। गरीबी, अशिक्षा रूढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार जनसंख्या वृद्धि के अन्य कारण है। वे आज नामकुम, राँची में ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय जनसंख्या स्थिरता पखवारा का उद्घाटन कर रहे थे।
इस अवसर पर विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि पिछले तीन वर्षों में 341529 महिला बंध्याकरण एवं पुरूष नसंबदी कराई गई। पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1586 पुरूष नसबंदी तथा 99820 महिला बंध्याकरण तथा 1,30,000 आई0यू0सी0डी0 लगाये गये है। इस उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष 11 जुलाई से 24 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवारा मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने जनसंख्या स्थिरिता पखवारा का मंत्र ‘‘एक सार्थक कल की शुरूआत परिवार नियोजन के साथ’’ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर निधि खरे, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, ने कहा कि झारखण्ड का आर्थिक वृद्धि दर भारतवर्ष में प्रथम स्थान रखता है परन्तु इसका लाभ राज्य के आम जनता तक नहीं पहुँच पा रहा है उनके जीवन स्तर में आवश्यक बदलाव नहीं आ रहे है इसका मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि दर है। अतः जनसंख्या स्थिरता की बात करना समय की माँग है। उन्होंनें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निदेश दिया कि सभी गर्भवती महिलाओं की जाँच सुनिश्चित की जाय तथा उनका सक्रिय परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श की जाय।
 श्रीमती खरे ने कहा कि अभी हाल में ही सदर अस्पताल राँची तथा रिम्स में मैटरनीटि वार्ड में किये गये भ्रमण के दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को सख्त निदेश दिया था कि प्रत्येक संस्थागत प्रसव की माताओं को सक्रिय परामर्श की सेवा दी जाय तथा उसका उचित फोलोअप किया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य में 18 वर्ष से कम उम्र के लडकियों की होने वाली शादी लगभग 38 प्रतिशत है जो चिन्ता का विषय है। उन्होंने सभी सहियाओं को निदेश की अपने कार्य क्षेत्र में अभियान चलाकर जागरूकता पैदा करें जिससे की कम उम्र की किशोर-किशारियों की शादी पर रोक लगे। इसे अपनी सामाजिक जिम्मेवारी समझे तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दें।
उन्होंने सहिया तथा ए0एन0एम0 को सभी योग्य दम्पत्तियों का सर्वे घर-घर जाकर करने का निदेश दिया तथा इस पखवारे में प्रत्येक सहिया को 10 एवं प्रत्येक ए0एम0एम0 को 50 नये परिवार नियोजन संबंधी लाभुक तैयार करने की जिम्मेवारी दी जिससे कि परिवार नियोजन के कार्यक्रम में गतिशालता आये। उन्होंने परिवार नियोजन कोषांग को निदेश दिया कि आवश्यकता अनुसार चिकित्सा पदाधिकारियों एवं ए0एन0एम0 की प्रशिक्षण की व्यवस्था करें जिससे उनके कार्यो की गुणवत्ता में सुधार हो। पखवारा का निरंतर अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस के मेला पखवारा का मंत्र ‘‘जोड़ी जिम्मेदार जो प्लान करे परिवार’’ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। पखवारा का अनुश्रवण, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर करने को निर्देश दिया जिससे की वांछित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके।
इस अवसर पर कृपानन्द झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड, डॉ0 राजेन्द्र पासवान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ, डॉ0 जे0पी0सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ0 शिवशंकर हरिजन, सिविल सर्जन, राँची तथा डॉ0 आर0के0सिंह राज्य नोडल पदाधिकारी, परिवार नियोजन कोषांग उपस्थित थे।

"सैल्यूट तिरंगा" ने किया उत्कृष्ट समाजसेवियों को सम्मानित


  
पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता जरूरीः डा. रवि भट्ट

रांची । मानव जीवन सहित वन्यजीवों और पशु-पक्षियों के अस्तित्व के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है। उक्त बातें ख्यातिप्राप्त युवा उद्यमी व समाजसेवी डॉ.रवि भट्ट ने कही। डॉ.भटृ मंगलवार को एच ई सी परिसर के सेक्टर दो, साइट फाइव स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में सामाजिक संस्था " सैल्यूट तिरंगा " द्वारा आयोजित उत्कृष्ट समाजसेवी सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में खासकर युवा पीढ़ी को सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में भी काफी सहायक है। पर्यावरण की रक्षा करना मानव धर्म है। इस दिशा में सरकारी व गैर सरकारी, दोनों स्तर पर प्रयास किया जाना आवश्यक है।
समारोह में एच ई सी क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी प्रभुनाथ सिंह ने स्वागत भाषण करते हुए संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोगों में राष्ट्र प्रेम का भाव जगाते हुए पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और असहाय वृद्धजनों की सेवा सहित अन्य सामाजिक कार्यों  को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से " सैल्यूट तिरंगा " संस्था का गठन किया गया है। समारोह में डॉ.रवि भट्ट के अलावा प्रख्यात गांधीवादी नेता मोख्तार सिंह, महंथ बाबा व अभय चौधरी को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सैल्यूट तिरंगा संस्था के प्रदेश प्रमुख नीरज सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर संस्था के विमल सिंह, उदय प्रताप सिंह, राजकिशोर मंडल, गुड्डू सिंह, आशुतोष झा, संतोष सिंह सहित काफी संख्या में समाजसेवी व.अन्य गणमान्य मौजूद थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...