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शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

बंद रेस्टोरेंट में गरीबों के लिए लजीज व्यंजन तैयार करा रहे दिलबाग सिंह


* दिलबाग सिंह ने पीड़ितों की सेवा को बनाया लक्ष्य

रांची। लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के प्रतिष्ठान बंद हैं। राजधानी के तुपुदाना स्थित रामकृष्ण मिशन सेनेटोरियम रोड पर अवस्थित लाइट हाउस कैफे एंड किचन रेस्टोरेंट के संचालक दिलबाग सिंह ने भी अपने प्रतिष्ठान को लॉकडाउन का पालन करते हुए बंद कर रखा है। अकस्मात हुए लॉकडाउन की वजह से उनके रेस्टोरेंट में कार्यरत आठ कर्मी अपने गंतव्य(घरों) तक नहीं जा सके। श्री सिंह ने रेस्टोरेंट में कार्यरत कर्मियों का पूरा ख्याल रखते हुए इन्हें रेस्टोरेंट में ही गरीबों का खाना तैयार करने में लगा दिया है। लाॅकडाउन के दौरान गरीबों को भोजन के लिए हो रही परेशानियों को देखते हुए उन्होंने हटिया, तुपुदाना, हरदाग व आस-पास के क्षेत्रों के बेघर, बेसहारा और बेहद गरीब लोगों को दोपहर का भोजन कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रतिदिन वह अपने कर्मियों के सहयोग से भोजन तैयार कर गरीबों के बीच वितरण के लिए निकलते हैं। उन्होंने अपने रेस्टोरेंट के कर्मियों को निर्देश दे रखा है कि जिस प्रकार लॉकडाउन के पूर्व रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों के लिए लगन व तत्परता से लजीज व्यंजन तैयार किया करते थे, उसी लगन के साथ गरीबों के लिए भोजन तैयार करते रहें। भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें। श्री सिंह प्रतिदिन दोपहर में कभी दाल-भात, कभी खिचड़ी, कभी अन्य प्रकार के व्यंजन तैयार कर गरीबों के बीच बांटते हैं। उन्होंने इसके लिए खाद्य सामग्री का प्रर्याप्त मात्रा में भंडारण कर रखा है। उनके रेस्टोरेंट में कार्यरत कर्मियों की भी पीड़ित मानवता के प्रति जज्बा और जुनून काबिले-तारीफ है। रेस्टोरेंट संचालक दिलबाग सिंह के समाजसेवा के मिशन को सफलीभूत करने के लिए कर्मी सदैव तत्पर रहते हैं। रेस्टोरेंट कर्मियों ने बताया कि  अपने मालिक के निर्देशानुसार हर पल गरीबों की सेवा के प्रति समर्पित हैं।

कोरोना काल में नवग्रह शांति मंत्र का.जाप करा रहे हैं समाजसेवी सुधांशु सुमन


* मानव कल्याण के लिए ब्रह्म मुहूर्त में कर रहे नवग्रह शांति मंत्र पाठ
 
 

रांची। इन दिनों पूरी दुनिया कोरोना वायरस जनित महामारी कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से परेशान है। इस वैश्विक महामारी का प्रकोप स्पर्श और सानिध्य दोष से बढ़ रहा है। ऐसे हालात में स्वयं को बचाते हुए अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को भी इससे बचाने की जिम्मेदारी मनुष्य पर आ गई है। इस महामारी के प्रकोप से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं। मनुष्य अपनी बुद्धिमता का प्रयोग कर इस संकट को परास्त करने में जुटा है। कोरोना वायरस के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ी जा रही है। अकस्मात आई इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए मौजूदा मुश्किल वक्त में हर स्तर पर प्रयास जारी है। इस क्रम में कई लोग विश्व कल्याण के लिए देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना करने, ग्रह-गोचर शांत करने और ग्रहों की दशा-दिशा सुधारने हेतु आध्यात्मिक अनुष्ठान में जुटे हैं। भारतीय सनातन धर्म से आस्था की डोर बांधकर इसके सहारे कोरोना से मुक्ति पाने के लिए विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं। ऐसे ही एक कर्मयोगी पुरुष हैं झारखंड के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रीय अभियान "तिरंगा सम्मान यात्रा" के संयोजक सुधांशु सुमन। श्री सुमन वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के मद्देनजर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन शुरू होने की तिथि (24 मार्च) से लगातार नियमित रूप से अपने आवास पर ब्रह्म मुहूर्त में नवग्रह शांति मंत्र का जाप और हवन कर रहे हैं। इस दौरान वे भगवान शंकर, मां दुर्गा और प्रभु श्री राम की नियमित पूजा भी करते हैं। नवग्रह शांति मंत्र जाप व हवन और सभी देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना में श्री सुमन के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्य भी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाते हैं। प्रतिदिन अहले सुबह ब्रह्म मुहूर्त में नव ग्रह शांति पाठ का जाप और हवन के बाद पूरा परिवार जयकारा लगाता है। इनकी आस्था देखते ही बनती है। श्री सुमन वाराणसी निवासी प्रख्यात ज्योतिषाचार्य व धर्म-अध्यात्म के ज्ञाता पंडित रामजीवन झा, आचार्य गुंड़न बाबा, आचार्य प्रेम पंडित जी के नेतृत्व व सानिध्य में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और सकारात्मकता को क्रियाशील करने के लिए नवग्रह शांति पाठ जाप, हवन आदि पावन कार्य संपन्न करते हैं। प्रतिदिन अहले सुबह उठना और मानव कल्याण के लिए देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना कर नवग्रह शांति पाठ में जुट जाना उनकी दिनचर्या में शुमार है। वह कहते हैं कि जब-जब मानव जीवन के अस्तित्व पर खतरा आया है, तब-तब ईश्वरीय शक्तियां चमत्कारी रूप से आपदा दूर भगाने और मनुष्य को संरक्षण देने में सहायक हुईं हैं। श्री सुमन ने कहा कि मनुष्य के पास असीम शक्तियां बुद्धि और चिंतन की वजह से है। इसीलिए मनुष्य को अन्य जीवों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ऐसे संकट के समय मानव अपनी बुद्धिमता का प्रयोग करे, तो विषम परिस्थितियों में भी संकटों को परास्त कर सकता है।
 श्री सुमन ने कहा कि जैसे-जैसे कोरोना के खिलाफ लड़ाई आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के प्रयासों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। एक सर्वेक्षण में भी यह बात सामने उभर कर आई है। देश की अधिकतर जनता यह मानती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रभावी तरीके से वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जंग जीतने की ओर अग्रसर है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि मानवता के अस्तित्व को झकझोर कर रख देने वाली इस आकस्मिक आपदा से जल्द ही भारतवासी निजात पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतवासियों की दृढ़ इच्छाशक्ति, एकजुटता, जागरुकता और सामाजिक समरसता के बलबूते "इंडिया जीतेगा और कोरोना हारेगा"।

गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

गरीबों को प्रतिदिन एक समय का भोजन करा रहे बैंककर्मी व विधानसभा कर्मी


रांची। लॉकडाउन के दौरान गरीबों को हो रही परेशानियों को देखते हुए विभिन्न संस्थाएं राहत कार्य में जुटी हैं। इस आपदा के समय व्यक्तिगत तौर पर भी कई समाजसेवी भोजन से वंचित गरीबों को खाना खिलाने में जुटे हैं। एचईसी परिसर स्थित भारतीय स्टेट बैंक, सेक्टर दो शाखा के कर्मियों और झारखंड विधानसभा के कुछ कर्मियों की ओर से भी गरीबों को भोजन कराया जा रहा है।  पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति समर्पित बैंककर्मियों और विधानसभाकर्मियों के सहयोग से आसपास के बेघर, बेसहारा और बेहद गरीब लोगों को विगत 17 अप्रैल से प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संबंध में एसबीआई सेक्टर दो शाखा के कर्मी व समाजसेवी मिथिलेश सिंह ने बताया कि मानवता की सेवा के इस नेक कार्य में कई अन्य समाजसेवियों का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की अवधि तक गरीबों को प्रतिदिन दोपहर का भोजन कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत गरीबों को किसी दिन खिचड़ी, किसी दिन दाल-भात, तो कभी उनकी पहुंच से दूर व्यंजन पूड़ी-सब्जी, कभी चिकेन-भात परोसा जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों को एक समय का भोजन कराने का सिलसिला लॉक डाउन की अवधि तक जारी रहेगा। इस पुनीत कार्य में बैंककर्मी इंदू कुमारी, प्रतिभा कुमारी, सुमन कुमार सिंह, सुनील कुमार, शंभू रजक और विधानसभा कर्मी शरद सहाय उर्फ ओपी, डब्लू सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय की पहल


* अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने जरूरतमंदों को बांटे खाद्य सामग्री


रांची। लाॅकडाउन के दौरान खासकर गरीब तबके और  निम्न आय वर्ग के लोगों की परेशानियों को देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने राहत कार्य की पहल की है। उनके निर्देशानुसार महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व शहर के लोकप्रिय समाजसेवी मुकेश कुमार और उनकी टीम की ओर से विशेष रूप से जरूरतमंद परिवारों को राशन व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस क्रम में आज बुधवार को हटिया, पटेल नगर, सिंह मोड़, अरगोड़ा बस्ती सहित अन्य जगहों पर कायस्थ परिवार के जरूरमंदों समेत अन्य समुदायों के गरीब लोगों के बीच खाद्यान्न वितरण किया गया। पीड़ित मानवता की सेवा के इस नेक कार्य में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की कोरपोरेट विंग के चेयरमैन राकेश रंजन, महासभा की महिला विंग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बरखा सिन्हा, शंकर वर्मा, प्रणय कुमार, संदीप कुमार सहित अन्य ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। गौरतलब है कि इसके पूर्व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से जरूरतमंदों के बीच राहत कार्य के लिए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने 50 क्विंटल आटा प्रदान किया था।

बुधवार, 22 अप्रैल 2020

भाजपा नेता अजय राय ने प्रवासी मजदूरो व छात्रों की वापसी के लिए किया उपवास



रांची। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से बचाव के लिए किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण 25 मार्च से देश के विभिन्न जगहों पर फंसे लाखों श्रमिक, मजदूर भाई व हजारों छात्र, छात्राएं ,चिकित्सा सुविधा के लिये राज्य से बाहर गए मरीजों और उनके परिजनों की घर वापसी को लेकर झारखंड सरकार को जगाने हेतु झारखंड प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह व झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के आह्वान पर झारखंड भाजपा के मीडिया पैनिलिस्ट अजय राय ने भी आज अपने आवास पर प्रातः 10 बजे से शाम चार बजे तक उपवास रखा।
    इस अवसर पर अजय राय ने कहा कि ये एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा ने  झारखंड सरकार को आगाह किया है कि वह समय रहते बाहर फंसे हुए प्रवासी मजदूर , देश के विभिन्न राज्यों में पढ़ रहे छात्र छात्राएं व इलाज के क्रम में दूसरे राज्य में लॉकडाउन में फसे हुए मरीज एवं उनके परिजनों को अविलंब वापस लाने के लिए सरकार समुचित व्यवस्था करें ।
उन्होंने कहा कि  लाॅकडाउन में फंसे लोगों को घर वापस लाना सरकार की जवाबदेही है। इन्ही सारी समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने हेतु पार्टी ने एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम रखा है। जिसका पालन भाजपा के हर कार्यकर्ता ने किया है।

सर्ड परिसर में क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाने का विरोध


*  पूर्व जैक पार्षद व राजद नेत्री रानी कुमारी ने उपायुक्त से लगाई गुहार

रांची। राजधानी के हेहल स्थित सर्ड परिसर में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाने का मुहल्लेवासियों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में झारखंड की पूर्व जैक पार्षद व राजद नेत्री रानी कुमारी ने उपायुक्त को पत्र लिखा है। हेहल स्थित मुहल्लेवासियों ने भी सर्ड परिसर से अविलंब क्वारेंटाइन सेंटर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। रानी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से भी गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ट्विटर पर संदेश प्रेषित कर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। मुहल्लेवासियों के मुताबिक घनी आबादी वाले इस इलाके में कोरोना क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाने से वे दहशत में जी रहे हैं। कोरोनावायरस के संक्रमण फैलने से सशंकित हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सर्ड परिसर के निकटवर्ती क्षेत्रों, हेहल, सुंदरनगर व आसपास के इलाकों के निवासियों में रोष व्याप्त है। रानी कुमारी ने कहा कि एक ओर केन्द्र सरकार कोरोनावायरस के प्रकोप को कम करने में जुटी है, वहीं, दूसरी तरफ रिहायशी इलाके में कोरोना क्वारेंटाइन सेंटर स्थापित कर मुहल्लेवासियों को दहशत के माहौल में जीने को विवश किया जा रहा है। लोग कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से सशंकित हैं। इसलिए अविलंब सर्ड परिसर से क्वारेंटाइन सेंटर हटाया जाय।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

कोरोना के खिलाफ जंग में हर भारतीय की सहभागिता जरूरी: सहारा श्री सुब्रत राय



रांची / इंदौर। भारत में प्रमुख व्यावसायिक समूह सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर एवं चेयरमैन, सहाराश्री सुब्रत
रॉय सहारा ने एक व्यक्तव्य जारी कर हर एक भारतीय से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना के विरुद्ध
लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हम सब भारतीयों को एकजुट होकर इस महामारी को हराने में बराबर
की जिम्मेदारी निभानी होगी।
सहाराश्री ने अपने व्यक्तव्य में  कहा कि हम सबको यह समझना होगा कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई
संपूर्ण मनुष्य जाति की है। इस लड़ाई में हर व्यक्ति सिपाही है। हर
व्यक्ति की कोई न कोई जिम्मेदारी और महत्वूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अगर हम सब यह मान
लेंगे कि जो कुछ करना है, वह सरकार को करना है, अस्पतालों और डॉक्टरों को करना है, पुलिस और
प्रशासन को करना है, तो यकीन मानिए हम कोरोना के विरुद्ध लड़ाई हार जाएंगे। अगर हमें कोरोना को
हराना है, तो हमें भी स्वयं को एक सिपाही मानना होगा। हम जहां भी हैं और जैसे भी हैं, हमें वहीं अपनी
भूमिका निभानी होगी।
कोरोना की महामारी ने समूची दुनिया को हिलाकर रख दिया है। लॉकडाउन का यह दूसरा चरण पूरे देश के लिए, देश के एक-एक नागरिक के लिए, बहुत ही
महत्वपूर्ण है। इस लॉकडाउन में हमें कोरोना को काबू में करना होगा।
यह बेहद कठिन दौर है। इंसान खतरे में है, इंसानियत खतरे में है, उन्होंने सभी से अपील किया कि कोरोना के
खतरे को समझें। चाहे कोई भी धर्म हो, कोई भी संप्रदाय हो, कोई भी मजहब हो, सबको इसके ऊपर
उठना जरुरत है। इस समय हम सबका मजहब इंसानियत ही होना चाहिए। हमारे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। अगर लॉकडाउन नहीं करते तो हमारे यहां हालत बहुत बुरे होते।
लॉकडाउन के दौरान घर में रहें। सरकार जो भी दिशा-निर्देश जारी कर रही है, उनका कड़ाई  से पालन करें।
डॉक्टर, नर्स, पुलिस-प्रशासन के लोग आगे रहकर कोरोना से लड़ रहें हैं। वह हमारे जीवन बचाने के लिए
अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं। इन लोगों का साथ दें। तन-मन-धन से साथ दें। हम सोशल डिस्टेंसिंग का
पालन करें, लेकिन इमोशनल डिस्टेंसिंग न होने दें। टेलीफोन एवं  इंटरनेट के जरिए अपनों से संपर्क बनाये
रखें। भावनाएं बहुत बड़ा संबल होती है। जब हम कोरोना को हरा देंगे, तो जिंदगी की एक नयी शुरुआत
करेंगे। सब मिल-जुलकर एक-दूसरे का साथ देंगे और पहले से भी मज़बूत भारत का निर्माण करेंगे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...