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मंगलवार, 20 अगस्त 2019

लोकप्रियता के शिखर पर दही-हांडी प्रतियोगिता : अजय मारू

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बना खास उत्सव
रांची। वैसे तो राजधानी रांची के अनेक स्थानों पर श्री कृष्ण जन्माष्ठमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित होने वाला श्री कृष्ण जन्माष्ठमी समारोह शहर के लोगों के लिए ख़ास उत्सव बन गया है।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति ने सात साल पहले श्री कृष्ण जन्माष्ठमी के पावन  अवसर पर भव्य कार्यक्रम की शुरुआत की थी। 24 अगस्त (शनिवार) 2019 को लगातार आठवीं बार यह कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मनमोहक भजन-कीर्तन एवं मटका फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। पहले ही वर्ष से इस कार्यक्रम की लोकप्रियता बढ़ने लगी। रांची के कृष्ण भक्त अब हर वर्ष इस कार्यक्रम का इंतज़ार करते हैं। इस कार्यक्रम में भीड़ उमड़ पड़ती है।  पूरा वातावरण कृष्ण मय हो जाता है।  यह कार्यक्रम सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय है।
इसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा बढ़ गयी है कि अब कृष्ण भक्त आस-पास के क्षेत्रों से कार्यक्रम में शिरकत करते हैं। लोग कृष्ण लीला एवं भजन कीर्तन में लीन हो जाते है। श्री कृष्ण भगवान् की जय के नारे गूंज उठते हैं।
महात्मा गाँधी मार्ग पर आने  जाने वाले लोगों की परेशानियां को दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा की चौक-चौबंद  व्यवस्था रहती है।
इस आयोजन की सफलता में वैसे तो अनेक कृष्ण भक्तों की भूमिका रही है। लेकिन पूर्व सांसद अजय मारु, रांची के वर्तमान सांसद एवं भाजपा के लोकप्रिय नेता संजय सेठ, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह एवं अन्य कई लोगों की अहम् भूमिका रही है।
मटका फोड़ने वाली टीमों का उत्साह देखते ही बनता है। प्रत्येक टीम जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत लगा देती है।
रांची में जन्माष्ठमी का उत्सव मनाने का सिलसिला लम्बे अरसे से जारी है।  लेकिन दही हांडी कार्यक्रम पहली बार अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित की गयी। इसके बाद अरगोड़ा में इस तरह के कार्यक्रम की शुरूआत की गयी।
अपर बाजार के कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्ठमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
राजयसभा के पूर्व सांसद अजय मारू ने बताया कि दही हांडी कार्यक्रम निरंतर लोकप्रिय होता जा रहा है।
इस बार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य लोग शिरकत करेंगे और मटकी फोड़ने वाली टीमों को उत्साहित करने के साथ कार्यक्रम का लुप्त भी उठाएंगे।

जारापीड़ी गांव को मिली नये ट्रांसफरमर की सौगात


रांची/तमाड़। तमाड़ प्रखण्ड के सारजमडीह पंचायत अंतर्गत जारापीडी गांव में आज नये ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्धघाटन भाजपा नेता रमेश मुण्डा ने किया। गौरतलब बात यह है कि आजादी के बाद से इस गांव के लोग बिजली जैसी मुलभूत सुविधा से वंचित थे। विगत जून माह में भाजपा नेता रमेश मुण्डा ने इस गाँव का दौरा किया था। इसी दौरान यहाँ के ग्रामीणों ने श्री मुंडा के समक्ष सड़क, बिजली और पानी जैसी मुलभूत समस्याओं को रखा से उन्हें अवगत कराया था। श्री मुंडा ने बताया कि इतने वर्षों के पश्चात गांव में बिजली आने से लोगो में ख़ुशी की लहर उमड़ पड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की सबका साथ सबका विकास के तहत आज बिजली की समस्या से निजात मिली। अब इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभायेगी। बिजली आने से कृषि कार्य में तेजी आयेगी साथ ही छात्र छात्राओं को अब पढ़ाई में किसी प्रकार का बाधा उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अब देश दुनिया में घट रही घटनाओं से इंटरनेट और टीवी के माध्यम से रूबरू हो सकेंगे। वर्षों से बिजली से महरूम इस गाँव में अब एक नयी क्रांति आयेगी।
इस अवसर पर एतवा मुंडा सुखराम मुंडा चमर मुंडा विश्वजीत पाठक आदित्य साहू के अलावा सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

सोमवार, 19 अगस्त 2019

पूर्व विधायक सुखराम उरांव बाढ़ पीड़ितों के घर पहुंचे




चक्रधरपुर। पूर्व विधायक सुखराम उरांव ने सोमवार को बाढ़ पीड़ितों से मिलकर हर संभव सहयोग करने की बात कहीं। पूर्व विधायक सुबह ही पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बंगालाढांड, दंदासाई, रिफ्यूजी कॉलोनी आदि स्थानों का निरीक्षण किया। मौके पर श्री उरांव ने कहा कि पीड़ितों के साथ  खड़ा हूं, किसी भी तरह की परेशानी उन्हें नहीं होगी। सरकार से मिलने वाले सुविधाओं को भी दिलाने का प्रयास किया जायेगा। मौके पर पीड़ित परिवार वालों ने भी पूर्व विधायक के समक्ष अपना दर्द बयां किया। मालूम हो कि चक्रधरपुर में शनिवार रात को हुई मुसलाधार बारिश से कई घर के लोग बेघर हो गये हैं। यह सभी शिविर में रूके हैं तो कई अपने रिश्तेदारियों के घरों में शरण लिए हुए हैं।

डोरंडा कॉलेज के प्रिंसिपल से मिले संयुक्त छात्र संगठन के पदाधिकारी



रांची। 19 अगस्त को छात्र संगठन के प्रतिनिधि मंडल डोरंडा कॉलेज के प्रधानाचार्य से अपनी मांगों को लेकर मिले।

एनएसयूआई के राँची जोनल प्रभारी शारिक अहमद ने कहा कि कॉलेज परिसर से निर्घारित रूप से क्लासेस लिया जाए एवं क्लासरूम और लैब सभी विभाग को दिया जा सके जिससे छात्रों को क्लासेस करने में परेशानी न हो ॥

एमएसएफ़ के प्रदेश संयोजक शाहबाज़ हुसैन ने कहा कि कॉलेज परिसर में स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यस्था की जाए ॥
 शिक्षक के लिए अलग और छात्रों के लिए अलग से शौचालय व्यस्था कराई जाए ॥

मारवाड़ी कॉलेज छात्र संग के अध्यक्ष आसिफ हुसैन ने कहा कि कॉलेज परिसर में कैंटीन का होना बहुत जरूरी डोरंडा कॉलेज में लोहरदग्गा तक के बच्चे है रोजाना क्लास करने उन्हें दोपहर में कॉलेज से बाहर जाना होता है भोजन के लिए ॥
कॉलेज प्रबंधन जल्द से जल्द कैंटीन की सुविधा छात्र को दे ताकि उन्हें परेशानी न हो ॥

एआईएसए जिला अध्यक्ष नॉरिन अख्तर ने कहा कि कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को देखते हुए कॉलेज गेट पुलिस पिकेट का होना जरूरी है कॉलेज प्रबंधन इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कदम उठाए ॥

इस मौके पर डोरंडा छात्र संघ के सचिव मो० राशीद , जेसीएम से काशिफ अहमद , एनएसयूआई से अमन अहमद , मो० इरफान , मो० अतीक , मो० सैफ गद्दी ,
आदि लोग मजूद थे ॥

21 अगस्त को 5 हजार किसानों को मिलेगा मृदा स्वास्थ्य कार्डः पूजा सिंघल


कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों को राष्ट्रीय मानक के आधार पर जिला स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग 14 लाख कार्ड लाभुकों के बीच वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त 2019 को पूरे राज्य में 50 हजार किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जायेंगे। रांची के टाना भगत स्टेडियम में 5 हजार किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जाएगा। इस अवसर पर 350 मिट्टी के डॉक्टरों को पहचान पत्र निर्गत किये जाएंगा साथ ही 120 मृदा परीक्षक एवं 120 रियेज्न्ट रिफिल का भी वितरण किया जायेगा। श्रीमती सिंघल आज सूचना भवन में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के संबंध में मीडिया को संबोधित कर रही थी।

मिनी लैब महत्वपूर्ण योगदान

इस अवसर पर कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि कृषकों को डोर स्टेप पर निशुल्क मृदा विश्लेषण की सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार के वर्ष 2018 में 1864 मिनी लैब एवं मिनी लैब का 2600 अतिरिक्त रिफिल उपलब्ध कराया गया था। मृदा स्वास्थ्य कार्ड को तीव्र गति से कृषकों के बीच उपलब्ध कराने हेतु मिनी लैब महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। मिनी लैब को सुगमता एवं दक्षता पूर्वक संचालित करने हेतु राज्य के प्रत्येक पंचायत में दो-दो प्रशिक्षित महिला समूह के सदस्य/ आर्य मित्र/ कृषक मित्र को प्राथमिकता के आधार पर सम्बद्ध किया जा रहा है। जिसे बोलचाल की भाषा में मिट्टी के डॉक्टर नाम दिया गया है।
श्रीमती सिंघल ने बताया कि इस योजना में कृषकों के खेतों से मिट्टी का नमूना का संग्रहण ग्रिडवार किया जा रहा है। ग्रिड के कमपोजिट सॉइल सैंपल का संग्रहण करते हुए ग्रीड अंतर्गत सभी कृषकों को मृदा विश्लेषण के उपरांत मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद

श्रीमती सिंघल बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। राज्य में बहुत से ऐसे किसान हैं जो यह नहीं जानते कि अधिकतम उपज प्राप्त करने के लिए फसलों का पोषण किस प्रकार से किया जाना चाहिए। वे अपने अनुभव से फसल उत्पादन को बढ़ाने का प्रयास करते हैं, फसल उत्पादन कम होने पर वे यह नहीं जानते कि मिट्टी की हालत को कैसे सुधारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मृदा के विश्लेषण द्वारा मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके एक अच्छी फसल प्राप्त करने हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड द्वारा फसलवार रासायनिक जैविक जीवाणु खाद तथा मृदा सुधार को जैसे चुना डेलामाइट आदि का समन्वित एवं संतुलित प्रयोग के बारे में मिट्टी के डॉक्टरों द्वारा जानकारी दी जाती है जिससे कृषक अपने उत्पादों में गुणवत्ता एवं वृद्धि प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर कृषि निदेशक श्री छवि रंजन, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक श्री राम लखन प्रसाद गुप्ता, संयुक्त सचिव कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्री मंजुनाथ भजन्त्री एवं अन्य अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

रविवार, 18 अगस्त 2019

एमजेड खान की पुस्तक गर्दे-राहे-यार का लोकार्पण


रांची। अंजुमन प्लाजा के मौलाना आज़ाद हॉल में  एमज़ेड खान की पुस्तक गर्द-ए-राह-ए-यार  का लोकार्पण किया गया. लोकार्पण शैलेश पंडित,पूर्व निदेशक,दूरदर्शन,डॉ मिथिलेश अकेला,,गुफरान अशरफी,डॉ एहसान दानिश, अदीब(गया),डॉ जमशेद कमर,डॉ रिज़वान,डॉ राजश्री जयंती ,नजमा नाहिद आदि द्वारा किया गया.
किताब पर बोलते हुए डॉ रिज़वान अंसारी ने कहा कि ये किताब अदब की कई विधाओं को अपने अंदर समेटे हुई है.इसमें 1975 की इमरजेंसी का भी ज़िक्र है,1989 में शिलान्यास के बाद हुए दंगों की चर्चा है.उर्दू अदब की नई विधा ग़ज़लनुमा पर भी एक अध्याय मिलेगा.बिहार के सासाराम जहां लेखक का बड़ा हिस्सा गुज़रा,वहां की उस समय की सामाजिक,सांस्कृतिक,साहित्यिक एवं राजनीतिक हालात से रूबरू कराया गया.किताब बड़े रोचक और कहानी कहने के अंदाज़ में लिखी गयी है.एक बार हाथ लगाने के बाद छोड़ने का मन नहीं करेगा.
मैं तो इन्हें केवल एक एक्टिविस्ट समझता था लेकिन इनके अंदर कमाल की सलाहियत है जो इस किताब गर्द-ए-राह-यार में उभर कर सामने आई है.
डॉ शैलेश पंडित पूर्व निदेशक,दूरदर्शन ने किताब की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि खान साहब झारखण्ड के मज़दूरों के लेखक हैं.बंसी दत्त शुक्ल की परंपरा का ज़िक्र करते हुए कहा कि खान साहब रांची में उसी परंपरा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं

  * मिथिलेश अकेला  इस किताब का लिप्यंतर  हिंदी में होना चाहिये

डॉ जमशेद कमर सभा का संचालन करते हुए कहा कि झारखण्ड के उर्दू अदब के लिये ये किताब एक नगीने की हैसियत रखती है.वक़्त इसे अदबी हैसियत देगा
इनके अलावा डॉ राजश्री जयन्ती, डॉ महफूज़ आलम,उज़ैर अहमद,नजमा नाहिद अंसारी,आफरीन अख्तर,डॉ ,मिथिलेश अकेला,गयासुद्दीन मुन्ना भाईआदि ने भी पुस्तक पर अपने विचार रखे.
मुन्ना भाई ने किताब की रोचकता पर कहा कि मैं अदब पढ़ता नहीं हूँ और न समझता हूं लेकिन इस किताब ने मुझे बांधे रखा.इसमें ऐसे ऐसे रोचक संस्मरण हैं जो गुदगुदाते भी हैं और उदास भी करते हैं.
डॉ एहसान ताबिश ने किताब की पठनीयता पर बोलते हुए कहा कि किताब पढ़ने के बाद उकताहट का एहसास नहीं होता.40 -50 साल की यादों को समेटने बड़ा मुश्किल है और ये काम खान साहब ने किया.इसे हर ज़बान में आना चाहिए.ये किताब लेखक को निश्चित रूप से उर्दू अदब में पहचान दिलायेगी
किताब के लेखक एमज़ेड खान ने किताब पर अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इसे आप संस्मरण का भी नाम दे सकते हैं,या तज़किरा भी कह सकते है और कुछ लोग इसे ऑटोग्राफी का भी नाम दे रहे हैं लेकिन ये किसी की ऑटोग्राफी भी नहीं है बल्कि ये यादों का ऐसा कारवां है जो अपने 40-50साल के सफ़र के सामाजिक,सांस्कृतिक और राजनीतिक  गर्दो गुब्बार को समेटे हुए है

आगे कहा कि एक चरित्र को सामने रखकर किताब ताना बाना बुना गया है.*
कुछ आपबीती,कुछ जगबीती
दूसरे सत्र में मुशायरा/कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया
इसकी अध्यक्षता उर्दू के उस्ताद शायर गुफरान अशरफी ने की.
संचालन गया से तशरीफ़ लाये ख़ालिक़ परदेसी ने किया.
व्यंग्य के शायर  नटखट अज़ीमाबादी ने पकोड़े पर अपनी शायरी सुनाई जिसे पसन्द किया गया।
मैं इतना तो मजबूर नहीं के पकौड़े बेचूँ/खाने वाला मैं अंगूर पकौड़े बेचूँ

जन चौपाल में लिया ग्रामीणों के दुःख-दर्द का जायजा



तमाड़/रांची। माँ मनसा पूजा के अवसर पर सिंदरी पंचायत के मारांगपीडी टोला स्थित महावीर चौक में जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों के दुःख दर्द का जायजा लिया गया। मौके पर भाजपा नेता रमेश मुंडा, सिंदरी मुखिया रुद्रनारायण सिंह मुंडा, मनोज साहू, नेमतुल्लाह अंसारी ग्रामीणों के विभिन्न मूलभूत समस्याओं को एक एक कर सुना और उन समस्याओं के निदान हेतु सरकार तक उनकी बातों को पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। भाजपा केन्द्रीय समिति के सदस्य रमेश मुंडा ने कहा कि ग्रामीणों की हर समस्याओं का निराकरण कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में तमाड़ को अधिक से अधिक सशक्त कर राज्य में एक अलग पहचान दिलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के दिशा में भी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की कई योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है, ताकि हमारी माताओं और बहनों को स्वरोजगार से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक ग्राम पंचायत को सशक्त नहीं बना दिया जाता तब तक गांव में रहने वाले अंतिम से अंतिम व्यक्ति को सरकारी लाभ नहीं मिल पाएगा। इस हेतु जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता होगी।
विगत एक माह से मारांगपीडी का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित है, विद्युत आपूर्ति नहीं होने के चलते जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाने का उन्होंने भरोसा दिलाया।
इस मौके पर लखन पुरान, पंचानन मुंडा, प्रदीप पुरान, जयकिशोर पुरान, कालीचरण माँझी, सूरज मुंडा, त्रिलोक पुरान, मोतीलाल पुरान, विजय पुरान, अरुण पुरान, लक्ष्मण पुरान, राम पुरान, कृष्णा पुरान, योगेंद्र पुरान, रमेश पुरान, राजू पुरान, शिवा पुरान, करण पुरान, एतवा मुंडा, मनोज स्वांसी, भुपेश स्वांसी, श्यामचाँद स्वांसी, जयंत सेठ, आदित्य साहू के अलावा सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...