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मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

द इंस्टीट्यूट आफ चाटर्ड एकाउंटेंट्स ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन



रांची। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की रांची शाखा के तत्वावधान में सोमवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 36 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। आईसीएआई की अध्यक्ष मनीषा बियानी ने बताया कि
इस समय देश में  कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन होने के कारण थैलसेमिक जैसी बीमारियों से ग्रसित बच्चों को रक्त मिलने में काफी कठिनाई हो रही है, इसी को देखते हुए सदर डे केयर के अनुरोध पर यह रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर का आयोजन सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करते हुए प्रभारी चिकित्सक, ब्लड बैंक, सदर अस्पताल, रांची की अनुमति से किया गया। रक्तदान शिविर में पर्याप्त संख्या में सेनेटाइजर और मास्क की व्यवस्था की गई थी।
 शिविर के आयोजन में इंस्टिट्यूट के रांची शाखा की अध्यक्ष सीए मनीषा बियानी, उपाध्यक्ष सीए प्रवीण शर्मा, सचिव सीए प्रभात कुमार, कोषाध्यक्ष सीए पंकज मक्कड़ और सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल,  विवेक शर्मा, सीए परेश जैन और सीए दीपक पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कांग्रेसी नेता शशिभूषण राय ने की एटीएम में पर्याप्त नकदी की व्यवस्था की मांग

आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक को लिखा पत्र, ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान न हो परेशानी

रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशिभूषण राय ने लॉकडाउन अवधि के दौरान रांची के कई प्रमुख स्थानों पर बंद एटीएम और नकदी संकट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक को इस बाबत पत्र लिखा है। उन्होंने एटीएम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए अनुरोध किया है। श्री राय ने कहा कि इस समय देश कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। लाॅकडाउन में लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
 इस कठिन घड़ी में आम जनता के लिये नकदी बहुत आवश्यक है। उन्होंने आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक से अनुरोध किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लॉकडाउन अवधि  में पर्याप्त नकदी व्यवस्था के साथ-साथ , एटीएम संचालन को सुव्यवस्थित रखने का निर्देश जारी करें। ताकि आम जनता को कोई कठिनाई ना हो।

दूसरे वार्डों के गरीबों के लिए भी पार्षद उर्मिला यादव ने खोले दरवाज़े


* समाजसेवियों और दानदाताओं का मिल रहा सहयोग

रांची। लाॅकडाउन के दौरान रांची नगर निगम वार्ड संख्या 41 की पार्षद उर्मिला यादव अपने आवास पर आने वाले अत्यंत गरीब लोगों को अपने स्तर से खाद्यान्न मुहैया करा रही हैं। लगभग रोज वार्ड संख्या 41 के अलावा अन्य वार्डों के नागरिक भी अपनी समस्याएं लेकर वार्ड पार्षद उर्मिला यादव के आवास पर पहुंचते रहते हैं और अपनी पीड़ा व परेशानियों से उन्हें अवगत कराते हैं। ऐसे लोगों में कई बेघर व बेसहारा महिलाएं व वृद्ध भी होते हैं, जिन्हें बमुश्किल भोजन मयस्सर हो पाता है। ऐसे असहाय व असमर्थ लोगों को श्रीमती यादव अपने स्तर से चावल, दाल, आटा, चूड़ा, सोयाबीन, आलू, नमक आदि खाद्य सामग्री मुहैया करा कर मानव सेवा की मिसाल पेश करती हैं।

श्रीमती यादव कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान विशेष रुप से बेघर, बेसहारों और अत्यंत गरीब परिवारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में गरीबों को सहायता पहुंचाना सबसे बड़ा मानव धर्म है। समाजसेवी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सक्षम लोगों को आगे आकर इस विषम परिस्थिति से जूझते गरीबों की मदद करने की दिशा में पहल करनी चाहिए। श्रीमती यादव प्रतिदिन अपने सीमित संसाधनों से ही गरीबों की सहायता करने में जुटी रहती हैं। उनके इस पुनीत कार्य में क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता भी सहयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने में नागरिक अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और जाने-माने समाजसेवी एनके यादव, राॅक्मेंस क्रिकेट एकेडमी के संयोजक नंदजी पांडे, संवेदक सुनील कुमार, जयप्रकाश कुमार, समाजसेवी सुनील यादव, नागरिक अधिकार पार्टी (यूथ विंग) के प्रदेश प्रवक्ता बृजेश कुमार, शेफ शॉप डायमंड लीडर संदीप कुमार, नागरिक अधिकार पार्टी की यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष नीलमणि पाठक, समाजसेविका नीलू सिंह, शैला सिंह, सुनीता मुंडा उषा सिंह, राजेश कुमार यादव, संतोष रजक, सामाजिक कार्यकर्ता दास जी और गोपी कुमार सहित अन्य समाजसेवियों का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

जरूरत मंदों को खाद्यान्न मुहैया करा रही हैं पार्षद उर्मिला यादव


रांची। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे निपटने के लिए सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर जो इंतजाम किए गए हैं, वह नाकाफी है। ऐसा मानना है एचईसी क्षेत्र की लोकप्रिय समाजसेविका और रांची नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 41 की पार्षद उर्मिला यादव का। श्रीमती यादव अपने स्तर पर वार्ड क्षेत्र के गरीबों और जरूरतमंदों के बीच खाद्यान्न वितरण करने में जुटी हैं। उनका प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान उनके वार्ड क्षेत्र अंतर्गत कोई भी गरीब भूखा न रहे। श्रीमती यादव वार्ड 41 अंतर्गत विशेष रूप से झुग्गी- झोपड़ियों में रहने वाले बेहद गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच जाकर उनकी खोज-खबर लेती हैं और जहां तक संभव हो सकता है, आवश्यकतानुसार उन्हें खाद्यान्न व अन्य जरूरी सामग्री मुहैया कराती हैं। उनके इस कार्य में इस क्षेत्र के कई समाजसेवियों का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप से इस समय देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में गरीबों के समक्ष भूख से मरने की नौबत आ गई है। इसे ध्यान में रखकर सेवा भाव से जरूरतमंदों के बीच अनाज का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आने की अपील की है। श्रीमती यादव ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। संकट के समय गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्य का काम है। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करने से सुखद अनुभूति होती है, मन को शांति मिलती है। यही सच्ची मानव सेवा है।

अजय राय ने कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया

* अस्पतालकर्मियों, मरीजों के परिजनों और सुरक्षाकर्मियों को कराया भोजन

रांची। भारतीय जनता पार्टी के  40 वें स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड भाजपा के  मीडिया पैनलिस्ट अजय राय कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन अवधि के दौरान जनहित में जुटे हैं। उन्होंने
वैसे योद्धाओं को सम्मानित किया, जो बिना अपने जान-माल की फिक्र किए   समाज की सेवा में तत्पर हैं। श्री राय ने इस अवसर पर राजधानी स्थित रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल और जगन्नाथ हॉस्पिटल के लगभग 250 मरीजों के परिजनों, सिक्योरिटी गार्ड , हॉस्पिटल के स्टाफ को खाना खिलाया। खाना  खिलाने के  पहले सभी लोगो को सेनेटाइजर देकर सेनेटाइज करने के उपरांत  सोशल टिस्टेंस मेंटेन करते हुए उन्हें खाने के साथ साथ पानी भी उपलब्ध कराया गया। मौके पर श्री राय ने कहा कि ऐसे सोल्जर को सलाम, जो अपने घर- परिवार को  छोड़कर इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए जनसेवा में लगे हुए हैं।
  इस अवसर पर रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रेम रंजन को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इससे पूर्व श्री राय ने  पेट्रोल पम्प कर्मी, दूध पहुंचाने वाले ,ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों सहित सफाईकर्मियों को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशवासियों ने जो एकजुटता दिखाई, अभूतपूर्व है। यह कोरोनावायरस का प्रकोप दूर करने में सहायक होगा। इस अवसर पर  शत्रुघ्न प्रसाद, अजय कुमार राम,राजा दत्ता, मनोज वर्मा,विक्की ठाकुर, मंटू सोनी,राजकिशोर वर्मा,रौनक वर्मा सहित अन्य मौजूद थे।

रविवार, 5 अप्रैल 2020

गरीबों को रोज अलग-अलग पकवान खिला रहे रामाशंकर प्रसाद



रांची। कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए लाॅकडाउन के दौरान अत्यंत गरीब लोगों को समाजसेवी व होटल संचालक रामाशंकर प्रसाद प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। उनके सौजन्य से बिरसा चौक स्थित होटल पार्क ईन (पूजा रेस्टोरेंट) के सामने आसपास के इलाकों के भोजन से वंचित अत्यंत गरीब लोगों को प्रतिदिन दोपहर में खाना खिलाया जाता है। इस क्रम में रविवार को गरीबों के बीच इडली,सांबर व चटनी का वितरण किया गया। श्री प्रसाद ने कहा कि विगत लगभग दस दिनों से गरीबों को एक समय का मुफ्त भोजन-पानी मुहैया कराया जा रहा है। हर दिन अलग-अलग तरह का पकवान बनाकर  खिलाया जाता है। इसके तहत किसी दिन दाल-भात और सब्जी, कभी रोटी-सब्जी, किसी दिन पूड़ी-सब्जी और हलुवा, आदि परोसा जाता है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला लाॅकडाउन की अवधि (14अप्रैल,2020) तक जारी रहेगा। गरीबों को भोजन कराने में सोशल डिस्टेंस का भी अनुपालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें स्थानीय पुलिस-प्रशासन का अपेक्षित सहयोग भी मिल रहा है। उनका मकसद है कि भोजन से वंचित गरीब लोग भूखे नहीं रहें। भोजन बांटने में आदित्य, पूजा कुमारी, आशा देवी, अभिषेक सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

एकजुटता और जागरूकता से जीतेंगे कोरोना की जंग: सुबोधकांत सहाय


संदर्भ : वैश्विक आपदा कोरोनावायरस का प्रकोप
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए एकजुटता और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस समय मानव समाज विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। संपूर्ण मानवता एक गंभीर आपदा से जूझ रही है। चहुंओर आशंका और उदासी का माहौल है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोविड-19 महामारी से निपटने में मनुष्य असहाय हो गया है। संकट की इस घड़ी में हम धैर्य और संयम बरतते हुए ही कोरोनावायरस के विरुद्ध जंग जीतने में सफल हो सकते हैं। यह आत्मसंयम बरतने का समय है। कोरोना के खिलाफ छिड़ी  जंग में हम दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए, सतर्कता बरतते हुए और अनुशासित रहकर ही सफलता पा सकते हैं। हमारे देश में जिस तेजी से इहका संक्रमण बढ़ रहा है, चिंतनीय है।
  जब कोरोना का प्रकोप देश के विभिन्न राज्यों में बढ़ता जा रहा था, तब झारखंड की जनता विशेष सतर्कता
बरतते हुए स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही थी। इस महामारी के खिलाफ जंग में झारखंडवासियों के हौसले बुलंद थे। सतर्कता और जागरुकता के बलबूते झारखंड में कोरोना पांव नहीं पसार सका था। लेकिन अब दो मामला प्रकाश में आने पर झारखंडवासी भी हतप्रभ हैं। बहरहाल, इस महामारी से निपटने को झारखंडवासियों का दृढ़संकल्प और एकजुटता काबिले-तारीफ है।
    श्री सहाय ने कहा कि विभिन्न राज्यों से झारखंड आए काफी संख्या में लोग जांच से कतरा रहे हैं। यह बुद्धिमानी नहीं है। अपने स्वास्थ्य की स्थिति को छुपा कर हम अपने परिवार और समाज के लोगों को खतरे में डालेंगे। इसलिए सभी लोगों को जागरूक होते हुए वास्तविकता से सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना चाहिए। इस मामले में जनप्रतिनिधियों की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्हें गांव-घर में लौटने वाले मजदूरों व अन्य लोगों के बारे में संबंधित विभागों को सूचित करना चाहिए। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि एक छोटी सी भूल  खतरनाक साबित हो सकती है।
     श्री सहाय ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को उन वंचित लोगों के लिए भी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जिनके पास न तो काम-धंधा है और न खाने-पीने के साधन। एक अदद आशियाने को तरसते और हाशिए पर रहने को विवश लोग लाॅकडाउन में भावनात्मक असुरक्षा से जूझ रहे हैं। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकारों का दायित्व है कि वह भोजन से वंचित गरीबों को मुफ्त भोजन-पानी मुहैया कराने की मुकम्मल व्यवस्था करे। साथ ही ऐसी आपदा के समय समस्त संसाधनों के सदुपयोग से देशवासियों के जीवन की रक्षा पूरी गरिमा के साथ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध जंग में आमजन के अलावा चिकित्साकर्मियों, पुलिस-प्रशासन, गैर सरकारी संगठन, समाज के हर वर्ग के सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका सराहनीय है। इस त्रासदी से निपटने और मानवता की रक्षा के लिए दानदाताओं का आगे आना प्रशंसनीय कदम है। उन्होंने ऐसे संकट की घड़ी में आमजन को संयमित रहते हुए इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहभागिता निभाने की अपील की।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...