रांची। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे निपटने के लिए सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर जो इंतजाम किए गए हैं, वह नाकाफी है। ऐसा मानना है एचईसी क्षेत्र की लोकप्रिय समाजसेविका और रांची नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 41 की पार्षद उर्मिला यादव का। श्रीमती यादव अपने स्तर पर वार्ड क्षेत्र के गरीबों और जरूरतमंदों के बीच खाद्यान्न वितरण करने में जुटी हैं। उनका प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान उनके वार्ड क्षेत्र अंतर्गत कोई भी गरीब भूखा न रहे। श्रीमती यादव वार्ड 41 अंतर्गत विशेष रूप से झुग्गी- झोपड़ियों में रहने वाले बेहद गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच जाकर उनकी खोज-खबर लेती हैं और जहां तक संभव हो सकता है, आवश्यकतानुसार उन्हें खाद्यान्न व अन्य जरूरी सामग्री मुहैया कराती हैं। उनके इस कार्य में इस क्षेत्र के कई समाजसेवियों का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप से इस समय देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में गरीबों के समक्ष भूख से मरने की नौबत आ गई है। इसे ध्यान में रखकर सेवा भाव से जरूरतमंदों के बीच अनाज का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आने की अपील की है। श्रीमती यादव ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। संकट के समय गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्य का काम है। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करने से सुखद अनुभूति होती है, मन को शांति मिलती है। यही सच्ची मानव सेवा है।
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सोमवार, 6 अप्रैल 2020
जरूरत मंदों को खाद्यान्न मुहैया करा रही हैं पार्षद उर्मिला यादव
रांची। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे निपटने के लिए सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर जो इंतजाम किए गए हैं, वह नाकाफी है। ऐसा मानना है एचईसी क्षेत्र की लोकप्रिय समाजसेविका और रांची नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 41 की पार्षद उर्मिला यादव का। श्रीमती यादव अपने स्तर पर वार्ड क्षेत्र के गरीबों और जरूरतमंदों के बीच खाद्यान्न वितरण करने में जुटी हैं। उनका प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान उनके वार्ड क्षेत्र अंतर्गत कोई भी गरीब भूखा न रहे। श्रीमती यादव वार्ड 41 अंतर्गत विशेष रूप से झुग्गी- झोपड़ियों में रहने वाले बेहद गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच जाकर उनकी खोज-खबर लेती हैं और जहां तक संभव हो सकता है, आवश्यकतानुसार उन्हें खाद्यान्न व अन्य जरूरी सामग्री मुहैया कराती हैं। उनके इस कार्य में इस क्षेत्र के कई समाजसेवियों का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप से इस समय देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में गरीबों के समक्ष भूख से मरने की नौबत आ गई है। इसे ध्यान में रखकर सेवा भाव से जरूरतमंदों के बीच अनाज का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आने की अपील की है। श्रीमती यादव ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। संकट के समय गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्य का काम है। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करने से सुखद अनुभूति होती है, मन को शांति मिलती है। यही सच्ची मानव सेवा है।
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