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मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019

केंद्र सरकार ने "द स्वच्छ भारत रिवोल्यूशन" पुस्तक जारी की

स्वच्छ भारत मिशन के पोलिटिकल लीडरशीप में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के प्रयासों को सराहा गया
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पुस्तक के पोलिटिकल लीडरशीप अध्याय का पहला आलेख मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास का
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★ ओडीएफ प्लस अभियान में भी अग्रणी भूमिका निभायेंगे
-- रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखंड
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत पोलिटिकल लीडरशीप में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के प्रयासों को सराहा गया है। स्वच्छ भारत मिशन के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार द्वारा "द स्वच्छ भारत रिवोल्यूशन पुस्तक" जारी की गयी है। इसमें पांच सालों के दौरान स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े लोगों के अनुभवों को साझा किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पुस्तक की प्रस्तावना लिखी है। इसी पुस्तक में पोलिटिकल लीडरशीप चैप्टर में पहले आलेख के रुप में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के आलेख को स्थान दिया गया है। इस किताब का संपादन केंद्रीय पेयजल स्वच्छता सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने किया है। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री को पुस्तक की प्रति पेयजल स्वच्छता विभाग की सचिव श्रीमती अराधना पटनायक ने भेंट की। यह प्रति श्री अय्यर ने विशेष तौर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास को भेजी है।

देश में पहली बार रानी मिस्त्री के माध्यम से महिलाओं को भी शौचालय निर्माण से जोड़ा गया

पुस्तक में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने लिखा है कि राज्य में जन-जन की भागीदारी से किस प्रकार स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाया गया है। इसमें देश में पहली बार रानी मिस्त्री के माध्यम से महिलाओं को भी शौचालय निर्माण से जोड़ा गया। इसी प्रकार शौचालयों पर आकर्षक पेंटिंग करायी गयी। झारखंड में वर्ष 2018 के जनवरी-फरवरी में किस प्रकार में स्वच्छता संकल्प अभियान चलाकर 15 लाख ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर 3.5 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसी प्रकार जून में 11 दिनों के भीतर एक लाख ग्रामीण घरों में शौचालय बनाये गये।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के शब्दों में (आलेख से उदृत कुछ मुख्य बातें) :

2014 में जब हम सरकार में आये, तो राज्य की 80 प्रतिशत जनता के शौचालय की सुविधा नहीं थी। इस कारण लोगों को कई प्रकार की बीमारियां होती रहती थी। लड़कियों व महिलाओं को भी शौचालय नहीं होने के कारण कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी इस समस्या को हाथों-हाथ लिया और स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया। राज्य के मुख्य सेवक के तौर पर लोगों को इन परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए इस अभियान में प्रशासनिक तंत्र को लगा दिया।

प्रकृति के अनुकूल हमने ट्वीन पिट शौचालय तकनीक को बढ़ावा दिया

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि हमारे लिए यह लंबा सफर था। दो करोड़ लोगों को पुरानी विचारधारा से बाहर निकाल कर शौचालय के उपयोग के लिए प्रेरित करना था। स्वच्छता हमारे लिए केवल शौचालय बनाना नहीं था, बल्कि झारखंड को स्वच्छ और स्वस्थ राज्य बनाना है। हमारे यहां हर जिले व गांव में स्वच्छ अधिकारी हैं, जो लोग शौचालय का इस्तेमाल करें, यह सुनिश्चित करते हैं। हमारे स्वच्छाग्रही व जल सहिया बहनों ने इसमें अहम भूमिका अदा की है। झारखंड के प्रकृति के अनुकूल हमने ट्वीन पिट शौचालय तकनीक को बढ़ावा दिया। इनका रखरखाव भी काफी आसान है। मिस्त्री की कमी को पूरा करने के लिए हमने 70 हजार महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रानी मिस्त्री बनाया। इसके साथ ही 38 हजार महिलाओं को स्वच्छाग्रही बनाया गया, जो लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम कर रही हैं। झारखंड के स्कूलों, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य केंद्रों पर हर माह की 19 तारीख को स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। हर माह की दो तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता सभा आयोजित की जाती है।
     
केंद्र सरकार द्वारा हर संभव मदद मिली

हमने अपना वादा पूरा करते हुए 15 नवंबर 2018 को झारखंड को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया। यह सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राजनैतिक नेतृत्व के कारण संभव हो पायी है। उनके निर्देश के कारण केंद्र सरकार द्वारा इसमे हर संभव मदद की गयी। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और हमारे सवा तीन करोड़ झारखंडवासियों के उत्साह को देखते हुए मैं यह कह सकता हूं की हम ओडीएफ प्लस अभियान में भी अग्रणी भूमिका निभायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में "कर्ता परियोजना" की शुरुआत की


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★आम लोग इसे अपने मोबाइल पर डाउनलोड करें और सेवा का लाभ लें

★सेवा देने वाले भी कर्ता एप से रजिस्टर्ड हों

★ "कर्ता एप" की शुरुआत सराहनीय कदम
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रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आज के आइटी युग में तकनीक के इस्तेमाल से हम रोजमर्रा के काम आसानी से कर सकते हैं। आम लोगों आसानी से छोटे-मोटे काम निपटा सकते हैं। इस कड़ी में "कर्ता एप" की शुरुआत एक सराहनीय कदम है। इस एप के माध्यम से लोग पलंबर, इलेक्ट्रिशियन, हाउस कीपिंग सर्विस, ड्राइवर, गार्ड, नर्सिंग आदि की सेवाएं घर बैठे पा सकेंगे। इससे न केवल आम लोगों को सुविधा होगी, बल्कि इस सेवा से जुड़े लोगों को भी आसानी से काम के लिए एक प्लेटफार्म मिल जायेगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय में "कर्ता परियोजना" की शुरुआत करते हुए कहीं।

आम जनता मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर सेवा का लाभ लें

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आम लोग इसे अपने मोबाइल पर डाउनलोड करें और सेवा का लाभ लें। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि इससे जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं की पूरी जांच कर इसमें शामिल करें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सेवा प्रदाताओं से बातचीत कर उनकी जरूरत व सुझाव को भी जाना।

अक्टूबर माह तक निर्माण परियोजना से जुड़े मजदूरों का भी निबंधन पूरा करें

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सभी सेवा प्रदाताओं को प्रधानमंत्री श्रमशक्ति अभियान के तहत श्रम विभाग से पंजीकृत करायें, ताकि सभी श्रमिकों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। इसमें दुर्घटना पर मृत्यु के दौरान दो लाख रुपये की तत्काल सहायता, बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, सेफ्टी किट आदि मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह तक राज्य में चल रहे विभिन्न परियोजना से जुड़े मजदूरों का भीभवन सन्निर्माण बोर्ड से निबंधन पूरा करा लें। दीपावली पर सरकार बोर्ड के से पंजीकृत श्रमिक बहनों को साड़ी व श्रमिक भाइयों को पेंट-शर्ट देगी।

राज्य सरकार लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से लोग घर बैठे सुविधा पा सकेंगे। इससे जुड़ी परेशानी के निदान के लिए एक कॉल सेंटर भी शुरू किया जा रहा है।

राज्य के मुख्य सचिव श्री डी के तिवारी ने इस एप को अधिक से अधिक यूजर फ़्रेंडली बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा चलाये जा रहे वन सिटी वन इंपैक्ट कार्यक्रम के तहत रांची में इसकी शुरुआत की गयी है।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कर्ता एप के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने पर जोर दिया।

स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री अमित कुमार ने बताया कि इस एप के तहत बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्र के कुशल व अर्द्ध कुशल सेवा प्रदाताओं को सूचीबद्ध किया है। इसे आसानी से गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। जल्द ही इसे आइओएस पर भी उपलब्ध कराया जायेगा। लोग karta.org.in से भी इस सेवा व एप का लाभ ले सकते हैं।

इसके अलावा कार्यक्रम में इससे जुड़े अधिकारियों, सेवा देने वाले लोग सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

युवा दस्ता ने सिटी एसपी से की ड्रोन व मेटल डिक्टेटर से निगरानी की मांग



 

आज दिनांक 01-10-2019 दिन मंगलवार को युवा दस्ता की ओर से सिटी एसपी हरि लाल चौहान एवं अपर जिला डंड अधिकारी विधि व्यवस्था अखिलेश कुमार सिन्हा जी से मिलकर दुर्गा पूजा में विधि व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। इस अवसर पर आशुतोष द्विवेदी, बादल सिंह,राजीव रंजन ने संयुक्त रूप से विभिन्न मांगों को रखकर माँ भवानी के भक्तों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो इस संबंध में काफी महत्वपूर्ण मांगो को उनके समक्ष रखा। इस मौके पर युवा दस्ता के पदाधिकारियों ने कहा कि विगत कई वर्षों से राजधानी राँची में माँ भवानी की पूजा 155 जगहों पर होती है। इस अवसर पर लाखों की भीड़ माँ के दर्शन में अवतरित होते है परंतु जिला प्रशासन की सेवा अति आवश्यक है। इस अवसर पर सभी पंडालो में सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वायड से निगरानी, महिला पुलिसकर्मी की व्यवस्था, ड्रोन से निगरानी, सभी पंडालो में पुलिस पदाधिकारीयो का हेल्प लाइन नंबर लगाना,फायर बिग्रेड की व्यवस्था।वृद्ध एवं द्विवांग लोगों के लिए अलग से माँ के दर्शन के लिए व्यवस्था की जाए।पॉकेट मार एवं असमाजिक तत्वों पर कड़ी  निगरानी रखा जाए।इस अवसर पर युवा दस्ता के सभी सदस्य माँ भवानी की सेवा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहेंगे।इस अवसर पर सिटी एसपी एवम adm लॉ ने कहा कि हमें युवा दस्ता पर पूरा भरोसा है।युवा दस्ता के सभी युवा हमेसा अपनी जिम्मेदारियों को सही से निभाते है।इस वर्ष के 155 पंडालो में जिला प्रशासन के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहेंगे।साथ ही साथ जिला प्रशासन सभी नजदीकी थानों को भी इस कि जानकारी दी जाएगी।माँ भावनी की पूजा में भक्तों की सेवा में पुलिस प्रशासन हमेसा तात्पर्य रहेगी।ये जानकारी मीडिया प्रभारी राहुल सोनी ने दी।।

लायंस इंटरनेशनल के दो रक्तदान शिविर, में 80 यूनिट रक्त का संग्रह


आज दिनक 1 अक्टूबर को लायंस इंटरनेशनल 322A के तहत राँची में दो जगह पे ब्लड डोनेशन का प्रोग्राम रखा गया। पहला हरिओम टावर लालपुर में और दूसरा गवर्मेंट पॉलिटेक्निक कडरू राँची में शिविर लगाया गया। सारा ब्लड सेवा सदन ब्लड बैंक में डोनेट किया गया। पहले शिविर का संचालन लायन रवि प्रकाश एवं लायन पूनम आनंद थी। यंहा पे सुबह 10 बजे से 2 बजे तक मे  35 यूनिट जमा की गई। यंहा राँची ईस्ट से लायन दिवाकर, लायन अमित लायन अनुपम, राँची लाइफ से लायन विकाश और लायन विभूति , राँची गलैक्सि से लायन रिंकी, राँची फेमिना से लायन उषा, लायन शोभना, लायन गीता, लायन प्रीति, लायन विनीता   राँची रॉयल से लायन रंजना और लायन सोहिनी ने मुख्यरूप से उपस्थित थे। दूसरे शिविर का संचालन लायन अर्चना , लायन लवी , लायन मनोज और लायन दीपक ने किया ,यंहा पे 45 यूनिट जमा की गई। यंहा धुर्वा, राँची नार्थ, राँची क्वीन मुख्य रूप से उपस्थित थे।
इसके मुख्य अतिथि सेवा सदन के अध्यक्ष श्री सरावगी  ने सबों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

वीरेंद्र भूषण बने कोल्हान के आयुक्त


चाईबासा। राज्य के पांचवें प्रमंडल कोल्हान में नये आयुक्त के रूप में वीरेंद्र भूषण को नियुक्त किया गया है श्री भूषण इससे पूर्व जेल आई जी थे तथा उन्हें कोल्हान के 22वें आयुक्त के रूप में पदस्थापित किया गया है विदित हो कि तत्कालीन आयुक्त विजय कुमार सिंह 30 अगस्त को सेवा निवृत्त हो गये जिसके पश्चात कोल्हान के आयुक्त का पद रिक्त था

ई-रिक्शा चलाते दिखे उपायुक्त आरवा राजकमल


किसी नौकरशाह में ऐसी सादगी कहीं देखी है क्या? उपायुक्त हो तो ऐसा आरवा राजकमल जैसा
डीसी शब्द सुनते ही जिला प्रशासन के प्रमुख जिला प्रशासन के सर्वोच्च व्यक्ति व अधिकारी के रूप मे सामने आते है उपायुक्त अगर ई रिक्शा चलाते दिखाई पडे तो उपायुक्त की सरलता विनम्रता निश्चित तौर पर प्रशंसनीय है ।

समाज सेवा ही सदानंद होता के जीवन का एकमात्र लक्ष्य




* परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो, हर हाल में खुश रहना और दूसरों को भी खुशी प्रदान करना इंसान की महानता कहलाता है। विपरीत परिस्थितियों में भी सीमित संसाधनों के बीच समाज सेवा और पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ते रहना व्यक्ति की विशेषता का परिचायक होता है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं, चक्रधरपुर शहर स्थित पुरानी बस्ती निवासी लोकप्रिय समाजसेवी और पीड़ित मानवता के प्रति समर्पित व्यक्ति सदानंद होता। उन्होंने समाज सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। वह चक्रधरपुर में ही पले-बढ़े। उनकी शिक्षा-दीक्षा चक्रधरपुर शहर में ही हुई। उन्होंने महात्मा गांधी उच्च विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात जेएलएन कॉलेज से 12वीं तक की शिक्षा हासिल की। सदानंद होता के पिता स्व.अतुलचंद्र होता भी शहर के लोकप्रिय समाजसेवी रहे। उनकी माता इंदुमती होता उन्हें हर पल संस्कारित करती रहीं। बचपन से ही समाजसेवा का जज्बा लिए सदानंद समाज के पीड़ित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं। समाज सेवा के उद्देश्य से उन्होंने अपनी बहन स्व.सुनीता होता की स्मृति में सुनीता होता मेमोरियल फाउंडेशन की स्थापना की है। इसके माध्यम से वह पीड़ित मानवता की सेवा में लगे हैं। चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक कार्यों को श्री होता सदैव बढ़ावा देते रहे हैं। सुनीता होता मेमोरियल फाउंडेशन के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन करना,कैंसर,हर्ट व अन्य  असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों के सहायतार्थ स्वास्थ्य शिविर लगाकर नि:शुल्क सेवाएं उपलब्ध कराना,दिव्यांगों को अपने स्तर से सभी सुविधाएं दिलाना आदि कार्यों को उन्होंने अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। शहर के कई दिव्यांगों को उन्होंने कोलकाता स्थित फियरलेस अस्पताल और रायपुर स्थित सत्य साईं अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं दिलाई हैं। सुनीता होता मेमोरियल फाउंडेशन के बैनर तले नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में नेत्र रोगियों के लिए वह नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन समय-समय पर करते रहते हैं। जिसके माध्यम से पीड़ितों का ऑपरेशन कराया जाता है, उन्हें चश्मा,दवाइयां आदि उपलब्ध कराई जाती है। जरूरतमंदों की सहायता करना वह सबसे बड़ा मानव धर्म मानते हैं। उनके नजर में कोई पीड़ित व्यक्ति दिख जाए, तो वह सब कुछ भुला कर पीड़ित की सहायता में जुड़ जाते हैं। सदानंद होता की पहचान शहर के एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में स्थापित हो चुकी है। दीन- दुखियों के प्रति उनका दयालु भाव सर्वविदित है। वह कहते हैं कि परोपकार और समाज सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। इससे जीवन जीने का मकसद पूरा हो जाता है। पीड़ित मानवता की सेवा करने से अद्भुत और सुखद अनुभूति होती है। इससे सुकून मिलता है। यही नहीं, पीड़ितों की सेवा करके हम ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने में भी सफल होते हैं। युवाओं के प्रति अपने संदेश में श्री होता कहते हैं कि युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए अपनी ऊर्जा को सामाजिक नव निर्माण के लिए सकारात्मक कार्यों में लगाने की आवश्यकता है। इससे राष्ट्रीय सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है और हमारा देश व समाज सशक्त होता है। इस दिशा में हम सबों को सतत प्रयासरत रहने की आवश्यकता है।
 प्रस्तुति : विनय मिश्रा

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...