यह ब्लॉग खोजें

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

आल इंडिया वीमेंस कांफ्रेंस और हेमू फाउंडेशन के सौजन्य से गरीबों को कराया जा रहा है भोजन


*  जरूरतमंदों के बीच बांट रहे राहत सामग्री

रांची। लॉकडाउन के दौरान बेघर, बेसहारा, गरीब तबके के लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं और सामाजिक कार्यकर्ता राहत कार्य में जुटे हैं। इस कड़ी में हटिया-तुपुदाना स्थित "लाइट हाउस कैफे एंड किचन रेस्टोरेंट" के संचालक दिलबाग सिंह का नाम अग्रिम पंक्ति में शुमार है। श्री सिंह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। लाॅकडाउन के दौरान गरीबों के समक्ष भुखमरी की स्थिति को देखते हुए श्री सिंह विगत 25 मार्च से राहत कार्य में जुटे हैं। लाॅकडाउन में इनका रेस्टोरेंट बंद है।

उनके रेस्टोरेंट में काम करने वाले आठ कर्मचारी प्रतिदिन गरीबों के लिए भोजन बनाने में सहयोग करते हैं। श्री सिंह ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान प्रतिदिन हटिया और तुपुदाना के आसपास क्षेत्र के हरदाग, कोंगारी, डूंगरी, बसारगढ़ के समीप झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब लोगों, रिक्शा चालकों, महिला श्रमिकों के बीच प्रतिदिन भोजन वितरित किया जाता है। यही नहीं, बेघर और बेसहारा लोगों और जो श्रमिक कहीं से आकर यहां फंसे हुए हैं, वैसे जरूरतमंदों को राशन व अन्य राहत सामग्री भी मुहैया कराई जाती है। पीड़ित मानवता के इस नेक कार्य में उन्हें ऑल इंडिया वूमेंस कॉन्फ्रेंस की हटिया- तुपुदाना शाखा की अध्यक्ष व लोकप्रिय समाजसेवी शांति सिंह, एआईडब्लूसी की तुपुदाना शाखा के सचिव अमरजीत सिंह, हटिया शाखा की सचिव मधु सहाय, डीएवी श्यामली एलुमनी एसोसिएशन, बीआईटी सिंदरी एल्युमुनी, प्रयास डेवलपर्स, प्रयास रंधवा ईस्टेट, आरके मिशन के सदस्य, समाजसेवी अल्बर्ट एक्का, हेमू फाउंडेशन, रेस्क्यू टीम, भारतीय नौसेना के  अधिकारी व उनके परिजनों सहित अन्य समाजसेवियों का सहयोग मिल रहा है। श्री सिंह ने बताया कि उक्त समाजसेवियों के सहयोग से पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति इस पुनीत कार्य को अंजाम देने में वे निरंतर सफल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन की अवधि तक हटिया-तुपुदाना क्षेत्र के बेघर, बेसहारा लोगों, रिक्शा चालकों, श्रमिकों को प्रतिदिन भोजन कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत रोज लगभग डेढ़ सौ से दो सौ गरीबों के बीच भोजन व अन्य राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

रविवार, 19 अप्रैल 2020

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने किया आनलाइन बिक्री के आदेश का किया विरोध


* प्रदेश अध्यक्ष ने कहा,  छोटे और मंझोले उद्यमियों और व्यवसायियों की बढ़ेगी परेशानी


रांची। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने भारत सरकार  द्वारा 20 अप्रैल से ऑनलाइन बिक्री शुरू करने के निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि इस निर्णय से छोटे, मंझोले और स्थानीय दुकानदारों की परेशानियां और अधिक बढ़ जाएगी। एक तो ऐसे ही लाॅकडाउन मे छोटे उद्योगों और दुकानदारों की स्थिति खस्ताहाल है। विदेशी आॅनलाइन दुकानों अमेजन, फ्लीपकार्ट, आदि को 20 अप्रेल से व्यापार की अनुमति देना न सिर्फ  छोटे मोटे उद्यमियों और दुकानदारों के प्रति अन्याय होगा, बल्कि इस निर्णय से देश की आंतरिक अर्थव्यवस्था पर भी विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विगत 24 मार्च से लॉकडाउन हो जाने से पूरे देश सहित झारखंड राज्य के छोटे-बड़े व्यापारियों का दुकान बंद है। अकस्मात दुकानें बंद होने के कारण एक तरफ व्यवसाय तो प्रभावित हो ही रहा है, दूसरी तरफ गर्मी का महीना होने से दुकानों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने, चूहे से दुकानों में क्षति होने की भी संभावना है।
 व्यापारियों के समक्ष इन विषम परिस्थितियों के मद्देनजर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा झारखंड सरकार से मांग करती है कि छोटे, बड़े दुकानदारों को जिन्होंने लॉकडाउन में अपनी दुकानों को ठीक ढंग से सुरक्षा करने की कोई भी व्यवस्था नहीं की है, उन्हें अपनी दुकान व प्रतिष्ठान कुछ घंटे के लिए खोलकर दुकान व्यवस्थित करने के लिए समय दिया जाए। कुछ दुकानदार ऐसे हैं, जिनकी रोज की आमदनी से ही उनका भरण-पोषण होता था। अब उनकी स्थिति भी ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार छोटे-मोटे उद्यमियों और व्यवसायियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय ले।

शनिवार, 18 अप्रैल 2020

कोरोना से मुक्ति के लिए हो रहा नवग्रह शांति मंत्र का निरंतर जाप और हवन


* ग्रह दशा को सकारात्मक करने में जुटे समाजसेवी सुधांशु सुमन

रांची।  वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोग तरह-तरह के प्रयास में लगे हुए हैं। सतर्कता, जागरुकता, एकजुटता और परहेज से कोरोनावायरस के प्रकोप को कम करने के लिए हर स्तर पर जंग जारी है। कई लोग कोरोना को दूर भगाने के लिए धार्मिक-आध्यात्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ का भी सहारा ले रहे हैं। इस क्रम में राष्ट्रव्यापी अभियान "तिरंगा सम्मान यात्रा" के राष्ट्रीय संयोजक और प्रख्यात समाजसेवी सुधांशु सुमन का नाम अग्रिम पंक्ति में शुमार है। श्री सुमन कोरोना से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन शुरू होने बाद से अपने आवास पर निरंतर नवग्रह शांति पाठ कर रहे हैं। इस पवित्र अनुष्ठान के माध्यम से वे ग्रह दशा को सकारात्मक करने के प्रति आशान्वित हैं। इस संबंध में उन्होंने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि विगत 24 मार्च से चल रहे लॉकडाउन के दौरान प्रतिदिन नवग्रह शांति मंत्र जाप और हवन किया जा रहा है। उनका मानना है कि इस जाप का प्रभाव देश और दुनिया के वातावरण के शुद्धिकरण के साथ-साथ ग्रहों की दशा को भी सकारात्मक करने में सहायक होगा। श्री सुमन ने कहा कि विश्व के शांतिदूत के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मानवता की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता का परिचायक है। देशवासियों की सेवा के प्रति उनका संकल्प अतुलनीय है। ऐसे संकट के समय विशेष रूप से अपने घर में रहकर धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान (नव ग्रह शांति पाठ) करने की प्रेरणा उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि तक नवग्रह मंत्र शांति जाप और हवन निरंतर चलता रहेगा। जिससे हम सब भारतीयों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहे और इस ऊर्जा से हमें कोरोना के खिलाफ जंग जीतने की शक्ति प्राप्त होती रहे। उन्होंने बताया कि नव ग्रह शांति पाठ का आयोजन विख्यात विद्वान व ज्योतिषाचार्य पंडित रामजीवन झा के निर्देशन में किया जा रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच बांटे खाद्यी



रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशिभूषण राय के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा रांची रेलवे कालोनी , निवारणपुर , अनंतपुर एवं डोरंडा क्षेत्र में जरूरतमंदों के बीच खाद्यान्न का वितरण किया गया। श्री राय ने झारखंड सरकार के कोरोना से लड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि  राज्य सरकार कोरोना और भूख, दोनों से लड़ रही है। इस कठिन समय में जहां पूरा देश और विश्व कोरोना के प्रकोप से लड़ रहा है , उसे देखते हुए हम सब का भी कर्तव्य बनता है कि  जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से  लाॅकडाउन के दौरान दिहाड़ी श्रमिकों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा  है,  ऐसे में हम सब को कोशिश करना है कि सब मिलकर उनकी परेशानियों को दूर करने में सहयोग करें। इस वैश्विक महामारी का सामना करें और जरूरतमंद वर्ग को मदद करें । श्री राय ने निस्वार्थ भाव से राहत कार्य में लगे राज्य के सभी जिला कांग्रेस , युवा कांग्रेस, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं एवं विशेष रूप से प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव के प्रति आभार जताया।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा 25 क्विंटल आटा


* पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं : मुकेश

रांची। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने लाॅकडाउन के दौरान विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए राहत कार्य हेतु झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को राजधानी के डोरंडा स्थित आवास पर 25 क्विंटल आटा सौंपा। इस संबंध में महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के निर्देशानुसार विभिन्न जगहों पर पीड़ितों के सेवार्थ सहयोग जारी है।उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। जब-जब देश व समाज पर संकट गहरायाया है, तब-तब अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाया है। कायस्थ महासभा सर्वधर्म-समभाव के आदर्शों पर चलते हुए समाज के सभी वर्ग के लोगों के कल्याणार्थ सेवारत है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से लाॅकडाउन के दौरान प्रभावित अत्यंत गरीबों और पीड़ितों के बीच राहत सामग्री के वितरण का अनुरोध किया। मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपने स्तर से भी गरीबों को चिन्हित कर राहत कार्य में भरपूर सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर समाजसेवी दीपक प्रसाद, सुश्री श्रुति कंठ सहित अन्य मौजूद थे।

निम्नवर्गीय परिवार की गंभीरता से चिंता करे सरकार: रोहित शारदा


मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा के द्वारा हिनू चौक के समीप एवं पोखर टोली में खिचड़ी का वितरण किया गया जिसमें लगभग 300 से 400 लोगों को भोजन कराया गया। साथी रांची क्लब के सहयोग से लगभग 200 जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराया गया जिसमें चावल दाल आलू प्याज सत्तू साबुन सहित अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई जोकि न्यू मल्हार कोचा हवाई नगर बिरसा चौक, कटहल कोचा बिरसा चौक, तीरील बस्ती कोकर, एकता नगर बूटी मोड, टाइगर हिल के समीप बस्ती मोराबादी सहित अन्य बस्तियों में वितरित की गई। मंच के प्रांतीय उपाध्यक्ष रोहित शारदा सभी जगह वितरण में सम्मिलित थे और लोगों की समस्या देखकर सरकार से अपील की निम्न मध्यवर्गीय परिवार को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है न ही वह बीपीएल में आते हैं ना ही किसी प्रकार का सरकार से उन्हें सहयोग मिलता है ऐसे लोगों की स्थिति दयनीय होती जा रही है कृपया सरकार इस पर गंभीरता से चिंतन करें और ऐसे लोगों के लिए योजना बनाएं। आज की सेवा में मंच पर प्रांतीय उपाध्यक्ष रोहित शारदा ,विनय ठाकुर , मंच के संरक्षक सुभाष जैन पूर्व अध्यक्ष बलवीर जैन, सुरेश बोथरा, राजीव केडिया,संजय सुलतानिया, पवन अग्रवाल, विजय सुल्तानिया, ऋषभ रामपुरिया, राजेश महतो, प्रीति सिन्हा, सोनू मिश्रा, पायल सोनी, गीता बर्मन सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

कोरोना के प्रति ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं सत्येंद्र देव





बख्तियारपुर (पटना)। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जारी जंग में कई योद्धा कमर कस कर मैदान में उतर चुके हैं। इन कर्मयोगियों में पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी सहित स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग और कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। ऐसे ही एक कर्मयोगी हैं पटना जिलांतर्गत बख्तियारपुर प्रखंड के करनौती ग्राम निवासी भारती सत्येंद्र देव। भारती जी (भारती बाबा) जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका जीवन समाजसेवा के प्रति समर्पित रहा है। राष्ट्र प्रेम के प्रति भी उनका समर्पण अनुकरणीय है। आत्मविश्वास से लबरेज देशहित में उनका जज्बा और जुनून प्रेरणास्रोत है। श्री भारती कोरोना के कारण उत्पन्न हुए संकट की इस घड़ी में ग्रामीणों को जागरूक करने में जुटे हैं।
जिंदगी जीने की जद्दोजहद के बीच साहस, संयम और अनुशासन से कोरोनावायरस के प्रकोप को कमतर करने में शिद्दत से लगे हैं। वह प्रतिदिन सुबह ग्रामीणों को लाॅकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने की अपील करते नजर आते हैं। यह उनकी दिनचर्या में शुमार है। ग्रामीण महिलाओं को वे घरों में मास्क बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी इस अपील का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। करनौती ग्राम निवासी कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कर रहे हैं। करनौती ग्राम में कोरोना की नो-इंट्री के लिए वह सतत प्रयासरत हैं। इसमें उन्हें ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। श्री भारती कहते हैं कि अकस्मात आए इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना जरूरी है, तभी हम कोरोना को परास्त कर सकते हैं, इस बीमारी के संक्रमण को फैलने से रोकने में सफल हो सकते हैं। उन्होंने कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए देशव्यापी लॉकडाउन की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के  साहसिक कदम से देशवासी ऊर्जावान हुए हैं। संकट की घड़ी में देशवासियों की एकजुटता कोरोना के खिलाफ जंग जीतने में काफी सहायक साबित होगी।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...