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मंगलवार, 6 अगस्त 2019

सावन महोत्सव का हुआ आयोजन


सामाजिक संस्था बाल विकाश मंच के तत्वावधान में धुर्वा स्थित अम्बेडकर रिजेंट ऑक्सफोर्ड स्कूल में सावन महोत्सव का आयोजन किया गया।इस अवसर पर राँची के उभरते गायक अवि ओर अमन ने सावन से संबंधित कई गीत प्रस्तुत  किए। इन्होंने  तेरा ज़िक्र, कभी जो बादल बरसे ,बारिश ,मैं रहु न रहूं,चुनर आदि कई गीतों से विद्यार्थियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।इस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य रुप से समाजसेवी अनिल कुमार राम,बाल विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी,स्कूल के निदेशिका संगीता कुमारी,प्राचार्य अमित कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।ये जानकारी अमन ने दी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी के निर्देशानुसार एल०पी०जी० कार्यशाला का आयोजन




विनय मिश्र
चक्रधरपुर।प्रखंड विकास पदाधिकारी, मनोहरपुर  जितेंद्र कुमार पांडे के निर्देशानुसार प्रखंड कार्यालय परिसर में एजेंसी कृष्णा शिवा इंडियन सर्विस के द्वारा एल०पी०जी० कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें उज्जवला योजना  के छुटे हुए लाभुकों को योजना का लाभ देने हेतु आवेदन के साथ KYC फार्म भरवाया गया ।

एजेंसी कृष्णा शिवा इंडियन सर्विस के द्वारा एल०पी०जी० गैस का इस्तेमाल कैसे करें. इस पर विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार पांडे के द्वारा  बताया गया कि उज्जवला योजना के  छूटे हुए लाभुकों को  योजना का लाभ  देने के उद्देश्य से  यह कार्यशाला प्रखंड अंतर्गत सभी पंचायतों में किया जाना है। ताकि जिले से प्राप्त लक्ष्य को हासिल कर उसका प्रतिवेदन भेजा जा सके।

कैम्ब्रियन पब्लिक स्कूल काठीटाड़ में लड़कियों को मार्शल आर्ट का नि शुल्क प्रशिक्षण


रांची।कैम्ब्रियन पब्लिक स्कूल काटी ताड़ रातू में  एक दिवसीय मार्शल आर्ट  सिखाने  के लिए  लड़कियों के लिए  नि शुल्क  कैंप का किया आयोजन।

 सामाजिक संस्था बाल विकास मंच की ओर से काटी ताड़  रातू स्थित  कैम्ब्रियन पब्लिक स्कूल के बच्चों को आत्मनिर्भर व सेहतमंद बनाने के लिए  निशुल्क प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। मंगलवार को इस प्रशिक्षण की शुरूआत समाजसेवी परमा सिंह ,स्कूल के प्राचार्य श्री सुशील कुमार एवं बाल विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी ने की। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को गरीब तबके के परिवारों के बच्चों में मार्शल आर्ट की सिखाने की पहल की है।

 इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कराटे की साहसिक विधाओं का जोशीला प्रदर्शन सीखा।

 प्रशिक्षण लेने वाले निर्धन बच्चों कराटे व मार्शल आर्ट गुरु वीक्की कुमार गुप्ता और  प्रह्ललाद कुमार ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण  दिया । इस अवसर पर मुख्य रूप से स्कूल की  उपप्राचार्य। रिया शर्मा , प्रकाश पवार,सहजाद कुरेशी,अबिदिता ,रुचि रानी सिंह ,अमन कुमार,रोहन आदि उपस्थित थे
ये जानकारी अमन ने दी।

सोमवार, 5 अगस्त 2019

विद्युत परियोजनाओं, आपूर्ति और राजस्व की समीक्षा

मुख्य सचिव ने झारखंड ऊर्जा संचरण निगम, विद्युत वितरण निगम के कार्यों और उसके राजस्व को लेकर मैराथन समीक्षा बैठक की
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विद्युत राजस्व की कम उगाही पर एरिया बोर्ड के जीएम पर करें कार्रवाईः डॉ डी के तिवारी
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रांची। सरकार ने लोगों को निर्बाध बिजली देने के चल रहे विभिन्न कामों के समय से पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का मन बना लिया है। इसे लेकर मुख्य सचिव डॉ. डी के तिवारी ने झारखंड ऊर्जा संचरण निगम, विद्युत वितरण निगम के कार्यों और उसके राजस्व को लेकर मैराथन समीक्षा बैठक की। उन्होंने लगभग तमाम एरिया बोर्डों द्वारा बिजली बिल के विरुद्ध कम राजस्व उगाही को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि बोर्डों के जीएम को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई करें। उन्होंने उनसे स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनके इंक्रीमेंट और प्रमोशन को रोकने का निर्देश दिया। इस मामले में मेदिनीनगर, गिरिडीह और धनबाद बोर्ड का प्रदर्शन सबसे खराब था। जबकि जमशेदपुर 90 फीसदी से अधिक राजस्व उगाही कर सभी बोर्डों में आगे था। मुख्य सचिव ने ऊर्जा वितरण निगम के एमडी से सर्किल स्तर पर राजस्व उगाही का आंकड़ा तलब किया है।

बन चुके पावर सब स्टेशनों को यथाशीघ्र चालू करें

मुख्य सचिव ने बन चुके पावर सब स्टेशनों को अन्य प्रक्रिया पूरी कर यथाशीघ्र चालू करने का निर्देश दिया। वहीं जिन एजेंसियों ने काम पूरा कर लिया है, उनके बिलों का भुगतान भी जल्द करने का निर्देश दिया। उन्होंने अब तक कार्य पूर्ण कर चुके एजेंसियों के बकाया भुगतान की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का भी निर्देश विद्युत वितरण निगम को दिया है। 33 और 11 केवी के लाइन का काम ससमय पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने इसे पूर्ण करने का समय तय किया।

सितंबर तक सभी घरों में मीटर लगाना सुनिश्चित करें

मुख्य सचिव ने घरों में मीटर लगाने की सुस्त प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए सितंबर तक कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। सिर्फ रांची में 89,015 घरों में मीटर लगाने की जगह अभी तक महज 37,236 घरों में मीटर लगाए गए हैं। वहीं उन्होंने काम पूरा हुए बिना एग्रीमेंट खत्म होने के बाद एजेंसी को एक्सटेंशन देने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सुपरविजन की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर समय से एजेंसी काम पूरा नहीं कर रही थी, तो उसकी मॉनिटरिंग होनी चाहिए थी और दंडात्मक प्रक्रिया अपना कर ससमय कार्य पूरा कराना चाहिए था।

ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण में देरी बर्दाश्त नहीं

ऊर्जा संचार निगम द्वारा निर्मित कराए जा रहे राज्य के कुल 26 ग्रिड सब स्टेशनों की कार्य प्रगति में कतिपय देरी पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि संबंधित एजेंसी को डिबार व टर्मिनेंट करने की कार्रवाई करें। कतिपय एजेंसियों द्वारा 90 फीसदी से अधिक काम करने के बाद उसे छोड़ देने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वैसी एजेंसी को काली सूची में डालने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने कार्यकारी एजेंसियों की उदासीनता से 10 से 15 फीसदी बचे काम को दूसरी कार्यरत एजेंसियों से कराने का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया गया कि लगभग सभी ग्रिडों का काम पूरा होने की स्थिति में हैं। मुख्य सचिव ने उसके कार्य पूर्ण होने की समयसीमा भी तय की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सितंबर के अंत तक सभी ग्रिड हर हाल में पावर सप्लाई करने लगें, इसकी व्यवस्था कर लें।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा सचिव श्री वंदना डाडेल, विद्युत वितरण निगम के एमडी श्री राहुल पुरवार, विद्युत संचार निगम लिमिटेड के एमडी निरंजन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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राष्ट्रीय वन नीति में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में मिली सफलताः इंदु शेखर चतुर्वेदी


2018-19 में 408 किलोमीटर नदी तटों पर लगाए गए 16.20 लाख पौधे

मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत 6.60 लाख पौधारोपण


रांची। प्रदेश को हरा-भरा रखने के लिए नए पौधे लगाने के साथ जंगलों एवं वन्य प्राणियों के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है. इस सिलसिले में पिछले साढ़े चार सालों से व्यापक और वृहद पैमाने पर पौधरोपण का अभियान चलाया जा रहा है और जंगलों का सीमांकन कर पेड़ों के कटाव पर रोक लगा दी गई है. वन,पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदु शेखर चतुर्वेदी ने आज सूचना भवन मे
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने हुए यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि 2015 से अबतक 12,09,89,185 पौधे लगाए गए हैं.  इसी का नतीजा है कि झारखंड में वन एवं वृक्षावरण क्षेत्र बढ़कर राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 33.21 प्रतिशत हो गया है. इस तरह राष्ट्रीय वन नीति में निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में पहली बार झारखंड को सफलता मिली है.

जन-भागीदारी से पौधरोपण बना बड़ा अभियान

श्री चतुर्वेदी ने बताया कि पौधरोपण को व्यापक अभियान का रूप देने के लिए जन-भागीदारी पर विशेष जोर है. आज न सिर्फ विभाग, बल्कि आम लोग भी पौधों को लगाने व रखरखाव के लिए आगे आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि वनों के प्राकृतिक पुनर्जनन और नदियों के पुनर्जनन को विशेष तरजीह दी जा रही है. 2018-19 से चल रहे वनों के प्राकृतिक पुनर्जनन योजना के अंतर्गत प्राकृतिक पौधों के पुनर्जनन के माध्यम से वनों के घनत्व और गुणवत्ता को बढ़ाया जा रहा है. भारतीय वन सर्वेक्षण देहरादून के द्वारा जारी स्टेट आफ फॉरेस्ट रिपोर्ट -2017 के मुताबिक झारखंड में वनों का घनत्व बढ़कर 18.2 करोड़ घन मीटर हो गया है, जो 2013 की तुलना में 14 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं, नदियों के पुनर्जनन के अंतर्गत 2018-19 में 408 किलोमीटर नदी तट पर 16.20  लाख पौधे लगाए गए हैं. जन-भागीदारी से पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में हर साल नदी महोत्सव-सह-वन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत लाभुक को पौधरोपण का 75 प्रतिशत दे रही सरकार

वर्ष 2016-17 से शुरु हुए मुख्यमंत्री जन वन योजना के अंतर्गत  वनों से बाहर वृक्षों के विस्तार किया जा रहा है. इसके अंतर्गत अबतक 6.60 लाख पौधे लगाए गए हैं. श्री चतुर्वेदी ने बताया कि इस योजना के तहत  पौधरोपण की लागत का 75 प्रतिशत लाभुक को सरकार देती है. इस योजना से 1823 किसान लाभान्वित हो चुके हैं. इसके अलावा वन क्षेत्र में जल संग्रहण हेतु 820 चेक डैम बनाए गए हैं.

पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ होने के मिले निशान

श्री चतुर्वेदी ने बताया कि बाघों की संख्या को लेकर आल इंडिया टाइगर एस्टीमेट रिपोर्ट-2018
में पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ की उपस्थिति नहीं होने की बात सामने आने पर विभाग ने
जब सर्वे किया तो दो नर और एक मादा बाघ होने के निशान मिले हैं. इसके साथ सारंडा और
हजारीबाग के जंगल में भी बाघ होने के अनुमान हैं. उन्होंने यह भी बताया कि हजारीबाग, चतरा, लोहरदगा और पलामू होते हुए छत्तीसगढ़ तक टाइगर हैबिटेट जोन है. चूंकि बाघ गतिशील जानवर है और इस  जोन में वह एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में विचरित करता रहता है.

जंगली जानवरों से हुई क्षति के मामले में मुआवजा की राशि में इजाफा

श्री चतुर्वेदी ने बताया कि जंगली जानवरों की वजह से होने वाली क्षति को लेकर सरकार द्वारा मुआवजा की राशि में इजाफा किया गया है. वर्तमान में जंगली जानवरों की वजह से मौत होने पर चार लाख रुपए मुआवजा दिया जाता है. इसी तरह घायलों और फसलों के नुकसान पर भी
मुआवजा राशि बढ़ाई गई है.

संवाददाता सम्मेलन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह विशेष सचिव, वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग श्री अजय कुमार रस्तोगी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, विकास श्री विक्रम सिंह गौड़, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजय कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी निदेशक, बंजर भूमि विकास बोर्ड श्री शशिनंद क्यूलियार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मानव संसाधन श्री अखिलेश कुमार और सूचना एवं जनसंपर्क के निदेशक श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता सहित अन्य मौजद थे.
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प्रधानमंत्री और देश के गृहमंत्री को बधाईः रघुवर दास


रांची। जम्मू कश्मीर पर देश की संसद(राज्यसभा) में ऐतिहासिक बिल के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रधानमंत्री और देश के गृहमंत्री को बधाई दी है। भारत की जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला यह विधेयक है। यह अखण्ड भारत के निर्माण का विधेयक है।

करोड़ों देशवासियों की चाहत है कि कश्मीर घाटी आतंकवाद मुक्त हो

कश्मीर को लेकर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान जिसका नाम पूरी दुनिया में आतंकवाद फैलाने को लेकर कुख्यात है, जो छद्म युद्ध या आतंकवाद के माध्यम से कश्मीर या भारत के अन्य भागों में अराजकता फैलाना चाहता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में आतंकवाद पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। करोड़ों देशवासियों की चाहत है कि कश्मीर घाटी आतंकवाद मुक्त हो, देश के अन्य हिस्सों में जिस तरह विकास हो रहा है कश्मीर में भी उसी तरह का विकास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में खुशहाली एवं अमन चैन की प्रार्थना की

श्रावण मास के तीसरी सोमवारी के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर प्रांगण में भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर राज्य में खुशहाली एवं अमन चैन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी सोमवार के साथ-साथ आज नागपंचमी भी है, समस्त झारखंडवासियों को इस अवसर पर ढेर सारी शुभकामनायें।

राज्य के विकास को तेज गति देने की शक्ति दें भगवान शिव


राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के लिए लगातार साढ़े चार वर्षों से सेवा कर रहा हूं, मुझे दास के रूप में सेवा का जो अवसर मिला है मैं उसे पूर्ण करने में लगा हूं, आने वाले समय के लिए भी भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि राज्य के विकास को तेज गति देने की शक्ति दें, राज्य की प्रगति हेतु सामर्थ्यवान बनायें।

जलार्पण के पश्चात मंदिर प्रांगण में किया पौधारोपण


बारीडीह स्थित हरि मंदिर प्रांगण से जल संकल्प कराकर माननीय मुख्यमंत्री ने कांवरियों के साथ पदयात्रा करते हुए सिदगोड़ा स्थित शिव मंदिर में जलार्पण किए। बोल बम का जयकारा लगाते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास कावरियों का भी हौसला बढ़ा रहे थे। जलार्पण के पश्चात* *माननीय मुख्यमंत्री ने मंदिर प्रागण में पोधारोपण भी किए एवं शिवभक्तों से मिलकर उन्हें शुभकामनायें दी।

राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिदिन सुनवाई हेतु सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आभार

2014 के बाद से भारतीय राजनीति में राष्ट्रीयता का पुनर्जागरण हुआ है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रतिदिन सुनवाई करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आभारी हूं। भगवान राम भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। अयोध्या में भगवान राम का मंदिर अवश्य बने इस दिशा में सभी धर्म और संप्रदाय के लोगों से अनुरोध है कि आपसी सदभाव और सौहार्द्र की भावना से मंदिर निर्माण में सहयोग करें।

कश्मीरी अवाम और संविधान के साथ खिलवाड़ः दीपंकर भट्टाचार्य



नई दिल्‍ली। भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35 ए को हटाने की कार्रवाई को कश्मीर और देश के संविधान के साथ खिलवाड़ बताते हुए उनकी पुनर्बहाली की मांग की है। माले के झारखंड राज्य कार्यालय सचिव ने श्री भट्टाचार्य की प्रतिक्रिया जारी की है।

श्री भट्टाचार्य के बयान के मुताबिक राष्ट्रपति के आदेश द्वारा धारा 370 को रद्द करना और जम्‍मू एवं कश्‍मीर राज्‍य को दो केन्‍द्र शासित क्षेत्रों -लद्दाख और जम्‍मू एवं कश्‍मीर- में विभाजित करना भारतीय संविधान के विरुद्ध तख्‍तापलट जैसी कार्यवाही से कम नहीं है. मोदी सरकार अपने लुके-छिपे, साजिशाना और गैर-कानूनी तौर तरीकों से संविधान को और कश्‍मीर को बाकी भारत से जोड़ने वाले महत्‍वपूर्ण ऐतिहासिक पुल को, जलाने का काम कर रही है.
इस तख्‍ता पलट की तैयारी में मोदी सरकार ने पिछले एक सप्‍ताह से कश्‍मीर की घेराबंदी कर रखी थी. दुनियां के इस सबसे अधिक सैन्‍यीकृत क्षेत्र में 35000 सैन्‍य बल और भेज दिये गये थे. सैलानियों और तीर्थयात्रियों को घाटी छोड़ने की चेतावनी दे दी गयी थी, जबकि वहां कश्‍मीरी लोगों ने उनके स्‍वागत में अपने दरवाजे खोले हुए थे. उसके बाद अब, विपक्ष के नेताओं को नजरबन्‍द कर दिया गया है, इण्‍टरनेट को बंद कर दिया है, पेट्रोल की बिक्री बंद है, और पुलिस थाने सीआरपीएफ को सौंप दिये गये हैं.

संविधान के अनुसार जम्‍मू एवं कश्‍मीर की सीमाओं को पुर्ननिर्धारित करने अथवा धारा 370 और धारा 35A के बारे में कोई भी निर्णय वहां की राज्‍य सरकार की सहमति के बगैर नहीं लिया जा सकता है. 2018 में जम्‍मू एवं कश्‍मीर विधानसभा बगैर किसी दावेदार को सरकार बनाने का मौका दिये गैरकानूनी तरीके से भंग कर दी गई थी. फिर केन्‍द्र सरकार ने संसदीय चुनावों के साथ जम्‍मू एवं कश्‍मीर में विधानसभा के चुनाव कराने से इंकार कर दिया था. इसलिए राष्‍ट्रपति द्वारा जारी किया गया यह आदेश पूरी तरह से एक तख्‍तापलट है.

जिस प्रकार नोटबंदी ने भ्रष्‍टाचार और कालेधन को कम नहीं किया, बल्कि इसने आम जनता के लिए नई समस्‍यायें पैदा कर दीं और भ्रष्‍टाचार को बेतहाशा बढ़ा दिया, उसी प्रकार जम्‍मू एवं कश्‍मीर के बारे में ऐसा हादसा जनक और गुप्‍त फैसला जबकि वहां इस समय एक चुनी हुई विधानसभा भी नहीं है, कश्‍मीर समस्‍या को हल नहीं करेगा बल्कि वहां के हालात को और खराब कर देगा. वहां बढ़ाया जा रहा सैन्‍य बलों का जमावड़ा और विपक्षी दलों पर हमला जम्‍मू एवं कश्‍मीर की जनता को और ज्‍यादा अलगाव में डाल देगा.

इस प्रकार का तख्‍तापलट केवल कश्‍मीर के हालात पर ही बुरा असर नहीं छोड़ेगा, बल्कि यह संविधान पर एक सीधा हमला है और इसका असर पूरे भारत पर पड़ेगा. भाजपा जम्‍मू एवं कश्‍मीर में उठाये गये इस कदम से, नागरिकता संशोधन बिल और एन.आर.सी. आदि के माध्‍यम से भारत को फिर से 1940 के दशक वाली उथल-पुथल और अशांति की ओर धकेल रही है. जम्‍मू एवं कश्‍मीर में आज वस्‍तुत: आपातकाल लागू कर दिया गया है – पूरे भारत को दृढ़ता से इसके विरोध और प्रतिरोध में खड़े होना होगा क्‍योंकि यही आपातकाल जल्‍द ही पूरे भारत में फैलने के संकेत दे रहा है.

भाकपा(माले) संकट के इस समय में जम्‍मू एवं कश्‍मीर की जनता के साथ खड़ी है और यह आह्वान करती है कि संविधान पर हुए इस हमले और तख्‍तापलट के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन आयोजित किये जाएं. हम मांग करते हैं कि कश्‍मीर घाटी से सैन्‍य बल तुरंत हटाये जायें, धारा 370 और धारा 35A को तुरत बहाल किया जाय और सभी विपक्षी नेताओं को नजरबन्‍दी से तत्‍काल रिहा किया जाय.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...