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मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

मैट्रिक छात्रवृत्ति की तिथि बढ़ाने को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर आइसा



डाल्टेनगंज। 29 अक्टूबर से आइसा ने पलामू जिला के डाल्टनगंज समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया । ज्ञात हो कि आइसा पहले भी छात्रवृति को लेकर कल्याण विभाग के पदाधिकारी से मिला था।
03 अक्टूबर को विश्वविद्यालय से सम्हरनालय तक मार्च निकाला गया था,  उस समय चंद दिनों के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाई गई थी
   24 अक्टूबर को पुनः आइसा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिला लेकिन राजस्व कर्मचारी के हड़ताल के कारण बहुत से छात्रों का प्रमाण पत्र नहीं बन पाया।

अनशन में आइसा जिलाध्यक्ष दिव्या भगत ने कहा कि शिक्षा की नई नीति छात्रों के अधिकार से वंचित कर रही है ऊपर से झारखंड सरकार छात्रवृति कटौती कर छात्रों को पढ़ाई से वंचित कर रही है

कल्याण विभाग द्वारा दिए जाने वाले छात्रवृति का ऑनलाइन फॉर्म भरने में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व कर्मचारी के हड़ताल में रहने तथा कॉलेज का रिजल्ट समय पर प्रकाशित नहीं होने के कारण स्कॉलरशिप के लिए बोनाफाइड छात्रों को नहीं मिल रहा है, और आय, जाति, व स्थानीय प्रमाण पत्र बनाने में काफी असुविधा है। जिसके कारण छात्र समय पर पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। जिससे अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति, व अन्य पिछड़े अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र स्कॉलरशिप से वंचित रह जा रहे हैं। और पैसे के अभाव में उच्च शिक्षा पाने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा कॉलेज व हॉस्टल में कई समस्याएं हैं।

    छात्र निम्नलिखित मांग करते हैं पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप तिथि जनवरी, 2020 तक बढ़ाया जाए और समय पर निलंबर पीतांबर विश्वविद्यालय रिजल्ट को प्रकाशित करें ताकि छात्र उसे ऑनलाइन आवेदन में लगा सके। तत्काल नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के विभिन्न कोर्स विलंब से चल रहे हैं उसे नियमित किया जाए।
छात्रावास बनकर पड़े हुए हैं जिसे अभिलंब चालू करने की जरूरत है ताकि छात्र उसका फायदा उठा कर अपनी शिक्षा को अच्छे से पा सके। राजस्व कर्मचारी धरने पर हैं तो कैंप लगाकर आवासीय, जाति और आय प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना चाहिए। और जो कि 2016 से लगातार छात्रवृत्ति में कटौती हो रही है इस छात्रवृत्ति को बढ़ाया जाए और कॉलेज की फीस को पूरा देते हुए छात्रों को अतिरिक्त खर्चे के लिए भी छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए। छात्रावास में वर्षों से अवैध रूप से रह रहे छात्र-छात्राएं है, जो कि कहीं भी कॉलेज में नामांकित नहीं है, उनसे पढ़ने वाले जरूरतमंद छात्रों को छात्रावास में जगह नहीं मिलती। इसीलिए छात्रावास से अवैध छात्रों को अभिलंब खाली कराया जाए। छात्रावास में रहने वाले छात्र छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जांच व हर एक हॉस्टल में एंबुलेंस की व्यवस्था और लाइब्रेरी की व्यवस्था तुरंत कराई जाए। यह सारे मांग पत्र राज्यपाल महोदय को दिए गए, द्वारा कल्याण पदाधिकारी व उपायुक्त महोदय के मार्फत।
हाल में ही राजस्व कर्मचारी का हड़ताल टूटा है जिसके कारण विद्यार्थियों का जाति,आय,आवासीय प्रमाण पत्र नहीं पाया। सरकार जानबूझ कर तिथि कम रखी ताकि कम छात्र फॉर्म भरेंगे और हम कम का बजट बनाएंगे।
अनशन में शामिल आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, राज्य सह सचिव इजहार अली हैदर, आइसा पलामू के सचिव रंजीत कुमार, पलामू सहसचिव दानिश शेख,और रौशन कुमार है।

मौके पर आइसा जिला सचिव रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि पलामू की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ में घुसी समस्याएं हैं जिनका त्वरित समाधान ही छात्रों और युवाओं को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगा।

अनशन की अध्यक्षता राज्य कमेटी सहसचिव इजहार अली हैदर ने की और राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि जब तक छात्रों कि मांग पूरी न हो जाए तब आइसा आंदोलन को तेज करेगी। रघुवर सरकार की छात्र विरोधी नीति नही चलेगी छात्रों का पूरा हक अधिकार देना होगा । कानूनी व जनसंघर्ष के बल पर आईसा अपनी हक़ अधिकार लेके रहेगा !!
 अनशन  में आइसा छात्र संगठन से दानिश सेख, रौशन कुमार,बिकाश कुमार मेहता, अमित कुमार, गुड्डू कुमार,सुधीर कुमार और शशिकांत कुमार शामिल है 

सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

आइसा का प्रथम झारखंड राज्य सम्मेलन सम्पन्न



 छात्रों के हक अधिकार के लिए आगे आना होगा -- सबीर
       

रांची, 21 अक्टूबर 2019। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन झारखंड इकाई की प्रथम  राज्य सम्मेलन अंजुमन इस्लामिया हाल मे सम्पन्न हुआ । झारखंड के विभिन्न जिलों से करीब 100 आइसा प्रतिनिधियो  ने प्रथम राज्य सम्मेलन में  शामिल हुए । सम्मेलन की शुरुआत  भाकपा माले केंद्रीय कमिटी सदस्य सुभेन्दु सेन जी का उदघाटन भाषण से किया गया ।उन्होने कहा कि  मोदी सरकार की  नई शिक्षा  नीति ने छात्रो को विद्यालयो से बाहर ढकेल देने का प्रयास किया है । झारखंड राज्य मे शिक्षा का हाल बेहाल है । सरकारी स्कूलो को मर्ज कर शिक्षको को  की छंटनी  करने की तैयारी  चल रही  है  । ऊपर से नई बहाली भी नही हो रही है।

 कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय आइसा कमेटी की ओर से बिहार आइसा के सचिव काॅ सबीर शामिल हुए । उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि आज सरकार जिस तरह फीस  बढ़ोतरी, छात्रवृत्ति कटौती, सीट कटौती की है उससे मध्यम वर्ग, और निम्न वर्ग से शिक्षा छीन लिया जा रहा है। आज जरूरत है एकजुट होने की, जिससे हम अपनी अवाज को बुलंद कर सके ताकि गरीब बच्चों के लिए गुणबत्तापूर्ण शिक्षा  का माहौल बन सके और सरकारी स्कूलों की उचित ब्यबस्था कायम की जा सके। कार्यक्रम मे आइसा के पूर्व नेता सह इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य कमिटी के सदस्य अमल घोष ने कहा आज के समय मे आइसा किसी पहचान की मोहताज नही है और हमारी साथी इस पहचान को बनाये रखेंगे।हम नए निर्वाचित पदाधिकारी शिक्षा के खराब नीतियों के खिलाफ विरोध करेंगे और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे।
    सम्मेलन मे आइसा राज्य कमिटी के गठन किया गया  जिसमे  , सोहेल अंसारी को राज्य अध्यक्ष, त्रिलोकीनाथ को राज्य सचिव, अभय साहू को उपाध्यक्ष, इजहार अली हैदर को  को सहसचिव, तरुण  को राज्य कार्यालय सचिव समेत 19 सदस्यीय  राज्य कमिटी की चुनाव  किए गए । 43 सदस्यीय आईसा झारखंड राज्य परिषद का चुनाव भी किए गए ।
    नयी टीम ने राज्य मे  गुणबत्तापूर्ण शिक्षा के लिए और बेरोजगारी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने की संकल्प ली है।
आईसा का प्रथम झारखंड राज्य सम्मेलन का संचालन 4 सदस्यीय -- पुष्पा कुमारी मोइन खान निषाद खान और इनौस का राज्य सचिव अमल घोष --अध्यक्षमण्डल द्वारा किया गया ।
पलामू रांची  , रामगढ़ , हजारीबाग , गिरिडीह , बोकारो देवघर धनबाद आदि जिलों से आईसा प्रतिनिधियो ने प्रथम राज्य सम्मेलन में शामिल हुए
सम्मेलन का समापन भाषण में  नवनिर्बाचित आईसा राज्य सचिव  त्रिलोकीनाथ ने कहा कि जनपक्षीय शिक्षा नीति का निर्माण के लिए और बेरोजगारी के खिलाफ झारखंड राज्यब्यापी एक बड़े आंदोलन करनेकी घोषणा किए और इसके लिए समानधर्मी वाम छात्र युबा संगठनों को भी इस आंदोलन में एकजुट करने का संकल्प लिए गए ।
फिलहाल 8 से 10 नवंबर 2019 को हैदराबाद में आयोजित होनेवाले  AISA का राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल करने की योजना ली गई । आईसा का प्रथम राज्य सम्मेलन में एआई पी एफ  के नेता बशीर अहमद और भाकपा माले रांची जिला सचिव भुबनेश्वर केवट भी  शामिल हुए और अपनी बात रखे ।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...