यह ब्लॉग खोजें

रविवार, 25 नवंबर 2018

प्रेम रावत के व्याख्यान में शरीक हुए सीएम और राज्यपाल

रांची।झारखण्ड की राज्यपाल  द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज विद्या केंद्र द्वारा प्रभात तारा मैदान, धुर्वा में आयोजित “मानवता और शांति का संदेश” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, हटिया विधायक नवीन जायसवाल समेत अन्य अथितियों ने करीब 45 मिनट तक इस विषय पर प्रेम रावत जी को सुना।

शुक्रवार, 23 नवंबर 2018

झारखंड में धूमधाम से मनेगा 550 वां प्रकाश पर्वः रघुवर दास

गुरु नानक का 550 वां प्रकाश पर्व 2019 में होगा

रांची। गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व अगले साल होगा। राज्य सरकार इसे धूमधाम से मनाएगी। रांची में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। गुरु नानक देव जी के संदेश आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने समाज की विकृतियों को समाप्त करने का संदेश दिया था। उनका कहना था इंसान केवल इंसान होता है। कोई छोटा कोई बड़ा नहीं होता। जो तुझ में है, वही मुझ में है, यह उनके संदेश का मूल तत्व था। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी के 549 वे प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास  ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कल ही गुरदासपुर से करतारपुर कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है, उसके लिए पूरा देश उनका धन्यवाद देता है। यह सिख समाज की वर्षों से मांग थी। 26 नवंबर को राष्ट्रपति इसकी आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि गुरु नानक देव जी से उन्होंने राज्य से गरीबी समाप्त करने की शक्ति मांगी है। उनके संदेशों के अनुरूप गरीब के चेहरे पर मुस्कुराहट आए, उनके जीवन में बदलाव आए, यही उनका भी लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसी को जवानी का नशा है, किसी को पैसे का नशा है। लेकिन उन्हें राजनीति में सेवा का नशा है। सत्ता उनके लिए सेवा का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर में वे गुरुद्वारे से जुड़े हैं और गुरुद्वारे द्वारा जो शिक्षा के क्षेत्र में सेवा की जा रही है, वह अतुलनीय है। सिख समाज अपनी सेवा के लिए जाना जाता है। गुरु नानक देव जी ने लंगर की व्यवस्था शुरू की थी। इसके पीछे यही संदेश था कि कोई छोटा बड़ा नहीं है। अमीर गरीब सब एक समान है।

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सी पी सिंह, रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा, खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री संजय सेठ, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री कमाल खान, उपाध्यक्ष श्री गुरविंदर सिंह सेठी समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मरांग बुरु सभी का कल्याण करें, समृद्धि से राज्य के लोग हों आच्छादितः रघुवर दास


लुगुबुरु घंटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित  हुआ 18वां आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन

सबकी याचना सुनते हैं मरांग बुरु, मेरी याचना भी जाया नहीं जाएगीः सीएम

संथाली लोक धुन में थिरके मुख्यमंत्री


ललपनिया। लुंगुबुरु घंटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित 18वां आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन में सीएम रघुवर दास ने शामिल होकर आदिवासी समुदाय और झारखंडी संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रमाणित किया। उन्होंने कहा कि मरांग बुरु सभी का कल्याण करें, समृद्धि से राज्य लोग आच्छादित हों। यही कामना लेकर आशीर्वाद लेने आया हूं। उनके लिए जो अभाव की जिंदगी जी रहें उनके जीवन मे बदलाव आए, और मान्यता है और मुझे विश्वास है कि मरांग बुरु से सच्चे मन से मांगा की गई याचना जाया नहीं जाती। मेरी भी नहीं जाएगी। झारखण्ड के गरीबों के दिन जरूर बहुरेगे, उस निमित सरकार कार्य कर रही है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्रीदास शुक्रवार को बोकारो के ललपनिया स्थित लुंगुबुरु घाटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन में बोल रहे थे। श्री दास ने कहा यही वजह है कि सीधा सरल संथाल समाज जो हमारे समक्ष आज उपस्थित हैं उनकी स्नेह धारा ही हमारी विरासत है जिसे हमें सहेज कर रखना है।

मेरा मन यहां कि प्राकृतिक छटा ने मोहा था, लेकिन पीड़ा भी हुई थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुगु पहाड़ का यह पवित्र स्थल को प्रकृति ने बहुत खूबसूरती से सजाया है। जब मैं यहां आया था तब इस स्थल की खूबसूरती और श्रद्धालुओं के आस्था ने मेरा मन मोहा था। लेकिन पीड़ा भी हुई थी कि श्रद्धालु खुले आकाश के नीचे रहने को विवश थे। अब उस स्थिति में बदलाव आया है हमने टेंट सिटी का निर्माण किया और श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था की। आज उनसे बात कर मन प्रफुल्लित हो उठा। आपके द्वारा कहे गए शब्द, धन्यवाद झारखण्ड सरकार ने हमारे प्रयास को सार्थक कर दिया।

राज्य सरकार कराएगी तीर्थ स्थल के दर्शन, यह हमारा सौभाग्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल समाज के लिए लुगुबुरु घंटाबाड़ी धोरोम गाढ़ तीर्थ स्थल है। समाज के लोग जीवन मे एक बार इस स्थल आकर खुद को धन्य करना चाहते हैं, लेकिन समाज में कई ऐसे परिवार हैं जो आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से लुगु पहाड़ नहीं आ पाते। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर तीर्थ दर्शन योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं को लुगु पहाड़ दर्शन हेतु लाया गया। सरकार ने करीब 50 लाख की राशि समाज के लोगों को सुविधा प्रदान करने में की है। सरकार की योजना है कि इस स्थल को सांस्कृतिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की। यह सरकार का सौभाग्य है कि हमें यह कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।

समाज का विकास कैसे हो इसका चिंतन करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह समुद्र मंथन से अमृत निकला था, उस प्रकार इस दो दिवसीय धर्म सम्मेलन में कोई संजीवनी निकले। ताकि आदिवासियों के जीवन मे बदलाव आ सके। आप चिंतन करें। ताकि आने वाली पीढ़ी लाभान्वित हो और अपनी धर्म, संस्कृति, परंपरा और भाषा को अक्षुण्ण रखने के प्रति कृतसंकल्पित रहे। मैं धन्यवाद देता हूं प्रबंधन समिति के सदस्यों को जिन्होंने ऐसा समागम किया जो अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा को अक्षुण्ण रखने की प्रेरणा देता हो एवं संथाल की संस्कृति को दर्शाने का कार्य समिति द्वारा किया गया।

आदिवासी कल्याण हेतु सरकार तत्पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में आदिवासी समाज को प्रदत विशेष दर्जा देने के प्रावधान को ध्यान में रखकर , संविधान की भावना को तवज्जों देते हुए आदिवासी कल्याण के कार्य किये जा रहें हैं जो अब परिलक्षित भी हो रहा है। राज्य के वीर आदिवासियों ने गांधी जी से पहले आजादी की लड़ाई लड़ी थी। लेकिन आजादी के बाद उनकी शहादत को याद नही किया गया। प्रधानमंत्री जी ने पहली बार लाल किला से धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया। साथ ही 25 करोड़ की राशि प्रदान की ताकि जिस कारागार में धरती आबा ने अपने आखिरी दिन गुजारे थे उस परिसर में उनकी प्रतिमा लगाई जाए। यही नहीं उस परिसर में झारखण्ड के सभी शहीदों की प्रतिमा लगेगी ताकि आने वाली पीढ़ी, देश और दुनिया के लोग झारखण्ड के वीर शहीदों के संबंध में जान सकें उनसे प्रेरणा ले सकें।

अपनी भाषा और संस्कृति पर हमें गर्व होना चाहिये
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर मैंने देखा कि संथाल समाज के लोग अपनी भाषा में संबोधित कर रहें हैं और ऐसा करना भी चाहिए। हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। यही उद्देश्य से संथाली भाषा में सरकार 1से 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई में प्रदान करेगी ताकि बच्चे अपनी मातृ भाषा में ज्ञान अर्जित कर सकें। साथ ही अपने धर्म और संस्कृति को जीवंत रखने वाले धर्मगुरू, मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान, परगाइनैत व अन्य को सरकार द्वारा 1 हजार रुपये प्रदान किया जा रहा है। अब वे भी अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करें।

समय के साथ चलना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति के साथ विकास पर भी चर्चा होना चाहिए। समाज के बच्चों को शिक्षा इसे आच्छादित करना लक्ष्य तय करें। समय के साथ चलें, क्योंकि बच्चों के सपने पूरा करने के लिए यह समय की मांग है। इस कार्य में बेटा बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। क्योंकि बेटियां देश मान सम्मान दोनों बढ़ा रहीं हैं। जल्द सरकार बच्चियों के जन्म के साथ उन्हें योजना से जोड़ेगी।

लोभ, लालच देने वालों से सचेत रहने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी शक्तियां आदिवासी परंपरा और संस्कृति को लोभ और लालच देकर छिन्न करने का प्रयास कर रही है। ऐसे लोगों की पहचान करने की जरूरत है। महात्मा गांधी भी धर्मान्तरण के खिलाफ थे, उनकी भावना को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने धर्मान्तरण कानून लाया। ऐसा करने वाले सजा और आर्थिक दंड के भागी होंगे। युवा वर्ग इस ओर विशेष ध्यान दे। आपको अपने धर्म, परंपरा, भाषा और संस्कृति को सहेजना है।

आपको मूलभूत सुविधा देना हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर बिजली, गरीबों को आवास, सभी को शौचालय, सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करना सरकार का लक्ष्य है। दिसंबर 2018 तक राज्य के सुदूरवर्ती गांव घर तक बिजली पहुंचेगी, 2022 तक सभी घरों तक पाइपलाइन का माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुचेगा। गरीबों को आवास प्रदान किया जा रहा है। स्वच्छता हेतु हर घर शौचालय निर्माण की प्रक्रिया अपने चरम पर है।
उस्सेख्य है कि मरांग बुरु आदिवासियों के सबसे बड़े लोक देवता हैं और लुगु पहाड़ समशीतोष्ण मौसम के कारण बेहतरीन हिल स्टेशन बनने की संभावनाओं से भरा पारसनाथ के बाद झारखंड का सबसे ऊंचा पहाड़।

इस अवसर पर गिरिडीह सांसद श्री रविंद्र कुमार पांडेय, बोकारो विधायक श्री बिरंचि नारायण, घाटशिला विधायक लक्ष्मण टुडू, बेरमो विधायक, पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू, 20 सूत्री उपाध्यक्ष  लक्ष्मण नायक, उपायुक्त बोकारो, पुलिस अधीक्षक बोकारो व अन्य उपस्थित थे।


गुरुवार, 22 नवंबर 2018

अधिसूचना, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार



अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में दिखी झारखंडी संस्कृति की झलक


·    
·       झारखण्ड दिवस पर गुलजार हुआ हंसध्वनी थियेटर 

नई दिल्ली। प्रगति मैदान में चल रहे 38 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखण्ड दिवस का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि राज्य के माननीय मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार, कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग अमर कुमार बाउरी रहे। इस अवसर पर श्री बाउरी का भव्य स्वागत किया गया। मंत्री ने कहा कि हम स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई नए कदम उठा रहे है, जिसके अंतर्गत 2017 में झारखण्ड में मोमेंटम झारखण्ड का भी आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि किसान को प्रोत्साहन एवं नए उद्यमों के जानकारी के लिए सरकार ने दो दलो को विदेश भी भेजा। हमारा प्रदेश तरक्की की ओर अग्रसर है, विगत सालो में हमारे प्रदेश की लोकप्रियता बढी है, मोस्ट इम्प्रूविंग स्टेट का दर्जा प्राप्त हुआ है।
झारखण्ड सरकार के डेवलपमेंट कमिश्नर डी के तिवारी एवं झारखण्ड उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार ने निवेशको से मुलाकात की, जिसमें वी मार्ट, क्रिएटिव ग्रुप, वेलेंसिया टेक्सटाइल जामना ऑटो, मदर्सन सुमी सिस्टम एवं सुमन फैब्रिक्स के अधिकारी शामिल थे। डी के तिवारी ने कहा कि प्रदेश में कृषि में रोजगार को लेकर मिटींग की एवं हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक अधिक से अधिक उद्यमता बन सके।

इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हंसध्वनि थियेटर में किया गया। जिसमें झारखण्ड के लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वल्लित कर किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में झारखण्ड के लोक कलाकार लक्ष्मी नाथ महतो ने नागपुरी झूमर, मोरमुकुट केडिया ने सीतार सरोद युगलबंदी, गुलाब सिंह मुंडा ने पैका नृत्य, सुखराम पाहन ने कडसा नृत्य एवं प्रभात कुमार महतो ने छउ नृत्य से लोगो का मन मोहा।
झारखण्ड दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में राज्य के माननीय मंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार, कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग अमर कुमार बाउरी, झारखण्ड सरकार के डेवलपमेंट कमिश्नर  डी के तिवारी, झारखण्ड उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार, झारखण्ड उद्योग विभाग के निदेशक जिशान कमर एवं झारखण्ड माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष चंद्र प्रसाद आदि विशिष्ठ लोग मौजूद थे। 

झारखंड विधानसभा की वर्षगांठ पर बोले सीएम रघुवर दास



   अगला विधान सभा सत्र नए विधान सभा परिसर में मनाया जाएगा.                 
  मई 2019 तक नया विधान सभा बनकर हो जाएगा तैयार
  अगला ग्रीष्मकालीन विधान सभा सत्र का आयोजन नए विधानसभा में होगी.
  विधान सभा राजनीतिक मंच नहीं. विधान सभा आम जनता के आकांक्षाओं का केंद्र.
  आज भी इतने वर्षों के बाद झारखंड विधानसभा किराए पर चल रहा है। मैं जैसे ही राज्य का मुख्यमंत्री बना, मैंने तय किया कि हर हाल में विधानसभा भवन का निर्माण होगा और 15 जून 2015 को हमने विधानसभा की शुरुआत की .
हमारी सरकार जनता से जो कमिटमेंट करती है, जो वादा करती है, उसको पूरा करती है.
  झारखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं. अच्छी शिक्षा के प्रति युवा हुए हैं जागरूक. खेल के साथ साथ सभी क्षेत्रों में युवाओं ने छोड़ी है अपनी छाप
  झारखंड वीरों की भूमि है.
   स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे पहला अलख हमारे गरीब, आदिवासी पुरखों ने संथाल की धरती से भगवान बिरसा मुंडा की धरती से शुरु किया.
   हमारी सरकार ने तय किया कि भगवान बिरसा मुंडा जिस जेल में बंद थे, वहां भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद मूर्ति ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन में जितने भी शहीद, चाहे वो हमारा आदिवासी हो, चाहे वो पंडित गनपत राय हो, मेंहदी राजा हो, शेख भिखारी हो, सभी की मूर्ति लगाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके.
परमवीर चक्र से सम्मानित एल्बर्ट एक्का हों या उसके बाद आज तक के शहीद वीर सपूतों की मूर्ति और उनकी जीवनी, उस बिरसा मुंडा के ठीक बगल जो पार्क है, वो शहीद स्मारक पार्क हम बनाएंगे। ताकि गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा के वीर जवान जो भारत माता की रक्षा में अपने प्राणों की आहूति दे दी, उनको इस शहीद स्मारक में जगह देकर उनको सम्मान देने का काम हमारी सरकार करेगी। वीर शहीदों ने जो देश के लिए बलिदान दिया है, उसके लिए हमारा फर्ज बनता है, हमें उसका कर्ज वापस करना है। शहीद स्मारक बनाकर सरकार उस कर्ज को वापस करेगी साथ ही साथ आने वाली पीढ़ी को देशभक्ति की नई प्रेरणा, नई भावना जगाने का काम करेगी.
  इस राज्य में उग्रवाद एक बड़ी समस्या थी। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुलिस जवानों के कर्तव्यनिष्ठा के कारण जो उग्रवाद की समस्या थी आज लगभग समाप्ति की ओर हैं। इसके लिए मैं  उन जवानों को नमन करता हूं और जो जवान आज भी बीहड़ों में उग्रवाद समाप्ति के लिए काम कर रहे हैं, इसके लिए उन्हें मैं सैल्यूट करता हूं। जो इस राज्य में उग्रवाद समाप्ति की दिशा में पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ लगे हैं.
  राज्य सरकार ने ये निर्णय लिया है कि राज्य के पुलिसकर्मी और राज्य के निवासी जो पैरामिलिट्री या सेना के जवान हैं, अगर शहीद होते हैं, तो उनके गृह जिला में 12.5 डिसमिल जमीन हम उनके आवास के लिए देंगे। इसके अलावा 5 एकड़ जमीन खेती के लिए देंगे, ताकि  हमारे वीर जवान शहीद का परिवार कहीं भटके नही.
  हम सब का ऐसा प्रयास होना चाहिए  की आने वाले समय में ऐसी विधानसभा बने, जहां शालीनता से संसदीय परंपराओं का निर्वाह से चलने वाला विधानसभा अगर देश में कोई  हो तो वो झारखंड विधानसभा हो
  संसद और विधायिका लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं. सांसदों तथा विधायकों का दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि यह संस्थाएं मजबूत बनी रहे क्योंकि इन में किसी प्रकार की कमजोरी आने से जनता में भी संसदीय प्रणाली के प्रति आस्था में कमी आएगी.
  भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है. हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि आजादी के बाद से हम इसके लोकतांत्रिक स्वरूप को बरकरार रखने में सफल रहे हैं.
  अनुशासन तथा मर्यादा संसदीय लोकतंत्र का आधार है.
  दूसरों को सुनना तथा सुनने देना, प्रस्ताव रखना तथा विपक्ष को अपना पक्ष प्रस्तुत करने देना, जोरदार बहस करना लेकिन साथ ही दूसरों के नजरिए का भी भरपूर ध्यान रखना संसदीय प्रक्रिया का मूल तत्व है.
  पोटका विधायक श्रीमती मेनका सरदार को उत्कृष्ट विधायक चुने जाने पर उन्हें बहुत-बहुत बधाई.
विधानसभा के अध्यक्ष को भी बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं, जो झारखंड विधानसभा के चार वर्ष कुशलतापूर्वक पूरे किए.
नेता प्रतिपक्ष के साथ साथ सत्ता पक्ष और विरोधी पक्ष के विधायक, सभी को चार वर्ष जिम्मेदारी निभाने के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई


मंगलवार, 20 नवंबर 2018

रांची में ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट की जोरदार तैयारी


·         ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट में आएंगे पांच देशों के राजदूत
·         दो दिवसीय कार्यक्रम में राज्य के 10 हजार किसान करेंगे शिरकत
·        किसान हमारे राजदूत, समिट का संदेश और जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएंगेः मुख्य सचिव


रांची। राजधानी में आयोजित 28 और 29 नवंबर को होनेवाले दो दिवसीय एग्रीकल्चर सह फूड समिट की तैयारियों को लेकर शासन और प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए थिमैटिक सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आवासन, परिवहन आदि विषयों पर कमिटियों का गठन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में किया गया है। तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में आयोजित बैठक में तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए तथा आयोजन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने कहा कि समिट में राज्य के विभिन्न हिस्से से आनेवाले दस हजार किसान हमारे राजदूत होंगे, वह यहां से उन्नत कृषि की जानकारी केसाथ सुखद अनुभूति लेकर लौटें, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। आयोजन को लेकर गठित कमिटि को उन्होंने निर्देश दिया कि वे युद्धस्तर पर अपने दायित्व के निर्वहन में जुट जाएं। साथ ही आपसी समन्वय बनाये रखने के लिए उन्होंने कमिटियों को आपस में बैठक करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि समिट में पांच देश चीन, इसरायल, मंगोलिया, ट्यूनिशिया और फिलीपिंस के राजदूतों ने आने की सहमति दे दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सहित अमूल के एमडी आरएस सोढ़ी, कोकाकोला के वाइस प्रेसिडेंट इस्तियाक अमजद और जी टीवी के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने भी समारोह में शिरकत करने की सहमति दी है। समारोह में 23 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी सहित कई राज्यों के मुख्य सचिव भी आएंगे। साथ ही समारोह स्थल पर पार्टनर देशों के पैवेलियन भी होंगे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि समारोह स्थल पर लगनेवाली कृषि प्रदर्शनी को ज्यादा से ज्यादा जानकारी परक बनाएं, ताकि किसान उससे लाभान्वित हो सकें। साथ ही वापस लौट कर अन्य किसानों के बीच उसकी चर्चा कर सकें। उन्होंने कहा कि किसान यहां आकर गौरान्वित महसूस करें, इसकी मुकम्मल व्यवस्था समय रहते कर लें। मुख्य सचिव को किसानों के आने-जाने, ठहरने, खाने आदि की व्यवस्था की पूरी जानकारी दी गई। वहीं समारोह के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय आदि मसलों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...