रांची। जेसीआई राँची उड़ान के तत्वावधान में लालपुर स्थित न्यूक्लियस मॉल एवं नागाबाबा खटाल में प्लास्टिक थैलों के स्थान पर कपड़े एवं काग़ज़ के थैलों के इस्तेमाल पर जोर देते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनमानस को जागरूक किया गया । संस्था की अध्यक्ष दीप्ति बजाज ने कहा कि प्लास्टिक के ये मजबूत बैग, हमको और हमारे पर्यावरण को इतना ज़्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं तो निश्चित तौर पर, इनके इस्तेमाल पर हमें स्वयं ही रोक लगानी होगी। प्लास्टिक बैग के विकल्प के रूप में कपड़े, जूट और कागज के बैग का विकल्प सामने आता है।ऐसे में प्लास्टिक बैग्स से होने वाले नुकसान और कपड़े और कागज के बैग इस्तेमाल करने को लेकर अगर थोड़ी जागरूकता लायी जाए तो इस समस्या को समय रहते रोकना संभव हो सकता है। अत: कार्यक्रम संयोजिका प्रिया बुधिया के सफल संचालन में संस्था की तरफ से कपड़े एवं काग़ज़ के सैकड़ों थैलों का वितरण किया गया । संस्था सचिव भावना काबरा सहित आशु सर्राफ , उर्मिला सर्राफ ,अनुराधा जैन , निधि सर्राफ ,ममता टिबड़ेवाल , कीर्ति बुधिया , ज्योति अग्रवाल ,सुमिता अग्रवाल ,डॉली खेतावत , स्वाति जालान ,नीतिशा जालान एवं अन्य सदस्याओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज की ।
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शनिवार, 28 जुलाई 2018
देश भर के कुलपतियों के सम्मेलन में 10 सूत्री संकल्प
| सम्मेलन को संबोधित करते मंत्री प्रकाश जावेड़कर |
नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें शिक्षण अध्ययन प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं 2020 तक विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध संस्थानों में यूजीसी गुणवत्ता अधिदेश और 2022 तक सभी संस्थानों में एनएएसी प्रत्यायन अर्जित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई गई।
कुलपतियों के तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन दिवस पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में सर्वसहमति से एक 10 सूत्री संकल्प का अंगीकरण किया गया। इसमें केंद्र द्वारा वित पोषित विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, मानद विश्वविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित कुलपतियों ने भी विश्वविद्यालयों को अत्याधुनिक अनुसंधान में संलग्न ऐसे संस्थानों में रूप में रूपांतरित करने के प्रति खुद को प्रतिबद्ध किया जो नवीन ज्ञान के सृजन एवं प्रसार के लिए गुणवत्ता शिक्षा के साथ सामंजस्यपूर्ण रूप से मिश्रित संस्थान हों।
| सम्मेलन में मौजूद कुलपतिगण |
सम्मेलन में छात्रों को विषय संबंधित ज्ञान के अतिरिक्त, बाजार संबंधित कौशलों की जानकारी उपलब्ध कराने के जरिये उनकी रोजगारपरकता में सुधार लाने की आवश्यकता भी दर्ज की गई। इसमें यह भी नोट किया गया कि किस प्रकार स्वयंम जैसे डिजिटल अध्ययन प्लेटफॉर्म के जरिये पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए अवसरों में सुधार लाया जा सकता है।
कुलपतियों एवं उच्चतर शिक्षण संस्थानों के निदेशकों के लिए ‘अनुसंधान एवं नवोन्मेषण‘ पर अपनी तरह के इस प्रथम सम्मेलन का आयोजन 26 जुलाई से 28 जुलाई, 2018 तक किया गया और इसका केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा किया गया जबकि केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. सत्य पाल सिंह विशिष्ट अतिथि थे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव (उच्चतर शिक्षा), यूजीसी के अध्यक्ष, एआईसीटीई के अध्यक्ष, मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी, एआईसीटीई के अधिकारी तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य सरकारी विश्वविद्यालयों, मानद विश्वविद्यालयों, राज्यों के निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, आईआईटी, आईआईएम, आईआईएससी, आईआईआईटी, आईआईएसईआर एवं अन्य केंद्रीय संस्थानों के निदेशकों ने भी सम्मेलन में भाग लिया।
600 से अधिक कुलपतियों एवं निदेशकों ने सम्मेलन में भाग लिया जो ‘गुरु पूर्णिमा‘ के पावन अवसर के दौरान आयोजित किया गया।
सम्मेलन की मुख्य विशेषता यह थी कि यह प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण अनुकूल थी। ‘अनुसंधान एवं नवोन्मेषण‘ पर अपनी तरह का यह पहला सम्मेलन था जिसमें सभी विश्वविद्यालयों एवं आईआईटी, आईआईएम, आईआईएससी, आईआईआईटी, आईआईएसईआर एवं अन्य केंद्रीय संस्थानों ने एक छत के नीचे हिस्सा लिया।
27 जुलाई को ‘गुरु पूर्णिमा‘ के पावन अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्री ने 1990 में भारत के पहले सुपरकंप्यूटर परम के विकास के रचयिता डॉ विजय भटकार को सम्मानित किया। इस अवसर पर, सभी कुलपतियों का भी सम्मान किया गया।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने उच्चतर शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वे (एआईएसएचई) रिपोर्ट 2017-18, वर्ष 2017-18 के लिए अखिल भारतीय एवं सभी राज्यों का उच्चतर शिक्षा प्रालेख एवं उच्चतर शिक्षा संस्थानों के लिए स्वच्छता रैंकिंग की एक पुस्तिका का भी अनावरण किया।
श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इंप्रिंट सहित मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सभी अनुसंधान परियोजनाएं सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्रों के लिए खोली जाएंगी।
मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने डॉ. सत्य पाल सिंह ने कहा कि अनुसंधान एवं नवोन्मेषण देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में अहम बदलाव लाने में प्रमुख कारक है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव ( उच्च शिक्षा) श्री आर सुब्रमण्यम ने देश की शैक्षणिक प्रगति के फोकस को निर्धारित करने पर बल देते हुए सम्मेलन के उद्वेश्य के बारे में जानकारी दी।
शुक्रवार, 27 जुलाई 2018
बच्चे बेचना मानवीय भूल नहीं, जघन्य अपराध है फादर !
रोमन कैथोलिक चर्च के विशप झारखंड के राज्यपाल से मिले। उनकी शिकायत
थी कि एक-दो मानवीय भूल के कारण पूरे ईसाई समुदाय को बदनाम किया जा रहा है। उनकी
आस्था के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है। जांच एजेंसियां लगातार सूचनाएं मांगकर
परेशान कर रही हैं। उनकी प्रतिक्रिया बेहद बचकानी जान पड़ती है। ईसाई समुदाय इन्हीं
कथित मानवीय भूलों के कारण बदनाम हो रहा है और समुदाय की ओर से बच्चे बेचने जैसी
मामूली भूलें करनेवालों पर कोई कार्रवाई न करना तरह-तरह के अंदेशे उत्पन्न कर रहा
है।
ईसाई धर्मगुरु जिसे मानवीय भूल बता रहे हैं, यानी बच्चे बेचना, वह
उनकी आस्था के तहत मामूली मानवीय भूल हो सकती है लेकिन भारतीय दंड संहिता और
भारतीय संस्कृति में यह जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। यदि विशपों ने इस घटना
को मामूली बताकर इसपर पर्दा डालने की कोशिश करने की जगह इसकी निंदा की होती। इसके
आरोपियों के खिलाफ समुदाय की ओर से जांच का निर्देश दिया होता तो उनके समुदाय पर
कोई उंगली नहीं उठाता। ईसाई धर्म गुरुओं ने इस मामले को मामूली मानकर और इसे हल्के
ढंग से लेकर यह संदेह उत्पन्न कर दिया है कि इसमें कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या
परोक्ष रूप से जरूर उनकी सहमति थी। आस्था के कारण नहीं आस्था और अपराध के घालमेल
के कारण ईसाई समुदाय बदनाम हो रहा है। धर्मगुरुओं की संवेदनशील मुद्दों की अनदेखी
के कारण समुदाय बदनाम हो रहा है। यह सही है कि संघ और भाजपा के लोग ईसाई समुदाय के
प्रति अच्छी धारणा नहीं रखते। लेकिन बच्चे बेचने की घटना को महज मानवीय भूल बताकर ईसाई
धर्मगुरु आ बैल मुझे मार की उक्ति चरितार्थ कर रहे हैं। एफसीआरआई के तहत विदेशी धन
लेने वाले कितने एनजीओ के खाते बंद किए गए हैं, संभवतः विशपों को इसकी जानकारी
नहीं है। कानून तो अपना काम करेगा। जांच एजेंसियां अपना कर्तव्य निर्वहन करेंगी।
वे सूचनाएं मांग रही हैं और सबकुछ साफ सुथरा है तो उसे मुहैय्या कराने में क्या
परेशानी हो सकती है। उनके साथ सहयोग करना चाहिए। भारत में तो भारत की ही दंड
संहिता और संविधान लागू होगा न फादर। रोमन कानून तो यहां नहीं चलेगा। ईसाई मिशनरियों
की मानव सेवा सराहनीय रही है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। लोकिन सिर्फ अल्पसंख्यक
होने के नाते कानूनी प्रावधानों से छूट तो नहीं दी जा सकती न। अल्पसंख्यक होने के
नाते लोगों की सहानुभूति तो मिलती है लेकिन उसकी आड़ में कुछ भी करने की छूट तो
नहीं मिल सकती। हो सकता है अगर यह मामला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आता
तो जांच की रफ्तार कुछ धीमी होती, इसपर पर्दा डाल दिया जा सकता था लेकिन मिशनरियों
के प्रति नरम रवैये के बावजूद जन भावनाओं को देखते हुए जांच तो फिर भी करनी ही
होती न। धार्मिक आस्था की आड़ में दूसरे के सामाजिक और मानवीय मूल्यों के साथ कोई
खिलवाड़ हो, भारत की जनता इसे स्वीकार नहीं कर सकती। धर्मगुरुओं को मानवता की बात
करनी चाहिए समुदाय की नहीं। बदनामी का कारण यदि समाज का कोई व्यक्ति या हिस्सा
बनता हो तो पहले उसपर अंकुश लगाना चाहिए। इसलिए विधवा विलाप छोड़कर मानवीय मूल्यों
के आधार पर आचरण पेश करने की जरूरत है।
बुधवार, 25 जुलाई 2018
संसद में राहुल की कनखी पर एक काव्य प्रतिक्रिया
पलकों का कमाल
-रामार्चा किशोर
पलकों के संदेश में मात देने का
विजयी खयाल है
संसद में नायाब हरकतों का
अद्भुत बवाल है
नायाब हरकतों को
मातृत्व का शालीन आवरण देने का प्रयास
बेमिसाल है
प्रजातंत्र के प्रहरियों के उच्च आचरण का पुष्प
अब एक सवाल है....
सवाल है।
-रामार्चा किशोर
पलकों के संदेश में मात देने का
विजयी खयाल है
संसद में नायाब हरकतों का
अद्भुत बवाल है
नायाब हरकतों को
मातृत्व का शालीन आवरण देने का प्रयास
बेमिसाल है
प्रजातंत्र के प्रहरियों के उच्च आचरण का पुष्प
अब एक सवाल है....
सवाल है।
श्री केड़ सती दादी मां मंगलपाठ 29 को
* दादी मां का झूला और भव्य श्रृंगार होगा आकर्षण।
रांची। राजधानी की सामाजिक और आध्यात्मिक संस्था " श्री केडिया सभा, रांची " के तत्वावधान में सावन के पावन अवसर पर 29 जुलाई (रविवार) को श्री केड़ सती दादी मां का मंगलपाठ किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्यादा टोली, अपर बाजार (महावीर चौक के समीप) स्थित सरिता-दिलीप केडिया के निवास स्थल पर शाम तीन बजे से छह बजे तक होगा। इस दौरान श्रद्धालु दादी मां के भजन-कीर्तन का भी आनंद उठाएंगे। झूले पर बिठाकर दादी मां का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए सिंधारा उत्सव भी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस संबंध में संस्था की मीडिया प्रभारी मधु केडिया ने बताया कि श्री केड़ सती दादी मां मंगलपाठ अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस समारोह में श्री केडिया सभा, रांची के अध्यक्ष मनोहर केडिया सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहेंगे। उन्होंने मंगलपाठ कार्यक्रम में सभी भक्तों को अपने परिजनों और मित्रों संग शामिल होने का आग्रह किया है।
राष्ट्रपति से मिले विकलांग मंच के प्रतिनिधि
रांची। राष्ट्रीय विकलांग मंच के एक आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से औपचारिक मुलाक़ात करके उन्हें दिव्यांगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार उनके कौशल विकास सुग्मय भारत अभियान एवं भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की एवम् उनमें होने वाले आपेक्षित सुधारों से भी अवगत कराया
प्रतिनिधिमंडल में झारखंड विकलांग मंच के अध्यक्ष सह राष्ट्रीय विकलांग मंच के महासचिव अरुण कुमार सिंह , मंच की सचिव कुमारी वैष्णवी, मंच के सदस्य दीपक कुमार आदि शामिल थे।
मिलने के उपरांत महामहिम ने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन के भ्रमण की भी समुचित व्यवस्था करवायी और वहाँ के गाइड ने प्रतिनिधिमंडल को सुगमता पूर्वक समस्त राष्ट्रपति भवन भ्रमण उनके एतिहासिक महत्व को बताते हुए करवाई।
राज्य निशक्तता आयुक्त कार्यालय के सलाहकार समिति के सदस्य सह झारखंड विकलांग मंच के सचिव नरेंद्र प्रसाद सिंह ने महामहिम राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल को बधाई दिया है
प्रतिनिधिमंडल में झारखंड विकलांग मंच के अध्यक्ष सह राष्ट्रीय विकलांग मंच के महासचिव अरुण कुमार सिंह , मंच की सचिव कुमारी वैष्णवी, मंच के सदस्य दीपक कुमार आदि शामिल थे।
मिलने के उपरांत महामहिम ने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन के भ्रमण की भी समुचित व्यवस्था करवायी और वहाँ के गाइड ने प्रतिनिधिमंडल को सुगमता पूर्वक समस्त राष्ट्रपति भवन भ्रमण उनके एतिहासिक महत्व को बताते हुए करवाई।
राज्य निशक्तता आयुक्त कार्यालय के सलाहकार समिति के सदस्य सह झारखंड विकलांग मंच के सचिव नरेंद्र प्रसाद सिंह ने महामहिम राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल को बधाई दिया है
सैल्यूट तिरंगा के कारगिल विजय सम्मान समारोह में रांची की होगी शिरकत
रांची। देशभक्तों की संस्था " सैल्यूट तिरंगा" के तत्वावधान में 28 जुलाई (शनिवार) को नई दिल्ली के अशोका रोड स्थित आंध्रप्रदेश भवन के सभागार में कारगिल विजय सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में सैल्यूट तिरंगा संस्था के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष नीरज सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल शिरकत करेगा। इस आशय का निर्णय संस्था के सदस्यों की एक बैठक में लिया गया। इस संबंध में नीरज सिंह ने बताया कि नई दिल्ली में होने वाले कारगिल विजय सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए देश की कई नामचीन हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, सांसद मनोज तिवारी, सांसद अनुराग ठाकुर सहित कई प्रखर वक्ता, प्रबुद्धजन व अन्य गणमान्य शामिल हैं। समारोह का उद्घाटन मेजर जनरल एसपी सिन्हा करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सैल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा करेंगे। बैठक में गौरव सिंह, आकाश सिंह, राजकुमार मंडल, नसीम, विक्रम सिंह, संतोष मंडल, विमल सिंह सहित अनय मौजूद थे। नीरज सिंह ने बताया कि इस दौरान झारखंड के कार्यकर्ता सैल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा और उपाध्यक्ष सोनिया सिन्हा से मिलकर झारखंड में संस्था को सशक्त बनाने संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।
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