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रविवार, 18 नवंबर 2018

उच्च शिक्षा प्रणाली के पुनर्निमाण की जरूरतः वेंकैया नायडू


नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने 21वीं शताब्दी की जरूरतों के अनुसार उच्च शिक्षा प्रणाली के बारे में पुनः विचार करने और उसका पुनर्निर्माण करने की जरूरत पर जोर दिया। आज क्रेया विश्वविद्यालय का उद्घाटन करते समयउन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिष्ठित संस्थानों का उद्देश्य गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के अलावा किसी व्यक्ति के समग्र विकास को सुनिश्चित करने का भी होना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि क्रेया विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को वैश्विक मंच पर प्रतिभा और विशिष्टता अर्जित करने के लक्ष्य के अलावा त्वरित प्रगति और समग्र विकास की तलाश में हमारी अच्छी भावना से सेवा करनी चाहिए। उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रभावशाली समन्वय का आह्वान किया। सरकार को एक मजबूत समन्वयक की भूमिका निभानी चाहिए और अपने अन्य प्रयासों को पूरक बनाना चाहिए।
श्री नायडू ने कहा कि पर्याप्त उच्च गुणवत्ता के शोधकर्ता न होने और पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या में कमी होने तथा शोध पदों में प्रवेश न करना चिंता का विषय था। भारत जैसी घनी आबादी और गरीबी से लेकर पर्यावरण में गिरावट आने जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करने वाला देश नवाचार के बिना कुछ भी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को नवाचार का केंद्र बनना चाहिए और उन्हें आक्रोशनिराशा और भेदभाव पैदा करने वाला स्थल नहीं बनना चाहिए। एक विश्वविद्यालय को ज्ञान का स्थल, सकारात्मक विचारों का अभयारण्य और ज्ञान तथा बुद्धि का सुरक्षित आश्रय होना चाहिए।
इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कि भारत दुनिया के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के मानकों की तुलना में अभी भी बहुत पीछे है श्री नायडू ने कहा कि 2018 में भी भारत का कोई भी विश्वविद्यालय क्यूएस विश्वविद्यालय रैंकिंग में 100 श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में जगह हासिल करने में सक्षम नहीं हुआ। अमेरिकी और यूरोपीय विश्वविद्यालय अभी भी इस सूची में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर कायम हैं।
श्री नायडू ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय धन की कमी, पर्याप्त संख्या में शिक्षक न होने और नामांकन संख्याओं में गिरावट आने जैसी अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अधिक आकर्षक कैरियर विकल्पों,स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी और वर्तमान पीढ़ी के प्रोफेसरों और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति ने उच्च शिक्षा के हमारे केंद्रों में स्टाफ की कमी पैदा कर दी है।
श्री नायडू ने कहा कि 2022 तक भारत में 700 मिलियन कुशल जनशक्ति की मांग होने की उम्मीद को देखते हुए भारत को युवाओं और छात्रों को नियोजित कौशल से युक्त बनाना होगा। इस तरह के कदमों से न केवल हम जनसांख्यिकीय लाभ प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि इससे भारत को विश्व की 'कौशल राजधानीबनाने में भी मदद मिलेगी।


श्री केड सती दादी मां का मंगल पाठ संपन्न


रांची। श्री केडिया सभा रांची के तत्वावधान में दिनांक 18 नवंबर दिन रविवार को बरियातू रोड स्थित पार्वती एनक्लेव में श्री सज्जन प्रतिमा छावछरिया के आवास स्थान में बड़े ही धूमधाम से श्री केड सती दादी मां का अनुपम मंगल पाठ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर दादी मां का पावन दीप रोशन कर उनके समक्ष मंगल पाठ एवं भजनों की हाजिरी लगाकर दादी मां को रिझाया गया। सभी भक्तों ने सस्वर मंगल पाठ कर दादी मां से भविष्य की मंगल कामना की।
शुरुआत गणेश वंदना से कर दादी मां का मधुर भजन "एक बार मां आ जाओ फिर आके नहीं जाना" दादी जी का बहुत ही प्यारा मेहंदी भजन "सरब सुहागन मिल मंदिरिय म आई दादी जी के हाथ रचाई जी या मेहंदी" दादी मां के आशीष का भजन "दादी की कृपा जिसपे हो जाए वह मौज उड़ाए मौज उड़ाए ले ले तू नाम ले ले दादी का नाम ले ले" दुर्गा मां का भजन "भेजा है बुलावा तूने शेरावालिए ओ मैया तेरे दरबार में हा तेरे दीदार को हम आएंगे नहीं फिर जाएंगे" इत्यादि भजनों को भक्तों ने दादी मां के चरणों में समर्पित किया। तत्पश्चात भोग लगाकर दादी मां की महाआरती की गई और भक्तों को मां का आशीर्वाद दिला प्रसाद का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष रूप से सभा के महामंत्री श्री ललित केडिया, राजकुमार केडिया, संजय केडिया, दिलीप केडिया, राजेंद्र केडिया, ओम केडिया,कृष्णा केडिया, निशा केडिया, अनिता केडिया, मधु अरुण केडिया एवं सभा के सभी सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज से होगी कौमी एकता सप्ताह की शुरुआत

नई दिल्ली। साम्प्रदायिक सदभाव और राष्ट्रीय एकता और मिली जुली संस्कृति और राष्ट्रीय भावना पर गर्व करने के लिए पूरे देश में 19-25 नवम्बर 2018तक कौमी एकता सप्ताह मनाया जाएगा। एक सप्ताह के कार्यक्रमों में निम्नलिखित कार्यक्रम शामिल हैंः-
  • 19, नवम्बर, 2018को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा और धर्मनिरपेक्षता सम्प्रदाय वाद विरोध और अहिंसा की थीम पर बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
  • 20 नवम्बर, 2018को अल्पसंख्यक कल्याण दिवस मनाया जाएगा और 15 सूत्रीय कार्यक्रम के विषयों पर बल दिया जाएगा। दंगा संभावित शहरों में विशेष सौहार्द जुलूस निकाले जाएंगे।
  • 21 नवम्बर, 2018को भाषाई सौहार्द दिवास मनाया जाएगा। इस अवसर पर देश के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों को दूसरे हिस्सों की भाषाई विरासत की जानकारी देने के लिए विशेष साक्षरता कार्यक्रम और कवि सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे।
  • 22 नवम्बर, 2018को कमजोर वर्ग दिवस मनाया जाएगा और अनुसूचितजाति अनुसूचितजनजाति तथा कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं को बताने के लिए बैठकें और रेलियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें भूमिहीन श्रमिकों को ज़मीन वितरण पर बल दिया जाएगा।
  • 23 नवम्बर, 2018को सांस्कृतिक एकता दिवस मनाया जाएगा और विधिवता में भारतीय परम्मपराओं की एकता दिखाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
  • 24 नवम्बर, 2018को महिला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन भारतीय समाज़ में महिलाओं के महत्व और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को बताया जाएगा।
  • 25 नवम्बर, 2018को संरक्षण दिवस मनाया जाएगा और उस दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए अनेक बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
 कौमी एकता सप्ताह मनाने से वास्तविक और संभावित खतरों से निबटने में देश की अन्तरनिहित दृढ़ता उज़ागर करने में सहायता मिलती है, अपने देश का धर्मनिरपेक्ष ताना बाना मजबूत होता है और सम्प्रदायिक सदभाव की भावना बढेगी। कौमी एकता सप्ताह सहिष्णुता सह अस्तित्व तथा भाईचारे के मूल्यों और सदियों पुरानी परम्पराओं के प्रति संकल्प व्यक्त करने का अवसर है।
सम्प्रदायिक सौहार्द के लिए गृह मंत्रालय के स्वशासी संगठन नेशनल फाउण्डेशन फॉर काम्युनल हॉरमोनी (एनएफसीएच) कौमी एकता सप्ताह के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द अभियान चलाता है और 25 नवम्बर को साम्प्रदायिक सौहार्द झंडा दिवस मनाता है। फाउण्डेशन साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रोत्साहित करता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाता है।

पुलिस में महिलाओं की भागीदारी पर रांची में राष्ट्रीय सम्मेलन

रांची। पुलिस में महिलाओं के बारे में 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसीडब्ल्यूपी) कल रांची, झारखंड में शुरू होगा। पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो झारखंड पुलिस के सहयोग से इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। यह सम्मेलन महिला पुलिस के मुद्दों का समाधान करने और उनकी व्यावसायिक दक्षता को अधिक से अधिक बढ़ाने तथा अनुकूल बनाने के लिए एक सक्षम माहौल तैयार करने वाला राष्ट्रीय स्तर का एक मात्र मंच है।
सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा:
  • सीएपीएफ / पुलिस बल में महिलाओं की अनसुनी आवाज- लिंग भेदभाव रहित कार्य स्थल।
  • कौशल वृद्धि के लिए प्रौद्योगिकी।
  • अनुकूल कार्य माहौल के लिए सशक्त कार्य स्थल।
  • स्मार्ट शहरों में महिला पुलिस की भूमिका।
  • समुदाय जनित पुलिस व्यवस्था में महिलाएं।
  • महिला पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत।
  • कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न - विभिन्न परिप्रेक्ष्य और प्रबंधन।

उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ज्ञानसुधा मिश्रा, सीबीआई के संयुक्त निदेशक डॉ. सी.के. गोस्वामी, आईपीएस, अतिरिक्त सीआईटी, नई दिल्ली श्रीमती शुभ्रता प्रकाश और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा जैसे प्रसिद्ध वक्ता इस सम्मेलन में भागीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञ भी विचार-विमर्श करेंगे।

महिला पुलिस कर्मियों की क्षमता निर्माण से निपटने और संपूर्ण व्यावसायिकता प्राप्त करने के लिए पुलिस कार्यों में पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिए एक सशक्त निकाय की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। एनसीडब्ल्यूपी इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक समग्र समाधान के रूप में सामने आया। एनसीडब्ल्यूपी का पहला सम्मेलन 2002 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों और केन्द्रीय पुलिस संगठनों की अलग-अलग रैंकों की महिला पुलिस कर्मियों ने बड़े उत्साहपूर्वक भाग लिया। एनसीडब्ल्यूपी सभी पुलिस संगठनों/सीपीओ में यौन उत्पीड़न से निपटने के तंत्र को मजबूत बनाने और उस पर निगरानी रखने तथा सक्रिय तरीकों और साधनों का सुझाव देने के लिए लगातार काम कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फोकस राज्य होगा झारखंड


रांची। गोवा में 20 से 28 नवंबर तक आयोजित होने वाले भारत के 49 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में झारखंड को फोकस राज्य के रूप में चुना गया है । इसका आयोजन मैनक्विंज पैलेस इनॉक्स, पणजी, गोवा में होने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 68 से अधिक देशों के 212 फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। 24 नवंबर 2018 को महोत्सव में झारखंड दिवस  के रूप में मनाया जाएगा। इस महोत्सव में झारखण्ड में निर्मित ए डेथ इन द गूंज, रांची डायरी, बेगम जान भी दूसरे फिल्मों के साथ दिखाई जायेंगी। इस महोत्सव में झारखंड दिवस के दिन झारखंडी कला संस्कृति दल के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी जिससे झारखंड की नृत्य और कला को देश और दुनिया के लोग जान सकेंगे। इस महोत्सव में  पहली बार किसी राज्य को फोकस स्टेट के रूप में शामिल किया जा रहा है और यह सौभाग्य झारखंड को मिला है।

महोत्सव के दौरान झारखंड फ़िल्म नीति को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्टाल भी लगाया जा रहा है। इससे झारखंड में फ़िल्म उद्योग को काफी बढ़ावा मिल सकेगा।


शनिवार, 17 नवंबर 2018

मेकान के कवि सम्मेलन में कुमार वृजेंद्र का काव्यपाठ

https://www.youtube.com/watch?v=3yswGHkMyNM

जन संपर्क कार्यों की वीडियो कांफ्रेसिंग समीक्षा बैठक


सीएम के प्रधान सचिव डा. सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी जिलों के डीसी, पीआरओ को बताए प्रचार-प्रसार के गुर


रांची। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि जनसम्पर्क के बढ़ते हुए महत्व को देखते हुए उपायुक्त की समीक्षा में यह सबसे पहली बिंदु होनी चाहिए। कला दल के माध्यम से किए जाने वाले प्रचार-प्रसार की पहुंच और प्रभाव को देखते हुए अगले 2 महीनों में सभी जिला अपने सभी गांवों में कला दल के माध्यम से राज्य की योजनाओं के प्रति जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। एलईडी वाहनों का परिचालन जिला के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जाएं। पंचायत स्तर पर जनता दरबार सह जागरूकता शिविर लगाएं। उक्त बातें डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने सूचना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में कहीं. जिलास्तर पर हो रहे जनसंपर्क कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.

एलईडी वाहनों में चलने वाले वीडियो फिल्म्स ग्रामीण क्षेत्र जहां संथाली, मुंडारी, हो, नागपुरी, बंगाली एवं उड़िया आदि भाषा समझने वाले लोग रहते हैं वहां इन्हीं भाषाओं का वीडियो फिल्म तैयार कर प्रसारण कराना सुनिश्चित करें जिससे सरकार की योजनाओं की जानकारी लोग अपने भाषा में समझ सकेंगे.

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि कुछ जिलों के उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों ने जनसंपर्क कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए कुछ नए बेहतर प्रैक्टिस किए हैं जैसे देवघर में समाचार पत्रों के सहयोग से टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आम जनता  को रूबरू कराना एवं  उसे अखबारों में प्रसारित करना. जिला के सक्सेस स्टोरी पर फीचर लेखन करना, हजारीबाग जिले के बेस्ट प्रैक्टिस में सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभुकों को सरकारी स्तर पर पत्र निर्गत करना, पंचायत स्तर पर जनता दरबार का आयोजन करना, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सर्कल ऑफिसर द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करना तथा लातेहार जिले में मोटर बाइक एंबुलेंस सेवा प्रभावी ढंग से लागू करना इत्यादि कार्य हुए हैं. इन कार्यों को सभी जिलों के उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क अधिकारी अपने जिले में भी लागू करना सुनिश्चित कराएंगे. उन्होंने कहा कि 181 जन शिकायत केंद्र एवं 108 एंबुलेंस का प्रचार प्रसार तथा 104 हेल्थ काउंसलिंग का भी प्रचार-प्रसार व्यापक रूप में कराना सुनिश्चित करेंगे.

डॉ
वर्णवाल ने यह भी निर्देश दिया कि गीत नाट्य योजना एवं मेला प्रदर्शनी योजना का प्रभावपूर्ण कार्यान्वयन कराया जाना सुनिश्चित कराएं. गीत नाट्य कला दलों को अगले 2 महीनों में राज्य के सभी गांवों तथा सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों एवं पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों तक ले जाकर गीत, नुक्कड़ नाटक इत्यादि कार्यक्रम सुनिश्चित कराएंगे.  नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकार की नीति एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार कर ग्रामीण जनता को जागरूक करें.

डॉ वर्णवाल ने कहा कि जिलों के उपायुक्त एवं आरक्षी अधीक्षक जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ हर महीने एक प्रेस सम्मेलन आयोजित करें. प्रेस सम्मेलन के माध्यम से जिलों की मासिक प्रगति की जानकारी दें.

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने जिला स्तर पर आयुष्मान भारत योजना का प्रचार प्रसार प्राथमिकता के तौर पर कराने को कहा. आगामी माह आयोजित होने वाले लुगूबुरु मेला का भी प्रचार-प्रसार करें. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा के तहत लुगूबुरु मेला जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बस सेवा भी उपलब्ध कराएं.

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि जिले में स्थापित सभी सरकारी कार्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों, सरकारी स्कूलों  तथा आंगनबाड़ी केंद्रों इत्यादि में होर्डिंग, बैनर पोस्टर इत्यादि प्रचार प्रसार की उपकरणों  को लगाना सुनिश्चित करें और इनके इस्तेमाल का जियो टैगिंग भी करें. 

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी उपायुक्त को निर्देश दिया कि प्रचार एलईडी वाहनों का शत प्रतिशत संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में ही सुनिश्चित करें. शहरों में सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए स्थाई एलईडी लगाए जा रहे हैं. अतएव प्रचार एलईडी वाहनों का सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक उपयोग करें. उन्होंने सभी उपायुक्तों से कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रमों का Jhargovtv द्वारा लाइव प्रसारण किया जाता है. अतः क्षेत्रीय केबल ऑपरेटरों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित कराएं की सभी लाइव कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण उनके केवल के माध्यम से भी प्रसारित हो ताकि लोग घर में बैठ कर भी कार्यक्रम देख सकें.

डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि योजनाओं का सफल संचालन तभी किया जा सकता है जब आम जनता योजनाओं से संबंधित पूरी जानकारी रखेंगे एवं अपने अधिकार के प्रति जागरूक होंगे. आम जनता को जनसंपर्क के माध्यम से ही जगाया जा सकता है. इस कार्य में उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

डॉ वर्णवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क अधिकारियों से जनसंपर्क कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु नए आइडियाज एवं सुझाव भी मांगे. 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री राम लखन प्रसाद गुप्ता ने भी सभी उपायुक्त एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को जनसंपर्क कार्यों को प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए. इस अवसर पर उपसचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री मनोज कुमार, सभी उप निदेशक, प्रमंडलीय उपनिदेशक, सहायक निदेशक एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...