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बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिेए दी कृषि सम्मान निधि की जानकारी

प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना का झारखंड के अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिले

प्रधानमंत्री की यह पहल कृषि संस्कृति को बढ़ावा देगी और किसानों की आय बढायेगीःरघुवर दास


रांची। मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने झारखण्ड मंत्रालय से आज सायं सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना का झारखंड के अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिले। झारखंड के सभी 24 जिलों के उपायुक्त स्वयं इस कार्य का पर्यवेक्षण करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी लघु सीमांत किसान परिवार अर्थात 5 एकड़ या उससे कम भूमि वाले किसान परिवार इससे वंचित ना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 तारीख, 26 फरवरी और 1 मार्च तक राज्य के अधिक से अधिक लाखों किसान परिवार के नाम पते बैंक खाता नंबर आधार नंबर तथा जिनके पास आधार नंबर ना हो उनका आधार एनरोलमेंट नंबर, मोबाइल फोन नंबर इत्यादि अपलोड कर दें।

24 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना की शुरुआत
ज्ञात हो कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लघु और सीमांत कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6000 डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिया जाना है। यह धनराशि चार-चार महीने के अंतराल में ₹2000 के तीन सामान किस्तों में दी जाएगी। इसके तहत जब भारत के प्रधानमंत्री 24 फरवरी को इसकी शुरुआत करेंगे तब देशभर के उन लघु एवं सीमांत किसान परिवार को जिनका डाटा pmkisan.nic.in पर अपलोड कर दिया गया है, के अकाउंट में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹2000 क्रेडिट हो जाएगा। 1 फरवरी 2019 को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में किसान सम्मान निधि की स्थापना की गई है। इसी निधि से लघु और सीमांत कृषकों के परिवारों को प्रत्येक वर्ष ₹6000 डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिया जाएगा।

किसानी संस्कृति को बढ़ावा देगी और किसानों की आय क्षमता को भी बढ़ाने में मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी तथा किसानों के खेती में होने वाले छोटे-छोटे भी आए पूरे किए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करते हुए यह भी कहा किया कि यह देश की किसानी संस्कृति को बढ़ावा देगी और किसानों की आय क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करेगी।

इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, भू-राजस्व सचिव श्री के के सोन, कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के नोडल पदाधिकारी श्री मंजुनाथ भजन्त्री, कृषि निदेशक श्री रमेश कुमार घोलप, भू अभिलेख के निदेशक ए. मुत्थु कुमार सहित वरीय अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

मिरगी रोग चिकित्सा शिविर 17 फरवरी को




रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह की रांची शाखा के तत्वावधान में 17 फरवरी को समूह के स्थानीय केंद्र भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, बड़ा तालाब, रांची में मिरगी रोग से पीड़ित रोगियों के लिए निःशुल्क मिरगी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रोगियों का इलाज आयुर्वेदिक और फकीरी पद्धति से किया जाएगा। उन्हें दवा और परामर्श मुफ्त मिलेगा। शिविर में परामर्श और चिकित्सा के लिए पड़ाव, वाराणसी स्थित मुख्यालय से प्रसिद्ध वैद्य तेज़ बहादुर सिंह पधार रहे हैं।

शिविर का लाभ लेने के लिए मरीजों का पंजीयन 15 फरवरी तक बड़ा तालाब स्थित आश्रम में होगा। उन्हें 16 फरवरी की शाम 4 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। 17 फरवरी को सूर्योदय से पूर्व उन्हें दवा दी जाएगी। रात्रि विश्राम की व्यवस्था आश्रम की तरफ से किया जाएगा लेकिन कंबल स्वयं अपने साथ लाना होगा।

श्री सर्वेश्वरी समूह के पदाधिकारी और स्वयंसेवक रांची शहर और आसपास के इलाकों में लगातार शिविर का प्रचार कर लोगों को जानकारी दे रहे हैं ताकि अधिक से अधिक मरीज शिविर का लाभ उठा सकें।


शिविर के संबंध में कोई भी जानकारी 9031794052, 9826262055, 8987766320,9835122752 और 8987457999 नंबरों पर प्राप्त की जा सकती है।

मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019

विकास की गंगा गांव गांव तक पहुंचाना हैःरघुवर दास





जमशेदपुर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मार्च 2019 तक राज्य के हर घर और हर गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ज्ञान आधारित युग में बिजली के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बिजली उपकेंद्र बहुत पहले शुरू हो जाना चाहिए लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण यह नहीं हो पाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय से आदेश प्राप्त कर इस विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न बस्ती क्षेत्रों में निर्बाध रुप से बिजली आने वाले समय में आपूर्ति होगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, इंजीनियर संवेदक सभी को बहुत-बहुत साधुवाद और धन्यवाद।

मुख्यमंत्री आज जमशेदपुर में 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र सिदगोड़ा के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। "विकास पर्व" कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज जमशेदपुर के सिदगोड़ा में विद्युत, सड़क, स्मार्ट क्लास, पेयजल सहित आधारभूत संरचना से संबंधित अनेक योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और डिजिटल अनावरण किया।

जमशेदपुर क्षेत्र की जनता को नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज जो भी हूं वह जमशेदपुर की जनता के कारण हूं। विशेषकर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की जनता के कारण इसलिए मैं पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की जनता को नमन करता हूं कि जिनके कारण आज एक गरीब मजदूर परिवार का बेटा मुख्य सेवक बना है। उन्होंने कहा कि 1995 में जमशेदपुर की जो स्थिति थी उसमें दो तरह की व्यवस्था थी। टाटा कमांड एरिया में रहने वाले लोगों को संपूर्ण मूलभूत सुविधाएं मिलती थीं वहीं बस्तियों की जनता को बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव था। मैं सेवा करने के लिए मुख्यमंत्री बना हूं। हमने जनता से जनता की मांगों के लिए जो वादा किया था मुझे यह खुशी है कि उन्हें हमारी सरकार पूरा कर पाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे क्षेत्र की जनता का निस्वार्थ प्रेम और सहयोग मिला इसलिए मैं खुद को दुनिया का सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं। उन्होंने कहा कि शहर और बस्तियों की दूरी को कम करने का जो वादा किया गया था वह आज पूरा हो रहा है। जो शहर में सुविधाएं मिल रही है वहीं सुविधा बस्ती में भी मिले और इसी निमित्त बस्ती इलाकों में टाटा और जुस्को के साथ एमओयू करके पानी की व्यवस्था सरकार देने जा रही है। इस कार्य को तीव्र गति से करते हुए 1 वर्ष के अंदर जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में हर घर तक पानी पाइप लाइन के द्वारा पहुंच जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि 2019 दिसंबर तक शहर में 24 * 7 बिजली की तरह गांव में रहने वाले गरीब को भी नो कट 24 * 7 बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि 60 ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइन और नजदीक सब स्टेशन बनने के बाद गांवों में भी रहने वाले गरीब को भी 24 घंटे बिजली निर्बाध बिजली मिलेगी।

एक जमशेदपुर में एक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमशेदपुर शहर में सभी जगह एक जैसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए टाटा और जिसको के साथ रांची के अधिकारियों के साथ रांची में बातचीत की गई है। एक ही जगह दो तरह की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। राज्य इसके लिए राज्य सरकार टाटा और जूस को को राशि आवंटित करेगी और जमशेदपुर और सरायकेला में सभी जगह बिजली और पानी की संरचना उनके द्वारा पोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरायकेला और जमशेदपुर के औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब को भी टाटा द्वारा बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। बहुत जल्द इस पर एमओयू होगा जिसके बाद फिर टेकओवर करके यह कार्य प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह जमशेदपुर के क्वार्टर एरिया में निर्बाध बिजली आपूर्ति होती है उसी तरह आने वाले समय में बागुनहातू, बिरसानगर ,जेमको जैसे बस्ती क्षेत्र में पानी बिजली की कमी नहीं रहेगी। यही वादा मैंने 1995 में किया था। मैंने 1995 में आसमान से तारे तोड़कर लाने का वादा नहीं किया था। जो मैंने सपना देखा था वह सपना पूरा होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमशेदजी नासरवनजी का शहर जमशेदपुर जिस उद्देश्य के साथ बसा था उसके लिए शहरवासियों को भी एकजुट होकर प्रयास करना होगा जिससे जमशेदपुर भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर बने। चौड़ी सड़कें, हरे-भरे पार्क, विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं से युक्त जमशेदपुर उत्कृष्ट शहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर जमशेदपुर नासरवानजी की दूरदृष्टि का परिणाम है, जिनकी सोच सिर्फ लाभांश कमाने की नहीं रही है बल्कि टाटा अपने लाभांश का 66% जनता पर खर्च करने वाली कंपनी है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि टाटा झारखंड की धरती पर पुष्पित पल्लवित है, जिन्होंने गुलामी के समय में देश की समृद्धि के लिए काम किया।

4 वर्ष में अभूतपूर्व नगरीय विकास
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण में सर्वत्र सड़कें चौड़ी हो रही हैं। सरकार के स्तर से 4 साल में नगर विकास में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। चाहे वह जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र हो अथवा पश्चिमी क्षेत्रीय जुगसलाई हो सिर्फ नगरीय व्यवस्था स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने में 250 करोड़ रुपए सरकार ने खर्च किये हैं। उन्होंने कहा कि शहर किसी भी राज्य की आन बान शान होते हैं। इसलिए शहर की भी व्यवस्था सुव्यवस्थित रहें यह भी सरकार की प्राथमिकता है।

राज्य के सभी स्कूलों में बेंच डेस्क सहित उच्चस्तरीय सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 दिसंबर 2014 को सरकार गठन के बाद सर्वप्रथम 3 जनवरी को शिक्षा विभाग का रिव्यू किया। आजादी के 67 वर्ष बाद सरकारी स्कूलों की दशा दयनीय थी। झारखंड में 38000 स्कूलों में मात्र 7000 स्कूलों में ही बेंच डेस्क थे। शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि हर हाल में 2 वर्ष के अंदर झारखंड के 38000 स्कूलों में बेंच डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि हर गरीब के बच्चे को भी स्वाभिमान के साथ बेंच डेस्क पर पढ़ने की सुविधा देनी चाहिए।

झारखंड से गरीबी को समाप्त करना है तो उस गरीबी को समाप्त करने का शिक्षा सबसे बड़ा साधन है। शिक्षा ही इस राज्य की गरीबी को समाप्त कर सकती है। इसलिए शिक्षा को हमने प्राथमिकता देते हुए स्थानीय नीति नीति परिभाषित की गई और अब सभी स्कूलों में विषयवार टीचरों की बहाली की जाएगी। बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि भाषा, संस्कृति और परंपरा अक्षुण्ण रहे। बांग्ला, उड़िया और 9 जनजाति भाषाओं के लिए शिक्षकों की बहाली करने का कार्य भी सरकार ने किया है ताकि झारखंड की भाषा संस्कृति और परंपरा जो कि हमारी पहचान है वह कायम रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असली प्रतिभा गरीब के घर में और गांवों में है। उन प्रतिभाओं को अच्छी शिक्षा देना है। इस दृष्टिकोण से सरकारी विद्यालयों में 40 स्मार्ट क्लासेस की शुरुआत की गई है। पूरे राज्य में स्मार्ट क्लास के माध्यम से गांव में रहने वाले बच्चों को चाहे स्लम क्षेत्र के बच्चों को भी गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिले यह हमारी जिम्मेदारी है और उस जिम्मेदारी को निभाने का काम हमारी सरकार कर रही है।

बिजली के बिना विकास की कल्पना नहीं
उप मंत्री ने कहा कि बिजली ठीक से आएगी तो बच्चे अच्छी तरह से पढ़ाई लिखाई करेंगे, किसानों के खेत में उन्नत खेती होगी, उद्योग धंधे समुन्नत बनेंगे और लोग मनोरंजन भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कार्य किया है। झारखंड में 68 लाख परिवार हैं। इन परिवारों में 38 लाख घरों में ही 4 वर्ष पूर्व बिजली थी 30 लाख घरों में अंधेरा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 साल में राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य किया गया है। हर हाल में मार्च तक झारखंड के बचे हुए घरों में हर जिले के हर गरीब के घरों में बिजली पहुंच जाएगी, जिससे गरीब का बच्चा भी बिजली की रोशनी में पढ़े लिखे और किसान को 6 घंटे बिजली मिलेगी। इसके लिए एग्रीकल्चर फीडर इसी अप्रैल माह में पूर्ण हो जाएगा। उद्योग के लिए अलग से फीडर बन रहा है और घरेलू उपयोग के लिए अलग फीडर बन रहा है ताकि किसी को किसी से कोई परेशानी ना हो।

"मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के बारे में कौन-कौन जानते हैं हाथ उठाएं"- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मंच से कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित चंदा से सिद्ध संवाद करते हुए पूछा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के विषय में जो जानते हैं वह हाथ उठाएं जिसे सुनते ही पंडाल में उपस्थित अधिसंख्य लोगों ने अपने हाथ ऊपर उठाकर जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला विकास की धुरी है। यदि हमें राज्य को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को आगे बढ़ाना होगा। स्कूल ड्रॉपआउट और बाल विवाह प्रथा को रोकने के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि स्त्री रहेगी तो सृष्टि तनी रहेगी। नारी शक्ति को सम्मान मिले इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। यही बच्ची आगे जाकर परिवार में मां, बहन, बहू जैसी भूमिकाओ में रहती है। उन्होंने कहा कि बच्ची को अब कहीं अन्यत्र रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। अपने स्कूल में ही बच्चियां रजिस्ट्रेशन कराके सीधे डीबीटी के माध्यम से पैसा लाभुक के खाते में हस्तांतरित हो जाएगा।

गांव और शहर के अंतर को मिटाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। 5000 गैलन की टंकी और डीप बोरिंग के माध्यम से राज्य के 32,000 गांवों में प्रत्येक गांव में डीप बोरिंग के द्वारा गरीब बहनों को शुद्ध पेयजल सरकार मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि गांव गांव में बिजली पहुंच गई है। जिस तरह शहर में स्ट्रीट लाइट लगी है 14 वें वित्त आयोग के पैसे से झारखंड के 32,000 गांवों में भी स्ट्रीट लाइट लगेगी। गांवों में भी पेवर्स ब्लॉक की रोड बनेगी। उन्होंने कहा कि गांव और शहर में के अंतर को मिटाने का निर्णय राज्य भर के मुखिया के साथ बैठ कर लिया गया है। विकास की गंगा गांव गांव तक पहुंचाना है। यह मेरे जीवन का संकल्प है और यह संकल्प मैं सवा तीन करोड़ जनता के साथ मिलकर पूरा करूंगा।

4398 पंचायतों के जन प्रतिनिधियों ने गांव के विकास का लिया संकल्प


मुख्यमंत्री ने रांची के धुर्वा में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित राज्य के सभी मुखिया के एक दिवसीय सम्मेलन और उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भाग लिया 

मुख्यमंत्री ने रांची के धुर्वा में पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित राज्य के सभी मुखिया के एक दिवसीय सम्मेलन और उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भाग लिया 

★मुझे गांव, गरीब, दलित, आदिवासी के जीवन को बदलना है

★मुखिया स्वशासन की बुनियाद हैं

---रघुवर दास, मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर बल दिया गया


रांची। देश भर के 110 जिला आकांक्षी जिला हैं। झारखण्ड के 24 जिला में से 19 जिला इस श्रेणी में आते हैं। ऐसे में हमारी और आप की भूमिका बढ़ जाती है। ये आकांक्षी जिले आदिवासी बहुल गांव हैं। हमें मिलकर इन गांव को बदलना है। गांव, गरीब, आदिवासी, दलित, शोषित के जीवन मे बदलाव लाना है। और यह बदलाव जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पदाधिकारी के आपसी समन्वय स्थापित कर जन सहयोग से लाना है। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। श्री दास मंगलवार को पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित राज्य के सभी मुखिया के एक दिवसीय सम्मेलन और उन्मुखीकरण कार्यक्रम में बोल रहें थे।

हमारे गांव तक भी शहर की सुविधा पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गांव तक शहर की सुविधा पहुंचे इस निमित स्ट्रीट लाइट, सोलर पावर से संचालित पानी टंकी जो 300 लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करा सके एवं गांव में पेभर ब्लॉक से सड़क का निर्माण करने की पहल शुरू कर मुझे खुशी है। मुखियागण 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग इन कार्यों में करें। यह योजना आदिवासी, गैर आदिवासी , गैर दलित गांव में भी इन सुविधाओं की व्यवस्था मुखियागण करें। गांव गांव पानी पहुंचे इस लिए वित्तीय वर्ष 2019- 2020 में 1200 आदिवासी गांव में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी।

67 साल में 38 लाख घर तक बिजली, 4 साल में 29 लाख घर तक बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 मार्च तक देश के घर घर तक बिजली पहुचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार ने मात्र 4 साल के कार्यकाल में 29 लाख घर तक बिजली पहुंचा दी है। 67 में मात्र 38 लाख घर तक बिजली थी 30 लाख घर बिजलीविहीन थे। जिसे हमने 4 साल में बिजली से आच्छादित किया। बचे हुए 1 लाख घर तक मार्च 2019 तक बिजली पहुंच जायेगी। 10 हजार घर और 247 गांव जो दुर्गम स्थान में बसे हैं वहां सोलर के माध्यम से बिजली पहुंचाई जायेगी।

स्वशासन के बुनियाद आप मुखियागण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुखियागण अधिकार के साथ साथ अपना कर्तव्य निभाना होगा। आप स्वशासन के बुनियाद हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि हम जनप्रतिनिधि हैं। अब हमारा उत्तरदायित्व है कि जन कल्याण हेतु कार्य करें। यह बात समझनी है जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी की हम शासन करने नहीं सेवा करने आयें हैं। सेवक की भूमिका निभानी है। जिस अपेक्षा से आपको जनता ने चुना का उसका निर्वहन ईमानदारी से करें।

22 लाख किसानों को फायदा होगा
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड गांव में बसता है। किसानों के हित में केंद्र और राज्य सरकार ने निर्णय लिया। केंद्र सरकार की योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 6 हजार रुपये प्रदान करेगी। वहीं राज्य सरकार मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। यह किसानों की आय को दोगुना करने में सहायक होगा।

कमिटी के गठन करें, आपका अधिकार वापस होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज सचिव की निगरानी में 7 सदस्यों वाली एक कमिटी का गठन 15 दिनों के अंदर करें। उसके माध्यम से निलंबित मुखिया, वित्तीय गड़बड़ी करने वाले मुखिया या वित्तीय अधिकार से वंचित मामलों की समीक्षा विधि विभाग से समन्वय स्थापित कर करें। 1 सप्ताह के अंदर राज्य वित्त आयोग का अध्य्क्ष मनोनीत किया जाएगा। मुखियागण कि आय वृद्धि समेत अन्य मांगों पर अवश्य कार्य होगा।

झारखण्ड को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने का संकल्प लें ।
ग्रामीण विकास मंत्री श्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि झारखण्ड का 90% गांव में बसता है। विकास के उद्देश्य को लेकर हम कार्य करते हैं। आज पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधि मुखिया उपस्थित हैं, आप पर योजनाओं को गांव में धरातल पर उतारने की जिम्मेवारी है। जिस आशा और उम्मीद से आपका चुनाव हुआ है उस उम्मीद को आप पूरा करें। श्री मुंडा ने कहा कि सरकार की मंशा मुखिया का विरूद्ध कार्य करने की नहीं बल्कि गांव का विकास सरकार की मंशा है। मनरेगा के तहत 5 लाख तक कि प्रसासनिक स्वीकृत प्रदान करने की दिशा में कार्य होगा। आप संकल्प लें कि राज्य को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने का कार्य करेंगे। अटल ग्राम उत्थान योजना को बजट में स्थान दिया गया है। हर पंचायत के एक गांव को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

मुखिया के सम्मान और गरिमा को बनाये रखना है।
विकास आयुक्त श्री डी के तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का निदेश है कि मुखियाओं की परेशानियों को दूर किया जाए। आपको केंद्र और राज्य सरकार से संबंधित योजना की जानकारी देना है। गांव की सड़कों के किनारे पेवर ब्लॉक निर्माण की योजना है। आप अपने पैसे से ऐसा कर सकते हैं। शुद्ध पेयजल हेतु 14वे वित्त आयोग की राशि से 3 लाख 16 हजार राशि से सोलर के माध्यम से पानी टंकी की स्थापना करने की योजना पर कार्य कर सकते हैं, जिससे 300 लोग लाभान्वित होंगे। 1500 लीटर पानी आपूर्ति हो सकेगी। श्री तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निदेश पर पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाये। मुख्यमंत्री जी चाहते हैं कि किसानों को प्रशिक्षण मिले ताकि आप शक्तिशाली बनें। मुखिया के सम्मान और गरिमा को बनाये रखना है।

रैयत समन्वय समिति का गठन किया
कृषि सचिव पूजा सिंघल ने प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना व मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी। प्रति वर्ष मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 1 से 5 एकड़ तक के किसानों को 5 हजार रुपये दिया जाएगा। प्रधानमंत्री सम्मान योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को दिया जाएगा। राज्य के 50 लाख किसानों को इसकी जानकारी दी गई है। सभी जगह रैयत समन्वय समिति का गठन किया गया है। प्रधानमंत्री सम्मान योजना के तहत सपथ प्रपत्र किसान दें। केंद्र सरकार आपको भुगतान करेगी
कार्यक्रम में बुंडू पंचायत, प्रखंड पेटरवार जिला बोकारो के मुखिया अजय कुमार सिंह, दुलमी पंचायत , रामगढ़ की मुखिया देवंती देवी, दुंदुनगिया पंचायत, धनबाद के मुखिया विकास महतो ने अपने विचारों को रखा।

इस अवसर पर प्रधान सचिव ग्रामीण विकास अविनाश कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल, मनरेगा आयुक्त  सिद्धार्थ त्रिपाठी, उपायुक्त रांची  रे महिमापत राय, वरीय आरक्षी अधीक्षक अनीश गुप्ता व विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखियागण उपस्थित थे।

सोमवार, 11 फ़रवरी 2019

लातेहार में मुख्यमंत्री सुकन्या जागरुकता समारोह


★मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत राज्य में अब तक 12 करोड़ 18 लाख रुपये का वितरण हुआ; आज पलामू प्रमंडल के 4,183 बालिकाओं के बीच ₹2 करोड़ 30 हजार रुपये का वितरण किया।
★बच्चियों के जन्म से लेकर पढ़ाई और विदाई तक सरकार सहारा बनेगी

★किसान को डबल फायदा, डबल इंजन की सरकार देगी

महत्वपूर्ण तथ्य--

★मुख्यमंत्री ने 4 अरब, 6 करोड़, 98 लाख, 51 हजार और 528 रुपये की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया

★मुख्यमंत्री ने 34 हजार, 800 सौ, 13 लाख, 52 हजार 78 हजार रूपये की परिसंपत्तियों का किया वितरण

★मुख्यमंत्री ने महुआडांड़ प्रखंड के 38 गांव के 41 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजलापूर्ति हेतु 46 करोड़ की पाइपलाइन योजना का किया शिलान्यास

★119 शिक्षको को मिला नियुक्त पत्र


राज्हर, लातेहार।  माँ तू मुझे जगत में आने दे/ मैं तेरा ही तो अंश हूँ/ माँ के गर्भ में पल रही सृष्टि की जननी बेटी की मन को छू लेनेवाली यह उक्ति है। यह महज एक मार्मिक कविता नहीं बल्कि इसकी भावना को जन आंदोलन बनाना है। ताकि कन्या भ्रूण हत्या थमे और भारतीय संस्कृति में जिस नारी को शक्ति का स्थान देकर पूजा जाता है वह इस धरा पर अवतरित हो। वह आगे बढ़े, उत्कृष्ट बनें। सरकार यही चाहती है। यही वजह रही कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना को राज्य में लागू किया गया। इस कार्य में जन सहभागिता जरूरी है ताकि हर घर की बच्ची इस योजना से आच्छादित हो सके। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही। श्री दास सोमवार को लातेहार में आयोजित मुख्यमंत्री सुकन्या योजना जागरूकता समारोह में बोल रहे थे।

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश प्रधानमंत्री ने पानीपत से दिया था।
श्री रघुवर दास ने कहा कि लड़का और लड़की के लिंगानुपात को समतुल्य करने के उदेश्य से बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश प्रधानमंत्री ने पानीपत से दिया था। राज्य सरकार उस बेटी के संरक्षण और उसके संवर्धन के लिए पहले पढ़ाई, फिर विदाई की बात करती है। सरकार कृतसंकल्पित है हर उस अंत्योदय और अनाथ बच्चियों के जन्म से लेकर विदाई तक सहारा बनने के लिए।

भ्रूण परीक्षण करने वाले पाप कर रहे हैं; कानून के दायरे में आएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में आदिवासी समाज कन्या भ्रूण हत्या से दूर है। जबकि शहर में बसने वाले पढ़े लिखे लोग अल्ट्रासाउंड के माध्यम से आनेवाली कन्या की हत्या कर रहें हैं। भ्रूण परीक्षण करने वाले दोषी चिकित्सक; यह पाप ना करें। अन्यथा सरकार आपके विरुद्ध कानून सम्मत कदम उठायेगी।

महिलाएं विकास की धुरी, पोल्ट्री फेडरेशन के गठन 1 माह में
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं विकास की धुरी हैं। महिलाओं को धुंआ से मुक्ति प्रदान करने के लिए 4 वर्ष में 27 लाख गैस सिलिंडर और चूल्हा का वितरण किया गया। तीसरे चरण में 15 लाख गैस सिलेंडर और चूल्हा का वितरण कार्य 23 फरवरी 2019 से प्रारम्भ होगा। जिसके तहत 3 हजार सिलेंडर और चूल्हा राज्य की महिलाओं को एक साथ प्रदान किया जाएगा। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु 13 अनुसूचित क्षेत्र में पोल्ट्री फेडरेशन के गठन 1 माह के अंदर होगा ताकि मुर्गी के अंडा का उत्पादन कर महिलाएं स्वावलंबी बन सकें।
3 माह में 57 लाख परिवारों तक पहुंचेगा गोल्डन कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड हर क्षेत्र में विकास की गाथा लिख रहा है। घर घर बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का कार्य हो रहा है। संसार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत अबतक राज्य में 16 लाख गोल्डन कार्ड का वितरण हो चुका है। 3 माह के अंदर 57 लाख परिवार तक गोल्डन कार्ड पहुंच जाएगा। ताकि गरीब नामित अस्पताल में अपना इलाज करा सकें।
14 साल तक टाना भगतों की सुध किसी ने नहीं ली, गांव सुखी होगा तो राज्य सुखी होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों की सबसे अधिक जमीन लूटने का कार्य आदिवासी नामधारी पार्टी ने किया है। महज निजी स्वार्थ के लिए आदिवासियों का उपयोग किया गया। आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले टाना भगतों की सुध किसी ने 14 वर्ष तक नहीं ली। अब राज्य सरकार टाना भगतों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देगी। आज टाना भगतों के आर्थिक स्वावलंबन हेतु दुधारू गाय का वितरण का आत्मिक खुशी हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1200 आदिवासी और दलित गांव में पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य आरंभ हो चुका है। अप्रैल माह में गांव में ही पानी मिले यह सुनिश्चित किया जा रहा है।
किसानों को डबल फायदा, डबल इंजन की सरकार देगी
श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड गांव में बसता है और वहां बसते हैं हमारे किसान। जिनकी सुध केंद्र और राज्य सरकार ने ली। केंद्र सरकार की योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 6 हजार रुपये प्रदान करेगी। वहीं राज्य सरकार मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। इस योजना पर सरकार 2 हजार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस तरह झारखण्ड के एक किसान को कम से कम 11 हजार रुपये प्रति एकड़ किसान को मई माह से लाभ मिलेगा। इस योजना के दायरे में राज्य के 22 लाख किसान आएंगे। ऐसे में किसानों को डबल फायदा डबल इंजन की सरकार देगी।

अपनी संस्कृति बचाएं, सरकार सभी धर्म का सम्मान करती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विदेशी ताकतें आदिवासियों की संस्कृति, बिरसा आबा, सिधो कान्हो की संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं। ऐसी शक्तियों से मिलकर मुकाबला करना है। विदेशी शक्ति ने आदिवासियों नकी जमीन को लूटा है । हमें नीलाम्बर पीताम्बर की संस्कृति को अक्षुण रखना है। सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है लेकिन लोभ देकर धर्म से छेड़छाड़ सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
4 वर्ष में 1500 करोड़ की योजना लातेहार में लागू हुई
लातेहार विधायक श्री प्रकाश राम ने कहा कि 4 साल में जो विकास के कार्य हुए वह पूर्व में नहीं हुए । 4 साल में 1500 करोड़ की योजना लातेहार में लागू की गई। सरकार हमेशा से संवेदनशील रही है।

लातेहार में शांति विकास का प्रतिफल
माणिका विधायक श्री हरे कृष्ण सिंह ने कहा कि आज लातेहार में शांति है यह विकास का प्रतिफल है। सरकार की सोच सिर्फ विकास है। मुख्यमंत्री जी का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ जन जन तक पहुंचे।

इस अवसर ओर सचिव समाज कल्याण एवं बाल विकास श्री अमिताभ कौशल ने सुकन्या योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वहीं लातेहार के उपायुक्त श्री राजीव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त, उप विकास आयुक्त, आरक्षी अधीक्षक समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

रविवार, 10 फ़रवरी 2019

वीर शहीद तेलंगा खड़िया की जयंती मनी

रांची। आज  वीर शहीद तेलंगा खड़िया के जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित करते किये। इस दौरान रांची नगर निगम  के महापौर आशा लकड़ा ने कहा कि आज के समय मे हम आदिवासी को अपनी जंगल ,जमीन समाज को बचाना है तब ही हमारी जीवन बच सकती है। अभी हमारी जमीन पर बहुत लोगों की नजर है। इस जमीन को है हमारे पोरवजो ने हमें दिया है।
आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के अध्यक्ष राजु महतो ने कहा कि झारखंड शहीदों की भूमि है और इस पावन भूमि में जन्म लेना हम झारखंडियों के लिये गौरव की बात है। शहीद तेलंगा खड़िया के आदर्शों और उनके बताते गये बातों को आत्मसात करना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिस खुशहाल झारखंड की कल्पना हमारे शहीदों ने की थी वैसी खुशहाली से हम आज भी महरूम हैं।
उप महापौर संजीव विजया वर्गीय ने कहा कि हमें शहीदों की कुर्बानी को भूलना नहीं चाहिये। बल्कि उनके बताये रास्ते पर चलना चाहिये।
वार्ड पार्षद कुलभूषण डूंगडुंग ने कहा कि खड़िया समाज इतनी शिक्षित होने के बावजूद दूसरे की बातों में चल रहे हैं। अभी खड़िया समाज संकट में है। खड़िया लोगों की जमीन की राजिस्टिरि नही हो रही है, यह बहुत ही दुखद बात है।
इस अवसर पर सुशील केरकेट्टा, किशोर, श्याम कुजूर, श्याम महतो, मेरिन्युस बा:, डॉ सोरेंग,  राजू गोप , सुशील केरकेट्टा, चंद्र किशोर केरकेटा, मेरी कोलिडिया सोरेंग, जोवकीम डुंगडुंग के अलावे बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

शिव केवल नाम के नहीं, काम के भी गुरू : हरीन्द्रानंद

परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम , सिमडेगा में शिव गुरु महोत्सव आयोजित


रांची। शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन द्वारा परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम, सिमडेगा, झारखण्ड में शिव गुरू महोत्सव आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम का आयोजन महेश्वर शिव के गुरू स्वरूप से एक-एक व्यक्ति का शिष्य के रूप में जुड़ाव हो सके, इसी बात को सुनाने और समझाने के निमित्त किया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरेण्य गुरूभ्राता हरीन्द्रानन्द ने कहा कि शिव केवल नाम के नहीं अपितु काम के गुरू हैं। शिव के औढरदानी स्वरूप से धन, धान्य, संतान, सम्पदा आदि प्राप्त करने का व्यापक प्रचलन है, तो उनके गुरू स्वरूप से ज्ञान भी क्यों नहीं प्राप्त किया जाय? किसी संपत्ति या संपदा का उपयोग ज्ञान के अभाव में घातक हो सकता है। हरीन्द्रानन्द जी ने कहा कि शिव जगतगुरू हैं अतएव जगत का एक-एक व्यक्ति चाहे वह किसी धर्म, जाति, संप्रदाय, लिंग का हो शिव को अपना गुरू बना सकता है। शिव का शिष्य होने के लिए किसी पारम्परिक औपचारिकता अथवा दीक्षा की आवश्यकता नहीं है। केवल यह विचार कि ‘‘शिव मेरे गुरू हैं’’ शिव की शिष्यता की स्वमेव शुरूआत करता है। इसी विचार का स्थायी होना हमको आपको शिव का शिष्य बनाता है।
शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन के अध्यक्षा श्रीमती बरखा ने कहा शिव के शिष्य एवं शिष्याएँ अपने सभी आयोजन ‘‘शिव गुरू हैं और संसार का एक-एक व्यक्ति उनका शिष्य हो सकता है’’, इसी प्रयोजन से करते हैं। ‘‘शिव गुरू हैं’’ यह कथ्य बहुत पुराना है। भारत भूखंड के अधिकांश लोग इस बात को जानते हैं कि भगवान शिव गुरू हैं, आदिगुरू एवं जगतगुरू हैं। हमारे साधुओं, शास्त्रों और मनीषियों द्वारा महेश्वर शिव को आदिगुरू, परमगुरू आदि विभिन्न उपाधियों से विभूषित किया गया है।
प्रो॰ रामेश्वर मंडल आस्था बनाम अंधविश्वास पर बालते हुए कहा आस्था सकारात्मक है और इसके विपरीत अंधविश्वास जीवन में कुण्ठा एवं निराशा उत्पन्न करता है। जीवन के हर पहलू पर व्यक्ति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। अंधविश्वास और अफवाहें सचमुच में एक व्याधि है जिसके निदान के लिए सबों को सजग रहना होगा और समाज में जागरूकता फैलानी होगी। सही गुरू का सानिध्य व्यक्ति को अंधविश्वासों से मुक्त करता है। प्रो॰ रामेश्वर मंडल ने बताया कि समाज में फैली कुरीतियों, कुसंस्कारों, अंधविश्वासों, अफवाहों के प्रति स्वच्छ जागरूकता पैदा करना एक-एक व्यक्ति का नैतिक कर्त्तव्य है। शिव का शिष्य होने में मात्र तीन सूत्र ही सहायक है।
पहला सूत्र:- अपने गुरू शिव से मन ही मन यह कहें कि ‘‘हे शिव! आप मेरे गुरू हैं। मैं आपका शिष्य हूँ। मुझ शिष्य पर दया कर दीजिए।’’
दूसरा सूत्र:- सबको सुनाना और समझाना है कि शिव गुरू हैं; ताकि दूसरे लोग भी शिव को अपना गुरू बनायें।
तीसरा सूत्र:- अपने गुरू शिव को मन ही मन प्रणाम करना है। इच्छा हो तो ‘‘नमः शिवाय’’ मंत्र से प्रणाम किया जा सकता है।
इस महोत्सव में समीपवर्ती क्षेत्रों से लगभग आठ से दस हजार लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम में शिव कुमार विश्वकर्मा, इन्द्रभूषण सिंह, आरती गुप्ता, अशोक गुप्ता समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने -अपने विचार दिए।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...