चक्रधरपुर। पुराना बस्ती वार्ड नंबर 1 निवासी कमरुल शेख का सामान से भरा ट्रॉली बैग बस से चोरी होने के 14 दिनों के बाद भी बरामद नहीं हुआ ट्रॉली बैग में जेवर व अन्य सामान थे उन्होंने विगत 19 जून को ही चक्रधरपुर थाना में मामला दर्ज कराया है 18 जून को वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ बस से रामगढ़ के लिए रवाना हुए थे सुबह 340 में मां लक्ष्मी बस में पवन चौक चक्रधरपुर से सवार हुए उनके ट्रॉली बैग को कंडक्टर और खलासी ने बस के पिछले डिक्की में डाल दिया जब बस 8:30 बजे रामगढ़ पहुंची तो कमरुल शेख ने डिक्की से अपना ट्रॉली बैग निकालने को कहा डिक्की में बैग नहीं था कमरुल शेख के मुताबिक बस संचालकों ने चक्रधरपुर और रामगढ़ के बीच में चोरी की नियत से बैग को कहीं उतार लिया है। कमरुल ने बस मालिक विनय कुमार जयसवाल, कंडक्टर ,एजेंट व खलासी के खिलाफ चक्रधरपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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मंगलवार, 2 जुलाई 2019
कीमती सामानों से भरा ट्रालीबैग बस की डिक्की से गायब
चक्रधरपुर। पुराना बस्ती वार्ड नंबर 1 निवासी कमरुल शेख का सामान से भरा ट्रॉली बैग बस से चोरी होने के 14 दिनों के बाद भी बरामद नहीं हुआ ट्रॉली बैग में जेवर व अन्य सामान थे उन्होंने विगत 19 जून को ही चक्रधरपुर थाना में मामला दर्ज कराया है 18 जून को वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ बस से रामगढ़ के लिए रवाना हुए थे सुबह 340 में मां लक्ष्मी बस में पवन चौक चक्रधरपुर से सवार हुए उनके ट्रॉली बैग को कंडक्टर और खलासी ने बस के पिछले डिक्की में डाल दिया जब बस 8:30 बजे रामगढ़ पहुंची तो कमरुल शेख ने डिक्की से अपना ट्रॉली बैग निकालने को कहा डिक्की में बैग नहीं था कमरुल शेख के मुताबिक बस संचालकों ने चक्रधरपुर और रामगढ़ के बीच में चोरी की नियत से बैग को कहीं उतार लिया है। कमरुल ने बस मालिक विनय कुमार जयसवाल, कंडक्टर ,एजेंट व खलासी के खिलाफ चक्रधरपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
जीएसटी की दूसरी वर्षगांठ मनाई
जीएसटी को 30 जून, 2017 की आधी रात को संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित एक राजसी समारोह में 01 जुलाई, 2017 को लॉन्च किया गया था। इसलिए, सरकार व्यापार और उद्योग के साझेदारों के साथ 01 जुलाई, 2019 को जीएसटी की दूसरी वर्षगांठ मना रही है।
इस समारोह के दौरान पर "एमएसएमई के लिए जीएसटी" पर विवेचना भी की गई और जीएसटी से कैसे टैक्स स्ट्रक्चर में सुगमता आएगी एवं सरकार को राजस्व में वृद्धि होगी इस पर भी चर्चा हुई।
जीएसटी के लागू होने से करदाताओं को क्या लाभ हुआ :इस पर भी चर्चा हुई।
सरलीकृत कर संरचना: इससे करों के व्यापक प्रभाव में कमी आई है, यह पारदर्शी है और इसमें कानूनों और प्रक्रियाओं का सामंजस्य है।
आसान अनुपालन: कई करों और स्वचालित प्रक्रियाओं की जगह समस्त भारत एक कर के साथ अनुपालन बोझ कम हो गया है।
व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देना: टैक्स क्रेडिट का निर्बाध प्रवाह।
आवर्ती आर्थिक विकास को बढ़ावा देना: एकीकृत समान राष्ट्रीय बाजार का निर्माण।
बैठक में नितेश भगेरिया, प्रमोद भगेरिया , सतीश अग्रवाल , असित कुमार , शैलेश पटेल , विष्णु पटेल , सुग्रीव प्रधान एवम अन्य ने भाग लिया ।
शार्ट फिल्म का शानदार प्रमोशन
चक्रधरपुर ।चक्रधरपुर में एचएमपी के द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म का प्रमोशन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजू प्रसाद कसेरा, नीतू साहू ,प्रतिभा विकास, धीरज जायसवाल थे । मानवता पर आधारित इस मूवी पर अरुण कुमार ,मनीषा मजूमदार, एलीन पूर्ति ,शबाब का मुख योगदान रहा। फिल्म के निर्माता हेमसागर ने कड़ी मेहनत करके तथा 3 महीने के समय लेकर इस मूवी का निर्माण किया एचएमपी के संचालक हेमसागर व पवन साहू ने घोषणा की के हर महीने इस तरह मानवता तथा समाज में हो रहे दुविधाओं पर शॉर्ट मूवी का निर्माण करते रहेंगे। हेम सागर जी का कहना है कि हमारे शहर के बच्चों में आगे बढ़ने की क्षमता के साथ साथ कुछ कर दिखाने का जोश है । चक्रधरपुर के प्रमुख समाज सेवी राजू प्रसाद कसेरा ने बच्चों के लिए हर संभव मदद करने के लिए बात कही ।वहीं नीतू साहू ने मानवता पर आधारित मूवी की सराहना की। इस बीच रोहित दास ने बच्चों के लिए नया प्लेटफार्म पर एच एम पी में जोड़ने को कहा। मौके पर नीता शंकर, रफत तबस्सुम, रंजन रागी, यू विवेक, एचएमपी के मेंबर और काफी संख्या में बच्चे व अभिभावक मौजूद थे।
अभियंता की पहल पर दूर हुआ सड़क निर्माण का गतिरोध
चक्रधरपुर। अधिकारी अगर ठान ले तो हर काम मुमकिन है इसे चरितार्थ किया है पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शशि शेखर मिश्रा ने। श्री मिश्रा चक्रधरपुर अवर प्रमंडल अंतर्गत सोनूवा पंसुवा लुढाई पथ जिसकी कुल लंबाई 41.56 किमी है, के अवरूद्ध निर्माण कार्य को गंभीरता पूर्वक लेते हुए स्वयं इस मार्ग का निरीक्षण किया। इसके पश्चात कार्य में आने वाले अड़चन को दूर किया। विभाग के बीच गतिरोध को विभाग तक पहुंचाया जिसके फलस्वरूप विभाग के द्वारा भी इस प्रकरण पर विभाग के सचिव के द्वारा भी इस मार्ग को तेजी के साथ सम्पन्न कराने की दिशा में निदेश निर्गत किया गया जिसके फलस्वरूप पश्चिम सिंहभूम चाईबासा के उपायुक्त के द्वारा भी अवरूद्ध कार्य को संबधित विभाग के द्वारा कार्य में तेजी लाने के साथ साथ अड़चन को भी दूर करने का निदेश दिया सहायक अभियंता श्री मिश्रा योगदान देने के पश्चात से पथ निर्माण विभाग अवर प्रमंडल चक्रधरपुर में निर्माण कार्यों में काफी तेजी आई है तथा निर्माण कार्य गुणवत्ता के आधार पर संपादित हो रहे हैं ।
सोमवार, 1 जुलाई 2019
अजजा, अजा, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा
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सीएम रघुवर दास ने कहा-
★ गरीबों की आर्थिक उन्नति ही वास्तविक विकास
★ रांची के करम टोली में धूमकुड़िया भवन बनेगा
★ पिछले साढे 4 साल में 61,970 वनाधिकार पट्टा का वितरण हुआ
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रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक व पिछड़े वर्ग विभाग को राज्य के आर्थिक रूप से वैसी अति पिछड़ी आदिवासी महिलाएं जो जीवन में अकेलेपन के साथ थी, वैसी 2000 आदिवासी महिला के जीवन में बदलाव लाने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि गरीबों की आर्थिक उन्नति ही वास्तविक विकास है। महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय समेत सभी महापुरुषों ने अंत्योदय को ही विकास माना है। इस योजना के तहत पहले चरण में दुमका व पश्चिमी सिंहभूम की दो हजार महिलाओं के दो साल वेल्थ (आमदनी) बनाने में 126 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, जो कि बेहतरीन उपलब्धि है। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुर्गी पालन से जोड़ी गयी महिलाओं के एसेट में 216.71 प्रतिशत, टेलरिंग में 156.92 प्रतिशत, सुकर पालन में 147.18 प्रतिशत, ग्रोसरी स्टोर में 140.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस प्रकार विभिन्न कार्यों से जोड़ कर इन दो हजार महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब सरकार ने फेज 2 में मार्च 2018 से 5000 आदिम जनजाति परिवारों को इसमें शामिल किया है। इसमें दुमका के गोपीकांदर व पाकुड़ के अमरापाड़ा तथा लिट्टी पाड़ा के 2600 परिवारों को जोड़ा गया है। मार्च 2019 से साहेबगंज के तलझारी व बोरियो तथा गोड्डा के बारीजोर व सुंदरपहाड़ी के 2400 परिवारों को जोड़ा गया है। अगले दो सालों मे इन परिवारों के जीवन में भी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण सुधार लाया जायेगा।
रांची करम टोली में धूमकुड़िया भवन बनेगा. मुख्यमंत्री ने बैठक में यह निर्देश दिया. झारखंड जनजातीय संस्कृति में खेलकूद कला संस्कृति का यह अहम केंद्र होता है. 2014 तक राज्य में एक भी केंद्र नहीं बना था. साढे 4 साल में 581 केंद्र बन रहे हैं तथा एक सौ केंद्र बनकर तैयार हैं जिनका जुलाई-अगस्त में उद्घाटन होगा.
पिछले साढे 4 साल में 61970 वनाधिकार पट्टा का वितरण
आदिवासियों के लिए वनाधिकार पट्टा 2014 तक केवल 18943 वितरण हुआ था पिछले साढे 4 साल में 61970 वनाधिकार पट्टा का वितरण हुआ. आदिवासियों के लिए लोग जल जंगल का न केवल नारा लगाते रहे पर सरकार ने 1,04,066.01 एकड़ भूमि पर 61 970 लोगों को वनाधिकार पट्टा दिया.
पिछले साढे चार साल में छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों की संख्या 5.61 लाख से बढ़ कर 25.69 लाख हुआ
कल्याण छात्रवृत्ति के तहत मैट्रिक तक तथा मैट्रिक उत्तीर्ण छात्रों की संख्या में भी व्यापक परिवर्तन आया है. 2014 तक दोनों के तहत केवल 5 लाख 61 हजार 5 सौ छात्रों को छात्रवृत्ति मिलती थी पिछले साढे चार साल में 25 लाख 69 हजार 9 सौ छात्रों को छात्रवृत्ति मिल रही है.
बिरसा आवास योजना के लिए बजट 2014 के 7.5 करोड़ से बढ़कर 60 करोड़ हुआ
आदिम जनजातियों के लिए बिरसा आवास योजना के लिए 2014 तक महज 7.5 करोड़ का बजट था तथा इस पर विशेष फोकस करते हुए सरकार ने पिछले साढे 4 साल में 60 करोड़ का बजट प्रावधान किया.
झारखण्ड बनने के बाद पहली बार शहीद ग्राम योजना पहली बार शुरू की गई और इसके तहत शहीदों के 7 जिलों के अंतर्गत 20 गांव में 1125 घर बन रहे हैं तथा इनमें 490 घर का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
जुलाई-अगस्त पांच नए नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन होगा
कल्याण गुरुकुल के क्षेत्र में बड़ा काम हुआ. आदिवासी, अल्पसंख्यक अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लिए युवाओं को को प्रशिक्षण और रोजगार दिया गया। इनमें करने वालों में 71% आदिवासी युवाओं को रोजगार भी मिला. रांची के चान्हो में नर्सिंग कॉलेज की 100 प्रतिशत छात्राओं ने 80% से अधिक अंक लाए.
झारखंड को 69 एकलव्य विद्यालय
2014 तक जहां झारखंड में केवल 5 एकलव्य विद्यालय थे वहीं अब झारखंड को 69 एकलव्य विद्यालय मिला है जिनमें से 23 का निर्माण इस वर्ष शुरू होगा।
जुलाई-अगस्त में इनका होगा उद्घाटन
इनमें से जुलाई-अगस्त तक 6 नाव निर्मित एकलव्य विद्यालय, 58 आवासीय विद्यालयों में साइंस लैब, 450 सरना मसना केंद्र, 100 धूमकुड़िया केंद्र, बरियातू रांची के राजकीय बालिका कन्या आवासीय विद्यालय में एस्ट्रोटर्फ हॉकी प्रशिक्षण केंद्र, दुमका में अर्चरी सेंटर तथा पांच नर्सिंग कौशल कॉलेज गुमला, रांची (इटकी), सरायकेला (राजनगर), चाईबासा और साहिबगंज का उद्घाटन होगा.
अगले तीन माह में होगा शिलान्यास
दुमका में नर्सिंग कॉलेज, दुमका के हिजला तथा सिमडेगा की पेयजल योजना, गढ़वा के भंडरिया में एकलव्य विद्यालय सहित 23 नए एकलव्य विद्यालय और खूंटी में एस्ट्रोटर्फ हॉकी प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी.
कल्याण विभाग 50% युवाओं को जल्द ही दुबई के VOLTAS में रोजगार के लिए भेजेगा. इनका चयन हो गया है
बैठक में विभाग की मंत्री डॉ लुईस मरांडी, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव के के खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, विभाग की सचिव श्रीमती हिमानी पांडे सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम रघुवर दास ने कहा-
★ गरीबों की आर्थिक उन्नति ही वास्तविक विकास
★ रांची के करम टोली में धूमकुड़िया भवन बनेगा
★ पिछले साढे 4 साल में 61,970 वनाधिकार पट्टा का वितरण हुआ
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रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक व पिछड़े वर्ग विभाग को राज्य के आर्थिक रूप से वैसी अति पिछड़ी आदिवासी महिलाएं जो जीवन में अकेलेपन के साथ थी, वैसी 2000 आदिवासी महिला के जीवन में बदलाव लाने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि गरीबों की आर्थिक उन्नति ही वास्तविक विकास है। महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय समेत सभी महापुरुषों ने अंत्योदय को ही विकास माना है। इस योजना के तहत पहले चरण में दुमका व पश्चिमी सिंहभूम की दो हजार महिलाओं के दो साल वेल्थ (आमदनी) बनाने में 126 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, जो कि बेहतरीन उपलब्धि है। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुर्गी पालन से जोड़ी गयी महिलाओं के एसेट में 216.71 प्रतिशत, टेलरिंग में 156.92 प्रतिशत, सुकर पालन में 147.18 प्रतिशत, ग्रोसरी स्टोर में 140.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस प्रकार विभिन्न कार्यों से जोड़ कर इन दो हजार महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब सरकार ने फेज 2 में मार्च 2018 से 5000 आदिम जनजाति परिवारों को इसमें शामिल किया है। इसमें दुमका के गोपीकांदर व पाकुड़ के अमरापाड़ा तथा लिट्टी पाड़ा के 2600 परिवारों को जोड़ा गया है। मार्च 2019 से साहेबगंज के तलझारी व बोरियो तथा गोड्डा के बारीजोर व सुंदरपहाड़ी के 2400 परिवारों को जोड़ा गया है। अगले दो सालों मे इन परिवारों के जीवन में भी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण सुधार लाया जायेगा।
रांची करम टोली में धूमकुड़िया भवन बनेगा. मुख्यमंत्री ने बैठक में यह निर्देश दिया. झारखंड जनजातीय संस्कृति में खेलकूद कला संस्कृति का यह अहम केंद्र होता है. 2014 तक राज्य में एक भी केंद्र नहीं बना था. साढे 4 साल में 581 केंद्र बन रहे हैं तथा एक सौ केंद्र बनकर तैयार हैं जिनका जुलाई-अगस्त में उद्घाटन होगा.
पिछले साढे 4 साल में 61970 वनाधिकार पट्टा का वितरण
आदिवासियों के लिए वनाधिकार पट्टा 2014 तक केवल 18943 वितरण हुआ था पिछले साढे 4 साल में 61970 वनाधिकार पट्टा का वितरण हुआ. आदिवासियों के लिए लोग जल जंगल का न केवल नारा लगाते रहे पर सरकार ने 1,04,066.01 एकड़ भूमि पर 61 970 लोगों को वनाधिकार पट्टा दिया.
पिछले साढे चार साल में छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों की संख्या 5.61 लाख से बढ़ कर 25.69 लाख हुआ
कल्याण छात्रवृत्ति के तहत मैट्रिक तक तथा मैट्रिक उत्तीर्ण छात्रों की संख्या में भी व्यापक परिवर्तन आया है. 2014 तक दोनों के तहत केवल 5 लाख 61 हजार 5 सौ छात्रों को छात्रवृत्ति मिलती थी पिछले साढे चार साल में 25 लाख 69 हजार 9 सौ छात्रों को छात्रवृत्ति मिल रही है.
बिरसा आवास योजना के लिए बजट 2014 के 7.5 करोड़ से बढ़कर 60 करोड़ हुआ
आदिम जनजातियों के लिए बिरसा आवास योजना के लिए 2014 तक महज 7.5 करोड़ का बजट था तथा इस पर विशेष फोकस करते हुए सरकार ने पिछले साढे 4 साल में 60 करोड़ का बजट प्रावधान किया.
झारखण्ड बनने के बाद पहली बार शहीद ग्राम योजना पहली बार शुरू की गई और इसके तहत शहीदों के 7 जिलों के अंतर्गत 20 गांव में 1125 घर बन रहे हैं तथा इनमें 490 घर का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
जुलाई-अगस्त पांच नए नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन होगा
कल्याण गुरुकुल के क्षेत्र में बड़ा काम हुआ. आदिवासी, अल्पसंख्यक अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लिए युवाओं को को प्रशिक्षण और रोजगार दिया गया। इनमें करने वालों में 71% आदिवासी युवाओं को रोजगार भी मिला. रांची के चान्हो में नर्सिंग कॉलेज की 100 प्रतिशत छात्राओं ने 80% से अधिक अंक लाए.
झारखंड को 69 एकलव्य विद्यालय
2014 तक जहां झारखंड में केवल 5 एकलव्य विद्यालय थे वहीं अब झारखंड को 69 एकलव्य विद्यालय मिला है जिनमें से 23 का निर्माण इस वर्ष शुरू होगा।
जुलाई-अगस्त में इनका होगा उद्घाटन
इनमें से जुलाई-अगस्त तक 6 नाव निर्मित एकलव्य विद्यालय, 58 आवासीय विद्यालयों में साइंस लैब, 450 सरना मसना केंद्र, 100 धूमकुड़िया केंद्र, बरियातू रांची के राजकीय बालिका कन्या आवासीय विद्यालय में एस्ट्रोटर्फ हॉकी प्रशिक्षण केंद्र, दुमका में अर्चरी सेंटर तथा पांच नर्सिंग कौशल कॉलेज गुमला, रांची (इटकी), सरायकेला (राजनगर), चाईबासा और साहिबगंज का उद्घाटन होगा.
अगले तीन माह में होगा शिलान्यास
दुमका में नर्सिंग कॉलेज, दुमका के हिजला तथा सिमडेगा की पेयजल योजना, गढ़वा के भंडरिया में एकलव्य विद्यालय सहित 23 नए एकलव्य विद्यालय और खूंटी में एस्ट्रोटर्फ हॉकी प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी.
कल्याण विभाग 50% युवाओं को जल्द ही दुबई के VOLTAS में रोजगार के लिए भेजेगा. इनका चयन हो गया है
बैठक में विभाग की मंत्री डॉ लुईस मरांडी, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव के के खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, विभाग की सचिव श्रीमती हिमानी पांडे सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम रघुवर दास ने की महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा
★ कुपोषण मुक्त राज्य बनाना प्राथमिकता
★ बेटियां शिक्षित होंगी तभी पलायन और कम उम्र में विवाह रुकेगी
★ सितंबर में रन फॉर पोषण का आयोजन किया जायेगा
★ आंगनबाड़ी सेविकाएं सप्ताह में दो दिन गांव में चौपाल लगाएं
★सितंबर तक कंबल के क्रय की कार्रवाई करें
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना लागू होने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। गांव की बच्चियां शिक्षित हो जायेंगी, तो राज्य के पलायन भी रूकेगा और कुपोषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। कम उम्र में विवाह रूकने से मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में कमी आयेगी। इस योजना में ज्यादा से ज्यादा लाभूकों को जोड़ें। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहीं।
आंगनबाड़ी सेविकाओं को सप्ताह में दो दिन गांव में चौपाल लगाने का निर्देश
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि गांवों में जागरूकता फैलाने के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। सभी सीडीपीओ को निर्देश दें कि आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बैठक कर उन्हें महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने संबंधी जानकारी दें। आंगनबाड़ी सेविकाओं को सप्ताह में दो दिन गांव में चौपाल लगा कर गर्भवती महिलाओं को उनके खान-पान, चिकित्सा परामर्श आदि के प्रति जागरूक करें। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उनका पंजीयन भी करायें। झारखंड में एक लाख महिलाओं का पंजीयन अभी कराया जाना बाकी है। इस कार्य की थर्ड पार्टी जांच भी करायी जायेगी। जिन जिलों में कम उम्र में शादी होने की ज्यादा सूचनाएं आती हैं, उन जिलों को प्राथमिकता दें। पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सितंबर में रन फॉर पोषण का आयोजन किया जायेगा। जिसे पूरे झारखंड में चलाया जायेगा।
12 हजार तेजस्विनी क्लब का गठन किया जायेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजस्विनी योजना से राज्य की किशोरियों व युवतियों को काफी लाभ होगा। इस योजना को जल्द ही सभी 17 जिलों में शुरू करें। इस योजना में उन्हें प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ा जायेगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत रामगढ़ व दुमका में अब तक 52,793 युवतियों को जोड़ा जा चुका है और 576 तेजस्विनी क्लब का गठन किया जा चुका है। इस योजना को तीन जुलाई से सभी 17 जिलों में शुरू किया जा रहा है। इससे 10 लाख किशोरी व युवतियों को जोड़ते हुए 12 हजार तेजस्विनी क्लब का गठन किया जायेगा।
सितंबर तक कंबल के क्रय की कार्रवाई करें
सितंबर तक गरीबों के बीच वितरण होने वाले कंबल के क्रय की कार्रवाईपूरी करें. जाड़े का इंतजार ना करें. अक्टूबर में वितरण सुनिश्चित करें. सामाजिक सुरक्षा विभाग जिलों के माध्यम से यह कार्य सुनिश्चित करेगा.
ट्रैफिकिंग की समस्या का ठोस निदान जरूरी
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि ट्रैफिकिंग की समस्या का ठोस निदान जरूरी है, नहीं तो गरीबी के कारण बच्चियों को फिर से दूसरे राज्यों में ले जाकर काम कराने का सिलसिला नहीं रूकेगा। रांची में उनके लिए एक अलग आवासीय परिसर बनेगा। इसमें 18 साल से ज्यादा उम्र की बच्चियों को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित कर झारखंड में ही रोजगार दिया जायेगा। झारखंड में ही रोजगार मिलने से उन्हें कामकाज के लिए बाहर नहीं जाना होगा। इनसे छोटी बालिकाओं को पढ़ाई सरकार करायेगी। सरकार इन सभी को साइकिल भी देगी, ताकी इन्हें प्रशिक्षण लेने व स्कूल जाने में सुविधा हो।
मुख्यमंत्री सुकन्या योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभुकों को जोड़ें
मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत अब तक 60 हजार बच्चियों को जोड़ा गया है। इस वर्ष 2,90,169 बच्चियों को जोड़ने की योजना है। इस योजना में जन्म से बच्चियों की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक सात चरणों में 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की जाती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 2.58 लाभुकों को जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाड़ली योजना के तहत अब तक के सभी लाभुकों को सितंबर माह में प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर एनएससी प्रमाण पत्र का वितरण करने का निदेश मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि इसके लाभुको का अगस्त तक इनके डिजिटाइजेशन का काम पहले पूरा कर लें।
बैठक में विभाग की मंत्री डॉ लुईस मरांडी, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, सचिव श्री अमिताभ कौशल, पोषण मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री डी के सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
झारखंड में एक पखवारे तक चलेगा जल शक्ति अभियान
बहकर बर्बाद हो रहे जल को अभियान चलाकर रोकें : मुख्य सचिव
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पूरे राज्य में जिला से पंचायत स्तर तक चलेगा जल शक्ति अभियान
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राज्य में वर्षा जल का लगभग 92 फीसदी हिस्सा बहकर हो जाता है बर्बाद
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अभियान को लेकर सभी उपायुक्तों को दिया दिशा-निर्देश
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रांची। राज्य सरकार ने झारखंड में जल संरक्षण की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जल शक्ति अभियान शुरू किया गया है। अभियान एक जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा। जिला से लेकर पंचायत स्तर तक चलनेवाले अभियान को लेकर मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों को विस्तृत दिशा निर्देश दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के तहत बहकर बर्बाद हो रहे जल को रोकें, भूगर्भ जल स्तर को ऊंचा उठाएं तथा वर्षा जल को जलाशयों तक पहुंचने का सुगम रास्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्षा जल का लगभग 92 फीसदी हिस्सा बहकर बर्बाद हो जाता है। इसका संरक्षण कर राज्य देश में जल शक्ति का उदाहरण बन सकता है। इसके लिए जागरूकता और मिशन मोड में काम करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने जल शक्ति अभियान का खाका उपायुक्तों से साझा किया और हर बिंदु पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने अभियान में शामिल सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसका नोडल विभाग ग्रामीण विकास विभाग होगा। मुख्य सचिव राज्य में शुरू हुए जल शक्ति अभियान की सफलता के लिए झारखंड मंत्रालय स्थित अपने सभा कक्ष से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों से मुखातिब थे।
अभियान से जुड़ेंगे जनता से लेकर जनप्रतिनिधि, कर्मी से लेकर अधिकारी
मुख्य सचिव ने जल शक्ति अभियान से जनता से लेकर जनप्रतिनिध और कर्मी से लेकर अधिकारी तक को जोड़ने पर बल देते हुए उपायुक्तों से कहा कि स्वंय मुख्यमंत्री ने भी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों संग बैठक में इसे लेकर व्यापक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य के दो जिलों बोकारो और धनबाद के पांच प्रखंडों को इसके लिए चयनित किया है, लेकिन जल संरक्षण की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पूरे राज्य में पंचायत स्तर तक चलाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने अभियान के तहत सात जुलाई को व्यापक जन जागरूकता के लिए हर स्तर के अधिकारियों-कर्मियों, जनता और जनप्रतिनिधियों से लेकर संगठनों व संस्थाओं तक को शामिल कर जल संरक्षण के लिए श्रमदान करने का निर्देश दिया। वहीं पूरे अभियान की सफलता के लिए जिला, प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक एक-एक अधिकारी को दायित्व देने को कहा। हर स्तर पर गोष्ठी कर लोगों में यह भाव भरने पर बल दिया कि सभी को लगे कि उनके यहां हुई बारिश का पानी उनका है। इसका उपयोग और संरक्षण पर उनका अधिकार है। वहीं विभिन्न प्रचार माध्यमों से भी जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया।
सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाएं
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को राज्य के तमाम सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत समाहरणालय भवन से करें। जल शक्ति अभियान को शहर से लेकर गांव तक पहुंचाने की महत्ता बताते हुए उन्होंने इसके लिए हर वर्ग और संस्थान को जोड़ने पर बल दिया। उनके साथ गोष्ठी करने तथा लाभदायक सुझावों पर अमल करने का भी निर्देश दिया। जलाशयों तक वर्षा जल आबाध रूप से पहुंचे, इसकी व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने जलाशयों की कंक्रीट से घेराबंदी पर पूर्णतः रोक लगाने तथा जहां ऐसा हो चुका है, वहां चहारदीवारी के नीचे सुरंग बनाकर पानी को जलाशयों तक पहुंचने का रास्ता देने को कहा।
शेयर करें सक्सेस स्टोरी, पाएं पुरस्कार
मुख्य सचिव ने जल शक्ति अभियान के तहत हर जिले में किये गए प्रभावी कार्य को इसके लिए बने पोर्टल पर बतौर सक्सेस स्टेरी शेयर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य स्तर पर बेहतर परिणाम देने वाले तीन जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करनेवाले वाले दो-दो प्रखंड भी पुरस्कृत किए जाएंगे।
योजना से जल शक्ति समिति को अवगत कराएं
जल शक्ति अभियान में लगनेवाली राशि विभिन्न विभागों की सामान प्रकृति की योजनाओं से लेने का निर्देश देते हुए जल शक्ति समिति के अध्यक्ष सह विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह ने कहा कि इसके लिए अलग से बजट प्रावधान की जरूरत नहीं है। उन्होंने विभागवार समान प्रकृति की योजनाओं और फंड का ब्योरा देते हुए उसकी राशि के उपयोग का निर्देश दिया। कहा कि आनेवाले दस वर्षों में खनन और वन आधारित जीविका खेती-किसानी की ओर शिफ्ट करेगी, इसलिए भी अभी से जल संरक्षण पर फोकस जरूरी हो गया है। उन्होंने जल संरक्षण के छोटे-छोटे स्ट्रक्चर बनाने पर बल देते हुए उपायुक्तों को अपनी योजना से जल शक्ति समिति को अवगत कराने का निर्देश दिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में ये थे शामिल
जल शक्ति अभियान को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के तमाम उपायुक्तों संग संपन्न वीडियो कांफ्रेंसिंग में विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह के अलावा ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार, नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, पंचायती राज सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, मनरेगा आयुक्त श्री सिद्धार्थ त्रिपाठी व अन्य शामिल थे।
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पूरे राज्य में जिला से पंचायत स्तर तक चलेगा जल शक्ति अभियान
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राज्य में वर्षा जल का लगभग 92 फीसदी हिस्सा बहकर हो जाता है बर्बाद
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अभियान को लेकर सभी उपायुक्तों को दिया दिशा-निर्देश
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रांची। राज्य सरकार ने झारखंड में जल संरक्षण की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जल शक्ति अभियान शुरू किया गया है। अभियान एक जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा। जिला से लेकर पंचायत स्तर तक चलनेवाले अभियान को लेकर मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों को विस्तृत दिशा निर्देश दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के तहत बहकर बर्बाद हो रहे जल को रोकें, भूगर्भ जल स्तर को ऊंचा उठाएं तथा वर्षा जल को जलाशयों तक पहुंचने का सुगम रास्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्षा जल का लगभग 92 फीसदी हिस्सा बहकर बर्बाद हो जाता है। इसका संरक्षण कर राज्य देश में जल शक्ति का उदाहरण बन सकता है। इसके लिए जागरूकता और मिशन मोड में काम करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने जल शक्ति अभियान का खाका उपायुक्तों से साझा किया और हर बिंदु पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने अभियान में शामिल सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसका नोडल विभाग ग्रामीण विकास विभाग होगा। मुख्य सचिव राज्य में शुरू हुए जल शक्ति अभियान की सफलता के लिए झारखंड मंत्रालय स्थित अपने सभा कक्ष से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों से मुखातिब थे।
अभियान से जुड़ेंगे जनता से लेकर जनप्रतिनिधि, कर्मी से लेकर अधिकारी
मुख्य सचिव ने जल शक्ति अभियान से जनता से लेकर जनप्रतिनिध और कर्मी से लेकर अधिकारी तक को जोड़ने पर बल देते हुए उपायुक्तों से कहा कि स्वंय मुख्यमंत्री ने भी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों संग बैठक में इसे लेकर व्यापक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य के दो जिलों बोकारो और धनबाद के पांच प्रखंडों को इसके लिए चयनित किया है, लेकिन जल संरक्षण की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पूरे राज्य में पंचायत स्तर तक चलाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने अभियान के तहत सात जुलाई को व्यापक जन जागरूकता के लिए हर स्तर के अधिकारियों-कर्मियों, जनता और जनप्रतिनिधियों से लेकर संगठनों व संस्थाओं तक को शामिल कर जल संरक्षण के लिए श्रमदान करने का निर्देश दिया। वहीं पूरे अभियान की सफलता के लिए जिला, प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक एक-एक अधिकारी को दायित्व देने को कहा। हर स्तर पर गोष्ठी कर लोगों में यह भाव भरने पर बल दिया कि सभी को लगे कि उनके यहां हुई बारिश का पानी उनका है। इसका उपयोग और संरक्षण पर उनका अधिकार है। वहीं विभिन्न प्रचार माध्यमों से भी जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया।
सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाएं
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को राज्य के तमाम सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत समाहरणालय भवन से करें। जल शक्ति अभियान को शहर से लेकर गांव तक पहुंचाने की महत्ता बताते हुए उन्होंने इसके लिए हर वर्ग और संस्थान को जोड़ने पर बल दिया। उनके साथ गोष्ठी करने तथा लाभदायक सुझावों पर अमल करने का भी निर्देश दिया। जलाशयों तक वर्षा जल आबाध रूप से पहुंचे, इसकी व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने जलाशयों की कंक्रीट से घेराबंदी पर पूर्णतः रोक लगाने तथा जहां ऐसा हो चुका है, वहां चहारदीवारी के नीचे सुरंग बनाकर पानी को जलाशयों तक पहुंचने का रास्ता देने को कहा।
शेयर करें सक्सेस स्टोरी, पाएं पुरस्कार
मुख्य सचिव ने जल शक्ति अभियान के तहत हर जिले में किये गए प्रभावी कार्य को इसके लिए बने पोर्टल पर बतौर सक्सेस स्टेरी शेयर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य स्तर पर बेहतर परिणाम देने वाले तीन जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करनेवाले वाले दो-दो प्रखंड भी पुरस्कृत किए जाएंगे।
योजना से जल शक्ति समिति को अवगत कराएं
जल शक्ति अभियान में लगनेवाली राशि विभिन्न विभागों की सामान प्रकृति की योजनाओं से लेने का निर्देश देते हुए जल शक्ति समिति के अध्यक्ष सह विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह ने कहा कि इसके लिए अलग से बजट प्रावधान की जरूरत नहीं है। उन्होंने विभागवार समान प्रकृति की योजनाओं और फंड का ब्योरा देते हुए उसकी राशि के उपयोग का निर्देश दिया। कहा कि आनेवाले दस वर्षों में खनन और वन आधारित जीविका खेती-किसानी की ओर शिफ्ट करेगी, इसलिए भी अभी से जल संरक्षण पर फोकस जरूरी हो गया है। उन्होंने जल संरक्षण के छोटे-छोटे स्ट्रक्चर बनाने पर बल देते हुए उपायुक्तों को अपनी योजना से जल शक्ति समिति को अवगत कराने का निर्देश दिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में ये थे शामिल
जल शक्ति अभियान को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के तमाम उपायुक्तों संग संपन्न वीडियो कांफ्रेंसिंग में विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह के अलावा ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार, नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, पंचायती राज सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, मनरेगा आयुक्त श्री सिद्धार्थ त्रिपाठी व अन्य शामिल थे।
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