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शनिवार, 11 अप्रैल 2020

कोरोना से मुक्ति के लिए हमाजसेवी सुधांशु सुमन ने किया नवग्रह शांति पाठ



रांची। झारखंड के जाने-माने समाजसेवी और राष्ट्रीय अभियान "तिरंगा सम्मान यात्रा" के संयोजक सुधांशु सुमन वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति के लिए प्रतिदिन नव ग्रह शांति का पाठ करते हैं। संपूर्ण विश्व के मानव जाति कल्याण हेतु उन्होंने विगत एक सप्ताह से अपने घर में नव ग्रह शांति पाठ करना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि नव ग्रह शांति पाठ के दौरान यज्ञ और हवन लॉकडाउन की अवधि तक चलेगा। उनका मानना है कि विश्व में फैले कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप को ग्रहों के सकारात्मक प्रभाव से भी भारत सहित पूरी दुनिया से दूर किया जा सकता है। इसी आस्था और विश्वास के साथ श्री सुमन प्रतिदिन नियमित रूप से घर में नव ग्रह शांति पाठ अनुष्ठान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब मानव जीवन पर संकट गहराया है, धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां काफी हद तक संकट दूर करने में सहायक हुईं हैं। उन्होंने वैश्विक आपदा कोरोनावायरस से बचाव के लिए किए गए देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान अपने घरों में रहकर अधिकतर समय धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान में व्यतीत करने, महापुरुषों की जीवनियां पढ़ने, योग करने  व सकारात्मक सोच रखते हुए अपनी ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करने की लोगों से अपील की।

होटल पार्क इन के संचालक ने गरीबों के बीच बांटे समोसे और गुलाब जामुन



रांची। कोरोनावायरस से बचाव के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान बिरसा चौक और आसपास के लगभग दो सौ गरीबों के बीच होटल पार्क ईन के संचालक व समाजसेवी रामाशंकर प्रसाद ने आज समोसे और गुलाबजामुन का वितरण किया। इस दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग भी मेंटेंन किया गया। गौरतलब है कि लाॅकडाउन के दौरान गरीबों को हो रही भोजन की परेशानियों को देखते हुए होटल पार्क ईन के संचालक रामाशंकर प्रसाद के सौजन्य से प्रतिदिन आसपास के गरीब और भोजन से वंचित लोगों को विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इसी क्रम में आज शनिवार को समोसा और गुलाब जामुन का वितरण किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी मुन्ना सिंह, गोपाल झा, विजय शर्मा, वीर नारायण प्रसाद, आदित्य कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।

लाकडाउन में लावारिस जानवरों की बढ़ी परेशानी


* कुछ पशु प्रेमियों ने की भूखे-प्यासे जानवरों को  निवाला देने की पहल

रांची।  कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए किए गए लॉकडाउन से इंसान तो इंसान, जानवरों की भी परेशानियां काफी बढ़ गई है। गली-मोहल्लों में विचरण करते लावारिस गाय-बैल, बकरियों और कुत्तों को निवाला नहीं मिल पा रहा है। सड़कों पर छुट्टा घूमते जानवर भूख और प्यास से बिलबिलाते नजर आते हैं। सबसे बुरी स्थिति तो लावारिस कुत्तों की हो गई है। लाॅकडाउन के पूर्व शहर के विभिन्न होटलों और मुहल्लेवासियों द्वारा फेंके गए जूठन आदि से कुत्ते भोजन कर तृप्त हो जाया करते थे। लेकिन वर्तमान समय में जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई है, उसके तहत सभी छोटे-बड़े होटल व रेस्टोरेंट आदि बंद हैं। घरों से भी जूठन नहीं के बराबर निकल रहा है। इससे खासकर स्ट्रीट डाॅग के समक्ष भूखों मरने की नौबत आ गई है। इसे देखते हुए शहर के कई पशु प्रेमियों ने लावारिस कुत्तों को रात्रि में खाना देना शुरू किया है।
      इस दिशा में राजधानी के निवारणपुर मोहल्ला निवासी समाजसेवी और पशु प्रेमी राकेश कुमार सिंह व तुषार कांत शीट ने सराहनीय पहल की है। उक्त दोनों समाजसेवियों ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग से रात्रि में मुहल्ले के लावारिस कुत्तों को  रोटी-सब्जी व अन्य प्रकार का भोजन देना शुरू किया है। इससे भूखे-प्यासे बेजुबान लावारिस कुत्तों को काफी राहत मिल रही है। इस संबंध में पर्यावरण प्रेमी और पशु प्रेमी श्री सिंह व श्री शीट ने कहा कि बेजुबान जानवरों को निवाला देना भी पुण्य का काम है। ईश्वर प्रदत्त सभी जीवों के प्रति दया का भाव रखना भी इंसानियत का पैगाम है।

निम्नमध्यवर्गीय व मध्यमवर्गीय परिवारों की भी चिंता करे सरकार: रोहित शारदा


रांची क्लब के सहयोग से मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण के द्वारा 200 पैकेट खाद सामग्री का वितरण टीवीएस स्कूल परिसर जगन्नाथपुर ,आदर्श नगर ध्रुवा ,बालसीरीग ,सिंह मोर ,नीचे खुशबू टोली घागरा ,बांधगाड़ी लेवाड़ी आदि क्षेत्रों में वितरित की गई। एक पैकेट में चावल दाल आलू प्याज नमक सत्तू डिटोल साबुन सहित अन्य खाद्य सामग्री दी गई। मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय उपाध्यक्ष रोहित शारदा ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए निवेदन किया है कि निम्न मध्यवर्गीय परिवार एवं मध्यवर्गीय परिवार की भी चिंता सरकार करें ऐसे लोग जो रोज काम करके कमा कर खाते थे ऐसे लोगों को रोजी-रोटी की तंगी हो गई है और वह किसी से मांगने से भी कतराते हैं ऐसे लोगों की चिंता करे सरकार।

एचईसी ने बनाया सेनेटाइजिंग चेंबर


* राष्ट्र हित में एचईसी की भूमिका अहम : राणा एस चक्रवर्ती

रांची। एचईसी ने एक बार फिर विश्व पर आए हु
ए संकट कोविड-19 से सुरक्षा के लिए सैनिटाईजिंग चैम्बर का निर्माण कर अपनी अहमियत साबित कर दिखाया है। सेनेटाइजिंग चेंबर का उदघाटन एचईसी के निदेशक (विपणन) राणा एस चक्रवर्ती  व निदेशक (कार्मिक) एमके सक्सेना द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर श्री चक्रवर्ती ने कहा कि एचईसी ने राष्ट्र हित में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इस कड़ी में एक और नई उपलब्धि जुड़ गई है।सैनिटाईजिंग चैम्बर बना कर एचइसी ने साबित कर दिया कि भारत पर जब भी संकट आयेगा, तब एचईसी की पूरी टीम आगे आ कर आवश्यकतानुसार देशहित में काम करेगी। उन्होंने बताया कि सैनिटाईजिंग चैम्बर का ऑर्डर नागपुर से 14 पीस का आ चुका है, लेकिन पहले एचईसी सभी प्लांटों के मुख्य द्वार, एचईसी मुख्यालय, वेल्डन सेंटर एवं झारखंड सरकार के सचिवालय, विधानसभा, रिम्स(RMCH) जैसे अन्य जगह पर निःशुल्क लगाएगी और इस आपदा से लड़ने में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखते हुए काम करेगी। इस मौके पर सैनिटाईजिंग चैम्बर बनाने वाले सभी कर्मचारी, सुपरवाइजर, यूनियन के सभी पदाधिकारी, एचईसी के पदाधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

सामुहिक चेतना से जीत सकते हैं जंग: तुषार कांति शीट


 
वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए एकजुटता, जागरूकता के साथ-साथ सामुहिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा जरूरी है। उक्त बातें झारखंड के जाने-माने समाजसेवी और स्वामी रामकृष्ण परमहंस के अनुयायी तुषारकांति शीट ने कही। राजधानी के निवारणपुर स्थित आम्रपाली अपार्टमेंट निवासी श्री शीट कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से काफी चिंतित हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए कोरोनावायरस की भयावहता के बारे में जानकारी देते हुए, लोगोें को जागरूक करते हुए लाॅकडाउन के दौरान अपने-अपने  घरों में रहने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि
इस समय संपूर्ण मानवता एक गंभीर आपदा से जूझ रही है। चहुंओर आशंका और उदासी का माहौल है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोविद-19 महामारी के आगे मनुष्य असहाय हो गया है।  संकट की इस घड़ी में हम धैर्य और संयम बरतते हुए कोरोनावायरस के विरुद्ध जंग जीतने में सफल हो सकते हैं। ऐसे समय हमें सामूहिक संकल्प शक्ति का उद्घोष कर जनचेतना जागृत करने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने की आवश्यकता है। घरों में रहकर योगा करें, धार्मिक- आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ें, सकारात्मक सोच रखते हुए रचनात्मक कार्यों में रुचि जगाएं। समय का भरपूर सदुपयोग करें। लाॅकडाउन का पालन करते हुए कोरोना के खिलाफ जंग में सहभागिता निभाएं, तभी हम इस वैश्विक महामारी को दूर भगाने में सफल होंगे।

झारखंड राज्य खाद्य संरक्षण परिषद के सदस्य राकेश सिंह ने वापस कीं सरकारी सुविधाएं


* अन्य आयोग, बोर्ड के चेयरमैन व पदधारियों से अवैतनिक कार्य करने की अपील
रांची। कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न परिस्थतियों के मद्देनजर झारखंड राज्य खाद्य संरक्षण परिषद के सदस्य राकेश कुमार सिंह ने सरकार से मिलने वाली सभी सुविधाएं वापस करने की घोषणा की है। उन्होंने इससे संबंधित पत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्विटर पर भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि
देश में कोरोनावायरस के विरुद्ध जंग जारी है। विश्वास है कि भारतवासी धैर्य, संयम और अनुशासन से इस वैश्विक महामारी व संकट से जल्द ही निजात पाएंगे। वर्तमान में समाज के हर तबके के लोग देश की आर्थिक स्थिति और अर्थव्यवस्था के बारे में चिंतित हैं। कोरोनावायरस के प्रकोप और लाॅकडाउन समाप्त होने के बाद  अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए काफी संघर्ष व मेहनत करना होगा। अनावश्यक खर्च में कटौती करनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न आयोग और परिषद गठित हैं। इनके पदधारियों पर भारी-भरकम राशि खर्च होती है। इन आयोगों के सदस्यों को सरकार द्वारा मानदेय के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। कई आयोग व परिषद के अध्यक्ष और सदस्य के पद पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पदस्थापित किए गए हैं। ऐसे रिटायर्ड अधिकारी एक तरफ सरकार से पेंशन प्राप्त करते हैं, दूसरी तरफ उन्हें आयोग के सदस्य और अध्यक्ष के रूप में वेतनमान भी मिलता है। श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान संकट को देखते हुए सरकार को चाहिए कि अगले दो वर्षों तक सभी आयोग ,परिषद के सदस्यों के वेतनमान पर रोक लगाएं। जो अधिकारी आयोग के सदस्य व अध्यक्ष के रूप में स्वेच्छा से अवैतनिक सेवा देने को इच्छुक हों, उन्हें आयोग के सदस्य और अध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया जाय। उन्होंने इस आशय से संबंधित प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी ट्वीट कर भेजा है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...