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गुरुवार, 5 सितंबर 2019

युवा रोजगार के मामले में झारखंड लिम्का बुक्स ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल

राष्ट्रीय युवा दिवस 2018 में 26,674 युवाओं को मिला रोजगार
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★ युवा शक्ति को रोजगार देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना लक्ष्य
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रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास से आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव  शैलेश कुमार सिंह, झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के सीईओ श्री अमर झा एवं उद्योग निदेशक  कृपानंद झा ने मुलाकात कर यह जानकारी दी कि झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी द्वाराअयोजित 2018 में राष्ट्रीय युवा दिवस पर एक मंच से राज्य के 26,674 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराए जाने को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड (Limca Book of Records) में दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह राज्यवासियों के लिए गर्व की बात है. यह सम्मान झारखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी स्थान प्राप्ति के लिए और प्रेरित करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में राष्ट्रीय युवा दिवस पर 1,06,619 युवाओं को रोजगार दिया गया। अब तक 2 वर्षों में विभिन्न विभागों के द्वारा कौशल विकास के माध्यम से पिछले 1,90,000 लोगों को रोजगार दिया गया है।* मुख्यमंत्री ने कहा टीम झारखंड दिन प्रतिदिन नित नए विश्व कीर्तिमान बना रहा है. यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे कार्यों का ही परिणाम है.

युवा शक्ति को सशक्त बनाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि युवा शक्ति को रोजगार देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना लक्ष्य है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से बेरोजगार युवक-युवतियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रतिबद्ध प्रयास किया है.

युवा शक्ति को विकसित करके ही समृद्ध और नए झारखंड की कल्पना पूरी की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोमेंटम झारखंड के तहत राज्य में उद्योग स्थापित हो रहे हैं. राज्य में जितने उद्योग बढ़ते जाएंगे साथ ही साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. आने वाले कुछ वर्षों में राज्य में हो रहे पलायन को पूर्ण रूप से रोकना सरकार का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को विकसित करके ही समृद्ध और नए झारखंड की कल्पना पूरी की जा सकेगी.

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के प्रधान सचिव, उद्योग निदेशक, झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी के सीईओ सहित अन्य सभी कर्मियों को बधाई दी

ज्ञात हो कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी द्वारा 12 जनवरी 2018 को एक मंच से झारखंड के 26,674 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था. यह लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड में (Limca Book of Records) दर्ज हुआ है. 12 जनवरी 2018 को रांची के खेल गांव स्थित टाना भगत स्टेडियम के एक मंच से 26,674 प्लेसमेंट राज्य के बच्चों को दिया गया था. इतनी बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी द्वारा राज्य में कुल 38 प्लेसमेंट सेंटर स्थापित किए गए थे वहीं 221 प्लेसमेंट ड्राइव चलाए गए थे. इस प्लेसमेंट महाकुंभ में 56,423 युवक युवतियां नौकरी के लिए आवेदन किया था. विभिन्न कंपनियों द्वारा राज्य के युवक-युवतियों को दिए गए जॉब ऑफर्स का डिजिटलाइज्ड रिकॉर्ड झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के हुनर (HUNAR) पोर्टल पर देखा जा सकता है.

बीमा सप्ताह के दौरान मीना पुरुषोत्तम को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया



विनय मिश्र
चक्रधरपुर, 5 सितंबर। चक्रधरपुर की उर्वरक धरती पर कई नामचीन लोगों ने अपने परिश्रम,लगन,आत्मविश्वास से अपनी सशक्त पहचान बनाई है और यह साबित किया है कि मेहनत से सब संभव है इसी कड़ी की एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम की  वरिष्ठ अभिकर्ता मीना पुरूषोत्तम  को शाखा प्रबंधक राजेश यादव तथा उपशाखा प्रबंधक वाई के उपाध्याय ने प्रतीक चिन्ह् देकर सम्मानित किया गौरतलब हो कि  एलआईसी चक्रधरपुर में बीमा सप्ताह मनाया जा रहा है गौरतलब हो कि महिला अभिकर्ता के रूप में  मीना पुरूषोत्तम 1978 से एलआईसी में  अभिकर्ता के रूप में कार्यरत  हैं। 1982 से 2019 तक लगातार चैयरमेन क्लब की  अध्यक्ष बनी हुई है जो इनकी दक्षता को दर्शाता है इसके अलावे बेहतर कार्य करने वाले अन्य अभिकर्ताओं  को भी सम्मानित किया गया ।गौरतलब हो कि इनके पति आर पुरूषोत्तम राव व दोनों पुत्र आर.श्री कांत और आर श्रवण कुमार भी अभिकर्ता के रूप में कार्यरत हैं जो इनके पूरे परिवार की सफलता को दर्शाता है और यह कहा जा सकता है
"औरों के साथ भी
 अपनों के साथ भी"

चक्रधरपुर में गणेश पूजा की धूम



मुख्य मार्ग पर स्थानीय मुनि बाबा धर्मशाला में स्थापित भगवान गणेश की  विशालकाय प्रतिमा लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है प्रातःकाल से लेकर संध्या तक भक्तों की भीड़ लगी रहती है दोपहर में भक्तों के बीच खिचड़ी का वितरण किया जाता है  तथा  शाम को विशेष पूजा व आरती में लोगों की भीड़ लगती है आरती के तत्पश्चात प्रसाद का वितरण किया जाता है इस पूजा पंडाल में प्रख्यात पंडित अश्विनी पाठक व अनंत पाठक विधिवत पूजा अर्चना कराते आ रहे हैं ।

निर्मला कॉवेंट में मना शिक्षक दिवस

 

रांची। निर्मला कॉवेंट हाई स्कूल में  समारोह पूर्वक शिक्षक दिवस समारोह पूर्व मनाया गया । यह आयोजन कक्षा सात से लेकर कक्षा दशम तक के छात्रों द्वारा किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के साथ सभी शिक्षकों के सामूहिक आरती के साथ किया गया तत्पश्चात गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णु मंत्रोचारण के साथ कार्यक्रम को अग्रसारित किया गया । स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ - साथ कई अन्य मनोरंजक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए । सभी प्रस्तुतियां एक से बढ़कर एक थीं । कार्यक्रम के अंत तक बच्चों ने तालियां बजाना कंटिन्यू रखा । दूसरे ग्रुप ने पारंपरिक ड्रेस में झारखंडी संस्कृति को मानो जीवंत रूप में प्रस्तुत कर दिया हो ।  कुछ उत्कृष्ट व बेहतरीन प्रस्तुतियां को देखकर शिक्षक भावविभोर हुए तो वहीं अनेकानेक प्रस्तुतियों ने सभी के दिलों में खुशी की लहर दौड़ाने का काम किया । कक्षा 7 की छात्रा ने खूब तालियां बटोरी तो वहीं कक्षा 8 की छात्रा ने खूब वाहवाही बटोरी । वास्तविक आनंद की अनुभूति तो तब हुई जब ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी । अन्य आकर्षक और मनमोहक प्रदर्शन करने वालों में तथा अन्य थे। वहीं कक्षा दस के स्टूडेंट्स ने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डालकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया । दूसरी कुछ स्टूडेंट्स ने संगीत के माध्यम से सभी को हर्षित किया । मौके पर प्रिंसिपल ने विद्यालय के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दिया एवम् बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करते हुए उसके सकारात्मक प्रयोग के लिए प्रेरित करना है । इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अभी तक टेक्नोलॉजी इतनी विकसित नहीं हुई है हो शिक्षकों को प्रस्थापित कर सके । बच्चों के रुचि और भावों को समझते हुए ज्ञान प्रदान करने में सिर्फ मानव शिक्षक ही सक्षम है ।   का संचालन स्कूल के विद्यार्थियों ने ही सफलता पूर्वक किया साथ ही पूरे कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने में अहम भूमिका निभाया जबकि पूरा कार्यक्रम स्कूल की हेड गर्ल एवं हेड ब्वॉय के देख - रेख में संपन हुआ ।

किड्स जोन स्कूल में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस


चक्रधरपुर ।गुरुवार 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर किड्स जोन इंग्लिश मीडियम स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूल के बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के साथ की गई ।वही बच्चों ने गीत संगीत और नाटक के माध्यम से लोगों के मन को मोहा। वही  किड्स जोन इंग्लिश मीडियम स्कूल के डायरेक्टर व प्रिंसिपल असद अनिस ने कहा हमारी स्कूल में बेहतर शिक्षा और डिसिप्लिन के साथ साथ समाज में फैली हुई बुराइयों को कैसे दूर की जाए और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए हमारे स्कूल के बच्चों द्वारा प्रभातफेरी  हमेशा निकाली जाती है जिससे बच्चों के माध्यम से लोगों को जानकारी मिले।वही किड्स जोन इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चों ने शिक्षकों को छोटे-छोटे तौफा और फूल देकर सम्मानित किया। मौके पर  डायरेक्टर व प्रिंसिपल असद अनीश ,वाइस प्रिंसिपल पी गौरी , आदमीन, आयशा नाज, एग्जामिनर और कोऑर्डिनेटर रकीबा परवीन ,जयंती टीयू, नूर शमा,  अ्सर खातून ,  आयशा हक व बच्चों के अभिभावक उपस्थित थे।

होटल रेडिसन ब्लू में डोनट एंड क्रोनट फूड फेस्टिवल शुरू


लजीज फ्राइड फूड व्यंजन का पहली बार लुत्फ उठा सकेंगे 


रांची। होटल रेडिसन ब्लू में आज से क्रोनट एंड ड्रोनट फ्राइड फूड फेस्टिवल आज से शुरू हो गया। होटल के केरेमेल रेस्टूरेंट में आयोजित डोनट एंड क्रोनट फेस्टिवल में लजीज फ्राइड फुड परोसे जाएंगे।इस संबंध में होटल के शेफ ने बताया कि यह फूड फेस्टिवल पहली बार रांची में आयोजित किया जा रहा है। जिन्हें "डोनट या मीठे आटे की गेंद भी कहा जाता है, जो रिंग या छोटे गोल केक या फ्लैट सैंडविच लुक के आकार को अंदर भरने के साथ ले सकता है, एक डोनट या  डोनट (अमेरिकी अंग्रेजी में बाद की वर्तनी अक्सर देखी जाती है) एक प्रकार का तला हुआ आटा मिष्ठान्न या मिठाई भोजन है।  डोनट कई देशों में लोकप्रिय है और इसे मीठे नाश्ते के रूप में विभिन्न रूपों में तैयार किया जाता है।  डोनट्स आमतौर पर एक आटे के आटे से गहरे तले हुए होते हैं, और आम तौर पर या तो अंगूठी के आकार या शेफ रचनात्मकता के अनुसार कई आकार होते हैं और गेंद के आकार के भी हो सकते हैं। जैसे कि चीनी, चॉकलेट या मेपल ग्लेज़िंग।  डोनट्स में पानी, लेवनिंग भी शामिल हो सकते हैं।  अंडे, दूध, चीनी, तेल, छोटा और प्राकृतिक या कृत्रिम स्वाद।  दो सबसे आम प्रकार हैं रिंग डोनट और भरे हुए डोनट, जिन्हें फलों के संरक्षण, क्रीम, कस्टर्ड या अन्य मीठे भोजनों के साथ इंजेक्ट किया जाता है।  वैकल्पिक रूप से, आटा के छोटे टुकड़ों को कभी-कभी डोनट छेद के रूप में पकाया जाता है।  एक बार तला हुआ, डोनट्स को चीनी के टुकड़े के साथ चमकाया जा सकता है, शीर्ष पर आइसिंग या चॉकलेट के साथ फैलाया जा सकता है, या पाउडर चीनी या स्प्रिंकल्स या फल के साथ टॉप किया जा सकता है। वहीं,  क्रोनट एक क्रोनट एक क्रूसेंट डोनट पेस्ट्री है जिसका आविष्कार न्यूयॉर्क शहर में किया गया था।  पेस्ट्री एक डोनट जैसा दिखता है, लेकिन क्रस्ट पर कुरकुरा होता है और अंदर से नरम होता है।  पेस्ट्री एक डोनट जैसा दिखता है और क्रोइसैन से बनाया जाता है - आटा की तरह जो स्वाद क्रीम से भरा होता है और डीप फ्राइड अल "कारमेल" होता है। साथ क्रिशेंट डोनट, लॉन्ग जॉन फ्रॉस्टिंग और आइसिंग, नींबू दही के साथ खट्टा क्रीम डोनट, मेपल बार, बर्लिनर। इस अवसर पर होटल के महाप्रबंधक शांतनु गुहा,शेफ सौरभ घोष, रामचंद्र उरांव सहित अन्य मौजूद थे।

मंगलवार, 3 सितंबर 2019

आंगनबाड़ी सेविकाओं का बढ़ेगा मानदेय

 विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन का आदेश

रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी बहनों के प्रति संवेदनशील है। वे अच्छा काम कर रही हैं। सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। आंगनबाड़ी सेविकाओं के अतिरिक्त मानदेय के संबंध में निर्णय लेने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन का आदेश दिया। इस कमेटी में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव व विभागीय सचिव भी रहेंगे। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार निर्णय लेगी। उक्त बातें उन्होंने झारखंड मंत्रालय में आंगन बाड़ी के साथ बैठक के दौरान कहीं।

आंगनबाड़ी सेविकाओं की प्रोन्नति

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के महिला पर्यवेक्षिका के पद पर प्रोन्नति के संबंध में उम्र की सीमा बढ़ाने का आदेश दिया।

आंगनबाड़ी सेविकाओं सहायिकाओं को बीमा की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को भारत सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित किया जायेगा।

आंगनबाड़ी कर्मियों की उम्र 60 से बढ़कर 62 होगी

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की कार्य करने की उम्र सीमा 60 से बढ़ा कर 62 वर्ष करने, पोषण सखियों को विशेष अवकाश प्रदान करने का आदेश दिया।

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं से उनका पक्ष लिए बिना उन्हें हटाया नहीं जाएगा

साथ ही आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं से उनका पक्ष प्राप्त किये बिना उन्हें चयन मुक्त नहीं करने का आदेश दिया। साथ ही, हड़ताल की अवधि में मानदेय का नियमानुसार भुगतान का भी आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के नौनिहालों के विकास में आंगनबाड़ी का काफी महत्व है। यह संस्कार का मंदिर है। आंगनबाड़ी की बहनें झारखंड से कुपोषण को समाप्त करने में योगदान दे।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, खाद्य आपूर्ति सचिव श्री अमिताभ कौशल,वार्ता के दौरान आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ झारखंड प्रदेश (संबद्धता भारतीय मजदूर संघ) से श्री आदित्य साहू, श्री राम चंद्र गोप, श्रीमती फूलमती देवी, श्रीमती बालो मणि बाखला, श्रीमती बिंदु रानी, श्रीमती पुष्पा देवी, श्रीमती रामधनी देवी, श्रीमती शांति लता टुड, श्री राजकुमार भगत एवं वर्क्स यूनियन से श्री बालमुकुंद सहाय, श्रीमती बीना सिन्हा, श्रीमती सुमन कुमारी, श्रीमती सीता तिग्गा प्रमुख रूप से उपस्थित थे

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...