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मंगलवार, 28 अगस्त 2018
बुधवार, 22 अगस्त 2018
आर्ट आफ लिविगं ने 60 ट्रक राहत सामग्री भेजा केरल
आर्ट आफ लिविंग ने देश के विभिन्न हिस्सों से एकत्र कर 60 ट्रक राहत सामग्री केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी। राहत सामग्री में आवश्यक वस्तुएॅ कपड़े, दवाईयाँ, खाना, पानी और अन्य स्वच्छता की सामग्री जिनका अनुमानित मूल्य 9.35 करोड़ है, प्रेषित की गई है।
जिन्हें भी इस राहत कार्य मे सहयोग देना है वे नीचे दिए नम्बरों पर संपर्क कर सकते है।
केरल के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के 100 युवाचार्य एवं युवा स्वयंसेवक राहत कार्यो में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से चौथी बार 60 ट्रक राहत सामग्री केरल भेजी गई है। इनमें कपड़े, दवाईयाँ, खाना आदि 500 टन आवश्यक सामग्री शामिल हैं। यह सामग्री श्री श्री तत्व और आर्ट ऑफ लिनिंग के अंतराप्ष्ट्रीय केन्द्र बैंगलुरू, चेन्नई, हेदराबाद, नागपुर, कोलकाता व अन्य स्थानों से एकत्रित किया गया है।
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी कहते है, "इस चुनौतीपूर्ण समय में हमे सब मिलकर अपना विश्वास और प्रतिबद्धता प्रदर्शित करना है, हमें साहस के साथ डटे रहना है।" वे आगे कहने है कि, "जब तक सब कुछ सामान्य नही हो जाता है अपना विश्वास हमें बरकरार रखना है। कई सौ स्वयं सेवक राज्य भर में सेवा कर रहे है, हमें मिल्कर इस कार्य को सम्पन्न करना है।"
जैसे ही मरने वालो की संख्या राज्य में बढ़ी है , स्वयंसेवकों ने महती कार्य का दूरस्थ क्षेत्रों से 14 बाढ़ प्रभावित जिलों से 50000 लोगों को सुरक्षित करने में सफल रहे हैं। स्वयं सेवक उन्हे राहत सामग्री मुहैया करवा रहे हैं। इनमें खाना, कपड़े, पानी, दवाई आदि है।
यदी आप किसी भी प्रकार की सहायता करने के इच्छुक हो तो कृपया इस वेबसाइट को चेक करें tiny.cc/floodrelief या दिये गये नंबर पर संपर्क करें --
चंद्रबाबू - +91 9447463491
विजयकुमार नायर - +91 9744252288
ई-मेल: vvkkeralaapexbody@gmail.com
रविवार, 19 अगस्त 2018
आयकर विभाग ने केरल के बाढ़पीड़ितों के लिए भेजी राहत सामग्री
रांची। राजधानी स्थित आयकर विभाग की ओर से शनिवार को केरल के बाढ़पीड़ितों के सहायतार्थ राहत सामग्री भेजी गई। मुख्य आयकर आयुक्त के नेतृत्व में संयुक्त आयकर आयुक्त निशा उरांव सिंहमार, आयकर अधिकारी कन्हैया चौधरी, जय कुमार, गीता नायर ने लगभग तीन लाख रुपये की दैनिक उपयोग की वस्तुएं संग्रह कर धनबाद-एलेप्पी एक्सप्रेस ट्रेन से भेजा। श्रीमती सिंहमार ने बताया कि आयकर विभाग पीड़ित मानवता के सेवार्थ सदैव तत्पर रहता है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भी विभाग की ओर से आवश्यकतानुसार समय- समय पर सहयोग किया जाता है।
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